सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 28 जून - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 29 जून 2021

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 28 जून

जिले में अब तक 265.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज, बीते 24 घंटे में 0.4 मिलीमीटर औसत वर्षा


sehore news
जिले में 01 जून से 28 जून 2021 तक 265.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। जो कि गत वर्ष इसी अवधि में हुई औसत वर्षा से 9.4 मिलीमीटर कम है। जिले की वर्षा ऋतु में सामान्य औसत वर्षा 1148.4 मिलीमीटर है। अधीक्षक भू.अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 01 जून से 28 जून 2021 तक जिले के वर्षामापी केन्द्र सीहोर में 264.6  मिलीमीटर, श्यामपुर में 211, आष्टा में 201, जावर में 185, इछावर में 225,  नसरुल्लागंज में 280, बुधनी में 289, रेहटी में 168.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।


बीते 24 घंटे में 0.4 मिलीमीटर औसत वर्षा

जिले में बीते 24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 0.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान वर्षामापी केन्द्र सीहोर में 0.0, श्यामपुर में 3.0, आष्टा में 0.0, जावर में 0.0, इछावर में 0.0, नसरुल्लागंज में 0.0, बुधनी में 0.0, रेहटी में 0.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।


किसान मित्र की आयु अब न्यूनतम 25 वर्ष निर्धारित


आत्मा योजना अन्तर्गत वर्ष 2021-22 में कृषि मित्र का चयन किया जाना है। मध्यप्रदेश शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के प्रावधान के अनुसार ग्रामीण स्तर पर कृषक एवं प्रसार तंत्र के बीच जीवन्त संबंध स्थापित करने की दृष्टि से दो आबाद ग्राम पर एक कृषक मित्र का चयन किए जाने के निर्देश जारी किए गए थे। जारी निर्देशानुसार कृषक मित्र की आयु 40 वर्ष या इससे अधिक चाही गई थी। जिसमें संशोधन कर अब किसान मित्र की न्यूनतम आयु 25 वर्ष कर दी गई है। शेष शर्ते यथावत् रहेंगी। परियोजना संचालक आत्मा किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के पात्रतानुसार आवेदनकर्ता कृषक आवेदन फार्म निहित शर्तो के अनुरूप पूर्ण कर आगामी आयोजित ग्राम सभा में चर्चा के लिए प्रस्तुत करेंगे। ग्राम सभा से हुई चर्चा के आधार पर पात्र किसान मित्र का चयन  जिला स्तर पर परियोजना संचालक आत्मा द्वारा परीक्षण कर अंनतिम सूची तैयार कर कलेक्टर की अध्यक्षता में आत्मा गवर्निंग बोर्ड एवं प्रभारी मंत्री से अनुमोदन प्राप्त कर अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी। अधिक जानकारी एवं आवेदन फार्म के लिए कृषक विकासखण्ड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक परियोजना आत्मा से सम्पर्क कर सकते है।


राष्ट्रीय शिक्षक पुरूस्कार 2021 के आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून


जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय नईदिल्ली स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय शिक्षक पुरूष्कार 2021 हेतु आनलाईन आवेदन हेतु पात्रता नामांकन एवं चयन प्रक्रिया मापदण्ड आदि के विस्तृत निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा प्रसारित किये गये हैं। पत्रानुसार भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाईट www.mhrd.gov.in पर 30 जून 2021 तक शिक्षकों से व्यक्तिशः सीधे आनलाईन नामांकन स्वीकार किये जायेंगे जिसमें आवेदक शिक्षक उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किये गये उत्कृष्ट कार्य से सम्बंधित अभिलेख की गई गतिविधियां, मैदानी भ्रमण, किये गये कार्य के फोटोग्राफ्स, आडियो, वीडियो आदि आनलाईन अपलोड करने होंगे। नामांकनकर्ता शिक्षक द्वारा आनलाईन अंकित तथ्यों, सूचनाओं, अभिलेखों का भौतिक सत्यापन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा समिति गठित कर अनिवार्यतः कराया जाये। नामांकनकर्ता शिक्षक द्वारा अपलोड की गई जानकारी एवं कोई भी अभिलेख, पत्र गलत पाया जाता है तो शिक्षक के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की जायेगी। इन आवेदनों की स्कूटनी जिला चयन समिति द्वारा नामांकन के मापदण्ड नियमानुसार किया जायेगा। इस हेतु जिला शिक्षा अधिकारी  श्री बिसेन द्वारा समस्त शासकीय, स्थानीय निकाय, अनुदान प्राप्त, मान्यता प्राप्त, प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सैकेण्डरी विद्यालयों में कार्यरत जिले के अधिक से अधिक शिक्षकों को आनलाईन के माध्यम से आवेदन करने हेतु अनुरोध किया गया है।


सर्पदंश से बचाव, इलाज एवं भ्रातियों के संबंध में एडवाईजरी


बरसात के दिनों में सांप काटने के केस अत्याधिक सामने आते हैं। सांप काटने में व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तथा सांप काटने को अनदेखा न करें, किसी नजदीकी अस्पताल तुरन्त लेकर जायें, झाड़-फूंक में न रहें, सांप के दांत के नीचे विष की थैली होती है, काटने पर विष की थैली सीधे शरीर में खून के माध्यम से जहर फैल जाता है। सामान्तयः जहरीले सांपों के काटने पर दांतों के दो निशान अलग ही दिखाई देते हैं। गैर विषैले सांप के काटने पर दो से ज्यादा निशान हो सकते हैं, परन्तु ये निशान नहीं दिखता है, ये सोचना गलत होगा कि सांप ने नही काटा है, ज्यादातर सांप गैर विषैले भी होते हैं। सांप के काटने पर करीब-करीब 95 प्रतिशत मामलों में पहला लक्षण नींद का आना है, इसके साथ ही निगलने या सांस लेने में तकलीफ होती है, आमतौर पर सांप काटने पर आधे घंटे बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं।


