बिहार : पास्का जागरण के समय पुरोहित आग और पानी पर आशीष दिया - Live Aaryaavart

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सोमवार, 5 अप्रैल 2021

बिहार : पास्का जागरण के समय पुरोहित आग और पानी पर आशीष दिया

  • इस अवसर पर अंधकार कायम किया गया.आग से मोमबत्ती को जलाकर ज्योति पैदा किया गया.जो अंधकार को समाप्त कर दिया.इस ज्योति को  
  • संसार की ज्योति प्रभु येसु ख्रीस्त को माना गया.जो ज्योति से जीवन देता है और जीवन प्रेम की ओर जाता है.आज हमलोग ज्योति से ज्योतिमय हो जाता है अंधकार छाया ज्योति सृष्टि ईश्वर है मैं संसार की ज्योति

paska-jagran
पटना. ईस्टर महापर्व के अवसर शनिवार की रात से लेकर रविवार तक प्रभु येसु के पुनर्जीवित होने का पर्व हर्षोल्लास वातावरण मनाया गया.पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेवास्टियन कल्लूपुरा ने बांकीपुर स्थित चर्च में मिस्सा पूजा अर्पित किये. इस अवसर पर पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेवास्टियन कल्लूपुरा ने नई आग बनाकर उस पर आशीष दी, जिससे ईस्टर की मोमबत्ती को जलाई, जो इस बात का प्रतीक है कि येसु संसार की ज्योति हैं.इससे हमारे जीवन का अंधकार मिट जाता है. उसके बाद जल पर आशीष दी और सभी ख्रीस्तीय विश्वासियों पर यह पवित्र जल छिड़का.उसके बाद येसु के पुनर्जीवित का गुणगान किया गया. जी हां,चालीस दिवसीय गमगीन अवधि में पवित्र शुक्रवार यानी गुड फ्राइडे के दिन प्रभु येसु को सूली पर चढ़ाकर मार दिया गया.इसके तीसरे दिन बाद प्रभु येसु पुनर्जीवित हुए थे, उसी की याद में ईस्टर मतलब पास्का पर्व मनाया जाता है.इस अवसर पर गायन मंडली ने 'जी उठा,जी उठा आज हमारा मसीह जी उठा' गीत गाकर येसु के पुनर्जीवित होने का संदेश दिया.सभी विश्वासियों ने मोमबत्ती जलाकर ईश्वर की ज्योति का गुणगान किया.  इसी तरह ईसाई समुदाय ईस्टर संडे को ईस्टर मतलब पास्का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया.प्रभु येसु के पुनर्जीवित होने का पर्व यह ईसाई धर्मावलंबियों के लिए बहुत खास लम्हा रहा. शहर के पटना-बांसघाट-दानापुर मुख्य रोड पर स्थित है प्रेरितों की रानी ईश मंदिर.इस गिरजा घर को आकर्षित ढंग से सजाया गया था.  पौराणिक ईसाई धार्मिक ग्रंथों के अनुसार प्रभु येसु के सूली पर लटकाने के तीसरे दिन पुनर्जीवित हो उठे थे.इस अवसर पर पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेवास्टियन कल्लूपुरा मिस्सा पूजा करने आये थे.उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में  मुख्यमंत्री हैं नीतीश कुमार जी .सत्ता में 15 साल खत्म कर 16 वें साल में प्रवेश किये हैं. उन्होंने सवाल किया कि बिहार में तरक्की हुई है? यहां के लोग कहते हैं कि बिहार में शराबबंदी से तरक्की हो रही है.उन्होंने कहा कि सुधार के रूप में घर-घर लग जाना ही विकास हुआ है.प्रभु येसु प्यार व सत्य बांटने दुनिया में आए थे.उन्होंने कहा हम सब परमपिता परमेश्वर के नजर एक है.हम सभी को मिल जुलकर भाईचारगी से एक-दूसरे की मदद करते रहना चाहिए. पश्चिमी चम्पारण में है चखनी पल्ली.पास्का पर्व के अवसर पर चर्च में भक्तगण शामिल होकर मिस्सा सुन रहे हैं.भक्तगण दरी पर बैठकर प्रार्थना में सहभागी बन रहे है.सबको पुनर्जीवित ईसा मसीह की ज्योति मिलते रहे.प्रेम से रहे और साक्षी देने लायक कर्तव्य निभाते रहे.आल्लेलूइया.. बलिदान के तीसरे दिन ईस्टर संडे पर रात 12 बजे प्रभु यीशु जीवित हो उठे.चर्च में घंटे बजने लगे,पूजा-अर्चना शुरू हो गई. इस अवसर पर भक्तों ने जी उठा, जी उठा प्रभु यीशु जी उठा का गान किया. मालूम हुआ है कि चखनी चर्च में बुजुर्गों को बैठने के लिए आरक्षित कुर्सी है.आम लोग दरी पर ही बैठते हैं.इससे साबित होता है शहरी और ग्रामीण चर्च की हालत. इस अवसर पर मुख्य अनुष्ठानदाता के रूप में वेदी पर उपस्थित थे. होली क्रॉस कान्वेंट की सिस्टर्स, सेक्रेट हार्ट की सिस्टर्स के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे. सभी ने सोशल डिस्टेंसिग का ध्यान रखा, मास्क लगाकर दूर से ही एक दूसरे को ईस्टर की शुभकामनाएं दीं.

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