जासूसी कांड पर राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित - Live Aaryaavart

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शनिवार, 24 जुलाई 2021

जासूसी कांड पर राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित

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नयी दिल्ली 23 जुलाई, राज्यसभा में शुक्रवार को पत्रकारों और वरिष्ठ नेताओं की कथित जासूसी के मामले को लेकर विपक्ष ने भारी हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही तीन स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। भोजन अवकाश के बाद पीठासीन अधिकारी भुवनेश्वर कलिता ने सदन की कार्रवाई चलाने का प्रयास किया तो सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे खड़े हो गए और उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पत्रकारों और राजनेताओं की जासूसी की जा रही है। श्री कलिता ने उन्हें रोकते हुए कहा कि इस मुद्दे पर मंत्री का बयान हो चुका है और इस पर चर्चा नहीं हो सकती। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी इस पर एतराज जताया और कहा कि इस मामले का निपटारा हो चुका है। इसके बाद विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करने लगे और शोर-शराबा करते हुए अपनी सीटों पर खड़े हो गए। श्री कलिता ने सदस्यों से शांत होने और सदन चलने देने की अपील की इसका असर नहीं होते देख उन्होंने सदन की कार्यवाही दो बजकर 32 मिनट पर सोमवार तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। लोकसभा मुद्दे पर पहले ही सोमवार तक स्थगित कर दी गई थी। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सदस्य डा़ॅ शांतनु सेन के सदन से बाहर नहीं जाने के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर ढाई बजे तक स्थगित की गयी थी।


इससे पहले भी सदन की कार्यवाही पहले बारह बजे और फिर साढ़े बारह बजे तक स्थगित करनी पड़ी थी। दूसरी बार के स्थगन के बाद उपसभापति हरिवंश ने कार्यवाही शुरू करते ही कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सदस्य डा़ॅ शांतनु सेन को इस सदन ने सुबह एक प्रस्ताव पारित कर सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया है। इसलिए डा़ॅ सेन से अनुरोध है कि वह सदन से बाहर चले जायें जिससे कि सदन की कार्यवाही चल सके। डा़ॅ सेन पर उनके अनुरोध का असर न होते देख उप सभापति ने अपना अनुरोध दोहराया और कहा कि डा़ॅ सेन कृपया सदन से बाहर चले जायें जिससे सदन में कार्यवाही शुरू हो सके। डा़ॅ सेन द्वारा उनके अनुरोध को अनसुना किये जाने से उपसभापति ने कार्यवाही दाेपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सुबह संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने डा़ॅ सेन को निलम्बित करने का प्रस्ताव रखा जिसे सदन ने पारित कर दिया था। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध किया जिसके बाद सदन की कार्यवाही बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। इसके बाद इसी मुद्दे पर सदन की कार्यवाही एक बार फिर साढे बारह बजे तक स्थगित करनी पड़ी थी। श्री मुरलीधरन ने कहा कि डा़ॅ सेन ने गुरूवार को सदन में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के हाथ से कागज छीनकर उसे फाड़कर आसन की ओर उछाला था। संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ था लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बने गतिरोध के कारण केवल कोरोना की स्थिति पर चर्चा के अलावा कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका है।

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