उद्योग श्रेष्ठ गुणवत्ता युक्त वस्तुओं का करें निर्माण : मोदी - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 5 मार्च 2021

उद्योग श्रेष्ठ गुणवत्ता युक्त वस्तुओं का करें निर्माण : मोदी

produce-quality-product-modi
नयी दिल्ली, 05 मार्च, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्योगों से देश और दुनिया के लिए श्रेष्ठ गुणवत्ता युक्त वस्तुओं के निर्माण की अपील करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत जिस तरह से मानवता की सेवा कर रहा है, उससे वह पूरी दुनिया में एक बड़ा ब्रांड बन गया है। श्री मोदी ने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के बारे में आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की विश्वसनीयता और भारत की पहचान लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। भारत का ब्रांड भी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पूरी दुनिया में हमारी दवाओं, हमारे चिकित्सा पेशेवरों और हमारे चिकित्सा उपकरणों के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने फार्मा क्षेत्र से इस विश्वास का सम्मान करने और इसका लाभ उठाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाने के लिए काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत में मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विनिर्माण को प्रोत्साहित देने के लिए पिछले वर्ष पीएलआई योजना शुरू की गई थी। महामारी के दौरान भी इस क्षेत्र ने पिछले साल 35000 करोड़ रुपये मूल्य के सामान का निर्माण किया और इसमें लगभग 1300 करोड़ रुपये का नया निवेश हुआ और इस क्षेत्र में हजारों नए रोजगार जुटाए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएलआई योजना देश के प्रत्येक क्षेत्र में प्रमुख इकाइयों के सृजन द्वारा देश के एमएसएमई ईकोसिस्टम के लिए बड़ा प्रभाव डालेगी जिसके लिए पूरी मूल्य श्रृंखला में नये आपूर्तिकर्ता आधार की जरूरत होगी। उन्होंने उद्योग से पीएलआई योजना में शामिल होने और इसका लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने उद्योग जगत से तेजी से बदलते हुए विश्व की जरूरतों के अनुसार नवाचार करने, अनुसंधान और विकास में भागीदारी बढ़ाने, जनशक्ति कौशल को उन्नत करने एवं नयी प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का आग्रह किया।

कोई टिप्पणी नहीं: