बिहार : टीकाकरण वाले व्यक्ति ओमीक्रोन वेरिएंट से हैं ज्यादा सुरक्षित :डॉ. नीरज - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

गुरुवार, 13 जनवरी 2022

बिहार : टीकाकरण वाले व्यक्ति ओमीक्रोन वेरिएंट से हैं ज्यादा सुरक्षित :डॉ. नीरज

vaccinated-people-safe-from-omicron-neeraj
पटना, 13 जनवरी, कोविड-19 के बढ़ते प्रभावों के मद्देनजर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो (पीआईबी) पटना द्वारा आज 'कोरोना की तीसरी लहर, ओमीक्रोन वेरिएंट और इससे बचाव' विषय पर पीआईबी, पटना के ट्वीटर हैंडल पर सवाल-जवाब का लाइव परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रुप में शामिल पटना एम्स के सहायक प्रोफेसर, ट्रामा एवं एमरजेंसी, क्लीनिकल कोऑर्डिनेटर कोविड-19 के डॉक्टर नीरज कुमार ने ओमीक्रोन वेरिएंट और उससे जुड़े ज्वलंत सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि जिन लोगों ने अभी तक अपना टीकाकरण नहीं करवाया है, उन पर कोविड19 का नया वेरिएंट अधिक घातक साबित हो रहा है और जिन्होंने टीका लिया है, वे अधिक सुरक्षित हैं।

 

डेल्टा वेरिएंट और ओमीक्रोन वेरिएंट के बीच अंतर पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए डॉ. नीरज ने कहा कि डेल्टा वेरीएंट जहां मरीजों के ऑक्सीजन स्तर को कम कर देता था, वहीं इस वेरीएंट में ऐसे लक्षण नहीं देखने को मिल रहे हैं, जिससे ऑक्सीजन का स्तर कम हो। उन्होंने कहा कि ओमीक्रोन वेरिएंट में 70 फ़ीसदी संक्रमण नाक के स्तर तक ही सीमित रह जाता है। वह फेफड़े तक नहीं पहुंच पाता है, जिसकी वजह से इससे संक्रमित मरीजों में ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्या नहीं देखने को मिल रही है। यही वजह है कि ओमीक्रोन से संक्रमित मरीज अस्पतालों में कम भर्ती हो रहे हैं।  डॉ नीरज ने कहा कि हमें घर की वेंटिलेशन में सुधार करना चाहिए। हमारा घर अधिक हवादार होने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अच्छी तरह से फिटिंग वाले मास्क पहनने चाहिए ताकि संक्रमण कहीं से प्रवेश ना करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह डॉक्टर के संपर्क में रहें, अधिक से अधिक टेली कंसल्टेशन का इस्तमाल करें, अनावश्यक घबराए नहीं, अच्छी क्वालिटी के मास्क का इस्तमाल करें, भीड़भाड़ में ना जाएं, पार्टियां ना करें और सबसे जरुरी अपनों से मोबाइल व विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े रहें। जरूरी दवाइयां अपने पास रखें। 


 वर्चुअल सवाल-जवाब परिचर्चा का संचालन पीआईबी, पटना के सहायक निदेशक संजय कुमार ने किया। साथ में डॉ अश्वनी कुमार ,यू एस ए आई डी आर आई एस ई ने सहयोग दिया।

कोई टिप्पणी नहीं: