बिहार : आंकड़ा कम दिखाने के चक्कर में बिहार का नुक़सान कर रहे नीतीश : तेजस्वी - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 28 अप्रैल 2021

बिहार : आंकड़ा कम दिखाने के चक्कर में बिहार का नुक़सान कर रहे नीतीश : तेजस्वी

nitish-showing-less-data-tejaswi
पटना : पूरे देश समेत बिहार के कई जिलों में कोरोना ने कोहराम मचा रखा है। राज्य में हर रोज हजारों की संख्या में संक्रमति मरीज मिल रहे हैं। वहीं इस बार बिहार में मात्र 35 दिनों में एक लाख से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। वहीं विपक्ष द्वारा राज्य में बढ़ते संक्रमण दर को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला जा रहा है । बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए सोशल मीडिया के जरिए कहा कि नीतीश जी, कोरोना के Caseload कम दिखाने के चक्कर में आप बिहार का नुक़सान कर रहे है। वाइरस का चेन बढ़ता जा रहा है। कम आँकड़ों दिखाने की वजह से केंद्र से ऑक्सीजन, वैक्सीन, इंजेक्शन Remdesivir, O2 Concentrators, वेंटिलेटर इत्यादि अन्य जरूरी सहायता भी नहीं मिल रहा है और आप कुछ बोल भी नहीं रहे। तेजस्वी ने कहा कि इस बार संक्रमण गाँव-गाँव तक फैल चुका है।अब भी अपना अप्रोच बदलिये वरना तबाही का मंजर साफ दिख रहा है।केंद्र से बिहार का वाजिब हक माँगिये।हमसे छोटे राज्यों का आवंटन ज़्यादा हो रहा है। अन्य राज्यों का अनुसरण कर देश-विदेश की कंपनियों से सम्पर्क कर medical supplies,वैक्सीन इत्यादि सीधा खरीदिये। इसके साथ ही तेजस्वी ने बिहार के मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि नीतीश जी, आपसे विनम्र निवेदन है कि पिछले साल जैसी गलती दोबारा मत करिए। आँकड़ो में हेराफेरी कर छवि बचाने से ज़्यादा जरूरी लोगों का स्वास्थ्य है।आप जाँच घटा रहे है लेकिन Positivity rate बढ़ गया है। जाँच कम होने से संक्रमण की वास्तविकता नहीं मालूम होगी, उसका फैलाव बढ़ता जाएगा। एक साल बाद भी बिहार की कुल कोरोना जाँच में Anti-gen tests की संख्या 65-70% है जबकि RT-PCR सबसे कम मात्र 30-35% ही है।RT-PCR जाँच की रिपोर्ट आने में 14-15 लग रहे है। Asymptomatic मरीज़ों की जाँच ही नहीं हो रही है। ऑक्सिजन, वेंटिलेटर की छोड़िए बिहार अभी जाँच के स्तर पर ही जूझ रहा है। ये समझ नहीं आता कि नीतीश जी की तथाकथित हाई लेवल क्राइसिस ग्रूप की मीटिंग में कोरोना बचाव पर चर्चा होती है या छवि बचाव पर। अभी तक एक भी ऐसा ठोस कदम या निर्णय नहीं लिया गया है जिससे कोरोना संक्रमण को कम किया जाए,मरीज़ों का उचित इलाज हो सके, अस्पतालों का क्षमतावर्धन हो सके। मालूम हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 2 दिनों से लगातार समीक्षा बैठक कर रहे हैं। वहीं उन्होंने आज फिर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक बुलाई है। सूत्रों की माने तो इस बैठक के बाद बिहार में लॉकडाउन का ऐलान हो सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं: