एसएचआरसी, बिहार के द्वारा नोटिस जारी किया गया - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 16 दिसंबर 2021

एसएचआरसी, बिहार के द्वारा नोटिस जारी किया गया

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टायर बैलगाड़ी और बाइक के बीच भिड़ंत से अतुल कुमार की मौत होने के बाद प्रकाश मादानु ने मानवाधिकार आयोग  (एचआरसी) को ई-मेल करके मौत के कारणों की तहकीकात करने का आग्रह किया था। एसएचआरसी, बिहार ने आज 16/12/2021को बगहा के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है।अब बगहा-1के थानाध्यक्ष के द्वारा मृतक अतुल कुमार को अस्वभाविक मौत करार कर यूडी केस का मामला दर्ज करने की रिपोर्ट बगहा पुलिस अधीक्षक पश्चिम चंपारण देंगे. आलोक कुमार की रिपोर्ट।


तीस दिनों के बाद थाने में अनुसंधानक और बाइक पर बैठने वालों से सीधी मुलाकात हुई

उत्तर बिहार में अवस्थित है पश्चिम चंपारण जिले। इस जिले के चिउताहा थानान्तर्गत, वार्ड नंबर 08 में रतनपुरवा गांव है। इस गांव में  पीटर ओस्ता रहते हैं।15 नवम्बर 2021 को पीटर ओस्ता के पुत्र अतुल कुमार भोज खाने गये थे।वहां से लौटते वक्त करीब 6:30 बजे शाम को मचरगवा मंदिर थाना बगहा के समीप टायर बैलगाड़ी से जाकर टकरा गया,तथा घटनास्थल पर उसकी मौत हो गयी।बाइक पर साथ में जयप्रकाश चौधरी और पिंटू चौधरी बैठे थे।दोनों मच्छरगहवा,थाना बगहा निवासी हैं।आज बगहा 1 थाने में अनुसंधानक बिरेन्द्र सिंह और बाइक पर बैठने वाले जयप्रकाश चौधरी और पिंटू चौधरी से मुलाकात हुई।अनुसंधानक बिरेन्द्र सिंह ने दोनों को टायर बैलगाड़ी के बारे में जानकारी कर थाने में सूचना देने को कहा गया।


टायर बैलगाड़ी के बीच टक्कर लगने से मौत को यूडी केस में  दर्ज किया गया

अस्वभाविक मौत। पुलिस की भाषा में इसे यूडी केस कहते हैं। बगहा-1के थानाध्यक्ष ने पीटर ओस्ता के पुत्र अतुल कुमार की मौत बाइक और टायर बैलगाड़ी के बीच टक्कर लगने से मौत को यूडी केस में  दर्ज कर दिया है। यूडी केस के मामले में अक्सरा पुलिस इसे भूल जाती है। इसी तरह थानाध्यक्ष भूल गये। उन्होंने अस्वभाविक मौत  यूडी केस के अनुसंधानकर्ता बिरेन्द्र सिंह को बनाए थे। उनको 


यूडी फाइल आठ दिन पहले सौपा गया।अतुल कुमार के बारे में

मोबाइल से बातचीत हुई।अभी तक जांच शुरू नहीं किये हैं।हाल यह है यूडी केस के अनुसंधानक बिरेन्द्र सिंह प्रत्यक्षदर्शी जयप्रकाश चौधरी और पिंटू चौधरी से पूछताछ नहीं कर सकें।अनुसंधानक खुद को चुनाव ड्यूटी में व्यस्त करार कर पल्ला झारने में लगे हुए हैं।


बगहा-1 के थानाध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि एफआईआर दर्ज नहीं है

बगहा -1के थानाध्यक्ष का कहना है कि सड़क दुर्घटना में मारे गए बाइक चालक अतुल कुमार के पिता जी पीटर ओस्ता ने लिखकर दिया है कि सड़क दुर्घटना मारे गए पुत्र पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं किया जाए।इसके साथ ही यह मामला ठण्डे बस्ते में चले जाना निश्चित लग रहा था है। इस बीच प्रकाश मादानु ने थानाध्यक्ष से लिखित आग्रह किये हैं कि अपने स्तर से जांच-पड़ताल करके कार्रवाई करे। जो लगभग नहीं कर रहे हैं।थानाध्यक्ष एवं उनके सहकर्मी थाना में इतना व्यस्त हैं कि बाइक में बैठे पिंटू चौधरी व जयप्रकाश चौधरी से 30 दिनों के बाद भी किसी तरह की पूछताछ नहीं की गयी.उसी तरह से टायर बैलगाड़ी वाले गाड़ीवान से भी खबर नहीं लिये.मोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अस्पताल से नहीं लाया गया है।कुल मिलाकर रतनपुरवा निवासी 25 वर्षीय अतुल कुमार की मौत पर से पर्दा हटाने के मूड में बगहा-1 थाना थानाध्यक्ष नहीं हैं.


