सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 14 जनवरी - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 14 जनवरी 2022

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 14 जनवरी

संतों को सताने वाले 14 हजार राक्षसों को श्रीराम ने भेज दिया था वेकुंड-पं रवि शंकर

 

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सीहोर। संतों भगवान के भक्तों को हर युग में राक्षस रूपी लोगों के द्वारा सताया गया है। सतयुग में प्रभु श्रीराम ने ऋषि विश्वामित्र के निर्देश पर 14 हजार राक्षसों को विश्व शांति और संतों की रक्षा के लिए वेकुंड भेज दिया था। राक्षसों की कमी आज भी नहीं है दान पुण्य और भक्ति से रोकने वाले राक्षसों से कम नही है उक्त बात शुक्रवार को हनुमान फाटक पर जारी श्रीमद भागवत कथा में श्रीरामजन्म स्वयंर और राजा दशरथ एवं जनक की कथा श्रद्धालुओं को सुनाते हुए भागवत भूषण पंडित रवि शंकर तिवारी ने कहीं पंडित श्री तिवारी ने महिलाओं को शिक्षा देते हुए कहा की पतिवृता नारी शक्तिशाली होती है राजा दशरथ की दासी भी पतिवृता थी कथा आती है की जनक ने यज्ञ किया किसी विशिष्ठ ऋषि ने उनके हरे भरे बाग को क्रोधित होकर श्राप दे दिया। ऋषि ने कहा था की जो भी पतिवृता नारी बाग में जल अर्पित कर देगी पूरा बाग फिर से हरा भरा हो जाएगा। राजा जनक ने राजा दशरथ को समस्या से अवगत कराया और किसी भी रानी को जनकपुरी भेजने की विनती की। राजा दशरथ की रानियों ने स्वयं नहीं जाते हुए दासी को भेज दिया इस बात को राजा जनक को नहीं बताया दासी के बाग में कदम पड़ते ही बाग हरा भरा हो गया। भगवान के महल की दासी भी पतिवृता होती थी। कथा के दौरान श्रीराम सीता का विवाह कराया गया वरमाला कराई गई श्रीकृष्ण जन्म भी मनाया गया। भागवत कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में शहर सहित सहित आसपास के गांवों नागरिक भी पहुंच रहे है। 


356 क्रांतिकारियों के समाधी स्थल पर श्रद्धांजली समारोह सम्पन्न


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सीहोर। देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए सैनानियों को शहीद समाधी स्थल पर आज बड़ी संख्या में नागरिकों ने श्रद्धांजली अर्पित की। इस अवसर पर संगीतिका संगीत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीतों की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। शहीद सिपाही बहादुर स्मारक निर्माण समिति के आव्हान पर आज समाधी स्थल पर आयोजित श्रद्धांजली कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के समाजसेवी, राजनेता, पत्रकार, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग, नागरिक गण पहुॅचे थे। सभी ने सामुहिक रूप से यहॉ क्रांतिकारी सैनिकों को पुष्पांजली अर्पित की। सर्वप्रथम उपस्थित जनों से समाधी पर पुष्पांजली अर्पित की। पूर्व विधायक इछावर शैलेष पटेल, मुख्य नगर पालिका अधिकारी संदीप श्रीवास्तव, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य श्री बांगड़े, समिति अध्यक्ष ओमदीप ने यहॉ अपने विचार रखे। कार्यक्रम संयोजक व समिति के महामंत्री आनन्द गॉधी ने 1857 की क्रांति के इतिहास का स्मरण किया और बताया कि इतिहासकारों ने सीहोर की क्रांति को मालवा का जालियावाला बाग काण्ड लिखा है। यहॉ 14 जनवरी 1858 को जनरल ह्यूरोज ने सामुहिक रूप से करीब 356 से अधिक क्रांतिकारियों को एक साथ गोलियों से भून दिया था। यह इतिहास दिल्ली गजट 1857, किताब हयाते सिकन्दरी सहित सभी ऐतिहासिक किताबों में उल्लेखित है। संगीतिका संगीत महाविद्यालय के छात्रों की सुमधुर गीतों की प्रस्तुति की यहॉ सभी सराहना की। गुरुजी मांगीलाल ठाकुर व सभी बच्चों को बहुत प्रसन्नता से सभी ने शुभकामना दी। श्रद्धांजली देने में नगर के हर वर्ग के जनप्रतिनिधि, अधिकारी वर्ग, समाजसेवी, स्थानीय नागरिक, बुजुर्ग, महिलाएं अनेक सामाजिक संस्थाएं आदि लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन आज पत्रकार प्रदीप चौहान ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी राष्ट्रगान गाकर शहीदों को नमन किया।


बैठक समाप्त होते ही पहुॅचे कलेक्टर

आज कोरोना महामारी को लेकर एक आवश्यक बैठक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ऑनलाईन रखी गई थी। इस क्राईसिस मैनेजमेंट की बैठक में जिले भर के अधिकारी व विधायकगण उपस्थित थे। बैठक की समाप्ति होने के तत्काल बाद शहीदों को नमन करने कलेक्टर सीएम ठाकुर पहुॅचे। उन्होने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजली अर्पित की। साथ ही बताया कि इस स्थान के विकास की योजना बन चुकी है। शीघ्र ही शासन विकास कार्य शुरु होगा। पूरे प्रदेश में यह स्थान सबसे महत्वपूर्ण है।


ट्वीटर पर भी छाया सीहोर

आज वरिष्ठ आईएएस अधिकारी निंकुज श्रीवास्तव आयुक्त नगरीय प्रशासन ने भोपाल से ट्वीट करते हुए स्टोरी ऑफ द डे आजादी के संघर्ष का गवाह सीहोर का समाधी स्थल के नाम एक पोस्ट डाली। जिसके बाद पूरे प्रदेश में सीहोर की क्रांति की घटना छा गई। 


