गया : महिलाओं के मान एवं सम्मान तथा उनकी सुरक्षा विषय पर चर्चा - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 9 मार्च 2021

गया : महिलाओं के मान एवं सम्मान तथा उनकी सुरक्षा विषय पर चर्चा

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गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गया जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें समाज में महिलाओं का योगदान, उनके अधिकार एवं सम्मान, आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए किए गये कार्यों से संबंधित अनेक कार्यक्रम संगोष्ठी, प्रभात फेरी, डिबेट शो तथा रचनात्मक कार्यों के रूप में आयोजित किए गए। समाहरणालय के सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी, गया श्री अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में परिचर्चा सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया तथा आगत अतिथियों को पुष्पगुछ देकर स्वागत किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का थीम - *"वूमेन इन लीडरशिप अचिविंग एंड इक्वल फ्यूचर इन कोविड-19 वर्ल्ड"* (Women in Leadership Achieving and Equal Future in Covid 19 World) विषयक परिचर्चा पर विभिन्न महिला संगठनों, प्रशासनिक पदाधिकारियों, खिलाड़ियों, शिक्षकों, जीविका दीदियों द्वारा महिलाओं की स्थिति तथा समाज में उनके स्थान, महिलाओं के मान एवं सम्मान तथा उनकी सुरक्षा विषय पर चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए हर दिन महिला दिवस है। मुझे खुशी है कि समाहरणालय सभागार महिलाओं की उपस्थिति से भरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब महिलाओं को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता है। आने वाले समय महिलाओं का है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में मां दुर्गा, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी की पूजा होती है, लेकिन अभी भी महिलाएं पूरी तरह समाज में सुरक्षित तथा सम्मानित नहीं हो पाई है। अभी भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां महिलाओं के प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है। जो महिलाएं घर में रहती हैं, उनका परिवार के विकास में महत्वपूर्ण योगदान हैं तथा वह भी सम्मान के हकदार हैं। अगर अभी भी महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है, उन्हें मान सम्मान नहीं मिल रहा है, तो हमें सोचने पर विवश करता है कि हम महिला दिवस के उद्देश्यों को सही ढंग से नहीं पूरा कर पा रहे हैं। जब हम अपने घर में मां, बेटी, बहन को सम्मान देंगे तभी महिला दिवस की साथर्कता पूरी होगी। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं पुरुष से हर क्षेत्र में बराबर क्षमता से कार्य कर रही हैं, चाहे शिक्षा के क्षेत्र में, खेल के क्षेत्र में, सरकारी सेवा के क्षेत्र में, रक्षा सेवा के क्षेत्र में हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी साथर्कता सिद्ध किया है, आवश्यकता है कि महिलाओं को कई क्षेत्र में और अधिक प्रतिनिधित्व मिले। आज की महिला अपने अंदर साहस, हिम्मत एवं क्षमतावर्धन कर समाज को एक नई दिशा दिखा रही है। महिलाओं को क्षमतावर्धन एवं सशक्तिकरण के साथ-साथ समाज में फैली कुरीतियां यथा बाल विवाह, दहेज प्रथा, शराबबंदी, सामाजिक उपेक्षा के विरुद्ध आवाज उठाने की आवश्यकता है। जिला पदाधिकारी ने बिहार के परिप्रेक्ष्य में महिलाओं के सशक्तिकरण तथा उन्हे हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने हेतु किए जा रहे कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुलिस विभाग में महिलाओं की उल्लेखनीय भर्ती कर उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसी प्रकार खेल, शिक्षा, सरकारी सेवा के क्षेत्र में काफी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम पढ़ी-लिखी ग्रामीण महिलाएं भी जीविका दीदी के रूप में प्रशंसनीय कार्य कर रही हैं, जिन्होंने शराबबंदी के लिए सरकार को प्रेरित किया है। महिलाओं के हर सफर में पुरुषों को साथ देना होगा, तभी हम महिलाओं के प्रति सच्चे मन से उन्हें आगे बढ़ाने की बात कर सकेंगे। इस परिचर्चा में अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी अदिति सेनापति ने कहा कि आज की महिलाएं खेल के क्षेत्र में भी राष्ट्र का नाम ऊंचा कर रही हैं। साथ ही समाज महिलाओं के उत्थान के लिए अपेक्षित योगदान दें, यह समय की मांग है। परिचर्चा में श्रीमती रीता रानी, शिक्षिका जो दिव्यांगों के शिक्षा एवं कल्याण के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं ने कहा कि दिव्यांग महिला भी शिक्षा, खेल, विज्ञान, साहित्य, प्रशासनिक पदाधिकारी सहित अन्य क्षेत्रों में कार्य करते हुए नया मुकाम हासिल कर रही हैं। परिचर्चा सह सम्मान कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा अदिति सेनापति, खिलाड़ी, श्रीमती रीता रानी, शिक्षिका, वरीय उप समाहर्ता श्रीमती दुर्गेश नंदिनी, सुश्री अमृता ओशो, डीपीओ आईसीडीएस, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सहित कई महिलाओं को जो महिलाओं के विकास के लिए कार्य कर रही हैं को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी जीविका दीदी सहित विभिन्न महिला संगठनों के महिला प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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