बिहार : कार्य दिवस 05 दिन एवं डियूटी 04 घंटे की हो : चन्द्रप्रकाश - Live Aaryaavart

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रविवार, 18 अप्रैल 2021

बिहार : कार्य दिवस 05 दिन एवं डियूटी 04 घंटे की हो : चन्द्रप्रकाश

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पटना,18 अप्रैल। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष-सह-प्रदेश अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश सिंह ने एक बयान जारी कर कहा है कि सरकार लाॅक डाउन लगाए अथवा कर्फ्यू , कोरोना योद्धाओं को अपनी डियूटी तो निभानी हीं पड़ेगी। हालांकि कोरोना श्रृखंला को तोड़ने के लिए यह कदम भी आवश्यक है। ऐसी स्थिति में श्री सिंह ने मांग किया है कि इस सकंट के समय स्वास्थ्य, प्रशासनिक, सफाई, बिजली, पानी, एम्बुलेंस, परिवहन, प्रेस-मीडिया, खाद्य सामग्री एवं निर्माण आदि संबंधी कार्यो में जिन लोगों को लगाया जा रहा है, उनका कार्य दिवस 05 दिन और डियूटी 04 घंटे का किया जाए। इन सभी कोरोना योद्धाओं के लिए 50 लाख का बीमा, समय पर वेतन भुगतान एवं कोरोना संबंधी सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक रूप से किया जाए। श्री सिंह ने यह भी कहा है कि पिछले लाॅकडाउन से सरकार को सबक लेना चाहिए। सरकार सख्त कदम उठाए और इस बात का ध्यान रखे कि रोजगार एवं व्यवसाय बिल्कुल ठप न हो और लोगों की क्रय शक्ति बनी रहे। इसके लिए भी सरकार को लाॅकडाउन अथवा कर्फ्यू के साथ ही रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है।  इस बीच स्वास्थ्य वॉरियर्स ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  से आग्रह किया है कि स्वास्थ्य कर्मियों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाए।राज्य के सभी अधिकारी गण तो पंखे की छांव में बैठकर बहुत आसानी से कोई भी लेटर जारी कर देते हैं। परंतु कभी आपने सोचा है कि छुट्टियां रद्द करने के बाद स्वास्थ्य कर्मी के शरीर की स्थिति क्या होती होगी? वह स्वास्थ्य कर्मी जो प्रतिदिन ग्राउंड लेवल पर काम कर रहे हैं वह महिला हो या पुरुष हो इस कड़कड़ाती धूप में उनके शरीर की क्या स्थिति होती होगी? क्या स्वास्थ्य कर्मी को आप एक मशीन समझते हैं क्या? अभी स्थिति ऐसी है महादेव की छुट्टी कैंसिल करने की वजह से स्वास्थ्य कर्मियों की शरीर की स्थिति तो खराब हो  ही रही है साथ साथ परिवारिक स्थिति भी खराब हो रही है। माननीय महोदय से विनम्र निवेदन है कि इस स्थिति पर कुछ विचार किया जाए। और कम से कम हफ्ते में 1 दिन का आराम जरूर दिया जाए। हम सभी स्वास्थ्य कर्मी समाज और देश को बचाने के लिए हमेशा आपके साथ खड़े हैं और रहेंगे।कोविड 19 की ही तरह कोरोना वॉरियर्स को 50 लाख रू.बीमा की घोषणा की जाएं।एक माह के समरूप वेतन की घोषणा हो।साप्ताहिक छुट्टी का प्रावधान हो.कोरोना की दूसरी लहर से वॉरियर्स बेहाल हैं।

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