बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था के वेंटिलेटर पर - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 16 दिसंबर 2021

बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था के वेंटिलेटर पर

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जमुई. जमुई में बीते दिनों देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार होने का खुलासा हुआ था. इस खुलासे के बाद जमुई की देश-विदेश में खूब चर्चा हुई थी.अब एक बार फिर जमुई में कुछ ऐसा होने जा रहा है जिस पर लोगों की नजर ठहर जाएगी. दरअसल बिहार के जमुई जिले में 500 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है.इस बीच अचानक एक फोटो और वीडियो सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर वायरल होने लगा.जमुई अस्पताल में सफाई करने वाला शख्स डॉक्टर बना हुआ है.एक नर्स सफाई करने वाला कथित डॉक्टर का एसिस्ट करते दिख रही हैं.वहीं एक नौसिखिया ईथर दे रहा है.इन दिनों के सहयोग से अनैतिक ढंग से महिला का ऑपरेशन हो रहा है.


जमुई में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का शिलान्यास मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार पटना से रिमोट के माध्यम से किया है. शिलान्यास को लेकर खैरा के बेला में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ.कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री सुमित कुमार, सांसद चिराग पासवान, विधायक दामोदर रावत, श्रेयसी सिंह और प्रफुल्ल मांझी शामिल हुए. इस मौके पर डीएम, एसपी समेत कई अधिकारी भी मौजूद थे. शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर आसपास के ग्रामीणों में खासा उत्साह था. निर्माण स्थल पर लोगों की काफी भीड़ थी. पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. बताते चलें कि जमुई जिला में बनने वाला मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल पर 500 करोड़ रुपए खर्च होना है.जानकारी के अनुसार आने वाले साढ़े 3 सालों में निर्माण कार्य पूरा होना है. सोशल मीडिया में फोटो और वीडियो वायरल हुआ है.जमुई अस्पताल में सफाई करने वाला शख्स डॉक्टर बन गया है.एक नर्स सफाई करने वाला कथित डॉक्टर का एसिस्ट कर रही हैं.नौसिखिया ईथर दे रहा है.इन तीनों के सहयोग से महिला का ऑपरेशन हो रहा है.1990 से 2005 तक लालू-राबड़ी सरकार के कार्यकलापों को जंगल राज कहते नहीं थकने वाले व उनके शासनकाल पर अंगुली उठाने वाले लोगों के 16 सालों में स्वास्थ्य व्यवस्था का यह आलम दृष्टिगोचर हो रहा है.स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डे व जमुई के सिविल सर्जन अजय कुमार भारती का पकड़ जमुई सदर अस्पताल में पदस्थापित डॉक्टर पर नहीं है.इस लिए घर में दोशाला में दुबके पड़े हुए हैं. कहा जाता है कि जमुई में जिला अस्पताल बनने के बाद लोगों ने सोचा था कि अब उनके दिन अच्छे आ जाएंगे.जहां विशेषज्ञ डॉक्टर और स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर लाभ उन्हें मिलने लगेगा.इसके आलोक में अभी जमुई सदर अस्पताल में दो से तीन सर्जन और करीब 3 की संख्या में महिला चिकित्सक भी उपलब्ध है.परंतु इनलोगों के रहते ऐसी स्थिति बिल्कुल चौंकाने वाली और तकलीफ देह है.


दुखद स्थिति यह है जमुई सदर अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में कोई एनेस्थीसिया के विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है.कोई एक हाथ ईथर की बोतल लिए ईथर महिला को डालते हुए दिख रहा है.उक्त महिला को बिना ढके अस्पताल में अनाधिकृत रूप से काम करने वाला सफाई कर्मी ऑपरेशन कर रहा है.जबकि सहयोगी के रुप में उक्त सफाई कर्मी के साथ एक नर्स डॉक्टर के जैसे उसे एसिस्ट कर रही है. तस्वीर में एक सफाईकर्मी के हाथ में ईथर की बोतल लिए ईथर डालते हुए दिख रहा है.जबकि सच्चाई यह है कि जमुई अस्पताल में कोई एनेस्थीसिया के विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है.ऐसे में एक महिला की जान से खिलवाड़ करने वाला या नजारा बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था के वेंटिलेटर पर होने की कहानी सुना रहा है. इस बाबत जमुई के सिविल सर्जन अजय कुमार भारती से पूछने पर उन्होंने इससे अनभिज्ञता  जाहिर की जब उन्हें यह तस्वीर दिखाई गई तो उन्होंने इसे गंभीर मानते हुए एक दिन का समय लिया परंतु जब कोई जवाब नहीं सूझा तो दोबारा पूछने पर उन्होंने कहा कि अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नौशाद अहमद से इस संबंध में पूछिए यह फोटो अत्यंत चौंकाने वाला गंभीर और दुखद है. यदि अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में यह घटना हुई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी.उन्होंने कहा कि यह भी जांच का विषय है कि यह तस्वीर ताजी है अथवा पुरानी.जमुई सदर अस्पताल में इस वक्त दो से तीन सर्जन डॉक्टर और करीब 3 की संख्या में महिला चिकित्सक भी उपलब्ध है. बावजूद इसके किस परिस्थिति में एक सफाई कर्मी ने एक महिला को ईथर देकर बेहोश करने की हिम्मत दिखाई. मानक और स्वास्थ्य सुरक्षा का ख्याल किए बिना एक पुरूष जूता पहनकर एक महिला का ऑपरेशन कर उसकी जान को जोखिम में डालने की हिम्मत दिखाई.अगर फोटो वायरल नहीं होता तो शायद यह मामला उजागर भी नहीं हो पाता. ऐसे में यह सवाल तो उठता है कि अब तक जमुई जैसे गरीब इलाके में भोले भाले मरीजों के साथ उनकी जान से इस तरह का खिलवाड़ कब से चल रहा था और इसे किस शह पर अंजाम दिया जा रहा है. जमुई के जाने-माने स्वास्थ्य जागरूकता कार्यकर्ता सुमन सौरभ ने हमेशा जमुई अस्पताल में व्याप्त दलाली और भ्रष्टाचार पर अंगुली उठाई है परंतु उनकी आवाज को अनसुना किया जा रहा है फिर भी वो हिम्मत ना हारते हुए इस प्रकार के मामले को लगातार उठाते रहे है.

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