हजारों करोड़ के अवैध बालू उत्खनन घोटाले पर सुशील मोदी की चुप्पी का राज क्या? : राठौड़ - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 30 जून 2021

हजारों करोड़ के अवैध बालू उत्खनन घोटाले पर सुशील मोदी की चुप्पी का राज क्या? : राठौड़

rajesh-rathaur
पटना,30 जून । प्रदेश में बालू के अवैध उत्खनन तथा बालू माफियाओं के सिंडिकेट को लेकर बिहार प्रदेश कांग्रेस के मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि बिहार में प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रूपए का अवैध बालू उत्खनन घोटाला हो रहा है तथा इस घोटाले को अंजाम देने वाला माफियाओं का सिंडिकेट सत्ता के सरपरस्ती में फल फूल रहा है। उन्होंने कहा है कि सत्ता में बैठे लोग बालू माफियाओं को संरक्षण देते हैं। जिस कारण सरकार को सैकड़ों करोड़ के राजस्व की क्षति हो रही है।वहीं दूसरी ओर माफियाओं के द्वारा हजारों करोड़ का बंदरबांट किया जा रहा है। उन्होंने नीतीश सरकार से सवाल पूछा है कि अवैध बालू माफियाओं को किस का संरक्षण हासिल है? मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कहा है कि खुलासा मियां के रूप में प्रसिद्ध बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को भी इस सवाल का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बालू माफियाओं को मिल रहे राजनीतिक संरक्षण के तार कहीं ना कहीं सत्ता के शीर्ष तक भी पहुंचते हैं।उन्होंने कहा कि अवैध बालू उत्खनन के वजह से प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हो रहा है।वही इसी अवैध उत्खनन के बदौलत सत्ता से जुड़े कुछ सफेदपोश शख्सियतों के काली कमाई में कुबेर समान बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि अवैध बालू खनन के इस खेल में पॉलीटिशियन, ब्यूरोक्रेट तथा पुलिस अफसर तीनों शामिल है। उन्होंने कहा कि अरबों के अवैध बालू उत्खनन के खेल में सुशील मोदी की खामोशी भी रहस्यमई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि कैबिनेट से बाहर रहकर भी राज्य के खजाने की चिंता करने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को अवैध बालू खनन माफियाओं के बारे में भी कुछ कहना चाहिए।

कोई टिप्पणी नहीं: