आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर 'भारत के प्रधानमंत्री:देश, दशा, दिशा'प्रकाशित - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 13 अगस्त 2021

आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर 'भारत के प्रधानमंत्री:देश, दशा, दिशा'प्रकाशित

  • · वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई की यह पहली हिंदी किताब है।
  • · यह पुस्तक पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के विचारों, नीतियों और कार्यों की का तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

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नई दिल्ली : आजादी के 75वें वर्ष में राजकमल प्रकाशन समूह ने वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई की किताब 'भारत के प्रधानमंत्री : देश, दशा, दिशा' प्रकाशित की है। यह किताब पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के विचारों, नीतियों और कार्यों की रोशनी में, एक आधुनिक लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में भारत की विकास यात्रा का तथ्यों पर आधारित विश्लेषण प्रस्तुत करती है।


'भारत के प्रधानमंत्री : देश, दशा, दिशा' रशीद किदवई की पहली किताब है जो उन्होंने हिंदी में लिखी है। अंग्रेजी में उनकी कई किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। अपनी नई किताब के बारे में उन्होंने कहा, राजनीति आम भारतीयों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी का विषय है। फिर भी इसके तथ्यों से अधिकतर लोग परिचित नहीं हैं, भारतीय राजनीति को कई बार तोड़ मरोड़ कर या पूर्वाग्रह भरे नजरिए से पेश करने की कोशिश भी होती है। ऐसे में मैंने देश के अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल का तथ्यात्मक आकलन पेश करने का प्रयास किया है, ताकि लोग, खासकर हमारे युवा पाठक आजाद भारत की राजनीति के वास्तविक स्वरूप को देख-समझ सकें। इस किताब का प्रकाशन 'सार्थक' ने किया है जो राजकमल प्रकाशन का उपक्रम है। 


किताब के प्रकाशन की घोषणा करते हुए राजकमल प्रकाशन समूह के प्रबंध निदेशक अशोक महेश्वरी ने कहा, यह देश की आजादी का 75 वर्ष है, राजकमल प्रकाशन भी 75 वर्ष का होने जा रहा है। लोगों के बीच पुस्तकों के जरिये ज्ञान का प्रसार कर अपने देश-समाज को बौद्धिक रूप से निरंतर उन्नत बनाना राजकमल का शुरू से लक्ष्य रहा है। अपने इसी लक्ष्य के अनुरूप हमने सुपरिचित पत्रकार रशीद किदवई की 'भारत के प्रधानमंत्री : देश, दशा, दिशा' का प्रकाशन किया है। सोशल मीडिया के मौजूदा दौर में भ्रामक सूचनाओं का प्रसार चरम पर है। ऐसे में यह किताब आजाद भारत के क्रमिक नेतृत्व और विकास का वास्तविक लेखाजोखा पेश करती है, इसमें उसकी उपलब्धियां और चुनौतियाँ, दोनों दर्ज हैं। देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, ऐसे में हमारा विश्वास है कि देश के सभी प्रधानमंत्रियों का निष्पक्ष आकलन पेश करती यह किताब भारतीय लोकतंत्र में दिलचस्पी रखनेवाले प्रत्येक नागरिक  के लिए एक जरूरी दस्तावेज साबित होगी।


लेखक के बारे में

रशीद किदवई : सुपरिचित पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई ऑब्जर्वर रिसर्च फ़ाउंडेशन के विजिटिंग फेलो हैं। सामुदायिक मामलों और हिन्दी सिनेमा पर भी उनकी विशेष पकड़ है। लम्बे समय तक ‘द टेलीग्राफ’ से जुड़े रहे। फ़िलहाल अंग्रेज़ी, हिन्दी और उर्दू के कई अख़बारों में कॉलम लिख रहे हैं। ‘24 अकबर रोड’ उनकी महत्वपूर्ण किताब है जो कांग्रेस पार्टी के बारे में एक विश्वसनीय काम समझा जाता है। उनकी अन्य चर्चित किताबें हैं—‘सोनिया : ए बायोग्राफी’, ‘बैलट : टेन एपिसोड्स दैट हैव शेप्ड इंडिया’ज़ डेमोक्रेसी’, ‘नेता-अभिनेता : बॉलीवुड स्टार पावर इन इंडियन पॉलिटिक्स’ और ‘दि हाउस ऑफ़ सिंधियाज़ : ए सागा ऑफ़ पॉवर, पॉलिटिक्स एंड इंट्रीग’।

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