बीएसआई मैदान पर क्रिसेंट ट्राफी मैच का शुभारंभ, आखिरी गेंद पर चौका मारकर डीसीए ने जफर लाला क्लब को हराया


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सीहोर। शहर के बीएसआई मैदान पर शुक्रवार से आरंभ हुई क्रिसेंट ट्राफी के पहले दिन एक रोमांचक मैच में डीसीए टीम को अंतिम गेंद पर जीत के लिए चार रन चाहिए थे, क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज समीर यादव ने आखिरी गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचकर जफर लाला क्लब को एक विकेट से हराया। शुक्रवार को पहले बल्लेबाजी करते हुए जफर लाला क्लब ने निर्धारित 20 ओवर में 10 विकेट के नुकसान पर 143 रन को चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। इसमें आजाद ने 19 रन की पारी खेली। वहीं चुनौती का पीछा करने उतरी डीसीए टीम ने हर पल रोमांच से भरे इस मैच में जफरलाला क्लब को मैच के अंतिम पलों में हराकर यह मैच एक विकेट से जीत लिया। इस मुकाबले में डीसीए की ओर से अजय चंदेल ने 47 रन और सुमित ने 30 रन की पारी खेली। इसके अलावा एक अन्य मैच में रायल स्टार टीम ने आजम लाला फैंस  क्लब को पांच विकेट से हराया। इस मैच में लाला क्लब ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 142 बनाए थे। इसमें जुबेर ने 52 रन की अर्द्धशतकीय पारी के अलावा आशु ने 28 रन बनाए थे। वहीं जवाब में बल्लेबाजी करने रायल स्टार ने यह मैच पांच विकेट से जीत लिया। इस मैच में रायल स्टार की ओर से खेलते हुए योगेश ने 54 रन की पारी खेली।


आज होने वाले मुकाबले

डीसीए के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि शनिवार को पहला मैच पीपीसीए और शानू लाला फैंस क्लब और दोपहर में दूसरा मैच क्रिसेंट वारियर और टेनिस क्लब के मध्य खेला जाएगा।


इनके द्वारा किया गया प्रतियोगिता का शुभारंभ

शुक्रवार से आरंभ हुई क्रिसेट ट्राफी प्रतियोगिता का शुभारंभ एसोसिएशन के सचिव अतुल तिवारी, वीरेंद्र वर्मा, सुरेन्द्र रल्हन, एसएन पहलवान, महेंद्र शर्मा, नवनीत तोमर, मनोज दीक्षित मामा, मदन कुशवाहा, आशीष शर्मा, नागेंद्र व्यास, कमलेश परोचे, सचिन कीर, अक्षय दुबाने, हेमंत केसरिया, संजय पटेल, महेन्द्र शर्मा बंटी विलय गौरव खरे, अमित कटारिया, रुपेश पारोचे, राकेश धनगर, अतुल कुशवाहा, संतोष पांडे, सुरेश नाविक, सुनील जलोदिया, आदि शामिल थे। 


उड़ी उड़ी रे पतंग मेरी उड़ी रे जमकर बीएसआई मैदान हुई पतंगबाजी, समीर ने कांटी 7 पतंग, करण ने लूटी कई पंतग, दोनों को मिले ईनाम


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सीहोर। शहर की सबसे बड़ी पतंगबाजी शुक्रवार को बीएसआई मैदान पर हुई। माहौल को पतंगमय बनाने के लिए मोबाईलों पर उड़ी उड़ी रे पतंग मेरी उड़ी रे गीत बजाया गया। पतंगबाज मैदान में उतरे और आसमान रंग विरंगी पतंगों से रंगीन हो गया। पतंगबाज समीर खान ने स्पर्धा के दौरान सात पतंगों को काट दिया। मैदान पर मौजूद करण की टीम भी पीछे नहीं रहीं टीम ने कई पतंगों को लूट लिया। पतंग स्पर्धा में मुख्य अतिथि युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव राजीव गुजराती.विशेष अतिथर््िा महिला बाल समिति अध्यक्ष प्रदीप चौहान,एनएसयुआई जिला उपाध्यक्ष मनीष मेवाड़ा सम्मिलित हुए। आयोजन समिति कार्यकर्ताओं ने पतंग स्पर्धा अध्यक्ष पंडित हर्षित बैरागी के नेतृत्व में अतिथियों का पुष्प मालाओं से स्वागत किया और पतंग भेंट कर सम्मान किया। स्पर्धा में 50 से अधिक पतंगबाजों ने हिस्सा लिया। पतंगबाजों को उड़ाने के लिए पतंग डोर चरकील आयोजन समिति के द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। अतिथियों ने भी बच्चों के साथ पतंग उडाई और मकर संक्रांति के मौके पर तिल के लडडुओं का वितरण भी किया। स्पर्धा के दौरान पतंगबाज समीर खान ने छोटी बड़ी सात पतंगों को काट दिया। मैदान पर मौजूद करण की टीम भी पीछे नहीं रहीं टीम ने कई पतंगों को लूट लिया। आयोजन समिति के पंडित हर्षित बैरागी ने अतिथियों के साथ समीर खान और करण को नगद एक हजार औक्र पांच सौ रूपये का पुरस्कार  प्रदान किया। पतंग स्पर्धा के दौरान मुख्य रूप से सर्वेष  व्यास, गौरव सक्सेना, यश यादव मनोज परमार, शिवा कसोटिया, तनिष त्यागी, प्रमोद वर्मा, विकास विश्वकर्मा, विशाल राठौर, ऋषि गोस्वामी, यमन यादव सहित बड़ी संख्या में पतंग प्रेमी युवक बच्चे मौजूद रहे। 


