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बुधवार, 3 मार्च 2021

पेट की भूख का व्यापार मोदी सरकार की नयी अवधारणा : टिकैत

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झुंझुनू, 02 मार्च, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि अब तो केंद्र सरकार एवं किसानों के बीच आर पार की लड़ाई है और किसान जीत हासिल करके ही घर लौटेंगें। टिकैत ने नए कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को झुंझुनू शहर में कर्बला मैदान पर आयोजित किसान महा पंचायत को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा जिन किसानों के पास दस वर्ष पुराने ट्रेक्टर है। वह भी बैन किए जाएंगे तथा किसान के पास सबसे बड़ी पूंजी जमीन है। जिसे बड़ी- बड़ी कंपनियां खरीद लेगी तो वो भी चली जाएंगी। फिर किसान के पास क्या बचेगा। ऐसे में अब भी मौका है अपने हकों की लड़ाई के लिए मैदान में डटे रहें। टिकैत ने कहा कि दिल्ली में लड़ाई चल रही है। अब यहां भी शुरू करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार जो किसान विरोधी तीनों कानून लेकर आई है उसको रद्द करके एमएसपी पर कानून बनाये। टिकैत ने कहा अब भी अवसर है घरों से निकलो। यह मोर्चाबंदी तोड़नी पड़ेगी नहीं तो दिल्ली की सरकार सुनने वाली नहीं है। अगर अबकी बार भी मोर्चा बंदी नहीं टूटी तथा एमएसपी नहीं मिली तो हमारे बच्चें हमको माफ नहीं करेंगे। पेट की भूख का व्यापार मोदी सरकार नया कॉन्सेप्ट लेकर आई है। इन तीनों काले कानूनों के माध्यम से अगर आंदोलन फेल हुआ तो देश का किसान फेल होगा। लेकिन किसानों को किसी के बहकावे में नहीं आना है। क्योंकि ये लुटेरे है एवं इनको ही मैदान छोडकर भागना पड़ेगा। ऐसे में कानूनों की वापसी के बिना किसान घर नहीं जाएगा। टिकैत ने कहा की शाहजहांपुर बॉर्डर पर कई दिनों से किसान धरने पर बैठे हैं। सरकार मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में राशन लेकर वहां पहुंचो क्योंकि आंदोलन उग्र करना पड़ेगा तथा जब तक घर नहीं जाएंगे तक तक केंद्र सरकार किसान विरोधी कानून वापस नहीं ले लेती। सभा को पूर्व विधायक अमराराम, राजाराम मील, कामरेड़ फूलचंद बर्बर, फूलचंद ढ़ेवा, विद्याधर गिल, विद्याधर ओलखा ने भी सम्बोधित किया। किसान महापंचायत में पिलानी विधायक जेपी चंदेलिया, नवलगढ़ पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह, सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने महापंचायत में मंच साझा किया लेकिन उन्हें मंच से बोलने का मौका नहीं मिल पाया।

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