खुद को बचाव करने में जुट गए प्रत्यक्षदर्शी

सोची-समझी उपाय के तहत बचाव करने में पिंटू चौधरी व जयप्रकाश चौधरी जुट गये।बेतिया में जाकर दोनों ने अपना कथित इलाज मिश्रा चौक,बेतिया में स्थित आर्थो एण्ड टॉमा सेंटर में कराया। आर्थो एण्ड टॉमा सेंटर के डॉ.दीपक जायसवाल और डॉ रीना रानी ने लेटर पैड पर लिख रखा है कि चिकित्सकीय कानूनी उद्देश्य के लिए मान्य नहीं है (Not valid for medico legal purpose).और तो और 5.12.2021 तक वैध (Valid upto 5.12.2021) है। इससे साबित होता है कि दोनों ने खुद को बचाने का प्रयास किया।परंतु खुद को बचा नहीं पाये।


इसको देखकर प्रकाश मादानु ने बिहार मानवाधिकार आयोग में मामला पेश किया

पश्चिम चम्पारण जिले के चखनी गांव के वार्ड नम्बर 03 के निवासी प्रकाश मादानु ने बिहार मानवाधिकार आयोग 9, बेली रोड, बिहार को 27 दिसबंर 2021को ईमेल के जरिये पूरी जानकारी दी है।ईमेल में लिखा है कि अतुल कुमार पुत्र पीटर ओस्ता, रतनपुरवा गांव, वार्ड नं. 08, चिउताहा पो, चिउताहा पीएस, पश्चिम-चंपारण में रहते हैं।सिकतिया मचरगाँव की घटना है बाइक और टायर वाली बैलगाड़ी के बीच में भिड़ंत हो जाती है। उसमें 15 नवंबर 2021को शाम के करीब 6.30 बज रहा था,अतुल कुमार की मौत हो जाती है।उन्होंने लिखा है कि इस दारूण घटना के बारे में परिवार के सदस्यों को कुछ भी पता नहीं है।पोस्टमॉर्टम करवाने के दौरान पुलिस रिपोर्ट लिखने आई थी।परिवार के कुछ सदस्यों ने कहा कि किसी जांच की आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनकी मृत्यु टायर बैलगाड़ी से टकराने से हो गई।बाद में परिजनों के साथ अन्य लोगों को शक हुआ है कि शायद उन्हीं दो लोगों ने उसकी हत्या कर दी है,जो बाइक पर पीछे बैठे थे। परिजनों व ग्रामीणों के द्वारा शंका व्यक्त करने के आधार पर, मैंने यानी प्रकाश मादानु ने एक आवेदन देकर बगहा-1 थाने में एक शिकायत पूर्ण मामला दर्ज करवाया। बगहा-1 थाने में 18 नवंबर 2021 को प्रेषित आवेदन में इस मामले की जांच कराने के लिए कहा गया है। प्रकाश मादानु ने शिकायत आवेदन की प्राप्ति कॉपी मांगी तो बगहा-1 थाने के थानाध्यक्ष ने नहीं दिया और न ही सच्चाई का पता लगाने व आवश्यक पूछताछ करने के लिए मृतक अतुल कुमार के बाइक के पीछे बैठने वाले पिंटू चौधरी और जयप्रकाश चौधरी के घर दिनांक 27 नवंबर 2021 तक पूछताछ नहीं किये।इन 12 दिनों में कोई पूछताछ नहीं हुई.यदि वे देरी करते हैं तो सभी गवाहों का सफाया हो जाएगा। प्रकाश मादानु ने उनसे अनुरोध किया  कि जांच जल्द से जल्द करें ताकि सच्चाई सामने आ सके।प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार मानवाधिकार आयोग ने जवाब में कहा है कि 27 नवंबर 2021, 2:12 पूर्वाह्न एचआरसीनेट की शिकायत प्रति ईमेल फ़ाइल सफलतापूर्वक अपलोड की गई ( downloadfile.jpg।आगे कहा है कि प्रिय प्रकाश मादानु, आयोग ने आपकी शिकायत प्राप्त कर ली है और इसने डायरी नंबर 905/IN/2021 के रूप में निर्दिष्ट किया है।


