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गुरुवार, 11 नवंबर 2021

बंटवारे का जिम्मेदार जिन्ना नहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ : ओम प्रकाश राजभर

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बलिया (उत्तर प्रदेश), 11 नवंबर, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि भारत के बंटवारे के लिए पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिम्मेदार है। राजभर ने यह भी कहा कि देश को आजादी दिलाने में जिन्ना का भी योगदान है और वह देश के लिए लड़े थे। राजभर अपने उस रुख पर कायम रहे कि यदि जिन्ना को आजाद भारत का पहला प्रधानमंत्री बनाया गया होता तो कोई बंटवारा नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘‘उस स्थिति में भारत बड़ा देश होता और तमाम तरह की समस्या भी पैदा नहीं होतीं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत के बंटवारे के दोषी जिन्ना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है। विवाद की स्थिति संघ ने ही पैदा की थी। अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी और गोविंद बल्लभ पंत सरीखे नेता जिन्ना की प्रशंसा करते रहे हैं। देश को आजादी दिलाने में जिन्ना का भी योगदान है, वह देश के लिए लड़े थे। आजादी मिलने के बाद जिन्ना को प्रधानमंत्री बना देना चाहिए था।’’ राजभर से जब पूछा गया कि आजादी की लड़ाई के समय भाजपा कहाँ थी? इस पर राजभर ने कहा कि तब संघ तो था। आज भाजपा में कांग्रेस के ही अधिकतर नेता हैं।


उन्होंने दोहराया कि जिन्ना को देश का पहला प्रधानमंत्री बना दिया जाता तो विवाद ही पैदा नहीं होता। जिन्ना पाकिस्तान बनाने की मांग पर अड़े क्यों रहें, यदि जिन्ना नहीं चाहते तो विभाजन नहीं होता, इस सवाल पर राजभर ने कहा कि तब क्या परिस्थिति थी उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। राजभर से जब पूछा गया कि वह देश के विभाजन के लिए किसे जिम्मेदार मानते हैं जिन्ना को या कांग्रेस को, उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को विभाजन के लिए जिम्मेदार मानते हैं क्योंकि संघ ही विवाद उत्पन्न करती है। उत्तर प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष राजभर ने बुधवार को कहा था कि अगर मोहम्मद अली जिन्ना को भारत का पहला प्रधानमंत्री बना दिया गया होता तो देश का बंटवारा नहीं होता। गौरतलब है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 31 अक्टूबर को हरदोई में एक कार्यक्रम में कहा था कि महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना बैरिस्टर बने, देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और कभी इससे पीछे नहीं हटे। सपा अध्यक्ष के इस बयान को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उसे घेरा और तभी से उत्तर प्रदेश में जिन्ना पर राजनीति शुरू हो गयी है। ओमप्रकाश राजभर 2017 के उप्र चुनावों में भाजपा के साथ थे और योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में मंत्री भी रहे थे। लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा से नाता तोड़ लिया था और हाल ही में प्रमुख विपक्षी समाजवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाया था। बाहुबली से नेता बने मुख्तार अंसारी के बारे में सवाल करने पर राजभर ने कहा कि भाजपा नेताओं ने ही अंसारी को विधायक बनने में मदद की। राजभर ने हाल ही में बादा जेल में बंद अंसारी से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा नेताओं ने मुख्तार अंसारी को जीत दिलाई।’’ राजभर ने कहा कि उनके पास अपने दावों के पक्ष में सुबूत हैं। राजभर ने यह भी कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव जल्द ही फिर एक हो जायेंगे। शिवपाल ने सपा से अलग होकर नयी पार्टी गठित की थी। उन्होंने कहा कि जब शिवपाल यादव अपने दल का सपा में विलय करने को तैयार हैं तो फिर दोनों नेताओं के साथ आने में कोई समस्या नहीं है।

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