सांप के काटने पर यह ना करें

रस्सी से न बांधें, ब्लेड से न काटें, पारम्परिक तारीकों का इस्तेमाल न करें, मुंह से खून न चूसें। ओछा, कुनिया के पास न जायें। सांप काटे व्यक्ति को नदी में प्रवाहित करें। अन्धविश्वास में न पड़े।


यथा संभव निम्नानुसार कार्य करें -

सांप काटे व्यक्ति को दिलासा दिलायें। घटना के तथ्यों का पता लगायें। गीले कपडे़ से डंक की जगह की चमड़ी को साफ करें, जिससे वहां पर लगा विष निकल जाये। सांप काटे व्यक्ति को करवट सुलायें, क्योंकि कई बार उल्टी भी होने लगती है, इसलिये करवट सुलाने से उल्टी श्वसनतंत्र में ना जाये। जहां पर सांप ने काटा है उस स्थान पर हल्के कपडे़ से बांध देवें, ताकि हिलना डुलना बंद हो जाये।


उपचार

सांप काटे व्यक्ति को तत्काल नजदीकि अस्पताल ले जाने की व्यवस्था बनायें। सांप के काटने के जहर को मारने के लिये अस्पताल में निःशुल्क एंटी स्नेक इंजेक्शन लगाया जाता है, अस्पताल में उपलब्ध है एवं डाक्टर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार उचित उपचार करायें।


बचाव

अंधेरे में न जायें। बिलों में हाथ न डालें। झाड़ियों में न जायें। पानी भरे गड्ढे में न जायें। पैरों में चप्पल और जूते पहनकर चलें।


मध्यप्रदेश में कोराना के विरूद्ध जंग में हर नागरिक बना योद्धा - मुख्यमंत्री

  • जन-भागीदारी से मध्यप्रदेश ने बनाया राष्ट्रीय रिकार्ड

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना के विरूद्ध जंग में प्रदेश के हर नागरिक ने जागरूक होकर योद्धा की भूमिका निभाई है। प्रदेश की जनता के सहयोग और जन-भागीदारी से न केवल हम कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के प्रकोप को न्यूनतम पर ला सके बल्कि कोरोना से सुरक्षा के लिये चलाये गये वैक्सीनेशन महाअभियान में हमने वर्ल्ड रिकार्ड बना कर राष्ट्रीय स्तर पर जागरूक प्रदेश के रूप में पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश को मिली यह उपलब्धि प्रदेश के हर नागरिक के लिये गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज पूरे देश में मध्यप्रदेश का जन-भागीदारी मॉडल कौतूहल का विषय बना हुआ है। लोगों को यह आश्चर्य हो रहा है कि आखिर मध्यप्रदेश में ऐसा क्या हुआ, जिसने समय रहते कोरोना नियंत्रण पर काबू पा लिया और वैक्सीनेशन के महाअभियान में सर्वाधिक उपलब्धि हासिल की। इसका श्रेय मेरे प्रदेश की जनता को जाता है, जिन्होंने एकजुटता का परिचय देकर अपनी जिम्मेदारी को समझा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि धन्य है प्रदेश का हर नागरिक जिसने सरकार के साथ मिलकर मानवीय कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई।


कोरोना संक्रमण से सुरक्षा की ढाल बनी वैक्सीन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव एवं उपचार के लिये प्रदेश में युद्ध स्तर पर कार्य किये गये। स्वास्थ्य संस्थाओं में उपचार की सुविधाओं के विस्तार के साथ कोविड केयर सेंटर्स, आवश्यक दवाओं, इंजेक्शन और ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इन व्यवस्थाओं के चलते हमने समय रहते कोरोना संक्रमण को काफी हद तक कंट्रोल भी कर लिया। इसी के साथ भविष्य में कोरोना संक्रमण से लोग प्रभावित न हो, इसके लिये वैक्सीनेशन डाइव चलाई गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछली 21 जून को टीकाकरण महाअभियान चलाने के लिये पूरे प्रदेश में सकारात्मक वातावरण तैयार किया गया। इसमें जन-भागीदारी भी सुनिश्चित की गई। सभी के प्रयासों का यह फल रहा कि मध्यप्रदेश टीकाकरण के मामले में पहले और दूसरे दिन कोरोना वैक्सीन लगाने में पूरे देश में अव्वल रहा।


जारी रहेगी रफ्तार

टीकाकरण महाअभियान में मिली सफलता के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसे जन-भागीदारी का अनूठा उदाहरण बताया है। जन-भागीदारी से ही प्रदेश में मात्र एक दिन में करीब 17 लाख लोगों को कोरोना से सुरक्षा कवच दिया जा सका। महाअभियान के दूसरे दिन भी प्रदेश में 11 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाकर मध्यप्रदेश पूरे प्रदेश में अग्रणी रहा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वैक्सीनेशन का कार्य लगातार जारी रहेगा और इसकी रफ्तार भी बढ़ाई जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिये जा रहे सहयोग से प्रदेश में वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है और आगे भी बनी रहेगी।


पुख्ता इंतजामों और जन-भागीदारी से रोकेंगे तीसरी लहर को

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिस रणनीति से प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित किया गया उसी को और बेहतर करते हुए राज्य सरकार कोरोना की संभावित तीसरी लहर का सामना करने के लिये तैयारी में जुटी हुई है। तैयारियों में वे सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही है, जिससे प्रदेशवासियों को कोरोना की तीसरी लहर से बचाया जा सके। टीकाकरण महाअभियान भी उन्हीं व्यवस्थाओं में से एक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को ऑक्सीजन के मामले में आत्म-निर्भर बनाने की जो पहल की गई उसके परिणाम अब सामने आने लगे है। करीब 100 से अधिक ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने का कार्य दो माह पूर्व से ही शुरू हो चुका है। इनमें से कुछ ऑक्सीजन प्लांट ने कार्य करना शुरू भी कर दिया है। शेष प्लांटस का कार्य तीव्र गति से जारी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति भी हमें पेड़-पौधों के माध्यम से जीने के लिये पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन देती है। कोरोना काल ने हमे ऑक्सीजन की महत्ता समझाई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मेरा सभी से आग्रह है कि अपने जीवन के हर सुख के अवसर पर एक पौधा अवश्य लगायें, जो वृक्ष बन कर हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन दे।


