रुट का 100वें टेस्ट में शतक, इंग्लैंड मजबूत - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शनिवार, 6 फ़रवरी 2021

रुट का 100वें टेस्ट में शतक, इंग्लैंड मजबूत

root-century-england-strong
चेन्नई, 05 फरवरी, कप्तान जो रुट (नाबाद 128) के 100वें टेस्ट में शतक के अद्धभुत कारनामे और उनकी डॉमिनिक सिब्ले (87) के साथ तीसरे विकेट के लिए 200 रन की जबरदस्त साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ यहां एमए चिंदबरम स्टेडियम में पहले टेस्ट के पहले दिन शुक्रवार को तीन विकेट पर 263 रन का मजबूत स्कोर बना लिया। पहले टेस्ट का पहला दिन पूरी तरह इंग्लैंड के कप्तान जो रुट की रिकॉर्ड बल्लेबाजी के नाम रहा। रुट ने अपना लगातार तीसरा शतक, भारत के खिलाफ पांचवां शतक और ओवरऑल अपने करियर का 20वां शतक बनाया। रुट 197 गेंदों में 14 चौकों और एक छक्के की मदद से 128 रन बनाकर क्रीज पर हैं। अपने कप्तान का बखूबी साथ देने वाले सिब्ले दिन के आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर आउट हुए। सिब्ले ने 286 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से 87 रन की शानदार पारी खेली। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 390 गेंदों में 200 रन की जबरदस्त साझेदारी कर इंग्लैंड को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। 30 वर्षीय रुट टेस्ट इतिहास में अपने 100वें टेस्ट में शतक बनाने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले टेस्ट इतिहास के नौंवें बल्लेबाज बन गए हैं। यह उनका लगातार तीसरा शतक है। रुट ने भारत में आने से पहले श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्टों की सीरीज में 228 और 186 रन बनाए थे। उसमें अब उन्होंने एक और शतक जोड़ लिया है। रुट ने अपने टेस्ट करियर का आगाज भारतीय जमीन पर किया था। उन्होंने अपना 50वां टेस्ट भी भारत में और 100वां टेस्ट भी भारत में खेला। भारत के खिलाफ उनका यह पांचवां शतक है।


भारत ने सुबह के सत्र में दबदबा बनाया लेकिन दिन के दूसरे और तीसरे सत्र में रुट और सिब्ले की जोड़ी छायी रही। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। भारतीय कप्तान विराट कोहली रणनीति और गेंदबाजी संतुलन के लिहाज से कमजोर दिखायी दिए। भारत ने तीसरे सत्र में 80 ओवर पूरे होने के बाद दूसरी नयी गेंद भी ली लेकिन इसका दोनों बल्लेबाजों पर कोई असर नहीं पड़ा। दिन के आखिरी ओवर में जसप्रीत बुमराह ने सिब्ले को पगबाधा कर भारत को कुछ राहत दिलाई। बुमराह का भारतीय जमीन पर यह दूसरा विकेट था। बुमराह ने इससे पहले सुबह के सत्र में डेनियल लॉरेंस को भी पगबाधा किया था। लॉरेंस का खाता नहीं खुला था। ओपनर रोरी बर्न्स 33 रन बनाकर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर आउट हुए थे। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सुबह के सत्र में ओपनर रोरी बर्न्स और डेनियल लॉरेंस को गंवाया था। बर्न्स और सिब्ले ने इंग्लैंड को 63 रन की ठोस शुरुआत दी थी लेकिन इंग्लैंड ने फिर इसी स्कोर पर दो बल्लेबाजों को गंवाया। इस समय लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड पर दबाव बना देंगे लेकिन जबरदस्त फॉर्म में चल रहे रुट ने दिन के शेष दो सत्रों में लाजवाब बल्लेबाजी करते हुए लगातार तीसरा शतक बनाया। विश्व के पांचवें नंबर के बल्लेबाज रुट ने अपने 50 रन 110 गेंदों में और 100 रन 164 गेंदों में पूरे किए। सिब्ले ने अपने 50 रन 159 गेंदों में बनाए। इंग्लैंड ने लंच तक दो विकेट पर 67 रन और चायकाल तक दो विकेट पर 140 रन बनाए थे। इंग्लैंड ने दिन के अंतिम सत्र में एक विकेट गंवाया और 123 रन जोड़े। भारत को सुबह के पहले सत्र में पहली सफलता अश्विन ने लंच से ठीक पहले दिलाई जब उन्होंने बर्न्स को विकेटकीपर रिषभ पंत के हाथों कैच करा दिया। इसके कुछ देर बाद ही बुमराह ने नए बल्लेबाज लॉरेंस को एक अंदर आती गेंद से पगबाधा कर दिया। बुमराह का भारतीय जमीन पर यह पहला टेस्ट और पहला विकेट था। उन्होंने इससे पहले अपने 17 टेस्ट विदेशी जमीन पर खेले थे।


भारत ने इस मुकाबले में दो तेज गेंदबाजों बुमराह और इशांत शर्मा तथा तीन स्पिनरों ऑफ स्पिनर अश्विन, लेफ्ट आर्म स्पिनर शाहबाज नदीम और पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर को रखा। लेफ्ट आर्म स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल घुटने में दर्द के कारण पहले टेस्ट से बाहर हो गए। उनकी जगह लाए गए नदीम खास प्रभाव नहीं डाल पाए। अपना दूसरा टेस्ट खेल रहे 31 वर्षीय नदीम ने 20 ओवर में 69 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। सुंदर ने 12 ओवर में 55 रन दिए और वह भी खाली हाथ रहे। ऑस्ट्रेलिया दौरे से बाहर रहे इशांत ने इस सीरीज से भारतीय टीम में वापसी की। उन्होंने कंजूसी के साथ गेंदबाजी की लेकिन 15 ओवर में 27 रन देकर कोई विकेट हासिल नहीं कर पाए। बुमराह ने 18.3 ओवर में 40 रन देकर दो विकेट लिए। अश्विन ने 24 ओवर में 68 रन देकर एक विकेट हासिल किया। रुट और सिब्ले ने दूसरे सत्र में इंग्लैंड की पारी को संभाला और तीसरे सत्र में इसे मजबूती प्रदान की। भारतीय गेंदबाजी में जो पैनपन पहले सत्र में दिखाई दिया था वो बाकी दो सत्रों में नदारद रहा। भारत ने 81 ओवर पूरे होने के बाद अंतिम सत्र में नयी गेंद ली और उसे तीसरी सफलता दिन के आखिरी ओवर में मिली। सिब्ले के आउट होते ही तीसरे दिन का खेल भी समाप्त हो गया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 390 गेंदों में 200 रन जोड़े। यह जनवरी 2013 के बाद भारत में भारत के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ और ग्लेन मैक्सवेल ने मार्च 2017 में रांची में खेले गए टेस्ट में 191 रन की साझेदारी की थी। श्रीलंका में दोहरा शतक और शतक बनाकर भारत पहुंचे रुट ने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए लगातार तीसरा शतक बना डाला। अपने 100वें टेस्ट में शतक बनाकर रुट दुनिया के उन विशिष्ट बल्लेबाजों में शामिल हो गए जिन्होंने अपने 100वें टेस्ट में शतक बनाया है। बुमराह ने दिन के आखिरी ओवर में सिब्ले को आउट कर भारत को कुछ राहत दिलाई है और अब भारतीय गेंदबाजों पर जिम्मेदारी रहेगी कि वह दूसरे दिन शनिवार को सुबह के सत्र में रुट और इंग्लैंड की पारी को जल्द ही निपटाने की कोशिश करें वरना रुट के शतकों का रिकॉर्ड गवाह है कि उन्होंने जिस टेस्ट में शतक बनाया है, इंग्लैंड वह टेस्ट हारा नहीं है। 

कोई टिप्पणी नहीं: