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गुरुवार, 9 दिसंबर 2021

और बच्चों को मिलने वाले प्रथम परमप्रसाद को धर्मांतरण कहकर बवाल काटा

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विदिशा. मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंज बासोदा में स्थित है सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल.यह सच कहना है कि जिस मिशनरी स्कूलों से पढ़ लिखकर लोग अधिकारी व नेता बनते हैं और उसी मिशनरी स्कूलों में अधिकारी व नेता अपने बच्चों को पढ़ाते हैं.समय आने पर बवाल करते और कराते भी हैं.इसी तरह की मिलीजुली खबर सामने आयी है.आरोप है कि सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में बच्चों को बहला-फुसलाकर उनका धर्मांतरण कर दिया गया है.जो सरासर गलत और मनगढ़ंत है. खबर है कि विदिशा के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य हिंदूवादी संगठनों ने जमकर तोड़फोड़ की. स्कूल की बिल्डिंग को पथराव करके नुकसान पहुंचाया गया, वही स्कूल के प्रांगण और आसपास लगे बोर्ड को प्रदर्शनकारियों ने तोड़ डाला है. इस हंगामे के दौरान स्कूल में परीक्षाएं चल रही थी. तोड़फोड़ होने की वजह से विद्यार्थियों को ऊपरी तल पर बने अलग कक्ष में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के विदिशा में एक मिशनरी स्कूल में जमकर बवाल हुआ है. स्कूल प्रबंधन पर 8 बच्चों के ईसाई में धर्मांतरण करने का आरोप लगा है. कथित धर्मांतरण के विरोध में स्कूल में तोड़फोड़ की गई है. स्कूल पर बाहर से पथराव भी किया गया. जब पथराव किया जा रहा था तो अंदर विद्यार्थियों की परीक्षा चल रही थी. विदिशा जिले के गंजबासौदा शहर के सेंट जोसेफ स्कूल में हिंदू संगठन के कुछ गुस्साए लोगों ने स्कूल परिसर में हंगामा किया. उनका कहना था कि स्कूल में धर्मांतरण कराया जा रहा है. इसका विरोध वे कर रहे हैं. बच्चों को बहला-फुसलाकर उनका धर्मांतरण करने का आरोप लगाया गया है.


मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंज बासोदा के सेंट जोसेफ स्कूल में सोमवार को कुछ लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया. घटना के बाद स्कूल प्रबंधक ब्रदर एंटोनी ने कहा कि स्कूल के घेराव की सूचना पुलिस और प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी.जिस समय पथराव हुआ, उस समय स्कूल में 12वीं के बच्चों की परीक्षा चल रही थी। करीब 14 बच्चे परीक्षा दे रहे थे, वे स्कूल में ही थे.तोड़फोड़ से बच्चे डर गए. स्कूल का स्टॉफ भी स्कूल में ही था.प्रशासन को पहले से जानकारी होने के बाद भी तोड़फोड़ हुई है, जो पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है. उनका कहना है कि स्कूल को लेकर एक पत्र प्रसारित किया जा रहा है.इसमें लिखा है कि स्कूल में आठ हिंदू छात्रों का धर्म परिवर्तन कर उन्हें ईसाई बनाया गया. ये छात्र हमारे स्कूल के नहीं हैं. जो पत्र प्रसारित किया जा रहा है, वह 31 अक्टूबर रविवार का है. रविवार को स्कूल में कोई नहीं होता है.पत्र देखने के बाद मैंने इसकी सूचना पुलिस को दी थी, इसके बाद भी सिर्फ दो पुलिसवालों को स्कूल की सुरक्षा में तैनात किया गया. एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल से कार्यमुक्त होने वाले पत्रकार श्याम मीरा सिंह ने ट्वीट किया है कि कल से विदिशा मामले में झूठ फैलाया जाता रहा कि स्कूल में 8 बच्चों का धर्मांतरण हुआ है.लेकिन @SwagReport ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में निकाला कि ये ईसाइयों का अपना प्रोग्राम था. जिसमें सभी बच्चे ईसाइयों के थे. लेकिन तब तक लाखों जगहों पर ये झूठ फैलाया जा चुका है.  “जिस तरह हिंदुओं में नामकरण और बाक़ी प्रोग्राम होते हैं वैसे ही ईसाइयों में होते हैं. 31 अक्टूबर को ईसाई समाज के बच्चों का प्रोग्राम था जिसे Holy communion कहते हैं. बच्चे प्रथम बार परमप्रसाद लेते हैं.यह सात संस्कारों में है.यह किसी चर्च में ही किया जाता है. इस प्रोग्राम की तस्वीर Sagar Voice नाम की अपनी वेबसाइट पर डाली. जिसे धर्मांतरण कहकर प्रचारित किया गया”. ये रही उस वेबसाइट की तस्वीर, और वो खबर जिसे धर्मांतरण कहकर दुष्प्रचारित किया गया. अफ़वाह फैलाकर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और RSS के गुंडों ने चलते स्कूल पर हमला बोल दिया. जिस समय स्कूल पर पत्थर फेंककर हमला किया गया. उस समय स्कूल में बच्चे बारहवीं की परीक्षा दे रहे थे. 

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