डेल्टा वैरिएंट के प्रति सतर्क है सरकार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस बहरूपिया है, जो रूप बदल-बदल कर मानव जीवन को प्रभावित कर रहा है। विभिन्न देशों सहित अब भारत में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट से प्रभावित होने की जानकारियाँ मिल रही हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार डेल्टा वैरिएंट काफी घातक संक्रमण है। इसका मध्यप्रदेश में विस्तार न हो, इसके लिये पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं।


प्रदेश की जनता को अपनाना होगा अनुकूल व्यवहार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर पर नियंत्रण के बाद आम नागरिकों की सहूलियत के लिये प्रदेश में अनलॉक की कार्यवाही की गई है। इससे रोजगार और धंधे पुन: शुरू हुए हैं। आज जरूरत इस बात की है कि अनलॉक में लापरवाही बिलकुल भी न बरती जाए। सभी लोग कोरोना नियंत्रण के लिये अनुकूल व्यवहार अपनाते रहे। थोड़ी सी भी लापरवाही कोरोना को पुन: आमंत्रण देने जैसी होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना से सतर्क रहने और अनुकूल व्यवहार के लिये पूरे प्रदेश में जन-भागीदारी से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।


प्रदेश को बनाएंगे कोरोना मुक्त

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस ने हमारे कई अपनों को छीना है। प्रदेश के मुखिया होने के नाते मेरा यह प्रयास है कि वह दौर अब प्रदेश में न आये। इसलिये प्रदेश को स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में सुदृढ़ करने का अभियान भी चलाया गया है। सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ जनता को साथ लेकर हम मध्यप्रदेश को कोरोना से मुक्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना से जंग का जो जुनून प्रदेश की जनता में जागा है, उसे कायम रखते हुए स्वस्थ मध्यप्रदेश बनाएंगे।


आरटीई के तहत आवेदनों के दस्तावेज सत्यापन की अंतिम तिथि एक जुलाई


निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत ऑनलाइन आवेदन के बाद बच्चे के माता-पिता या अभिभावक को आवेदन में दर्ज की जानकारी अनुसार 1 जुलाई 2021 तक दस्तावेज सत्यापन कराना अनिवार्य है। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने बताया कि आरटीई के तहत जिन बच्चों के आवेदन किये गए है, उनके माता-पिता या अभिभावक आवेदन में दिए गए दस्तावेजों की मूल प्रति को निकट के जन शिक्षा केन्द्र, जो सामान्यतः शासकीय हाई स्कूल या हायर सेकेन्डरी स्कूल है, वहाँ ले जाकर सत्यापन करवा लें। संबंधित केन्द्र में दस्तावेज सत्यापन नहीं कराने पर आवेदन निरस्त हो जायेगा। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने बताया कि सत्यापन के उपरांत पात्र पाये गये आवेदकों को अशासकीय स्कूलों में सीटों का आवंटन, आवेदन की पात्रता अनुसार और आवेदक द्वारा प्रदत्त विकल्पों के आधार पर पारदर्शी ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जायेगा। मूल दस्तावेजों में मुख्यतः जाति प्रमाण पत्र, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड आदि है। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुये सत्यापन के लिए बच्चों को सत्यापन केन्द्र ले जाने की आवश्यकता नही है।  पालक वर्तमान में मध्यप्रदेश में जिस जिले में है, उसी जिले में निकट के जनशिक्षा केन्द्र में जाकर सत्यापन करा सकते है। सत्यापन-कर्ता अधिकारियों को मोबाइल एप से सत्यापन करने की पारदर्शी व्यवस्था प्रारंभ की गयी है। सत्यापन के बाद तुरंत ही पालक को पात्र अथवा अपात्र होने की सूचना एसएमएस से भेजी जा रही है।


आरटीई एमपी मोबाइल एप

स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष से आरटीई एमपी मोबाइल एप पालको की सुविधा के लिए प्रारंभ किया है। इस एप पर पालक आसपास के अशासकीय स्कूल और उनमें आरक्षित सीटों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। अपनी पात्रता जान कर आवेदन पत्र का प्रारूप डाउनलोड कर सकते है। पालक अपने निकट के सत्यापन केन्द्र और सत्यापन अधिकारियों की जानकारी प्राप्त कर सकते है। पालक इस एप को गूगल प्ले-स्टोर से डाउनलोड कर सकते है। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की 12 (1) (ग) के अर्न्तगत सत्र 2021-22 हेतु गैर-अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू है। पालक जो अपने बच्चों को प्रायवेट स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा में प्रवेश के इच्छुक है, वह आरटीई पोर्टल http://rteportal.mp.gov.in पर अपने बच्चे का ऑनलाइन आवेदन दर्ज कर सकते है। अभी तक लगभग एक लाख बच्चों के पालकों ने ऑनलाइन आवेदन दर्ज किये है।


राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-2021 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित


मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रदेश में जैवविविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से “राज्य स्तरीय वार्षिक जैवविविधता पुरस्कार योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में जैवविविधता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे लोगों की पहचान करना एवं उन्हें प्रोत्साहित करना है। मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-2021 हेतु 31 अप्रैल 2021 तक प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई थीं। कोविड महामारी के कारण कोरोना कर्फ्यू की स्थिति में राज्य जैवविविधता बोर्ड को प्रविष्टियों प्राप्त नहीं हो पाई हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुये राज्य स्तरीय वार्षिक जैवविविधता पुरस्कार-2021 हेतु प्रविष्टियों आमंत्रित करने की अवधि में वृद्धि करते हुए 31 जुलाई 2021 तक निर्धारित की गई है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी बोर्ड की वेबसाईट www.mpsbb.nic.in पर प्राप्त की जा सकती है।


उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक की सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन का अंतिम मौका


उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक की सीधी भर्ती के प्रावधिक चयन या प्रतीक्षा-सूची के जिन अभ्यर्थियों ने एक भी दस्तावेज अपलोड नहीं किये हैं, उन्हें 29, 30 जून और एक जुलाई 2021 तक वैध दस्तावेज अपलोड करने के लिए अंतिम अवसर दिया जा रहा है। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने बताया कि  जिन अभ्यर्थियों द्वारा इन तिथियों में एमपी ऑनलाईन पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड किये जायेंगे, उनका दस्तावेज सत्यापन चयनित जिले के सत्यापन केन्द्र पर 5 जुलाई 2021 को किया जायेगा। संबंधित अभ्यर्थी मूल दस्तावेज के साथ उपस्थित होकर सत्यापन अधिकारी से दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य रूप से करा लें अन्यथा अभ्यर्थिता स्वतः निरस्त मानी जायेगी।


छोटे बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप से भेजी जाएगी पठन सामग्री


छोटे बच्चों में भावनात्मक विकास और शैक्षणिक समझ विकसित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ’आओ सीखें कार्यक्रम’ में 15 जुलाई 2021 तक विभिन्न विषयों पर तैयार किए गए ऑडियो वीडियो व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से बच्चों तक पहुंचाए जाएंगे। इस पर आधारित विभिन्न छोटे ऑडियो और वीडियो भेजे जाएँगे। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र ने बताया कि इसके साथ ही हमारा घर-हमारा विद्यालय के अंतर्गत बच्चों में विषय की प्रारंभिक समझ को विकसित करने की दृष्टि से प्रयास-अभ्यास पुस्तिका का वितरण भी 15 जुलाई से पहले किया जाएगा। 15 जुलाई के पहले अभ्यास पुस्तिका बच्चों को उपलब्ध कराने के संबंध में सभी जिला परियोजना समन्वयकों को निर्देश दिए गए हैं। अभ्यास पुस्तिकाओं का वितरण 16 जुलाई से 15 अगस्त तक विद्यार्थियों को मेल पर प्रेषित की जाएगी। अभ्यास पुस्तिका के 48 पेज की सामग्री को जिले स्तर पर कक्षा 1 व 2 और कक्षा 3 से 5 के लिए बहुरंगी तथा कक्षा 6 से 8 के लिए ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंट में मुद्रित कराकर बच्चों को उनके घर पर कार्य करने के लिए 15 जुलाई के पूर्व उपलब्ध कराई जाएगी।


दिनांक 10.07.2021 को किया जाएगा वर्ष की प्रथम नेषनल लोक अदालत का आयोजन


माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं माननीय  म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देषानुसार वर्ष की प्रथम नेषनल लोक अदालत का आयोजन दिनांक 10.07.2021 को जिला सीहोर एवं तहसील न्यायालय आष्टा, नसरूल्लागंज, बुदनी एवं इछावर में माननीय जिला न्यायाधीष/अध्यक्ष महोदय श्री राजवर्धन गुप्ता के मार्गदर्षन में किया जावेगा।  उक्त नेषनल लोक अदालत एनआईएक्ट धारा 138, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत, जल कर एवं सम्पत्ति कर के प्रकरण आदि प्रिलिटिगेषन प्रकरण एवं न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरण जैसे:- आपराधिक शमनीय प्रकरण, धारा 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम, क्लेम प्रकरण, विद्युत और जलकर, सम्पत्ति कर के प्रकरण, हिन्दू विवाह अधिनियम के अंतर्गत राजीनामा योग्य प्रकरण, भूमि अधिग्रहण, सर्विस मेटर से सम्बंधित व अन्य सिविल प्रकरण आदि रखे जावेगे। विद्युत प्रकरण एवं नगर पालिका प्रिलिटिगेषन प्रकरणों में नियमानुसार छूट दी जावेगी। नेषनल लोक अदालत में रखे गए प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत हेतु गठित खण्डपीठ द्वारा आपसी राजीनामा के आधार पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया जावेगा। उक्त नेषनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु विधिक जागरूकता षिविरों, फलेक्स बैनर एवं पैरालीगल वालेन्टियर के द्वारा डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाकर उक्त लोक अदालत का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। नेषनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु न्यायाधीषगणों, सर्वसम्बंधित विभागों यथा विद्युत विभाग, नगर पालिका, बैंक के अधिकारीगण, अधिवक्तागण, बीमा कम्पनी के अधिकारियों व अधिवक्ताओं के साथ बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। 


लोक अदालत के लाभ:-

01. पक्षकारों के मध्य आपसी सद्भाव बढ़ता है, कटुता समाप्त होती है, समय, धन व श्रम की बचत होती है। 

02. कोई भी पक्षकार हारता नही है दोनो पक्षकारों की जीत होती है। 

03. लोक अदालत मे न्याय शुल्क वापस हो जाता है। 

04. लोक अदालत का आदेष/निर्णय अंतिम होता है, लोक अदालत के आदेष के विरूद्ध अपील नही होती। 

05. लोक अदालत में पक्षकारों के मध्य विवाद हमेषा के लिए समाप्त हो जाता है। 

इस प्रेस नोट के माध्यम से दिनांक 10.07.2021 को वर्ष की प्रथम लोक अदालत में अपने प्रकरणों का निराकरण समझौता/सहमति के आधार पर कराया जाकर लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की जाती है। अधिक जानकारी के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर एवं तहसील विधिक सेवा समिति आष्टा, नसरूल्लागंज, बुदनी एवं इछावर से सम्पर्क किया जा सकता है। 


प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से काम करें - कलेक्टर

  • गत वित्तीय वर्ष में 237 प्रकरणों में 25 करोड़ 22 लाख 50 हजार रूपए राहत राशि वितरित
  • एक अप्रैल 21 से 28 जून 2021 तक 57 प्रकरणों में 66 लाख 25 हजार रूपये राहत राशि वितरित
  • जिला सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक आयोजित

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं मानीटरिंग समिति की त्रैमासिक बैठक कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में माह अप्रैल 2021 से जून 2021 तक के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री ठाकुर ने कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए संबंधित अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से  काम करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पीड़ितों को समय पर राहत राशि मिले।  श्री ठाुकर ने कहा कि समय पर न्याय दिलाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां ंसमन्वय से स्थापित का कार्य करें ताकि किसी भी स्तर पर आ रहे गतिरोध या समस्या का त्वरित निकराकरण कर जांच उपरान्त जल्द न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सके।  बैठक में जानकारी दी गई कि इस मार्च 2021 से मई 2021 तक की अवधि में कुल 11 प्रकरण प्रस्तुत किए गए।  बैठक में आष्टा विधायक श्री रघुनाथ मालवीय तथा इछावर विधायक श्री करण सिंह वर्मा एक एक प्रकरणों की विस्तार से जानकारी लेते हुए कहा कि इस वर्ग के पीड़ितों को समय पर न्याय एवं राहत दिलाने के लिए प्रकरणों में की जा रही कार्यवाही में गति लाने के लिए कहा। बैठक में ........................ विशेष अभियोजक एनएस मेवाडा, प्रभारी डिप्टी कलेक्टर श्री आदित्य जैन तथा आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रभारी अधिकारी उपस्थित थे।


गत वित्तीय वर्ष में 25 करोड 22 लाख रूपये राहत राशि वितरित 

बैठक में जानकारी दी गई कि गत वित्तीय वर्ष माह अप्रेल 2020 से मार्च 2021 तक अनुसूचित जाति के 187 प्रकरणों में 2 करोड 18 लाख एवं अनुसूचित जनजाति के 34 प्रकरणों में 34 लाख 25 हजार स्वीकृत कर वितरित की गई।


इस त्रैमासिक में 66 लाख 25 हजार रूपये राहत राशि वितरित

इस त्रैमासिक अप्रैल 2021 से जून 2021 तक कुल 57 प्रकरणों में 66 लाख 25 हजार रूपये राहत राशि स्वीकृत कर वितरित की गई। जिसमें अनुसूचित जाति के 42 प्रकरणों में 47 लाख 50 हजार रूपये और अनुसूचित जनजाति के 15 प्रकरणों में 18 लाख 75 हजार रूपये की राशि वितरित की गई राशि है।


पंजीकृत कुष्ठ पीड़ितों को मिलेगी खाद्यन्न पात्रता पर्ची

        

पंजीकृत कुष्ठ पीड़ित भी अब राशन के हकदार होंगे। उन्हें राष्ट्रीय खाद्यन्न सुरक्षा पर्ची प्रदान के आदेश खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के माध्यम से जारी किए गए है। कुष्ठ रोग पीड़ित व्यक्ति परिवार का मुखिया हो तो उसकी पत्नी, बेटा-बेटी अविवाहित सगे भाई-बहनों को राशन मित्र पोर्टल पर सत्यापन कराना होगा । जिससे पात्रता पर्ची का लाभ मुखिया के साथ-साथ उसके परिजनों को भी मिल सकेगा। कुष्ठ रोग पीड़ित व्यक्ति को ग्राम पंचायत अथवा शहरी क्षेत्र में वार्ड कार्यालय द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन कराकर पोर्टल पर लागिंग करवाना होगा। कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति को खाद्यन्न पात्रता पर्ची का लाभ सुनिश्चित करने के लिए एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता को ग्राम स्तर पर जानकारी उपलब्ध कराने के के निर्देश दिए गए हैं। पंजीकृत कुष्ठ पीड़ितों को दी जाने वाली खाद्यन्न पात्रता पर्ची के बारे में जिला कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी श्रीमती क्षमा बर्वे ने जानकारी दी। 


प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से काम करें - कलेक्टर

  • गत वित्तीय वर्ष में 237 प्रकरणों में 25 करोड़ 22 लाख 50 हजार रूपए राहत राशि वितरित
  • एक अप्रैल 21 से 28 जून 2021 तक 57 प्रकरणों में 66 लाख 25 हजार रूपये राहत राशि वितरित
  • जिला सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक आयोजित

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं मानीटरिंग समिति की त्रैमासिक बैठक कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में माह अप्रैल 2021 से जून 2021 तक के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री ठाकुर ने कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए संबंधित अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से  काम करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पीड़ितों को समय पर राहत राशि मिले। श्री ठाकर ने कहा कि समय पर न्याय दिलाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय से स्थापित का कार्य करें ताकि किसी भी स्तर पर आ रहे गतिरोध या समस्या का त्वरित निकराकरण कर जांच उपरान्त जल्द न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सके।  बैठक में जानकारी दी गई कि इस मार्च 2021 से मई 2021 तक की अवधि में कुल 11 प्रकरण प्रस्तुत किए गए। बैठक में आष्टा विधायक श्री रघुनाथ मालवीय तथा इछावर विधायक श्री करण सिंह वर्मा एक-एक प्रकरणों की विस्तार से जानकारी लेते हुए कहा कि इस वर्ग के पीड़ितों को समय पर न्याय एवं राहत दिलाने के लिए प्रकरणों में की जा रही कार्यवाही में गति लाने के लिए कहा। बैठक में विशेष अभियोजक एनएस मेवाडा, प्रभारी डिप्टी कलेक्टर श्री आदित्य जैन तथा आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रभारी अधिकारी उपस्थित थे।


गत वित्तीय वर्ष में 25 करोड 22 लाख रूपये राहत राशि वितरित

बैठक में जानकारी दी गई कि गत वित्तीय वर्ष माह अप्रेल 2020 से मार्च 2021 तक अनुसूचित जाति के 187 प्रकरणों में 2 करोड 18 लाख एवं अनुसूचित जनजाति के 34 प्रकरणों में 34 लाख 25 हजार स्वीकृत कर वितरित की गई।


इस त्रैमासिक में 66 लाख 25 हजार रूपये राहत राशि वितरित

इस त्रैमासिक अप्रैल 2021 से जून 2021 तक कुल 57 प्रकरणों में 66 लाख 25 हजार रूपये राहत राशि स्वीकृत कर वितरित की गई। जिसमें अनुसूचित जाति के 42 प्रकरणों में 47 लाख 50 हजार रूपये और अनुसूचित जनजाति के 15 प्रकरणों में 18 लाख 75 हजार रूपये की राशि वितरित की गई राशि है।


पंजीकृत कुष्ठ पीड़ितों को मिलेगी खाद्यन्न पात्रता पर्ची


पंजीकृत कुष्ठ पीड़ित भी अब राशन के हकदार होंगे। उन्हें राष्ट्रीय खाद्यन्न सुरक्षा पर्ची प्रदान के आदेश खाद्यए नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के माध्यम से जारी किए गए है। कुष्ठ रोग पीड़ित व्यक्ति परिवार का मुखिया हो तो उसकी पत्नीए बेटा.बेटी अविवाहित सगे भाई.बहनों को राशन मित्र पोर्टल पर सत्यापन कराना होगा । जिससे पात्रता पर्ची का लाभ मुखिया के साथ.साथ उसके परिजनों को भी मिल सकेगा। कुष्ठ रोग पीड़ित व्यक्ति को ग्राम पंचायत अथवा शहरी क्षेत्र में वार्ड कार्यालय द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन कराकर पोर्टल पर लागिंग करवाना होगा। कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति को खाद्यन्न पात्रता पर्ची का लाभ सुनिश्चित करने के लिए एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता को ग्राम स्तर पर जानकारी उपलब्ध कराने के के निर्देश दिए गए हैं। पंजीकृत कुष्ठ ामा बर्वे ने जानकारी दी। 


जिले में आज एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति मिला, वर्तमान में कोरोना एक्टिव.पॉजिटिव की संख्या 04


पिछले 24 घंटे के दौरान प्राप्त रिपोर्ट में जिले में एक व्यक्ति कोविड पॉजिटिव मिला है। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक कुल कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों की संख्या 10131 है। वर्तमान में एक्टिव पॉजिटिव 04 हैं। कुल रिकवर व्यक्तियों की संख्या 10012 हैं। कुल कोविड संक्रमित मृत व्यक्तियों की संख्या 115 है । आज 740 सैम्पल लिए गए है। जांच के लिए सीहोर शहरी क्षेत्र से 237, श्यामपुर से 160, विकासखंड नसरुल्लागंज से 85,  बुधनी से 29 तथा इछावर से 50 सेंपल लिए गए हैं। अभी तक कुल जांच के लिए भेजे गए सेंपल 170959 हैं जिनमें से 159720 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। आज 1053 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कुल 740 सैंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। पैथोलॉजी द्वारा कोरोना वायरस सेंपल की रिजेक्ट संख्या कुल 71 है। जिले में जो व्यक्ति होम क्वारंटाइन में हैं उनके निवास स्थान से सीधे संवाद हेतु जिला स्तरीय कोविड.19 कॉल सेंटर स्थापित किया गया है। जिसका संपर्क नंबर. 07562.1075 है। जिला स्तर पर जिला कोविड कमांड कंट्रोल सेंटर का मोबाइल नंबर 9425400273, 7987652577, 9425400453 पर कॉल सेंटर पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य स्तर पर 104/181 नंबर पर कॉल करके भी टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ लिया जा सकता है। 104 नंबर पर ई.परामर्श सेवा का भी लाभ लिया जा सकता है। होम क्वारंटाईन व्यक्तियों तथा उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002330175 जारी किया गया है। होम क्वारंटाईन व्यक्ति अथवा उनके परिजन इमोशनल वेलनेस अथवा साइकोलॉजिकल सपोर्ट एवं अन्य जरूरी परामर्श मानसिक सेवा प्रदाताओं से नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं।


स्वास्थ्य परीक्षण के साथ हुआ कोरोना टीकाकरण


प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार 21 जून से 30 जून तक कोरोना टीकाकरण महाअभियान जिले में चल रहा हैा टीकाकरण अभियान के पहले दिन से ही लोगों में टीका लगवाने को लेकर भरी उत्साह अब तक बना हुआ है। लोगों के उत्साहर और जिला प्रशासन के लगातार कोशिश के चलते हर रोज टीकाकरण के मामले में सीहोर ने प्रदेश में नया आयाम स्थापित किया है। जिले के टीकाकरण केंद्रों पर आज भी भारी भीड़ का नजारा देखने को मिला। सुबह 9 बजे से दोगुनी तेजी से पंजीयन और टीकाकरण जारी रखा जो वैक्सीन के खत्म होने के साथ ही समाप्त हुआ।  टीकाकरण महाभियान में युवाओं के साथ साथ बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर टीका लगवाया। जिनमें 68 वर्षीय राधाकिशन, 52 वर्षीय तुलसी बाई और 54 वर्षीय दिव्यांग प्रेमदास जाटव ने टीका लगवाया। युवाओं ने टीकाकरण कराकर वीडियो संदेश के माध्यम से अपना उत्साह और खुशी जाहिर की और प्रमुख रूप से उमेश पंसारी उनकी टीम ने लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील की। केंद्र पर उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नागरिकों के ब्लड प्रेशर और तापमान की जांच की गई और स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी गई। 


प्रमाण पत्र में एक ही बार किया जा सकता है सुधार


किसी का भी वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट गलत प्राप्त हो रहा है तो selfregistration.cowin.gov.in साइट के जरिए कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र में सुधार की सुविधा प्रारंभ की गई है। यह सुविधा टीकाकरण के उपरांत एक बार ही मिलेगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डा.एम.के.चंदेल ने बताया कि सुधार के अंतर्गत नाम, जन्म वर्ष, लिंग, आईडी नंबर का सुधार किया जा सकता है। यदि अलग-अलग मोबाइल नंबर से वैक्सीन की प्रथम या सेकण्ड डोज लगी है तो दोनो डोज के प्रमाण पत्रों को मल्टीपल डोज आपशन में जाकर मर्ज किया जा सकता है।


