मधुबनी : विधि-व्यवस्था पर नियंत्रण को लेकर बैठक - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 17 अगस्त 2021

मधुबनी : विधि-व्यवस्था पर नियंत्रण को लेकर बैठक

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मधुबनी, 17 अगस्त, आज दिनांक-17.08.2021 को मुख्य सचिव, बिहार के अध्यक्षता में मुहर्रम त्योहार के विधि-व्यवस्था पर नियंत्रण को लेकर सभी जिला पदाधिकारी, बिहार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आहुत हुई, जिसमें जिला पदाधिकारी, मधुबनी श्री अमित कुमार भी शामिल हुए। बैठक के दौरान मुख्य सचिव, बिहार के द्वारा राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के आलोक में मुहर्रम पर्व को सांकेतिक रूप से मनाये जाने हेतु आदेशित सभी जिला पदाधिकारी को निदेशित किया गया साथ हीं कहा गया कि पिछले वर्ष की मुहर्रम से संबंधित घटनाओं का यदि अवलोकन किया जाय तो मुहर्रम के क्रम में कतिपय अति-उत्साही लोगों के द्वारा मुहर्रम पर्व के पूर्व कतिपय स्थानों पर लॉक-डाउन तोड़कर आयोजन किये जाने की चेस्टा की गई थी। इस दृष्टिकोण से इस वर्ष भी सतर्कता तथा निगरानी अपेक्षित है। यह भी उल्लेखनीय है कि श्रावण मास चल रहा है। यद्यपि नगर क्षेत्र में मंदिरों में सरकार के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जा रहा है। तथा ग्रामीण क्षेत्र में मुहर्रम पर्व के अवसर पर बिना अनुमति के भी लोगों के द्वारा जुलूस/ताजिया निकालने का प्रयास किया जा सकता है, इस हेतु विशेष निगरानी एवं सतर्कता बरतने हेतु निदेशित किया गया। साथ हीं राज्य में पंचायत चुनाव जल्द ही संभावित है। इस चुनाव में ग्राम, मोहल्ला, वार्ड तथा स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिद्वन्दिता पनती है। प्रत्याशियों के द्वारा अपने निहित स्वार्थ हेतु छोटी-छोटी बातों को भी तूल दिये जाने की आशंका बनी रहती है। इन चुनावों में स्थानीय राजनीतिक कारणों से भी साम्प्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है।


शांति समिति के गठन के संबंध में जिन स्थानों पर त्योहर के अवसर पर पूर्व साम्प्रदायिक घटनाएं हुई है, उन स्थानों पर दोनों सम्प्रदाय के लोगों के बीच सौहार्द एवं शांति समिति का गठन कर उक्त कार्य को सम्पन्न करने हेतु इस समितियों को गतिशील किया जाय। साथ हीं दोनों सम्प्रदाय के लोगों को इस त्योहार को सम्मिलित रूप से मनाने के लिये भी प्रोत्साहित किया जाय, ताकि एकता की भावना जागृत हो सकें। विगत कुछ वर्षों में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुये यह भी आवश्यक है कि विभिन्न सम्प्रदाय के लोगों एवं पुलिस के बीच विश्वास की भावना में ह्रास न होने पाये। इस पहलू पर विशेष रूप से ध्यान देने हेतु निदेशित किया गया।

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