नीट-पीजी काउंसिलिंग : रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल फिर शुरू की - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शनिवार, 18 दिसंबर 2021

नीट-पीजी काउंसिलिंग : रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल फिर शुरू की

resident-docter-strike-restart
नयी दिल्ली, 17 दिसंबर, दिल्ली में केंद्र द्वारा संचालित तीन अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टरों ने नीट-पीजी 2021 काउंसेलिंग में देरी को लेकर शुक्रवार को अपनी हड़ताल फिर से शुरू कर दी और आपातकालीन समेत सभी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया। राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और लेडी हार्डिंग अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने हड़ताल फिर से शुरू कर दी है क्योंकि सरकार ने ‘‘झूठे वादे’’ किए। उन्होंने नीट पीजी 2021 बैच की काउंसेलिंग में आठ महीने की देरी होने के साथ ही देशभर में रेजीडेंट डॉक्टरों की ‘‘भारी किल्लत’’ का जिक्र किया। रेजीडेंट डॉक्टरों ने नौ दिसंबर को कहा था कि वे ‘फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन’ (फोरडा) द्वारा बुलाए आंदोलन को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने काउंसेलिंग की प्रक्रिया तेज करने और अदालत की सुनवाई में तेजी लाने का आश्वासन दिया था जिसके बाद रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल स्थगित की थी। बहरहाल, बुधवार को फोरडा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर उन्हें हड़ताल बहाल करने की सूचना दी थी। सफदरजंग अस्पताल के ‘रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन’ के पदाधिकारियों ने बुधवार को लिखे एक पत्र में कहा था कि आंदोलन स्थगित होने के बाद वे धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे थे। पत्र में कहा गया है, ‘‘हालांकि एक बार फिर मंत्रालय ने एक हफ्ते से कोई कार्रवाई नहीं की, जो झूठे वादों और आश्वासनों के विपरीत है। कोविड-19 की तीसरी लहर के आसन्न खतरे को देखते हुए प्राधिकारियों के उदासीन रवैया से यह स्पष्ट है कि स्वास्थ्य देखभाल, काम के अतिरिक्त बोझ से दबे डॉक्टरों की दुर्दशा तथा गरीब मरीजों की दिक्कतें उनके लिए मायने ही नहीं रखती है।’’ लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के आरडीए अध्यक्ष डॉ. सुनील दुचानिया ने कहा कि संबंधित प्राधिकारी स्वास्थ्य देखभाल में श्रमबल की कमी को लेकर चिंतित प्रतीत नहीं होते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं: