मानवाधिकार संगठन "पीयूसीएल" घटना की स्थितियों की पोस्टमार्टम किया - Live Aaryaavart

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रविवार, 7 नवंबर 2021

मानवाधिकार संगठन "पीयूसीएल" घटना की स्थितियों की पोस्टमार्टम किया

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पटना.
पटना जिले के धनरूआ थाना अन्तर्गत मोरियामा गांव में पंचायत चुनाव को लेकर हुए पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत एवं कई लोग पुलिस की गोली से हुए घायलों की घटना की जांच के लिए मानवाधिकार संगठन "पीयूसीएल" घटना की स्थितियों की पोस्टमार्टम किया. पीड़ितों तथा ग्रामीणों के साक्षात्कार के बाद पाया कि धनरूआ पुलिस अपने खास परिचित  व्यक्ति को पंचायत चुनाव को प्रभावित कर जीताना चाहते थे.जिसके कारण आम लोगो में आक्रोश भड़क गया.पुलिस शांति व्यवस्था कायम करने के बजाय लाठी चार्ज किया. आक्रोशित जनता ने पुलिस पिटाई के कारण पथराव किया. पुलिस ने पुलिस नियमों को अनुपालन न कर आम लोगों पर फायरिंग किया.एक व्यक्ति  मारे गये. कई लोग पुलिस की गोली से घायल हुए है.पीयूसीएल की जांच टीम के सदस्यो में प्रो किशोरी दास, पीयूसीएल एक्टीविस्ट पुष्पेन्दर कुमार,सामाजिक कार्यकर्ता गजेन्द्र मांझी, अधिवक्ता सरफराज थे.


क्या था मामला

धनरूआ थाना क्षेत्र के मोरियावां गोलीकांड में 22 अकतूबर को पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक हड़प में डीएम  द्वारा गठित दो सदस्यीय कमेटी ने संयुक्त जांच रिपोर्ट जमा की. एसडीओ व एसडीपीओ मसौढ़ी की और से की गई जांच में पुलिस को क्लीन चिट दी गई है. रिपोर्ट के अनुसार भीड़ के पथराव करने पर पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए 10 राउंड हवाई फायरिंग की थी. लेकिन रोहित को पुलिस की नहीं बल्कि ग्रामीणों द्वारा की गई फायरिंग से गोली लगी थी. जिसके कारण रोहित की मौत हो गई. एसडीओ व एसडीपीओ द्वारा जमा की गई रिपोर्ट के अनुसार घटना से पहले 22 अकतूबर को लगभग तीन बजे धनरूआ पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी लाउड स्पीकर नहीं बजाने की अनुमति होने के करण पुराने और इस बार के प्रत्याशी मुखिया सुरेन्द्र साव की गाड़ी से लाउड स्पीकर हटवाने मोरियावां गांव गई थी. पुलिस के इस कार्रवाई का मुखिया पुत्र रोहित कुमार और उनके समर्थकों द्वारा भारी विरोध किया गया. यही नहीं मुखिया के बेटे रोहित के उकसाने पर ही समर्थक पुलिस से भीड़ गई थी. 


धनरूआ थाना प्रभारी राजू कुमार को गंभीर चोट

इसके बाद शाम छह बजे मोरियावां के मुखिया सुरेन्द्र साव के घर के पास प्रचार के लिए जुटी भीड़ व मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे बांटने की शिकायत पर पुलिस भीड़ हटाने गई तो ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की गई थी. पथराव में मसौढ़ी के सर्किल इन्स्पेक्टर श्री राम कुमार और धनरूआ थाना प्रभारी राजू कुमार को गंभीर चोट आई. धनरूआ के मोरियावां गांव में पुलिस पर हुए हमले व गोलीकांड में मंगलवार को धनरूआ थान प्रभारी राजू कुमार तथा मसौढ़ी सर्किल इन्स्पेक्टर को श्रीराम पर गाज गिर गई. 


लापरवाही बरतने की बात सामने

एसीएसपी के अनुसार प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार दोनों पुलिस पदाधिकारीयों द्वारा इस मामले में लापरवाही बरतने की बात सामने आई है. यदि दोनों ने विवेकपूर्ण काम किया होता तो यह घटना रोकी जा सकती थी. इस मामले में  दोनों को लाइन हाजिर किया गया है. दोनों के स्थान पर जल्द ही नए थानाध्यक्ष और सर्किल इन्स्पेक्टर की तैनाती की जाएगी. रिपोर्ट में कहा गया कि जब ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला किया तो आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने फाइरिंग की. फाइरिंग करने वालों में धनरूआ थाने के के गृहरक्षक सिपाही बबन राय तीन राउंड, गृहरक्षक सिपाही चंदरदीप चौधरी ने तीन राउंड यानि कुल 10 राउंड  303 राइफल से की गई थी. 


24 अक्टूबर को पंचायत चुनाव था

दरअसल,धनरुआ पंचायत में 24 अक्टूबर को पंचायत चुनाव ख़ातिर मतदान सुनिश्चित है लेकिन महज दो दिन पहले मोरियामा पंचायत में भारी बवाल और तनाव को देखते हुए शांतिपूर्ण मतदान कराने की बड़ी चुनौती पुलिस और प्रशासन पर आन पड़ी.इसको देखते हुए आधा दर्जन थाना के थानेदार पुलिसबल के साथ पहुंचे और दूसरी बार धनरुआ थाना पुलिस छह बजकर 20 मिनट पर मोरियामा गांव फ्लैग मार्च करने को आगे बढ़ी.

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