बेतिया : ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थलों को समग्र रूप से करें डेवलप : DM - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 7 दिसंबर 2021

बेतिया : ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थलों को समग्र रूप से करें डेवलप : DM

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बेतिया।
हजारीमल धर्मशाला, पूजहां पटजिरवा माई स्थान, उदयपुर जंगल, सरेया मन, वृन्दावन आश्रम, सनकहिया माई स्थान, खड्डा माई स्थान, दुर्गाबाग, नंदनगढ़, राज ड्योढ़ी, अमवा मन, सोफा मंदिर, बलवल, सुभद्रा माई स्थान, सोमेश्वर पहाड़, टाईगर रिजर्व, रमपुरवा, भितिहरवा गांधी आश्रम, काली बाग मंदिर, सागर पोखरा आदि का किया जाएगा विकास।जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई पर्यटन की महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक। पश्चिम जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार ने कहा कि जिले के विभिन्न ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थलों को युद्धस्तर पर डेवलप किया जाना है ताकि अधिक से अधिक पर्यटकों का जिले में आगमन हो सके। इससे एक ओर जहां स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा वहीं दूसरी ओर जिले की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थलों को डेवलप कराने हेतु समन्वित प्रयास लगातार किया जा रहा है। डेवलप कार्य को और अधिकर तीव्र गति से क्रियान्वित कराने के लिए अधिकारियों को पूरी संजीदगी के साथ कार्य करना होगा। जिलाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। प्रभारी पदाधिकारी, पर्यटन शाखा द्वारा बताया गया कि जिले के हजारीमल धर्मशाला, पूजहां पटजिरवा माई स्थान, उदयपुर जंगल, सरेया मन, वृन्दावन आश्रम, सनकहिया माई स्थान, खड्डा माई स्थान, दुर्गाबाग, नंदनगढ़, राज ड्योढ़ी, अमवा मन, सोफा मंदिर, बलवल, सुभद्रा माई स्थान, सोमेश्वर पहाड़, टाईगर रिजर्व, रमपुरवा, भितिहरवा गांधी आश्रम, काली बाग मंदिर, सागर पोखरा आदि का समग्र रूप से विकास किया जाना है। इसके लिए कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि हजारी मल धर्मशाला में साइनेज स्थापन एवं महात्मा गांधी से संबंधित डिस्पले बोर्ड का निर्माण कराया जाना है। साथ ही वृन्दावन आश्रम में चहारदीवारी, पुस्तकालय, संग्रहालय, जनसुविधा, थिमेटिक गेट, सिटिंग बेंच, म्यूजिक फाउंटेन साइनेज, पाथवे, वाटर कियोस्क, सिद्धपीठ पूजहां पटजिरवा माई स्थान, बैरिया में यात्री निवास, जनसुविधा, दुकान, पार्किंग, विवाह मंडप, परिक्रमा रथ, साइनेज, शेड का निर्माण कराया जाना है।


इसी तरह उदपुर जंगल/सरेयामन में गेस्ट हाउस, व्यू प्वाइंट, पार्क, गजीबो, मेरीन ड्राइव, सिटिंग बेंच, वाटर कियोस्क, साइनेज आदि का निर्माण, सनकहिया माईस्थान, बैरिया में घाट, चेंजरूम, जनसुविधा, दुकान, कियोस्क, यात्री निवास, पार्किंग, तालाब का विकास, चहारदीवारी, साइनेज का निर्माण, खड्डा माईस्थान, नौतन में चहारदीवारी, जनसुविधा, यात्री निवास, सिटिंग बेंच, डस्टबीन, दुकान, कियोस्क, साइनेज का निर्माण, दुर्गाबाग स्थान, बेतिया में यात्री निवास, जनसुविधा, दुकान, कियोस्क, घाट का निर्माण, सिटिंग बेंच, चेंजिंग रूम, पार्किंग, साइनेज, नंदनगढ़ लौरिया में चहारदीवारी, पाथवे, पुलिया, यात्री निवास, बागवानी, थिमेटिक गेट, पार्क, पार्किंग, साइनेज, गार्ड रूम का निर्माण कराया जाना है। साथ ही राज ड्योढ़ी, बेतिया में चहारदीवारी, साउंड एण्ड लाइट, जनसुविधा, थिमेटिक गेट, मंच एवं परिसर का निर्माण, अमवा मन में थिमेटिक गेट, व्यू प्वाइंट, जेटी, म्यूजिकल फाउंटेन, किड्स पुल, केनोपी वॉक, हाउस बोट, ट्री हाउस, कैंटिन, जंगल वॉक, जनसुविधा का निर्माण, सोफा मंदिर में प्रवेश द्वार, जनसुविधा, सिटिंग बेंच, साइनेज आदि का निर्माण, बलवल में जनसुविधा, थारू कल्चर सेंटर का विकास, सिटिंग बेंच, पाथवे आदि का निर्माण, सुभद्रा माईस्थान, सहोदरा में गेट, यात्री निवास, जनसुविधा, सिटिंगे बेंच, साइनेज, हाई मास्ट लाईट आदि का निर्माण कराया जाना है। उन्होंने बताया कि उक्त स्थलों के अतिरिक्त सागर पोखरा, कालीबाग मंदिर, बेतिया, रमपुरवा, गौनाहा, अशोक स्तम्भ, लौरिया, भितिहरवा गांधी आश्रम, गौनाहा आदि का विकास कार्य किया जाना है।  जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि उक्त ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थलों को डेवलप कराने के लिए सभी प्रकार की कार्रवाई तीव्र गति से की जाय। साथ ही विकास कार्यों के लिए पर्याप्त एकड़ में भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय। भूमि पर अगर अतिक्रमण किया गया हो तो तुरंत अतिक्रमणमुक्त करायी जाय। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारी विकास कार्यों को तीव्र गति से क्रियान्वित करने के लिए अविलंब एनओसी उपलब्ध करायेंगे। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, श्री नंदकिशोर साह, प्रभारी पदाधिकारी, जिला सामान्य शाखा, प्रभारी पदाधिकारी, जिला पर्यटन शाखा, जिला खनिज पदाधिकारी, कनीय अभियंता, पर्यटन विभाग, पटना आदि उपस्थित रहे तथा सभी एसडीओ, अंचलाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

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