दतिया : विश्व की समृद्ध भाषा है संस्कृत - डॉ नरोत्तम मिश्र - Live Aaryaavart

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रविवार, 21 मार्च 2021

दतिया : विश्व की समृद्ध भाषा है संस्कृत - डॉ नरोत्तम मिश्र

  • संस्कृत भाषा पर एक दिवसीय जनपद सम्मेलन संपन्न

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दतिया। संस्कृत भारती के तत्वावधान में संस्कृत भाषा जन जागरण पर एक दिवसीय कार्यक्रम जनपद सम्मेलन उल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। श्री पीतांबरा पीठ के अन्नपूर्णा सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में वर्चुअल रूप से ऑनलाइन जुड़कर मध्यप्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत विश्व की समृद्ध भाषा है एवं संस्कृत भाषा ही व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार लाती है। उन्होंने दतिया में शासकीय संस्कृत महाविद्यालय खुलवाने की मंशा जाहिर की। साथ ही उन्होंने दतिया वासियों से इस प्रयास में सहयोग करने की अपील की। आयोजन में मुख्य वक्ता प्रमोद पंडित क्षेत्रीय संगठन मंत्री मध्यप्रदेश ने कहा कि संस्कृत विश्व की अनेक भाषाओं की जननी है। इसलिए हम सबके अंतः करण में संस्कृत का संस्कार विद्यमान है अतः संस्कृत हम सब समझ लेते हैं। समारोह की अध्यक्षता कर रहे दंदरौआ धाम के संस्थापक श्री श्री 1008 श्री रामदास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन स्वरूप संस्कृत भाषा को चार पुरुषार्थ में से एक मोक्ष से जोड़ते हुए संस्कृत को मोक्ष प्रदायिनी भाषा निरूपित किया।


 पीतांबरा पीठ ट्रस्ट के ट्रस्टी विशिष्ट अतिथि श्री हरिराम सांवला ने अपने उद्बोधन में संस्कृत को सर्वग्राही बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम 4 चरणों में संपन्न हुआ प्रथम चरण उद्घाटन सत्र के पश्चात द्वितीय सत्र में संस्कृत भाषा की प्रासंगिकता पर व्याख्यान माला संपन्न हुयी। इस सत्र में मुख्य अतिथि डॉ आर के नीखरा, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री राघवेंद्र सिंह परिहार एवं अध्यक्षता श्री डॉ. आरपी गुप्ता ने की तृतीय सत्र में सांस्कृत सत्र के रूप में संपन्न हुआ। मां सरस्वती की वंदना से उद्घाटन करते हुए सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं द्वारा नृत्य नाटिका, महिषासुरमर्दिनी का अभूतपूर्व मंचन प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात् राजा रघु की दान प्रियता पर केंद्रित संस्कृत नाटक “गुरु दक्षिणा” का मंचन किया गया एवं अंतिम सत्र में संस्कृतभारती की पुस्तक “मध्यमा” का लोकार्पण मुख्य अतिथि दतिया कलेक्टर संजय कुमार द्वारा किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता जे.पी. भार्गव ने की विशिष्ट अतिथि के रूप में मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ राजेश गौर रहे। इस अवसर पर दतिया सहित संपूर्ण क्षेत्र के संस्कृत विद्वानों की भूमि होने पर अपार हर्ष व्यक्त करते हुए कलेक्टर संजय कुमार ने कहा कि संस्कृत भारत की मूल आत्मा है। कार्यक्रम का संस्कृत में संचालन कविता त्रिपाठी एवं लवलेश मिश्रा ने किया। जबकि हिन्दी में संचालन क्रमश: राजेश लिटौरिया एवं मनोज द्विवेदी ने किया। अतिथियों का स्वागत भाषाण के माध्यम से संस्कृतभारती के जिला सचिव डा. हरेन्द्र कुमार भार्गव द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन का दायित्व संस्कृतभारती के जिला सम्पर्कप्रमुख अशोक श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में संस्कृत भारती जिला अध्यक्ष अनिल तिवारी, ए.एम. सक्सैना, नगर अध्यक्ष ऋषिराज मिश्र, डा. हेमन्त जैन, श्री कृष्ण प्रकाश अंगल, जी.एस. उदेनिया, ब्रह्म कुमारी दीपा बहन, कल्पना उदैनिया, गायत्री परिवार से शैलेन्द्र यादव, रविप्रकाश मालौटिया, उमा नौगरैया, सहज योग से महेश श्रीवास्तव दीपक दुबे,  रामजीशरण राय, जगत शर्मा, रवि ठाकुर, रश्मि कटारे, एड. शैलेन्द्र यादव, बलदेव राजू बल्लू, डॉ. राजू त्यागी गीताराम पटसारिया, रिंकू सेन, बृजेश द्विवेदी, शैवाल पाठक, नवल यादव कक्का, कपिल ताम्बे, रितुराज सेन, विपुल नीखरा, अजय शंकर चतुर्वेदी, संजय तिवारी, रमाकान्त मिश्र, सन्तोष तिवारी, राम प्रकाश मिश्र, गणेश सांवला, रवीन्द्र परमार, केतन उपाध्याय, मदन मोहन शर्मा, अभिराम शर्मा, भज्जू राय, अमित महाजन, वीरेन्द्र शर्मा, अशोक शाक्य, जितेंद्र सविता, सुबोध शर्मा,  कमल मतानी इत्यादि। उक्त जानकारी आयोजन समिति के सचिव राजेश लिटौरिया जी द्वारा दी गयी।

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