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बुधवार, 27 अक्तूबर 2021

आजादी के बाद भारत के सबसे सफल प्रधानमंत्री हैं नरेंद्र मोदी : शाह

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नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नरेंद्र मोदी को आजाद भारत का ‘‘सफल से सफल’’ प्रधानमंत्री करार दिया और कहा कि उनके नेतृत्व में ना सिर्फ देश के पासपोर्ट का मान बढ़ा है बल्कि सीमाएं भी सुरक्षित हुई हैं और समग्र विकास भी सुनिश्चित हुआ है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी संस्था रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी की ओर से ‘‘प्रदत्तकारी लोकतंत्र : सरकार के मुखिया के रूप में नरेंद्र मोदी के दो दशकों की समीक्षा’’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन स्तर को उठाना, देश को सुरक्षित, समृद्ध, संस्कारित व शिक्षित बनाना और देश के गौरव को दुनिया में ऊपर तक ले जाने जैसे काम इकट्ठे होते हैं तब एक सफल शासन बनता है। उन्होंने कहा, ‘‘इन सबको को जो इकट्ठा करता है, वही सफल शासक बनता है। नरेंद्र मोदी अपने आप को भले ही विनम्रता पूर्वक प्रधान सेवक कहें, लेकिन मैं कह सकता हूं कि सफल से सफल प्रधानमंत्री आजादी के बाद अगर कोई है तो वह नरेंद्र मोदी हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन सारे बिन्दुओं को समाहित कर भारत के गौरव और भारत के विकास का गुलदस्ता बनाया है। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि साल 2014 आते-आते देश में राम-राज की परिकल्पना ध्वस्त हो चुकी थी और जनता के मन में आशंका थी कि कहीं बहुपक्षीय लोकतांत्रिक संसदीय व्यवस्था विफल तो नहीं हो गई।


उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन देश की जनता ने धैर्य से फैसला देते हुए नरेन्द्र मोदी को पूर्ण बहुमत के साथ देश का शासन सौंपा।’’ अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत का मान बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए शाह ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद विश्व पटल पर उन्होंने ‘‘भारत की संस्कृति का  देवदूत’’ बनकर योग और आर्युवेद को दुनिया भर में पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मानता हूं कि आजादी के बाद भारत की संस्कृति का ध्वज वाहक बनकर प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में भाषण दिया।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सात साल के अब तक के कार्यकाल में हर क्षेत्र के अंदर परिवर्तन हुआ है और सुधार किया गया है। गरीब से गरीब व्यक्ति को आर्थिक सुधार के केंद्र में रखने का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने विकास दर को मानवीयता के साथ जोड़ा। उनका मानना है कि विकास दर बढ़नी चाहिए लेकिन साथ ही इसका लाभ गरीब और जरूरतमंदों को भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘उनके (मोदी) सुधार गरीबों की आवश्यता पर आधारित हैं...नरेंद्र मोदी ने देश के पासपोर्ट का मान बढ़ाया है। इस बात का हमें गौरव है। समग्र विकास का मतलब क्या है, देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना... उरी और पुलवामा में जो हुआ...सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से दुनिया भर के अंदर संदेश गया कि अब भारत की सीमाओं के साथ छेड़खानी नहीं हो सकती।’’ उन्होंने कहा कि देश की रक्षा नीति में बदलाव उस दिन हुआ जब देश की रक्षा नीति को स्पष्टता के साथ विदेश नीति से अलग कर दिया गया।

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