आज 15 दिसम्बर है। आज से 30 दिन पहले 15 नवम्बर

2021 को पीटर ओस्ता के पुत्र अतुल कुमार की मौत बाइक और टायर लगे बैलगाड़ी के बीच टक्कर लगने से हो गयी। बगहा-1के थानाध्यक्ष ने मृतक को अस्वभाविक मौत करार कर यूडी केस में मामला दर्ज कर लिया।इस एक माह के दरम्यान अस्वभाविक मौत का अनुसंधान नहीं किया गया। हाल यह है यूडी केस के अनुसंधानक बिरेन्द्र सिंह प्रत्यक्षदर्शी जयप्रकाश चौधरी और पिंटू चौधरी से पूछताछ नहीं कर सकें। अनुसंधानक खुद को चुनाव ड्यूटी में व्यस्त करार कर पल्ला झारने में लगे हुए हैं।बताते चले कि अस्वभाविक मौत। पुलिस की भाषा में इसे यूडी केस कहते हैं।बगहा-1के के थानाध्यक्ष ने पीटर ओस्ता के पुत्र अतुल कुमार की मौत बाइक और टायर लगे बैलगाड़ी के बीच टक्कर लगने से मौत को यूडी केस में  दर्ज किया है।यूडी केस के मामले में अक्सरा पुलिस इसे भूल जाती है।इसी तरह थानाध्यक्ष भूल गये।उन्होंने अस्वभाविक मौत  यूडी केस के अनुसंधानकर्ता बिरेन्द्र सिंह को बनाए थे।उनको यूडी फाइल आठ दिन पहले सौपा गया।अतुल कुमार के बारे में मोबाइल से बातचीत हुई।अभी तक जांच शुरू नहीं किये हैं।


8 दिसम्बर को पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त 

हैरत तो यह कि इस यूडी केस का कोई अलग से पंजी भी नहीं होता।इस वजह से इस केस की संवेदनशीलता भी समाप्त सी ही मानी जाती है। कई बार तो केस के अनुसंधानक भी इसे भूल जाते हैं।परिजन प्रकाश मादानु  और पीड़ित परिजन बारंबार केस के बारे में जानकारी ले रहे है।तब भी मामले की जांच पूर्ण नहीं हो पा रही है।परिजन प्रकाश मादानु के दबाव में अनुसंधानक ने 8 दिसम्बर को पोस्टमार्टम रिपोर्ट लाकर दिया।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुख्य बात उभर कर सामने आयी कि आरटीए- रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट ---- उनका काफी खून बह गया जिससे उन्हें पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिली और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।उसके सीने में गहरा घाव है। "RTA- Road Traffic Accident ---- he lost a lot of blood  because of that he did not get enough oxygen and died at the spot.  He got a deep wound in the chest."यह सच है कि यूडी केस माने ठंडे बस्ते में.वैसे भी आपराधिक केस के निष्पादन में जब पुलिस को महीनों यहां तक कि छह माह तक लग जाता है।ऐसे में इस केस की बात ही बेमानी है। वैसे वरीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस यूडी केस के प्रति भी संवेदनशील है।पुलिस जांच का ही परिणाम है कि कई यूडी केस बाद में हत्या के केस में परिणत हुआ है, और इसके गुनाहगार भी पकड़े गए हैं।


एसएचआरसी, बिहार के द्वारा नोटिस जारी किया गया

आज 16 दिसम्बर को राज्य मानवाधिकार आयोग ने डायरी नंबर 905/IN/2021 केस/फाइल नंबर 7529/4/9/2021 के तहत  पीड़ित अतुल कुमार पंजीकरण दिनांक 01/12/2021 कार्य सूची के अनुसार  पुलिस अधीक्षक पश्चिम चंपारण, बगहा को नोटिस जारी किया गया है। 21.03.2022 तक एसपी, पश्चिम चंपारण, बगहा से रिपोर्ट मांगी है। किसी भी हाल में एसपी बगहा को 28.03.2022 रिपोर्ट देनी है।

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