बिहार : ऑक्सीजन के अभाव में घुटघुट कर मरने वाले का दफन - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021

बिहार : ऑक्सीजन के अभाव में घुटघुट कर मरने वाले का दफन

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पटना. देश भर में कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी से फैल रहा है. बिहार में भी रोजाना हज़ारों नए मामले सामने आ रहे हैं. कोविड मरीजों का हाल बहुत खराब है, हालात सुधरने के बजाए स्थिति दिन ब दिन बदतर होती जा रही है.अस्पतालों में ऑक्सीजन मिलना तो दूर मरीजों को बेड तक नहीं मिल पा रहे हैं.इसका शिकार भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत अाल्फ्रेड रफायल भी हो गये.वह घर में ही क्वारंटीन थे.वहां ऑक्सीजन के अभाव में  घुटघुट कर दम तोड़ दिया.आज उनका दफन कर दिया गया.फादर पीयूष माइकल ने अंतिम प्रार्थना का संचालन किया. प्रशासनिक अमला दावा कर रहा है कि अस्पतालों में न तो बेड की कमी है और न ही ऑक्सीजन की, पर हकीकत इससे कोसों दूर हैं.बेड और ऑक्सीजन के अभाव में कोरोना मरीजों की सांसें लगातार टूटती जा रही हैं और इनके अपने कुछ नहीं कर पा रहे हैं.इसका शिकार भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत अाल्फ्रेड रफायल भी हो गये.वह घर में ही क्वारंटीन थे.वहां ऑक्सीजन के अभाव में  घुटघुट कर दम तोड़ दिया. भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत अाल्फ्रेड रफायल के पुत्र राजन ओस्ता ने देर रात जानकारी दी है कि भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत अाल्फ्रेड रफायल ह्दयरोग से पीड़ित थे.इस बीमारी के साथ यक्ष्मा रोग भी था.पापा पांच दिनों से कोरोना के शिकार हो गये थे.सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड नहीं मिलने के कारण दीघा,पटना के बालूपर स्थित आवास पर ही क्वारंटीन में थे. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की विफलता के कारण एक भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत जवान को ऑक्सीजन के बिना घुटघुट कर दम तोड़ना पड़ा.तो आम लोगों की क्या स्थिति होती होगी. कल गुरूवार 22 अप्रैल को बालूपर मोहल्ला स्थित आवास पर दोपहर 1:30 बजे अंतिम सांस लेकर प्रशासन के समक्ष सवाल छोड़कर चले गये. बता दे कि कोरोना का खौफ सर चढ़कर बोलने लगा है. बिहार सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में पटना महाधर्मप्रांत  के महाधर्माध्यक्ष सेबास्टियन कल्लूपुरा ने ईसाई कलीसिया को जो निर्देश जारी किए हैं उसके अनुपालन में अब से अगले आदेश तक गिरजाघर में सार्वजनिक रूप से कोई मिस्सा पूजा नहीं चढ़ाया जाएगा. यह नियम किसी भी संस्कार के लिए भी लागू है. दफन की क्रिया बिना मिस्सा पूजा के कब्रिस्तान में ही संपन्न की जाएगी और दफन में भाग लेने वाले व्यक्तियों की संख्या 25 से ज्यादा नहीं होगी.आज शुक्रवार  23 अप्रैल को 10:00 बजे दिन में अंतिम संस्कार कुर्जी कब्रिस्तान में कर दिया गया.

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