नर्सिंग के फ्री छह माह के प्रशिक्षण में करे अपनी भागीदारी-नपा सीएमओ


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सीहोर। नर्सिंग के क्षेत्र में सुनहरे मौकों ने नर्सों को बड़ी संख्या में अपनी ओर आकर्षित किया है। नर्सों की कार्यक्षमता के हिसाब से उनकी भूमिकाओं को इस तरह विभाजित किया जा सकता है। जैसे जनरल नर्स, ये हॉस्पिटल, नर्सिंग होम और चिकित्सालय संस्थानों में नर्सिंग का काम करने वालों को जरनल नर्स कहा जाता है। सरकार द्वारा इन दिनों छह माह का नर्सिंग का फ्री प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसलिए इस ओर विशेष ध्यान दे। उक्त विचार शहर के चाणक्यपुरी स्थित एसजीएम कालेज में शुक्रवार से प्रियल वेल फेयर फाउंडेशन एवं आईय्स इंफोटेक प्रायवेट लिमिटेड द्वारा प्रशिक्षण शिविर के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद नगर पालिका के सीएमओ संदीप श्रीवास्तव ने कहे। यहां पर मौजूद प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए फाउडेशन के डारेक्टर हिमांशु निगम ने कहा कि वर्तमान में कोरोना सहित अन्य बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसलिए नर्सिंग का कार्य क्षेत्र बड़ी भूमिका अदा कर रहा है। इसमें रोजगार के अनेक अवसर होने के साथ ही सेवा का सबसे बड़ा माध्यम भी है। उनके मुख्य कार्य में मरीजों की देखभाल, डॉक्टर के काम में सहयोग और प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल हैं। इसके बाद मिडवाइफ: इस श्रेणी में वह नर्स आती हैं, जिनकी विशेषज्ञता गर्भवती महिलाओं का ख्याल रखना और चाइल्डबर्थ के दौरान सहायता मुहैया करना है। इसके अलावा हेल्थ वर्कर के रूप में भी काम करते हैं। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को चिकित्सकीय उपलब्ध कराने वाले नर्सिंग से जुड़े लोग हेल्थ वर्कर कहलाते हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में अस्पतालों का काम-काज इस दौर में बहुआयामी हुआ है। अब सिर्फ उपचार नहीं बल्कि सेवा सत्कार पर भी ध्यान दिया जाता है। इसके अलावा मेडिकल टूरिजम को बढ़ावा मिला है। बाहर से उपचार के लिए आए पेशंट हर लिहाज से अच्छी सविधा चाहते हैं। इन बदलावों ने नर्सिंग के करियर को भी नए आयाम दिए हैं। नर्सों की कार्यक्षमता के हिसाब से उनकी भूमिकाओं को इस तरह विभाजित किया जा सकता है। जैसे जनरल नर्स, ये हॉस्पिटल, नर्सिंग होम और चिकित्सालय संस्थानों में नर्सिंग का काम करने वालों को जरनल नर्स कहा जाता है। उनके मुख्य कार्य में मरीजों की देखभाल, डॉक्टर के काम में सहयोग और प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल हैं। हेल्थ वर्कर के रूप में भी काम करते हैं। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को चिकित्सकीय उपलब्ध कराने वाले नर्सिंग से जुड़े लोग हेल्थ वर्कर कहलाते हैं। कार्यक्रम के दौरान करीब 90 बच्चों को नि:शुल्क रूप से नर्सिंग जरनल डयूटी अस्टिेंट एडवांस हेल्थ केयर सेक्टर का नगर पालिका के तत्वाधान में शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के दौरान छह माह में करीब 500 घंटे नियमित रूप से क्लास लगाई जाएगी। कार्यक्रम में विशेष रूप से विजेन्द्र परमार, डॉ. जाग्रति चौहान ट्रेनिंग प्रोवाइडर अधिकारी, शाखा परियोजन अधिकारी कमलेश शर्मा, सिटी मिशन मैनेजर नितिन तिवारी और मोहन बोरा आदि शामिल थे। 


शीघ्र किया जाएगा राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन का विस्तार मानव अधिकारों के प्रति जागरुक हों नागरिक


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सीहोर। शुक्रवार को राष्ट्रीय मानव अधिकारी एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन के पदाधिकारियों ने सीहोर ब्लाक सहित अन्य ब्लाकों में बैठकों का आयोजन किया। इस मौके पर संगठन के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष खुमान सिंह गुर्जर नेता ने मानवता के कार्यों में रुचि लेकर समाज में अच्छे कार्य करने व गरीबो की मदद करने व जनमानस को उनके अधिकारों के विषय मे जानकारी देकर अवगत कराते हुए सभी को अपने कर्तव्यों को समझने की भी अपील की। मानव अधिकारों के प्रति ज्ञान बढाने पर जोर दिया। शुक्रवार को सीहोर ब्लाक में आयोजित कार्यक्रम में पदाधिकारियों ने अतिथियों को माला पहनाकर बुके देकर, शॉल ओढ़ाकर व शील्ड देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष श्री गुर्जर ने कहा कि कुछ ऐसे मौलिक अधिकार है जो हर व्यक्ति को जानने जरूरी हैं। यह नियम कानून कैदियों से लेकर सामान्य नागरिकों तक के लिए बनाए गए हैं। बोलने की आजादी। आजादी और सुरक्षा का अधिकार। आर्थिक शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार। रंग, नस्ल, भाषा, धर्म के आधार पर समानता का अधिकार। कानून के सामने समानता का अधिकार। कानून के सामने अपना पक्ष रखने का अधिकार। अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार आदि शामिल है। वहीं कार्यक्रम में विशेष अतिथि भोपाल के जिलाध्यक्ष विजय मीना आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से धीरज सिंह, संतोष मालवी, अजय श्रीवास, बदाम सिंह मालवी, संतोष अहिरवार, श्याम सिंह, महेश रोनी, इंदर सिंह, धीरव सिंह गुर्जर, विक्रम मालवी, आकाश मालवी, प्रदीप मालवी, चंदर सिंह, सागर सिंह, गोपाल सिंह, दीपक अहिरवार, अरुण, अनिल कचनारिया और रवि अहिरवार आदि शामिल थे। 


