मधुबनी : निराश व्यक्ति तन से युवा हो सकते हैं, मन से नहीं : डीएम - Live Aaryaavart

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सोमवार, 27 दिसंबर 2021

मधुबनी : निराश व्यक्ति तन से युवा हो सकते हैं, मन से नहीं : डीएम

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मधुबनी, आज दिनांक 27 दिसंबर 2021 को श्री अमित कुमार, भा. प्र. से. जिला पदाधिकारी, मधुबनी ने नगर भवन, मधुबनी में आयोजित जिला स्तरीय युवा उत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।बताते चलें कि कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया गया। इस आयोजन में चित्रकला, संगीत, मूर्तिकला, वक्तृता, गायन, वादन, फोटोग्राफी इत्यादि विभिन्न विधाओं में जिले भर के युवा शामिल हुए । इस मौके पर विभिन्न युवा प्रतिभागियों को दिशाबोध प्रदान करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि कोरोना का खतरा अभी पूर्ण रुप से चला नहीं है, ऐसे में सभी को अपनी जागरूकता का परिचय देते हुए मास्क का नियमित इस्तेमाल करना है। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आज के इस युवा उत्सव में जितने भी प्रतिभागी आए हैं, सब अपनी ओर से अपना बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे, परंतु हमें राज्यस्तरीय कार्यक्रम के लिए प्रतिभागियों में से सर्वश्रेष्ठ का नाम भेजना है। इसलिए हमें नतीजों की भी आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन आज का दिन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का दिन बने ऐसी मेरी कामना है। युवा शब्द अपने आप में ऊर्जा से भरा हुआ है। तन से उम्र की परिधि हो सकती है, पर मन या अंतःकरण के उम्र की कोई सीमा नहीं है। अंतःकरण से युवा होने का मतलब समझाते हुए उन्होंने कहा कि यदि हमारे अंदर नैतिकता का शाश्वत विचार मौजूद है तो हम अंतःकरण से युवा हैं।


युवा और वायु दो शब्द अक्षरों के हेरफेर से बने हैं। हम सब जानते हैं कि  वायु हमारे जीवन को पोषित करती हैं, परंतु यदि यही वायु अपना चरित्र बदल ले तो भयंकर विनाश का कारण बनती है। इसी प्रकार युवाओं को सही मार्गदर्शन मिले तो पूरा समाज और देश आगे बढ़ जाएगा। हमे सचेत होना होगा कि हमारे जीवन के लक्ष्यों के प्रति हमारी दिशा और गति ठीक है कि नहीं। बाधाएं तो आती रहती हैं। चूंकि आज का दौर कंपटीशन का दौर हो गया है, इससे लोगों में निराशा की प्रवृत्ति भी बढ़ी है। इसी चुनौती के समय हमारे युवा चरित्र की परीक्षा होती है। यदि हम युवा हैं, हममें आगे बढ़ने का जज्बा है तो बंद दरवाजों के बावजूद एक युवा अपने रास्ते अवश्य तलाश लेगा। यदि आप निराश हैं, तो आप तन से युवा हो सकते हैं, मन से युवा नहीं हो सकते। कभी यदि हमें निराशा घेर ले तो हमारे लिए स्वाध्याय सबसे बेहतर विकल्प है। यहां आए हुए सभी युवा प्रतिभागियों को देखकर खुशी होती है कि हमारे जिले के युवा आगे बढ़ रहे हैं। इन्हीं में से चयनित युवा राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर पर मधुबनी और मिथिला का नाम रोशन करेंगे। मैं मानता हूं कि सभी को किसी न किसी कला से अवश्य जुड़ना चाहिए, चाहे आप किसी क्षेत्र में क्यों ना हों। कला के सानिध्य में रहने से हमारा प्रदर्शन निखर कर सामने आता है। कला के किसी भी विधा से जुड़ा होने से व्यक्ति में संवेदनशीलता और जीवंतता आती है। कला हमारा आंतरिक विकास करती है। जैसे एक पेड़ मिट्टी को सदैव मजबूती से पकड़ कर रखता है, ठीक इसी प्रकार कला हमारे मानवीय गुणों को हमारे साथ जोड़े हुए रहती है। आयोजन स्थल पर श्री विशाल राज, उप विकास आयुक्त, मधुबनी, श्री सुरेन्द्र राय, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, मधुबनी, श्री साहब रसूल, जिला कला एवं संस्कृति एवं पुरातत्व पदाधिकारी, मधुबनी, श्री शैलेन्द्र कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क सह जिला पंचायती राज पदाधिकारी, मधुबनी, श्री बालेंदु पाण्डेय, वरीय उप समाहर्ता, मधुबनी एवं चयन समिति सदस्यों के साथ प्रतिभागी गण बड़ी संख्या में मौजूद थे।

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