दरभंगा : मैथिली भाषा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी हो : पुष्पम प्रिया चौधरी - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 23 जुलाई 2021

दरभंगा : मैथिली भाषा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी हो : पुष्पम प्रिया चौधरी

  • महिला प्रौद्योगिकी संस्थान दरभंगा को देश के पहले महिला भारतीय  प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के रूप में विकसित करके इंस्टिट्यूट ऑफ एमिनेंस बनाया जाए : पुष्पम प्रिया चौधरी

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दरभंगा, "महिला प्रौद्योगिकी संस्थान दरभंगा (WIT) को देश के पहले महिला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान  (IIT) के रूप में विकसित करके इंस्टिट्यूट ऑफ एमिनेंस  बनाया जाए. मैथिली भाषा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी हो" यह बात प्लुरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी ने WIT के दौरे के बाद कही. पुष्पम प्रिया चौधरी ने संस्थान के निदेशक यु के दास और छात्राओं से मुलाकात करके संस्थान के समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि इस संस्थान में गाँवों और समाज के हर समुदाय की बच्चियाँ पढ़ने आती हैं क्योंकि उनके माता-पिता इसे सुरक्षित जगह मानते हैं।  पुष्पम प्रिया चौधरी ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि यह तो एक अवसर है मिथिला और बिहार के लिए कि इसे देश का पहला महिला आईआईटी बनाया जाय ताकि संसाधन की कमी भी दूर हो और एपीजे और महिलाओं का सम्मान हो। उन्होंने यह कहा कि मैथिली भाषा में भी यहाँ इंजीनियरिंग की पढ़ाई हो ताकि भाषा का तकनीकी विकास हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि 'एक तरफ नीतीश कुमार की सरकार दावे तो करती है कि वो महिला शिक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है परंतु वास्तविकता इसके विपरीत है. एक तरफ इंजीनियरिंग कॉलेजों में महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की बात की जा रही है दूसरी तरफ महिलाओं के इंजीनियरिंग की पढ़ाई हेतु शैक्षणिक संस्थानों पर हमला किया जा रहा है. महिला प्रौद्योगिकी संस्थान, दरभंगा  के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ करना यह बताता है कि नीतीश कुमार की बोलने की नीति कुछ है और करने की नीति कुछ है. हर तकनीकी विभाग में इंजीनियर के पद ख़ाली हैं तो यहाँ से 100 प्रतिशत कैंपस सेलेक्शन हो। यह बात आज प्लुरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी ने ए पी जे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान के दौरे के अवसर पर कही.


उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य से भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और मिथिला के प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. मानस बिहारी वर्मा द्वारा मिथिला क्षेत्र के प्रत्येक गांव से एक छात्रा को इंजीनियर बनाने के संकल्प और परिकल्पना के साथ महिला प्रौद्योगिकी शिक्षण संस्थान की स्थापना की गई थी, परंतु इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किया जा रहा है जो सरकारी की दोहरी नीति को बताता है,  पुष्पम प्रिया चौधरी ने इस संस्थान के विद्यार्थियों से बात करके उन्हें आश्वासन दिया कि मैं और मेरी पार्टी इसके मूल स्वरूप में बदलाव  किसी कीमत पर नहीं होने देगी. इस संस्थान से महिला शब्द को विलोपित करने नहीं दिया जाएगा. पूरे बिहार में एकमात्र महिला प्रौद्योगिकी संस्थान है और इसकी मौलिकता में परिवर्तन करने नहीं दिया जाएगा. पुष्पम प्रिया चौधरी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि इस संस्थान के शैक्षणिक एवं आधारभूत संरचना को सुदृढ़ कर संस्थान को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा दिलाने के लिए के लिए प्रयास करे परंतु सरकार तो इसको बर्बाद करने पर तुली है. इस संस्थान की मौलिकता को बचाकर ही मैथिल रत्न वैज्ञानिक डॉ मानस वर्मा को सच्ची श्रद्धाजंलि दी जा सकेगी जिनका हाल में ही निधन हुआ है. नीतीश सरकार ने घोषणा की है कि हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज खोले  जाएंगे, फिर ऐसा क्या हुआ कि बिहार का एकमात्र महिला  प्रौद्योगिकी शिक्षण संस्थान के मूल स्वरूप में बदलाव किया जा रहा है. प्लुरल्स पार्टी के अध्यक्ष के इस दौरे में पार्टी के महासचिव श्री अनुपम सुमन, प्रेस सचिव मुकेश कुमार, जिला संगठन प्रभारी विक्रम झा, दरभंगा नगर अध्यक्ष शमशीर आलम, जिला प्रवक्ता गोपाल राय, सीमा रानी उपस्थित थे.

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