स्कूली बच्चों को बांटी शिक्षण सामग्री पिता की स्मृति में सेवा कार्य सराहनीय-गुजराती


सीहेार। लोधी मोहल्ला गंज में पुत्र के द्वारा पिता की स्मृति में स्कूली बच्चों को शिक्षण से संबंधित सामग्री का वितरण किया गया। प्रदेश युवक कांग्रेस सचिव राजीव गुजराती सम्मिलित हुए श्री गुजराती सहित अनेक नागरिकों परिजनों ने डॉ स्वर्गीय राजेंद्र सिंह लोधी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजली अर्पित की। शिक्षण सामग्री मिलने पर बच्चों ने लोधी परिवार को साधुवाद देकर खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम आयोजनकर्ता अभिषेक लोधी ने बताया की पिता की स्मृति में प्रतिवर्ष सेवा कार्य करने का संकल्प लिया है। कार्यक्रम में मनोज परमार,तुलसी राठौर, राहुल गोस्वामी, शिवा कसोटिया, सर्वेश व्यास, मनीष मेवाड़ा, अशोक लोधी, यश यादव, तनिष त्यागी, प्रमोद वर्मा, सन्नी सरदार यश मिरोंगिया आदि शामिल रहे।


आज किया जाएगा दो दिवसीय मकर संक्रांति पर्व का समापन


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सीहोर। हर साल की तरह इस साल भी शहर के छावनी स्थित प्राचीन जगदीश मंदिर में आस्था और सादगी के साथ परमार समाज के साथ क्षेत्रवासियों ने दो दिवसीय मकर संक्रांति पर्व की शुरूआत की। इस मौके पर मंदिर में शुक्रवार की सुबह मंदिर में विराजमान भगवान शिव सहित अन्य देवी-देवताओं का पूर्ण विधि-विधान से अभिषेक के पश्चात भगवान को भोग लगाया गया। इस मौके ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश शर्मा, मनोज दीक्षित मामा, राहुल व्यास, रोहित व्यास आदि के सानिध्य में किया गया। कार्यक्रम के दौरान तुलसीराम पटेल, चंदर सिंह मंडलोई, बने सिंह, राजेश भूरा यादव, नंद किशोर परमार, विष्णु परमार, शेर सिंह, शिव परमार, विक्रम परमार, विजय परमार, हीरु बेलानी, राकेश शर्मा, रामेश्वर सोनी, पप्पू सेन, नरेन्द्र डाबी, नंद किशोर संधानी, विवेक श्रीवास्तव, महेन्द्र पटेल बिजोरा, भगवान सिंह, वीर सिंह, मुकेश पटेल, चेतन परमार, धीरज परमार, जसमत सिंह आदि शामिल थे। अब दो दिवसीय मकर संक्रांति पर्व का समापन शनिवार को किया जाएगा।


शनि प्रदोष होने से खास मकर संक्रांति खास

इस मौके पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए ज्योतिषाचार्य पंडित श्री शर्मा ग्रह गोचर की गणना के अनुसार सूर्य संक्रांति का महापर्व मकर संक्रांति पर्व काल 15 जनवरी शनिवार को ब्रह्म योग की साक्षी में मनाया जाएगा। शुक्रवार को सूर्य का धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश का समय दोपहर 2:32 पर किया गया था। मान्यता के अनुसार सूर्य की संक्रांति का समय विशेष प्रभाव डालता है। कई प्रकार के योग संयोग बनते रहते हैं। पर्व काल विशेष पर जब ग्रह गोचर में पंच महापुरुष में से कोई एक योग उपलब्ध हो तो वह विशेष माना जाता है। इसी गणना की दृष्टि से इस बार मकर संक्रांति का पर्व शनि के मकर राशि पर परिभ्रमण करने तथा केंद्र योग के माध्यम से होने से शश योग बन रहा है। संयोग है कि मकर राशि पर शनि का परिभ्रमण के चलते सूर्य की मकर संक्रांति भी संयुक्त क्रम से बन रही है। यह योग कम बनता है। जब मकर मास में मकर राशि पर मकर संक्रांति का पर्व काल मकर राशि की युति में सूर्य शनि का संयुक्त क्रम होना। आमतौर पर ही यह संयोग सालों बाद बनता है। इसलिए मकर संक्रांति के पुण्य काल में सफेद तिल मिश्रित जल में या नदी या सरोवर में स्नान करना चाहिए। ध्यान रहे कि तिल का उपयोग आवश्यक है। स्नान के पश्चात शिव लिंग पर सफेद तिल मिश्रित जल से अभिषेक करें। साथ ही, भगवान सूर्य को भी सफेद तिल से अर्घ्य दें। अर्घ्य देने के बाद तीर्थ पर वैदिक ब्राह्मण को संक्रांति के निमित्त चावल, खड़ा मूंग, सफेद दीया, काली तिल का दान करें। यदि ताम्र कलश में काले तिल भर कर सोने का दाना रखकर दान किया जाए, तो ज्ञात-अज्ञात दोष और पापों की निवृत्ति होती है।


जिले मे 13 जनवरी को 52 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिले


जिले में 13 जनवरी को 1359 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए थे, जिनमें 52 व्यक्तियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वर्तमान में एक्टिव पॉजिटिव केस की संख्या 147 हो गई है।


तीसरी लहर को जनसहयोग के मॉडल से रोकेंगे – मुख्यमंत्री श्री चौहान

  • प्रदेश में कोविड संक्रमण के नियंत्रण, उपचार और प्रबंधन प्रयासों की हुई समीक्षा
  • मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से संवाद

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोविड के नियंत्रण में मध्यप्रदेश का जन-भागीदारी मॉडल तीसरी लहर में भी काम आएगा। कोविड की पहली और दूसरी लहर में जिस तरह से जन-सहयोग से संकट की स्थितियों से निपटते हुए कार्य हुआ है, उसी तरह एक बार फिर सरकार और नागरिक मिलकर तीसरी लहर को पराजित करेंगे। संयुक्त रूप से किए जाने वाले प्रयत्नों को सफलता मिलेगी, मानवता जीतेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा निवास से प्रदेश के जिलों में कोविड की स्थिति, किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों से संवाद कर उनके सुझाव प्राप्त किए। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और राज्य के मंत्री भी वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा चर्चा और बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास से हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े सभी जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ दी। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से सीहोर विधायक श्री सुदेश राय, इछावर विधायक श्री करण सिंह वर्मा, श्री रघुनाथ सिंह भाटी, श्री राजकुमार गुप्ता, श्री सीताराम यादव, श्री राजेश राठौर, कलेक्टर श्री चंद्र मोहन ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ श्री हर्ष सिंह, अपर कलेक्टर श्री गुंचा सनोवर, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी कर्मचारी जुड़े। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि होम आइसोलेशन में ही सबसे ज्यादा लोग रहेंगे, इनका ध्यान रखें, सावधानियों से अवगत करवाएँ। यह महत्वपूर्ण है। प्रदेश में अभी 21 हजार 394 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। इन्हें आवश्यक सुविधाएँ दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान 17 जनवरी को कलेक्टर्स कांफ्रेंस में पुनः टीकाकरण कार्य और संक्रमण नियंत्रण की समीक्षा करेंगे।


3 प्रतिशत के आसपास भर्ती हैं सिर्फ पॉजिटिव रोगी, सावधानी बरतना जरूरी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि तीसरी लहर के रूप में एक बड़ी चुनौती हमारे सामने है। घबराना नहीं है, सजग और सतर्क रहना है। कोरोना के केस तेजी से बढ़ने की आशंका भी है। पूरी दुनिया की तरफ से एक तथ्य आया है कि इस लहर में जो संक्रमित होते हैं, उसकी गंभीरता कम है। इसलिए अस्पताल में भर्ती होने वाले प्रकरण अभी लगभग तीन प्रतिशत से थोड़े ज्यादा है। पिछली लहर में 40 प्रतिशत तक रोगी भर्ती करने पड़ते थे। अब तक हुए शोध के बाद विशेषज्ञों का मत है कि इस वैरिएंट का असर गले तक रहता है। यह लंग्स को अधिक प्रभावित नहीं करता है। लेकिन इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि हम सजग न रहें। पूरी सजगता से इस लहर का मुकाबला करते हुए कोविड महामारी से हमें जीतना है] यह हमारा संकल्प भी है।


प्रदेश में हो रहे रोजाना 80 हजार टेस्ट

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज इस चर्चा में ब्लॉक के साथ वार्ड और जिला पंचायतों की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियाँ भी जुड़ी हैं। मैं अपील करता हूँ कि कोरोना टेस्ट के‍लिए जिलों को जो लक्ष्य दिए हैं वे पूरे होने चाहिए। जन-प्रतिनिधि अपने क्षेत्र में टेस्टिंग पर ध्यान दें। गाँव और पंचायत की क्राइसिस मैनेजमेंट से भी अपील है कि अगर गाँव में किसी को भी जरा भी सर्दी और जुकाम है तो उनका टेस्ट करवाने की प्रेरणा दें। मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों से अपील की कि वे यह देखें कि टीकाकरण से कोई न छूटे। घर-घर दस्तक देकर 15 से 18 वर्ष के नौजवानों का 100 प्रतिशत टीकाकरण करवाएँ। कोविड से बचने का यह सशक्त माध्यम है। सभी जिले फीवर क्लीनिकों में टेस्टों की संख्या बढ़ा दें। पर्याप्त मात्रा में फीवर क्लीनिक होना चाहिए। टेस्ट की रिपोर्ट 24 घंटे में आ जानी चाहिए ताकि कोई भी स्प्रेडर के रूप में न घूमें। अगर कोई पॉजिटिव आता है तो उसे घर में आयसोलेट कर मेडिकल किट दी जाए। इससे संक्रमित की दवा समय पर शुरू हो जाएगी और इंफेक्शन नहीं बढ़ेगा। अगर होम आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं है तो कोविड केयर सेंटर में संक्रमित को भर्ती किया जाए। संक्रमित व्यक्ति को भर्ती करने के‍ लिए एंबुलेंस की व्यवस्था रहे, जिससे उसे समय पर अस्पताल पहुँचाया जा सके। ब्लॉक स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी भी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी से समन्वय कर संदिग्ध व्यक्तियों की टेस्टिंग करवाएँ। एक कंट्रोल रूम बनाकर 24 घंटे व्यवस्था बनाए रखें।


कोविड केयर सेंटर का लाभ लें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के सदस्य यह तय कर लें कि संक्रमितों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाए। जिला स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों का महत्वपूर्ण काम है कि वे आमजन में कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करवाएँ। सभी को जागरूक करें कि घर से बाहर निकलने पर मास्क अवश्य लगाएँ। साथ ही यह भी देखें कि किसी स्थान पर अधिक भीड़-भाड़ न हो और नियमित रूप से टेस्ट होते रहें।


टेस्ट रिपोर्ट जल्दी आए

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी कमिश्नर्स को निर्देश दिए कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें कि 24 घंटे में टेस्टिंग की रिपोर्ट आ जाए। मेडिकल कॉलेजों में जो लेब हैं, उसकी निगरानी करें। भारत सरकार के पोर्टल पर आवश्यक जानकारियां अपलोड करने और अन्य सभी व्यवस्थाओं को पब्लिक डोमेन पर रखने का कार्य भी किया जाए। जिले की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी को अपने जिले के कोविड केयर सेंटर की सुचारू संचालन की व्यवस्था देखना है। सिविल अस्पतालों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद रहें। हमारे पास आईसीयू बेड, ऑक्सीजन बेड, सामान्य बिस्तर पर्याप्त संख्या में हैं। कोविड केयर सेंटर्स के आईसीयू बेड्स, ऑक्सीजन बेड्स, सामान्य बिस्तर चेक कर लें। ऑक्सीजन प्लांट चलाकर देखें। वेंटीलेटर्स, कंसंट्रेटर सहित जितने भी आवश्यक उपकरण हैं उनकी व्यवस्था देख लें। संसाधनों की कमी नहीं रहनी चाहिए। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता जनता की जन्दगी बचाना है और संकट के समय उनके साथ खड़े रहना है।


सार्वजनिक स्थानों पर हो टेस्ट की व्यवस्था

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड और एयरपोर्ट पर टेस्टिंग की व्यवस्था रहे। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से बात की जाए। निजी अस्पतालों को मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना में अनुबंधित रखा जाए। निजी अस्पताल के लिए जो पैकेज तय किया गया है उससे ज्यादा पैसे अस्पताल प्रबंधन न ले। ऑक्सीजन सिलेण्डर उपलब्ध और क्रियाशील रहें। एक महीने की दवाइयों की व्यवस्था रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि टेस्ट, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, पॉजिटिव आने पर होम आयसोलेशन, मेडिकल किट वितरण, आवश्यकता पड़ने पर एंबूलेंस की व्यवस्था, कोविड केयर सेंटर में भर्ती करते हैं तो ऑक्सीजन की व्यवस्था, दवाइयों की व्यवस्था, टीकाकरण और कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन कर जनता को तीसरी लहर से सुरक्षित निकाल कर ले जाएंगे।


कलेक्टर्स और जन-प्रतिनिधियों से संवाद

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज लगभग डेढ़ घंटे चली वीडियो कॉन्फ्रेंस में अनेक जन-प्रतिनिधियों और कलेक्टर्स से संवाद किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान में कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की लहर पूरे विश्व में चल रही है। इसकी आक्रामकता अधिक नहीं है। लेकिन हमें सावधान और सजग रहना है। साथ ही सभी व्यवस्थाएँ चाक चौबंद रहें, यह बहुत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सबसे पहले कलेक्टर इंदौर से चर्चा की। इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा नगर है, जहाँ प्रदेश के नए पॉजिटिव रोगियों में से एक तिहाई रोगी सामने आए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंदौर के अस्पतालों में किए गए प्रबंध की जानकारी ली। इंदौर में निजी तौर पर अधिक टेस्ट की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए यदि प्रायवेट रूप से टेस्ट हों तो उन्हें भी रिकॉर्ड में लिया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल कलेक्टर से बात की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल कलेक्टर से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि प्रतिदिन पॉजिटिव रोगियों की सूची आते ही तत्काल उनके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाते हैं। शत-प्रतिशत पॉजिटिव रोगियों को मेडिकल किट प्रदान की जाती है। उन्हें समझाइश का पेंपलेट भी देते हैं। उनसे चिकित्सक फोन से संपर्क में रहते हैं। मुख्यमंत्री ने सागर, उज्जैन, सीधी, रीवा, ग्वालियर, जबलपुर, पन्ना, बड़वानी, विदिशा, भिण्ड, श्यौपुर और मण्डला के कलेक्टर से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद श्री जर्नादन सिंह, श्रीमती रीती पाठक, विधायक के साथ बातचीत कर जिलों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। पूर्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, श्रीमती ललिता यादव के साथ ही श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, श्री मदन कुशवाहा, श्री कमल माखीजानी, श्री दिलीप परिहार, श्री वीरेन्द्र रघुवंशी, श्री इंदू तिवारी आदि ने विभिन्न सुझाव भी दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्राप्त सुझावों पर जरूरी कदम उठाने की बात कही।


