सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 07 मार्च - Live Aaryaavart

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रविवार, 7 मार्च 2021

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 07 मार्च

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस अवसर पर लर्निग लायसेंस शिविर का आयोजन  , महिलाओं के लिए नि:शुल्क रहेगा  


दिनांक 8 मार्च 2021 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला परिवहन कार्यालय सीहोर में लर्निंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में  लर्निंग लाइसेंस बनवाने की इच्छुक महिलाएं नियम अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर लर्निंग लाइसेंस निशुल्क बनवा सकती हैं।  जिला परिवहन अधिकारी श्री रितेश तिवारी ने जानकारी दी कि शिविर में लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए एमपी transport.org पर या एमपी ऑनलाइन से आवेदन किया जा सकता है ।आवेदन करने के पश्चात आवेदन की एक प्रति के साथ अंकसूची की प्रति एक पासपोर्ट साइज फोटो और आधार कार्ड या वोटर कार्ड की प्रति कार्यालय में साथ में लाना आवश्यक है। यदि आवेदक की उम्र 16 वर्ष से कम है तो आवेदन में अभिभावक के हस्ताक्षर पश्चात सहमति आवश्यक होगी । इसके अलावा महिलाओं के लिए लाइसेंस बनवाने हेतु कोई शुल्क  देय नहीं है।


शांति समिति की बैठक 08 मार्च को होगी


आगामी त्यौहारों को लेकर शांति समिति की बैठक 08 मार्च को सायं 4 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के नवनिर्मित कंट्रोल रूम में स्थित सभाकक्ष में आयोजित की गई है । बैठक में 11 मार्च को महाशिवरात्रि, 29 मार्च को होली, 02 अप्रेल को रंग पंचमी/गुडफ्राइडे, 13 अप्रेल को चैतीचांद/चेत्र नवरात्रारंभ, 21 अप्रेल को रामनवमी, 25 अप्रेल को महावीर जयन्ती एवं 14 मई को ईद-उल-फितर/ परशुराम जयंती  आदि धार्मिक त्यौहारों को शांति पूर्वक मनाए जाने की चर्चा की जाएगी।


अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिले में होंगे अनेक कार्यक्रम

  • विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का किया जायेगा सम्मान, सभी विकास खण्डों में लगेंगे आत्मरक्षा शिविर

वर्ष 2021 को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर "कोविड-19 के विश्व में महिला नेतृत्व के समान उन्नति विषय अन्तराष्ट्रीय स्तर पर घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश को भी आत्मनिर्भर प्रदेश बनाया जायेगा । इसके लिए महिला उद्यमिता विकास के कार्यक्रम अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित किये जा रहे हैं । इसी श्रृंखला में 8 मार्च को संपूर्ण जिले में ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का अयोजन किया जा रहा है। 08 मार्च को हुनर हाट एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का अयोजन किया जा रहा है जिसमें शासकीय, मानसेवी, अशासकीय क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान किया जायेगा तथा इन महिलाओं द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यो से लोगों को अवगत कराया जायेगा। कार्यक्रम में आर्थिक स्वावलंबन, कला, नृत्य, गायन तथा आत्मरक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में दक्षता प्राप्त महिलाओं का सम्मान किया जायेगा। हुनर हाट में महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी सह विक्रय स्टाल लगाये जायेंगे। इसमें मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन, आयुष विभागय, स्वास्थ्य विभाग, चाइल्ड लाई एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल शामिल हैं ।


08 से 22 मार्च तक आत्मरक्षा शिविर का आयोजन .

महिला बाल विकास एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अपराजिता कार्यक्रम का शुभारंभ किया जायेगा । इस कार्यक्रम में जिले के समस्त पांच विकास खण्डों पर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 08 से 22 मार्च तक किया जायेगा। इस आत्मरक्षा किविर में  लगभग 300 बालिकाऐं शामिल होंगी । इस शिविर के समापन अवसर पर प्रमाण पत्र प्रदान किये जायेंगे। इसी प्रकार 09 मार्च को साड़े 9 बजे स्थानीय आवासीय खेलकूद संस्थान भोपाल नाका से सेफ्टी वॉक का प्रारंभ होगा। यह सेफ्टी वॉक कोतवाली परिसर में समाप्त होगी । सेफ्टी वॉक में एनसीसी, एनएसएस, किशोरी बालिकाएं, आंगनबांड़ी कार्यकर्ता, स्वसहायता समूह की महिलाएं शामिल होंगी।


10 मार्च को होगा सेफ्टी वॉक

इसी तरह 10 मार्च को सेफ्टी ऑडिट का आयोजन किया जायेगा इसमें महिला एवं बाल विकास, पुलिस विभाग, चाइल्ड लाईन, वन स्टॉप सेंटर, यातायात विभाग, परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा बस स्टेंण्ड सहित अन्य स्थानों पर यात्री वाहनों में महिला सुरक्षा संबंधी विषयों पर सेफ्टी ऑडिट किया जायेगा।


खेतों में नरवाई जलाने से खेतों की उर्वरता होती है नष्ट किसानों से नरवाई न जलाने की अपील


खेतों में नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता पर नष्ट होती है। इसके साथ ही नरवाई की आग से मकानों,खलिहानो में अग्नि दुर्घटना की संभावना बनी रहती हैं। नरवाई के धुएं से उत्पन्न कार्बन डाई ऑक्साइड से वातावरण का तापमान बढ़ने से प्रदुषण में वृद्धि होती हैं, जिससे पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव पडता हैं। खेत की उर्वरा परत लगभग 6 इंच ऊपरी सतह पर ही होती हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार के खेती के लिये लाभदायक मित्र जीवाणु उपस्थित रहते हैं। नरवाई जलाने से ये जलकर नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति को नुकसान होता हैं और धीरे-धीरे भूमि बंजरता की ओर बढ़ने लगती हैं। कृषि विभाग के उप संचाल श्री आर.एस.जाट  ने जानकारी दी की नरवाई न जलाने एवं उसके स्थान पर रोटावेटर चलाकर नरवाई मिट्टी में मिला देनी चाहियें, जिससे नरवाई की कम्पोस्ट खाद तैयार हो जायेगी। नरवाई को खेत से अलग कर भू-नाडेप, डिकम्पोजर एवं वर्मी कम्पोष्ट द्वारा खाद जैविक खाद बनाया जा सकता हैं। गत 5 वर्षो से नरवाई न जलाने एवं उसके स्थान पर उचित उपाय अपनाने तथा नरवाई जलाने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत वैधानिक कार्यवाही के संबंध में आदेश दिये जाते रहे हैं। इस वर्ष इस कार्य को एक अभियान के रूप में चलाने के लिए विकासखंड स्तर पर पंचायत वार अधिकारी, कर्मचारी की टीम गठित की गई हैं जो किसानों को गांव-गांव जाकर नरवाई न जलाने के लिये सलाह दे रहे हैं। नरवाई न जलाने के लिये गेंहूँ एवं चना के पंजीयन केन्द्रो, पंचायत स्तर पर आयोजित ग्रामसभाओं में, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय, सेवा सहकारी समितियां एवं ग्राम पंचायत स्तर पर संकल्प पत्र भरवाये जा रहे हैं। सभी किसानों से अपील हैं कि, गेंहूँ कटाई के पष्चात् लोकहित एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु नरवाई न जलायें।


आज किसी भी व्यक्ति की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त नहीं हुई, वर्तमान में कोरोना एक्टिव/पॉजीटिव की संख्या 20


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान किसी भी  व्यक्ति की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त नहीं हुई है। वर्तमान में जिले में एक्टिव/पॉजिटिव की संख्या 20 है। अब तक कुल रिकवर की संख्या 2786  है। 48 संक्रमितों की उपचार के दौरान मृत्यु हुई है। आज 297 सैम्पल लिए गए है। जांच के लिए सीहोर शहरी क्षेत्र से 26,  नसरूल्लागंज 31, आष्टा से 92, इछावर से 30, बुदनी से 51, श्यामपुर से 57 सैम्पल लिए गए है ।  आज पॉजीटिव मिले नए कंटेनमेंट जोन सहित समस्त कंटेनमेंट एवं बफर जोन में स्वास्थ्य दलों द्वारा सघन स्वास्थ्य सर्वे किया जा रहा है। वहीं पॉजीटिव मिले व्यक्तियों के करीबी संपर्क वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जा रही है। प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में सर्वे के लिए एक से दो दल लगाए गए है । सर्वे दल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को बनाया गया है तथा स्वास्थ्य सर्वे दल में ए.एन.एम. आशा कार्यकर्ता, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। जिले में कुल कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों की संख्या 2854 है जिसमें से 48 की मृत्यु हो चुकी है 2786 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए है तथा वर्तमान में एक्टिव/पॉजीटिव की संख्या 20 है। आज 297 सैंपल जांच हेतु लिए गए। कुल जांच के लिए भेजे गए सेंपल 76595 हैं जिनमें से 72661 सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। आज 369 सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कुल 1009 सेंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। पैथालॉजी द्वारा कोरोना वायरस सेंपल की रिजेक्ट संख्या कुल 71 है। आज पॉजिटिव मिले नये कन्टेनमेंट झोन सहित समस्त कन्टेनमेंट एवं बफर जोन मे स्वास्थ्य दलों द्वारा स्वास्थ्य सर्वे किया जा रहा है वहीं पॉजिटिव मिले व्यक्तियों के करीबी संपर्क वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जा रही है। प्रत्ये कन्टेनमेंट जोन मे सर्वे के लिए जिले में जो व्यक्ति होम क्वारंटाइन में है उनके निवास स्थान से सीधे संवाद हेतु जिला स्तरीय कोविड-19 काल सेंटर स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर-07562 226470 है एवं 1075 नंबर पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती हैं। जिला स्तर पर मोबाइल नंबर 9425400273, 9425400453, 9479595519 पर कॉल सेंटर पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य स्तर पर 104/181 नंबर पर काल करके भी टेलीमेडिसीन सेवा का लाभ लिया जा सकता है। 104 नंबर पर ई-परामर्श सेवा का भी लाभ लिया जा सकता है। होन कारोन्टाइन व्यक्तियों तथा उनके परिजनों के लिए हल्पलाईन नंबर 18002330175 जारी किया गया है। होम कारान्टाइन व्यक्ति अथवा उनके परिजन इमोशनल वेलनेस अथवा साईकॉलोजीकल सपोर्ट एवं अन्य जरूरी परामर्श मानसिक सेवा प्रदाताओं से नि:शुल्क प्राप्त कर सकते है। 


कार्ययोजना ऐसी हो जिससे लागों के जीवन में बदलाव आये- कलेक्टर श्री अजय गुप्ता

  • "आत्मनिर्भर बुधनी प्रज्वल" की विस्तृत कार्ययोजना बनाने के लिए बैठक आयोजित, बैठक में अनुपस्थित प्राचार्या के निलंबन का प्रस्ताव भेजने के कलेकटर ने दिये निर्देश   

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आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत बुधनी विधान सभा क्षेत्र के बुधनी तथा नसरूल्लागंज विकास खण्ड को आत्मनिर्भर बनाने के लिए "आत्मनिर्भर बुधनी प्रज्वल" की विस्तृत कार्ययोजना बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अजय गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई । बैठक में श्री गुप्ता ने कहा कि किसी भी योजना को तैयार करने के लिए सर्वप्रथम आंकड़ो की उपलब्धता शुद्ध होना चाहिए तथा कार्ययोजना के लिए आंकड़ों के साथ अन्य जानकारियां व्यवहारिक होना चाहिए। बैठक में उन्होने कहा कि योजना तभी सार्थक और सफल होगी जब वह वास्तविक धरातल से जुड़ी होने के साथ ही उस योजना से लोगों के शैक्षणिक,आर्थिक एवं सामाजिक जीवन में बदलाव आये। उन्होने सभी विभागों के जिलाधिकारियों से कहा कि उनके विभागों की कार्ययोजना में ऐसे बिन्दुओं को समाहित करें जिससे बदलाव वास्तविक रूप में परिलक्षित हों। और यह तभी संभव है जब उस क्षेत्र विशेष के प्रत्येक व्यक्ति को उससे संबंधति क्षेत्र में आत्म निर्भर बनाया जा सके। कलेक्टर श्री गुप्ता ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, जलसंसाधन, आदिम जाति कल्याण, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला बाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, वन विभाग, मत्स्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के  जिलाधिकारियों को अनेक बिंदुओं पर तीन दिवस के भीतर कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये । उन्होने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि उनकी कार्ययोजना केवल कागजी ना हो।  उनके द्वारा दिये जाने वाले आंकड़ों में शुद्धता हो। उन्होने विगत 10 वर्षो या विगत जितने वर्षो की जानकारी उपलब्ध है उसे  विषय वार व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करने के निर्देश दिये । बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हर्ष सिंह तथा अपर कलेक्टर  श्रीमती गुंचा सनोबर ने सभी विभागों को उनके विभाग से संबंधित कार्ययोजना के बिंदुओं की जानकारी दी ।