धान की सीधी बुआई से श्रम और संसाधनों की बचत


धान की डीएसआर पद्धति अर्थात सीधी बुवाई भी फायदेमंद रहती है। वर्तमान में श्रमिकों एवं पानी की कमी को ध्यान में रखकर किसानों को धान की सीधी बुवाई करने की सलाह दी गई है। धान की सीधी बुवाई में लगभग 30 प्रतिशत पानी की बचत होती है साथ ही श्रमिकों की आवश्यकता भी नहीं होती। इस विधि से श्रमिकों पर होने वाला खर्च बचता है और लागत कम आती है। उत्पादन भी अच्छा रहता है। यदि सिंचाई का ठीक प्रकार से प्रबंधन किया जाए तो धान की जड़ें गहरी जाकर आयरन तत्व भी प्राप्त कर लेती है, जिससे धान के पौधे मजबूत होते है।    खेत में मिट्टी हल्की गीली होने पर सीड ड्रिल की सहायता से धान बीज की वुबाई की जाती है। इस विधि में 40 से 50 किलो प्रति हैक्टर बीज दर की आवश्यकता होती है। धान बीज को उपचारित करने के बाद ही धान की बोनी करनी चाहिए। बीजोपचार दवा कार्बेन्डाजिम 2 ग्रामदवा प्रति किलो ग्राम बीज के मान से धान भी उपचारित किया जा सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि खरपतवार नियंत्रण के लिए धान की वुबाई के तुरंत बाद पेन्डिमिथालीन खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव कर सकते है। जिन किसान भाईयो के पास सीड ड्रिल है एवं धान की सीधी वुबाई कर सकते हैं।


दलहन-तिलहन फसलों की बोनी की सलाह

किसानों को रेज्ड वेड प्लांटर से दलहन-तिलहन फसलों की बोनी की सलाह संभागीय कृषि अभियांत्रिकी अधिकारी ने दी है। इससे अरहर, सोयाबीन, मूंग, उड़द तथा चना, मसूर जैसी फसलों की बोनी की जा सकती है। इसमें खाद एवं बीज के लिये अलग-अलग बॉक्स रखकर ट्रैक्टर की सहायता से खेत में क्यारी बनायी जाती है। रेज्डवेड प्लांटर मशीन द्वारा 20 से 22 इंच चैड़ी क्यारियां बनती हैं। इनकी ऊंचाई 6 इंच होती है। प्रत्येक क्यारी के दोनों ओर नालियां होती हैं। इससे एक बार में दो क्यारियां तथा तीन नालियां बनती हैं। इसके माध्यम से निश्चित गहराई पर रिजफेरो विधि से फसलों की बोनी होती है। रेज्ड वेड प्लांटर से फसल की बोनी क्यारियों में होती है। जिसके कारण मिट्टी भुरभुरी रहती है। इससे अंकुरण अच्छा होता है। फसल में कतारों तथा पौधों की दूरी निर्धारित रहती है जिससे खरपतवार निकालने में यांत्रिक विधि अपनाना आसान होता है। इस मशीन से बोनी करने पर बीज, खाद, कीटनाशक तथा सिंचाई में पर्याप्त कमी आती है जिससे किसान को बचत होती है। इस विधि से बोनी करने पर कम वर्षा तथा अधिक वर्षा का दुष्प्रभाव फसलों पर नहीं होता है।


अब 01 जुलाई को होगा टीकाकरण, टीकाकरण का 26 हजार 600  लक्ष्य निर्धारित

  • 01 जुलाई को कोविडशील्ड वैक्सीन का प्रथम तथा द्वित्तीय डोज लगाया जाएगा
  • 03 जुलाई को कोवैक्सीन का द्वित्तीय डोज ही लगाया जाएगा

जिले में कोविड टीकाकरण महाअभियान के तहत 29 एवं 30 जून को लगाएं जाने वाला वैक्सीनेशन अब 01 जुलाई को किया जाएगा।  कोविड-19का टीका 29 तथा 30 जून मंगलवार तथा बुधवार को जिले के किसी भी सेंटर पर नहीं लगाया जाएगा। अब टीकाकरण का आगामी सत्र 01 जुलाई 2021 गुरूवार को संपूर्ण जिले में आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में मिशन संचालक ने वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला टीकाकरण अधिकारियों को निर्देश दिए है। जिले में 01 जुलाई 2021 गुरूवार को आयोजित टीकाकरण सत्र के लिए 26 हजार 600 टीकों का निर्धारित लक्ष्य प्रदान किया गया है। जिला टीकाकरण अधिकारी डाण् एमके चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि 01 जुलाई को आयोजित सत्रों में सिर्फ कोविडशील्ड का ही प्रथम तथा द्वित्तीय डोज एव 03 जुलाई को आयोजित सत्रों में मात्र कोवैक्सीन का द्वित्तीय डोज ही लगाया जाएगा।


प्रदेश में 12वीं के रिजल्ट का फार्मूला हुआ तय, शैक्षणिक संस्थानों में शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन अनिवार्य

  • कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन आवश्यक,  मुख्यमंत्री श्री चौहान के समक्ष शिक्षा पर गठित मंत्री समूह ने प्रस्तुत की अनुशंसाएँ 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कक्षा 12वीं के अंकों का निर्धारण कक्षा 10वीं के विभिन्न विषयों में प्राप्त अंकों को बेस्ट ऑफ फाइव के आधार पर किया जाए। यदि विद्यार्थी परिणाम सुधारना चाहते हैं तो वे परीक्षा देकर परिणाम सुधार सकते हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में शासकीय और निजी शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में कोविड -19 के दौरान भविष्य की रणनीति के संबंध में गठित मंत्री समूह की अनुशंसाओं पर मंत्रालय में चर्चा कर रहे थे। खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया वर्चुअली सम्मिलित हुईं। बैठक में जनजातीय कार्य तथा अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री इंदर सिंह परमार और आयुष राज्य मंत्री श्री रामकिशोर कावरे उपस्थित थे। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरुण शमी द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया।


प्रदेश में एक जुलाई से नहीं खुलेंगे स्कूल

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में एक जुलाई से स्कूल नहीं खुलेंगे। ऑनलाइन और टीवी के माध्यम से ही पढ़ाई की व्यवस्था जारी रहेगी। स्कूल खोलने के महत्वपूर्ण निर्णय के संबंध में केंद्र सहित अन्य राज्यों और विशेषज्ञों से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।


जनजातीय क्षेत्रों में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए दूरदर्शन का सहयोग लिया जाएगा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऑन-लाइन और हाईब्रिड आधार पर अर्थात वाट्सएप और डिजिटल संसाधनों और टीवी आदि के माध्यम से भी शैक्षणिक गतिविधियाँ जारी रहें। क्लस्टर स्तर पर टीवी उपलब्ध कराने और शाला स्तर पर डिवाइज पूल बनाने जैसी गतिविधियाँ संचालित की जाएँ। जनजातीय क्षेत्रों में शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में दूरदर्शन से सहयोग लिया जाएगा।


शिक्षण संस्थाओं को बनाया जाएगा कोरोना सेफ

मंत्री समूह द्वारा नवीन शैक्षणिक सत्र में संस्थाएँ खोले जाने के संबंध में सभी हितग्राहियों जैसे विद्यार्थी, पालक, संस्था प्रमुख, शिक्षकों और आम नागरिकों से सुझाव प्राप्त कर अनुशंसाएँ प्रस्तुत की गईं। प्राप्त अनुशंसाओं के अनुसार शिक्षकों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराया जाएगा। शैक्षणिक संस्थाओं में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के उपायों पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। शिक्षण संस्थाओं को कोरोना सेफ बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ विकसित की जाएंगी।


तकनीकी शैक्षणिक संस्थाएँ

मंत्री समूह के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि तकनीकी शैक्षणिक संस्थाओं में नवीन सत्र का शुभारंभ द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष की इंजीनियरिंग कक्षाओं के लिए 2 अगस्त से होगा। प्रथम वर्ष इंजीनियरिंग की कक्षाएँ 15 सितम्बर से आरंभ होंगी। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष डिप्लोमा की कक्षाएँ 17 अगस्त से, आई.टी.आई की द्वितीय वर्ष की कक्षाएँ 12 जुलाई से और आई.टी.आई की प्रथम वर्ष की कक्षाएँ 16 अगस्त से आरंभ होंगी। प्रथम वर्ष इंजीनियरिंग में प्रवेश जेईईई मेन्स तथा मध्यप्रदेश हायर सेकेण्डरी बोर्ड की 12वीं परीक्षा परिणाम के आधार पर होगा। प्रथम वर्ष डिप्लोमा में प्रवेश के लिए हाई स्कूल परीक्षा परिणाम को आधार माना जाएगा। आई.टी.आई की प्रवेश प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूर्ण कर ली जाएगी।


विद्यार्थियों को कोरोना पेडेंमिक प्रबंधन की ट्रेनिंग

पैरामेडिकल डिग्री/डिप्लोमा पात्रता परीक्षाएँ जून-जुलाई माह में होंगी। पैरामेडिकल सर्टिफिकेट परीक्षाएँ जुलाई माह में ली जाएगी। बी.एस.सी. एवं एम.एस.सी. नर्सिंग की परीक्षाएँ मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा जुलाई माह में आयोजित की जाएंगी। मेडिकल एवं दंत चिकित्सा शिक्षा के अंतर्गत स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए राज्य सरकार द्वारा नीट, यू.जी./पी.जी. की परीक्षा उपरांत सत्र आरंभ किया जाएगा। कक्षाएँ ऑफलाइन पद्धति से संचालित होंगी। कोरोना पेडेंमिक तीसरी लहर की तैयारी के तहत प्रारंभ के 15 दिवस में विद्यार्थियों को कोरोना पेडेंमिक प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाएगी।


उच्च शिक्षा

मंत्री समूह द्वारा प्रस्तुत अनुशंसाओं में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत ओपन बुक परीक्षा एवं परीक्षा परिणाम के संबंध में बताया गया कि स्नातक तृतीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम जुलाई 2021 में, स्नातक प्रथम/द्वितीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएँ जुलाई 2021 में और स्नातक प्रथम/द्वितीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम अगस्त 2021 में जारी किए जाएंगे। स्नातक प्रथम वर्ष एवं स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर के लिए प्रवेश प्रक्रिया एक अगस्त से आरंभ होगी। स्नातक द्वितीय तथा तृतीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर की कक्षाओं के लिए प्रवेश प्रक्रिया एक से 30 अगस्त 2021 तक चलेगी। स्नातक प्रथम, द्वितीय, तृतीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के लिए नवीन सत्र एक सितम्बर से आरंभ होगा। जिला आपदा प्रबंधन समिति के परामर्श पर महाविद्यालयवार समय सारणी अनुसार विद्यार्थियों की 50 प्रतिशत भौतिक उपस्थिति के साथ कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। प्रयोगशालाओं का संचालन विद्यार्थियों की 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ किया जाएगा। छात्रावासों और ग्रंथालय विद्यार्थियों की भौतिक रूप से उपस्थिति के साथ चरणबद्ध रूप से आरंभ किए जाएंगे।


क्लीनिकल विषय पर 6-6 छात्रों के समूह में लगेंगी कक्षाएँ

मंत्री समूह द्वारा अनुशंसा की गई है कि आयुष से संबंधित संस्थाओं में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के प्रवेश नीट परीक्षा 2021 के परीक्षा परिणाम उपरांत ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से सम्पन्न कराए जाएंगे। आयुष पाठ्यक्रम की कक्षाओं का संचालन ऑनलाइन मोड में जारी रहेगा। क्लीनिकल विषय के लिए कैम्पस में भौतिक रूप से छात्रों के 6-6 के समूह बनाकर उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। आयुष के अंतर्गत समस्त परीक्षाएँ ऑफलाइन मोड में संचालित की जाएंगी। बीएएमएस की परीक्षाएँ 7 जुलाई से 25 अगस्त तक, बीएचएमएस की परीक्षाएँ 30 जून से 24 जुलाई तक और बीयूएमएस की परीक्षाएँ 30 जून से 30 जुलाई तक आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि समस्त शैक्षणिक गतिविधियों में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण और शैक्षणिक परिसरों में कोविड अनुकूल व्यवहार के अनुसरण की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए। जिनका वैक्सीनेशन नहीं होगा, उन्हें परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाए। 

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