बिहार : दवा और दुआ के बाद भी प्रितेश पंकज को बचाया नहीं जा सका - Live Aaryaavart

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शनिवार, 3 जुलाई 2021

बिहार : दवा और दुआ के बाद भी प्रितेश पंकज को बचाया नहीं जा सका

  • * आज शनिवार की सुबह साढ़े पांच बजे अंतिम सांस ली
  • * ट्रीजा आल्फ्रेड के पोत्र थे प्रितेश पंकज
  • * शाम पांच बजे अंतिम विधि कुर्जी चर्च में
  • * कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा

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पटना। 
कुर्जी पल्ली के गंगा विहार में रहने वाले आल्फ्रेड पंकज और रीता पंकज। अभी कुर्जी पुल के पास रहते हैं.दोनों के पुत्र है प्रितेश पंकज। वह गम्भीर कैंसर रोग पीड़ित थे। मध्यम वर्गीय परिवार ने सब कुछ झोंक कर प्रितेश को वेल्लोर में भर्ती कर इलाज चलाया। इसमें जन भागीदारी भी रहा.तब वेल्लोर में दवा और पटना में दुआ की दौर चलती थी। यह सब सिर्फ उसके जल्द चंगा होने के लिए विशेष दुआ मांगी गयी । पटना के लोग ठाना था कि किसी तरह से प्रितेश पंकज को बचाया जा सके। इस तरह की प्रार्थना के अवसर पर अाल्फ्रेड पंकज कीं पत्नी और उनके रिश्तेदारों भी उपस्थित होते थे. वहां से ठीक होने के बाद प्रितेश को पटना लाया गया.कई   बार कुर्जी होली फैमिली अस्पताल में भर्ती किया गया.अंतत: उसे बचाया नहीं जा सका.परिवार के सदस्यों  ने कहा कि उसका जन्म 11th December 2010 को हुआ था.आज ही कुर्जी कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया.

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