दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्यों, ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदियां हटायी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 20 दिसंबर 2021

दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्यों, ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदियां हटायी

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नयी दिल्ली, 20 दिसंबर, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने वायु गुणवत्ता में सुधार और मौसम विज्ञान संबंधी अनुकूल पूर्वानुमान के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों तथा राष्ट्रीय राजधानी में ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदियां सोमवार को हटा दीं। आयोग ने कहा कि दिल्ली में वायु गुणवता सूचकांक में सुधार हुआ है। पिछले तीन दिनों से एक्यूआई खराब श्रेणी में बना हुआ है जबकि यह पहले बहुत खुराब श्रेणी में था। आदेश में कहा गया है, ‘‘एनसीआर में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों को अब तत्काल प्रभाव से अनुमति दी जाती है। बहरहाल, यह इस पर निर्भर करता है कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति तथा एजेंसियां धूल नियंत्रण नियमों और इस संबंध में निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों और सीपीसीबी के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से अनुमति दी जाती है।’’ पहले केवल चुनिंदा ट्रकों के प्रवेश की ही अनुमति थी। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने हवा की गति की अनुकूल प्रवृत्ति जारी रहने और क्षेत्र से प्रदूषकों के छितराव के लिए अनुकूल जलवायु परिस्थितियों का अनुमान जताया है। केंद्रीय वायु गुणवत्ता आयोग ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में छठी और उससे ऊपर की कक्षाओं के छात्रों के लिए स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान तत्काल प्रभाव से फिर से खोलने की अनुमति दे दी है। उसने यह भी कहा था कि पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूल 27 दिसंबर से खोले जा सकते हैं। आयोग ने चिंताजनक स्तर तक प्रदूषण बढ़ने के बाद 16 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर में निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर रोक लगायी थी। उच्चतम न्यायालय ने 24 नवंबर को निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध फिर से लागू कर दिया था और केवल गैर-प्रदूषक गतिविधियों जैसे कि प्लंबिंग, आंतरिक गृह साज-सज्जा, बिजली के काम आदि को छूट दी थी। आयोग ने 17 दिसंबर को निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर पाबंदियों में ढील देते हुए सार्वजनिक उपयोग, रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डों और आईएसबीटी, राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, राजमार्गों, सड़कों, फ्लाईओवर, पाइपलाइनों से संबंधित परियोजनाओं को अनुमति दे दी थी।

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