मिलकर प्रयास करें तो बिहार के गौरवशाली इतिहास को पुन: प्राप्त कर लेंगे : नीतीश - Live Aaryaavart

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सोमवार, 22 मार्च 2021

मिलकर प्रयास करें तो बिहार के गौरवशाली इतिहास को पुन: प्राप्त कर लेंगे : नीतीश

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पटना 22 मार्च, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आह्वान किया कि सब मिलकर प्रयास करें तो बिहार के गौरवशाली इतिहास को एक बार फिर से प्राप्त करने के साथ ही पूरी दुनिया में अपनी पहचान पुनस्र्थापित कर लेंगे। श्री कुमार ने सोमवार को यहां ज्ञान भवन में 109वें बिहार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा, “बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह ज्ञान की भूमि है। पूर्व  में बिहार काफी विकसित रहा है। पटना जाे पहले पाटलिपुत्र कहलाता था यहीं से बहुत बड़े क्षेत्र पर शासन हाेता था। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे तो बिहार के गौरवशाली इतिहास को एक बार फिर से प्राप्त कर लेंगे और बिहार के साथ देश और पूरी दुनिया में अपनी पहचान पुनस्र्थापित कर लेंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई कार्य किए गए हैं। सड़क, पुल-पुलियाें का निर्माण किया गया है। शहराें के अंदर बाईपास का निर्माण कराए जाने की याेजना पर कार्य किया जा रहा है। लोगाें काे तकनीक के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशासनिक सुधार के क्षेत्र में भी कई कार्य किए गए हैं। लाेक सेवा के अधिकार कानून से लोगाें काे सहूलियत हाे रही है। लाेक शिकायत निवारण अधिकार कानून के माध्यम से लाेगाें की शिकायताें का निवारण हाे रहा है। श्री कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग की लाेगाें काे शिक्षित करने में, ज्ञानी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। बिहार दिवस मनाने का उद्देश्य है कि बिहार काे सब मिलकर आगे बढ़ाएं एवं बिहार काे विकसित करें। सबलोगाें के मन में आत्मविश्वास बढ़े, सभी लाेग प्रेम और आपसी भाईचारे के साथ मिलकर बिहार काे आगे बढ़ाएं। देश और देश के बाहर भी बिहार दिवस मनाया जाने लगा है। उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान और माेक्ष की धरती है। सरकार का उद्देश्य है सभी बच्चे-बच्चियां शिक्षित हाें। जब सभी लोग शिक्षित हाेंगे तभी बिहार फिर से गौरवशाली इतिहास काे प्राप्त करेगा, बिहार फिर से आगे बढ़ेगा और देश भी आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने लड़कियों के पढ़ने के लिए पाेशाक एवं साईकिल योजना शुरू की। राज्य की आबादी बढ़ रही है, क्षेत्रफल सीमित है। राज्य में प्रजनन दर काे घटाने के लिए लड़कियाें काे शिक्षित करना जरूरी है। हर ग्राम पंचायत में प्लस-2 की पढ़ाई के लिए उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थापना की जा रही है। मैट्रिक की परीक्षा में लड़के-लड़कियाें की भागीदारी अब बराबर है। श्री कुमार ने कहा कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 11 अवयवाें काे शामिल किया गया है। इसमें सात याेजनाएं जल संरक्षण से संबंधित हैं, एक योजना वृक्षाराेपण से, एक याेजना माैसम के अनुकूूल कृषि से, एक योजना सौर ऊर्जा से तथा एक याेजना इस अभियान के प्रति लोगाें काे जागृत करने से है। उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत 15229 जल स्रोतों, तालाब, आहर, पईनाें काे अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। पांच एकड़ तक 6425 तालाब, पांच एकड़ से बड़े 696 तालाब, 17917 आहर, पईन का जीर्णाेद्धार तथा 10169 सार्वजनिक कुओं का जीर्णाेद्धार किया गया है। कुओं के पास 13,802 तथा चापाकल के पास एक लाख 37 हजार 590 सोख्ता का निर्माण कराया जा चुका है। छोटी नदियों एवं पहाड़ी क्षेत्राें में 8,586 चेक डैम संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। 12101 नए जल स्रोतों का निर्माण कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगाजल उद्वह याेजना का काम तेजी से किया जा रहा है। 14136 सरकारी भवनाें में छत वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है। 05 जून 2020 से 09 अगस्त तक दो कराेड़ 51 लाख वृक्षाराेपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन तीन करोड़ 90 लाख से ज्यादा वृक्षाराेपण किया गया। 941 सरकारी भवनाें पर सौर उर्जा  के संयंत्र स्थापित किए गए हैं। बिहार में किए जा रहे कार्याें के संबंध में देश के बाहर भी चर्चाएं हाेती हैं। यूनाइटेड नेशंस में भी चर्चा हुई। हमलाेग अपना काम करते रहते  हैं प्रचार नहीं करते हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा जल उद्वह योजना के तहत बोधगया, गया, राजगीर और नवादा में सभी घराें में गंगा जल को शुद्ध पेयजल के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। मौसम अनुकूल कृषि कार्य काे बढ़ावा दिया जा रहा है। बिहार के आठ जिलों से इसकी शुरुआत की गई है। अब सभी जिलाें में विशेषज्ञाें काे लगाकर इस पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन काे लेकर काम किए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा काे बढ़ावा देने के लिए काम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर माह के पहले मंगलवार काे जल-जीवन-हरियाली काे लेकर अद्यतन स्थिति पर चर्चा  की जाती है। जीविका समूहाें काे पाेखर एवं तालाबाें काे देखने की भी जिम्मेदारी दी जा रही है। उन्हाेंने कहा कि बिहार दिवस पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की चर्चा  जरूरी है। बापू ने कहा था कि मेरा जीवन ही मेरा संदेश है। अगर बापू के विचाराें काे 10 से 15 प्रतिशत लोग अपना लें ताे बिहार भी आगे बढ़ेगा और देश भी आगे बढ़ेगा। वर्ष 1917 में बापू बिहार आए थे और 30 सालाें के बाद ही देश आजाद हाे गया। बापू की इच्छा थी कि शराबबंदी हो, नशाबंदी हाे। श्री कुमार ने कहा कि महिलाओं की मांग पर ही उन्होंने बिहार में शराबबंदी लागू की। शराबबंदी काे लेकर सभी काे सचेत रहना है क्याेंकि कुछ गड़बड़ करने वाले लागे भी हैं। आज के दिन को अंतर्राष्ट्रीय जल संरक्षण दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और हमलोग बिहार दिवस मना रहे हैं। हमलोग जल के संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। झारखंड अलग हुआ तो बिहार का हरित आवरण नौ प्रतिशत था। वर्ष 2012 में हरियाली मिशन की शुरुआत की गई। 24 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया जिसमें से 19 करोड़ पौधे लगाए गए। अब राज्य का हरित आवरण बढ़कर 15 प्रतिशत से अधिक हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी  कार्यक्रमों में राज्यगीत जरूर गाए जाएं ताकि सभी के मन में बिहार के प्रति  सम्मान का भाव पैदा हो। उन्होंने कहा कि कई देश में तथा कुछ राज्यों में  कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। होली को देखते हुए बिहार के  सभी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि  कोरोना लेकर सभी लोग सजग और सतर्क रहें। श्री कुमार ने कहा कि बिहार में उनकी सरकार बनने के बाद से बिहार दिवस  मनाने को लेकर विस्तृत चर्चा शुरू हुई। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने बिहार  के अलग प्रांत के रूप में 22 मार्च 1912 को अधिसूचित किया। इसके आधार पर  उनकी सरकार ने 22 मार्च को बिहार दिवस मनाना निश्चित किया। वर्ष 2010 में  पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य बिहार दिवस मनाकर कार्यक्रम की  शुरुअता की गई। कार्यक्रम काे उप मुख्यमंत्री तारकिशाेर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, शिक्षा मंत्री विजय  कुमार चौधरी, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा संजय कुमार ने भी संबाेधित किया।  कार्यक्रम में नेक संवाद में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार एवं  चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा एवं अनुपम कुमार उपस्थित  थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाें से जनप्रतिनिधि, मुख्य  सचिव अरुण कुमार सिंह, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, राज्य परियोजना के  निदेशक संजय सिंह समेत शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त,  सभी जिलाें के जिलाधिकारी, अन्य पदाधिकारी, शिक्षक, छात्र, जीविका दीदियां  एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति जुड़े हुए थे।

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