स्वास्थ्य विभाग का प्रजेंटेशन

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने कोविड-19 की प्रदेश में वर्तमान स्थिति, वैक्सीनेशन की स्थिति और कोविड-19 की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी का प्रेजेन्टेशन दिया। बताया गया कि प्रदेश में गत 24 घंटे में देश में 02 लाख 64 हजार 202 और मध्यप्रदेश में 04 हजार 755 पॉजिटिव प्रकरण आए हैं। एक्टिव केसेस 3 हजार 735 है। कुल 1020 प्रकरण रिकवर हुए हैं। प्रदेश के 30 प्रतिशत केस इंदौर में है। वर्तमान में पॉजिटिव रोगियों में 3.3 प्रतिशत ही एडमिट हैं। देश की पॉजिटिविटी लगभग 13 प्रतिशत और मध्यप्रदेश की लगभग 6 प्रतिशत है। भर्ती मरीजों से सामान्य बिस्तर 416, ऑक्सीजन बिस्तर 212, एचडीयू और आईसीयू बिस्तर 33 का उपयोग हो रहा है। सक्रिय प्रकरणों के 96.7 प्रतिशत रोगी होम आयसोलेशन में हैं। सिर्फ 3.3 रोगी अस्पतालों में दाखिल हैं। उपलब्ध बिस्तर क्षमता 67 हजार 164 है, जिसमें से कुल 1.17 प्रतिशत का उपयोग वर्तमान में हो रहा है। होम आयसोलेशन की व्यवस्थाओं को पुख्ता बनाया गया है। डिस्ट्रिक्ट काविड कमांड कंट्रोल सेंटर से प्रतिदिन होम आयसोलेट व्यक्ति को कॉल किया जाता है। चिकित्सकीय परामर्श के लिए टेली कॅन्सलटेशन दिया जाता है। होम आयसोलेशल किट की व्यवस्था और आवश्यकता पड़ने पर एम्बूलेंस के माध्यम से अस्पतात में भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक जिले में एक कोविड केयर सेंटर क्रियाशील करने, सेंटर में डॉक्टर, आवश्यक सपोर्ट स्टाफ, दवाइयों और भोजन की व्यवस्था, यथासंभव अशासकीय संस्थाओं को भी कोविड केयर सेंटर के संचालन से जोड़ने और ब्लॉक स्तर पर भी कोविड केयर सेंटर चिन्हांकित करने की पहल की गई है। तीसरी लहर से निपटने के लिए अधो-संरचनात्मक तैयारियों को सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश में 22 हजार 332 आयसोलेशन बेड, 31 हजार 680 ऑक्सीजन बेड, 13 हजार 152 आईसीयू/एचडीयू बेड और 890 पीआईसीयू बेड उपलब्ध हैं।


प्रदेश में ऑक्सीजन व्यवस्थाओं को बनाया गया बेहतर

प्रदेश में वर्तमान में 17 हजार ऑक्सीजन कन्संट्रेटर शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध हैं। कुल 36 हजार 393 ऑक्सीजन सिलेण्डर भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा 51 जिला चिकित्सालयों में 6 KL टेंक स्थापना की पहल और प्रायवेट क्षेत्र में 151 मीट्रिक टन और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में 353 मीट्रिक टन क्षमता के टेंक उपलब्ध हैं। प्रदेश में 204 पी.एस.ए. ऑक्सीजन प्लांट मंजूर किए गए हैं। इनमें से 190 प्लांट क्रियाशील हैं। प्रथम मॉक ड्रिल एक से पांच दिसम्बर और द्वितीय मॉक ड्रिल 22 दिसम्बर 2021 को की जा चुकी है। पी.एस.ए. प्लांट का प्रशिक्षण भी दिया गया है। प्रदेश के समस्त मेडिकल कॉलेज और शासकीय अस्पतालों में पी.एम. केयर से प्रदाय एवं अन्य स्त्रोतों से मिले करीब दो हजार वेन्टीलेटर उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री सहायता कोष सहित रेडक्रॉस, अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन, कोल इंडिया, एचडीएफसी और अन्य संस्थानों से पी.एस.ए. प्लांट स्थापना में सहयोग मिला है। शाजापुर, नरसिंहपुर, डिण्डौरी, छतरपुर, श्योपुर और कटनी में अतिरिक्त बेड व्यवस्था और ऑक्सीजन व्यवस्था के कार्य भी पूर्णता की स्थिति में है।


प्रदेश में वैक्सीनेशन

प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु के वैक्सीनेशन के लिए पात्र लोगों में से 96.6 प्रतिशत लोगों को प्रथम डोज और 92.3 प्रतिशत लोगों को प्रथम और द्वितीय डोज लगाया जा चुका है। इसी तरह 15 से 18 के पात्र किशोरों में से 57.6 प्रतिशत को प्रथम डोज़ लगाया जा चुका है। प्रदेश में कुल 1 लाख 3 हजार 118 हेल्थ केयर वर्कर्स, 89 हजार 636 फ्रंटलाइन वर्कर्स और गंभीर व्याधियों से ग्रस्त 40 हजार 22 लोगों को प्रीकॉशन डोज लगाया जा चुका है। प्रदेश में 6 लाख 69 हजार 891 डोज़ गर्भवती महिलाओं को लगाए गए हैं। श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले प्रथम पाँच जिलों में भोपाल, आगर-मालवा, इंदौर, उमरिया और छिंदवाड़ा जिले शामिल हैं, जहाँ सभी श्रेणियों के वैक्सीनेशन में अच्छी प्रगति है।


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह भी कहा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान जन-प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड आदि पर टेस्टिंग के प्रबंधन हों। जन-प्रतिनिधि औषधियों की व्यवस्था स्वयं देखें। एक माह का स्टॉक रखें। प्रत्येक स्तर की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों को सक्रिय, सजग रहना है। अन्य व्याधियों से ग्रस्त किसी रोगी की स्थिति गंभीर है तो एम्बूलेंस तैयार रखी जाए। इससे समय पर अस्पताल में भर्ती करने का कार्य हो सकेगा। अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर भरे रहें, यह सुनिश्चित करें। भर्ती रोगियों से सदैव संवाद बनाए रखें। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग होती रहे। कोविड अनुकूल व्यवहार सुनिश्चित करें। शाला त्यागी बच्चों को भी वैक्सीन लगे। जिलों में कोविड कमांड सेंटर्स की व्यवस्थाएँ देख लें, जन-प्रतिनिधि प्रतिदिन इन केन्द्रों को देखने का समय निकालें।


मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रमुख निर्देश

कक्षा एक से 12वीं तक के सरकारी, प्रायवेट स्कूल 15 जनवरी से 31 जनवरी तक बंद रहेंगे। राज्य में किसी तरह के मेले नहीं लगेंगे। सब रैलियाँ और सभाएँ प्रतिबंधित रहेंगी। हॉल की क्षमता के 50 प्रतिशत से कम की उपस्थिति के साथ कार्यक्रम हो सकेंगे। सभी मनोरंजन के कार्यक्रम में अधिकतम 250 व्यक्ति रहेंगे। बड़ी सभाएँ और आयोजन प्रतिबंधित रहेंगे। सभी प्रकार की खेल गतिविधियाँ स्टेडियम की 50 प्रतिशत से खिलाड़ी रहेंगे। प्री बोर्ड परीक्षाएँ जो 20 जनवरी से थीं, इन्हें टेक होम एग्जाम के रूप में किया जाएगा। नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा। अंत्येष्टि आदि में हिस्सा लेने के लिए 50 लोगों की ही सीमा रहेगी। कहीं भी बाजार बंद नहीं होंगे। आर्थिक गतिविधियाँ जारी रहेंगी। सामाजिक दूरी बनाए रखें। सभी लोग फेस मॉस्क का उपयोग करें। सार्वजनिक स्थान पर इसका उपयोग अनिवार्य है। फेस मॉस्क का उपयोग न करने पर जुर्माने की कार्यवाही की जाएगी।


टीकाकरण अभियान के तहत 1546 लोगों ने लगवाया कोविड टीका


जिले में टीकाकरण अभियान के तहत शुक्रवार को कुल 1546 लोगों को कोविड का टीका लगाया गया। सुबह 08 बजे से ही लोग कोविड का टीका लगवाने टीकाकरण केंद्र पहुंचे। स्वास्थ्य अमले द्वारा घर-घर जाकर भी टीकाकरण किया गया।


जिले में जनपदवार टीकाकरण की स्थिति

जिले में कुल 1546 नागरिकों का टीकाकरण किया गया। टीकाकरण के लिए जिले में कुल 57 टीकाकरण केन्द्र बनाए गए। आष्टा में 437, बुधनी में 429, इछावर में 152, नसरूल्लागंज में 275, श्यामपुर में 71 तथा सीहोर शहरी क्षेत्र में 182 नागरिकों का टीकाकरण किया किया गया।


स्वच्छ हॉस्पिटल प्रतियोगिता में जिला चिकित्सालय प्रथम


जिले में स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के तहत नगर पालिका द्वारा "स्वच्छ हॉस्पिटल प्रतियोगिता" आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में जिला चिकित्सालय प्रथम स्थान पर रहा।


कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं लोक शांति बनाए रखने कलेक्टर ने जारी किए दिशा-निर्देश


कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री चंद्र मोहन ठाकुर ने जिले में कोविड-19 संक्रमण से बचाव, जन सामान्य के स्वास्थ्य हित एवं लोक शांति बनाए रखने आम नागरिकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। कलेक्टर श्री ठाकुर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में कक्षा 01 से 12 वीं तक समस्त स्कूल एवं हॉस्टल 31 जनवरी, 2022 तक बंद रहेंगे। जनवरी, 2022 में आयोजित होने वाली प्री-बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पृथक से आदेश जारी किए जाएंगे।  जिले में सभी प्रकार के मेले धार्मिक एवं व्यावसायिक, जिनमें जनसमूह एकत्रित होता है, प्रतिबंधित रहेंगे। समस्त जुलूस एवं रैली प्रतिबंधित रहेंगे। जिले में समस्त राजनैतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक, मनोरंजन आदि के आयोजनों में 250 व्यक्तियों से अधिक की उपस्थिति प्रतिबंधित रहेगी। जिले में बंद हॉल की क्षमता के 50 प्रतिशत से कम की उपस्थिति में ही आयोजन, कार्यक्रम आयोजित हो सकेंगे। जिले में खेलकूद सम्बन्धी गतिविधियों के लिए स्टेडियम की क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति के आयोजन प्रतिबंधित रहेंगे। कलेक्टर श्री ठाकुर द्वारा जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि अपने क्षेत्राधिकार में पुलिस एवं स्थानीय निकाय के अमले के साथ आम नागरिकों से कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने मास्क नहीं लगाने वाले लोगों पर नियमानुसार जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए।


माटीशिल्पियों को फरवरी के प्रथम सप्ताह से जिला एवं राज्य स्तर पर 15 दिवसीय प्रशिक्षण


मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड की माटीकला उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण योजना के तहत माटीशिल्पियों को फरवरी 2022 के प्रथम सप्ताह से जिला एवं राज्य स्तर पर 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए जिले से 03 प्रशिक्षणार्थियों का तक चयन किया जाना है। इसके लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा 24 जनवरी शाम 5.30 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन पत्र प्रारूप एवं अन्य जानकारी के लिए मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड के सीहोर स्थित कार्यालय (कार्यालय जिला पंचायत परिसर सीहोर) में संपर्क करें।

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