निलंबन का प्रस्ताव भेजने के निर्देश

कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने विगत कई बैठकों में लगातार अनुपस्थिति रहने वाली  चन्द्र शेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती आशा गुप्ता के निलंबन का प्रस्ताव प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को भेजने के निर्देश दिये । इसके साथ ही उन्होने सभी अधिकारियों को बैठक में संबंधति विषय की पूरी जानकारी से साथ उपस्थिति रहने के निर्देश दिये।


हमारे प्राचीन समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास से जुड़ने के लिए संस्कृत भाषा से जुड़ना जरूरी- मंत्री श्री इंदर सिंह परमार


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संस्कृत भाषा एक ओर हमें हमारी प्राचीन समृद्ध संस्कृति से जोड़ती है तो वही दूसरी ओर भविष्य की आवश्यकता के अनुरूप संस्कृत के उपयोग की असीम संभावनाएं हैं। यह बात स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )श्री इंदर सिंह परमार ने सीहोर में आयोजित संस्कृत भारती द्वारा  संस्कृत जनपद सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर कही । मंत्री श्री परमार ने संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत भाषा दुनिया की प्राचीनतम भाषा है और इसे देव भाषा कहा गया है। आज हमें अपने प्राचीन इतिहास से जुड़ने की आवश्यकता है़, इसमें संस्कृत की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री परमार ने कहा कि संस्कृत का ज्ञान आज इसलिए भी जरूरी है कि प्राचीन भारतीय ज्ञान विज्ञान, आयुर्वेद वास्तु सहित विभिन्न विषयों पर चिंतन मनन किया जा सके । उन्होने कहा कि दुनिया में कई देशों में संस्कृत भाषा में लिखे साहित्य पर शोध हो रहे हैं । हमें भारत में भी संस्कृत भाषा के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। श्री परमार ने यह भी कहा कि विदेशी आक्रांताओं और ब्रिटिश हुकूमत द्वारा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और एकता को नष्ट करने के लिए हमारी प्राचीन शिक्षा पद्धति को समाप्त किया गया। हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणाली का आधार ही संस्कृत था और संस्कृत भाषा को ब्रिटिश शासन की शिक्षा नीति ने समाप्त करने का कार्य किया । श्री परमार ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय भाषाऐं संस्कृति का आधार होती हैं। भारत में लगभग 300 क्षेत्रीय भाषाऐं विलुप्त हो गई हैं। उन्होने कहा कि संस्कृत का उपयोग भी सीमित होता जा रहा है और अब यह पूजा पद्धतियों तक ही सिमट कर रह गया है। आज जानमास को पुन: संस्कृत से जोड़ने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होने ऐसे संस्कृत सम्मेलन आयोजित करने के लिए कहा । उन्होने कहा कि नई शिक्षा नीति में अनेक भारतीय भाषाओं को समाहित किया गया है जिसकी पूरे देश में सराहना की गई है।  यह कार्यक्रम संस्कृत भारती जिला सीहोर माध्य भारत द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में संस्कृत भारत परिषद के श्री नीरज दीक्षित ,जिला शिक्षा अधिकारी श्री एसपीएस बिसेन, डीपीसी अनिल श्रीवास्तव, श्री मनोहरलाल शर्मा , श्री शैलेन्द्र चंदेल एवं अन्य गणमान्य नागरिक तथा संस्कृत के शिक्षक आदि उपस्थित थे ।


पुस्तक प्रदर्शनी का आवलोकन

कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई पुस्तक प्रदर्शनी का स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )श्री इंदर सिंह परमार ने उद्घाटन तथा प्रदर्शनी का अवलोकन किया इस प्रदर्शनी में संस्कृत भाषा में लिखी अनेकों साहित्यिक, धार्मिक एवं अन्य विषयों से संबधित पुस्तकों प्रदर्शित किया गया।  

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