सीहोर (मध्य प्रदेश) की खबर 10 फ़रवरी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 10 फ़रवरी 2022

सीहोर (मध्य प्रदेश) की खबर 10 फ़रवरी

रोजगार मिलने से युवाओं के चेहरे पर आई मुस्कान


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रोजगार मेले आयोजित कर लगातार शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता रही है कि युवाओं को उनके कौशल के अनुसार रोजगार मिले। जिले में भी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं रोजगार से जोड़ने के लिए रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे है। शासकीय सरदार वल्लभ भाई पटेल महाविद्यालय लाड़कुई में  अनेक कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने 163 युवक-युवतियो का प्राथमिक स्तर पर चयन कर 42 को ऑफर लेटर प्रदान किए। रोजगार मेले में आए दीपक हरियाले, अभिषेक सरयाम, रोहित धुर्वे, आकाश कुमार बताते है कि यह रोजगार मेला हमारे लिए बहुत उपयोगी रहा। इससे हमें अच्छी कम्पनियों में नौकरी मिल गई।


सीहोर जिले के सभी 1205 बूथों पर पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि, समर्पण दिवस के रूप मनाएगी भाजपा 

  • भाजपा को आत्मनिर्भर बनाने कार्यकर्ता करेंगे समर्पण निधि संग्रह अभियान का श्रीगणेश

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सीहोर । भारतीय जनता पार्टी  स्व. कुशाभाऊ ठाकरे जी के  जन्मशताब्दी वर्ष को संगठन पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पार्टी ने बूथ विस्तार अभियान चलाया। अब संगठन पर्व के अंतर्गत पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि 11 फरवरी को भाजपा सीहोर जिले के सभी 1205 बूथों पर पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय की पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनायेगी। भाजपा सीहोर जिले के मीडिया प्रभारी सुशील संचेती ने बताया की आज 11 फरवरी को जिले के सभी 1205 बूथों पर गठित बूथ समितियां,पन्ना प्रभारी,पेज समिति के सदस्य अपने अपने बूथों पर पंडित दीनदयाल जी उपाध्यक्ष को पुष्पांजलि अर्पित कर आज से समर्पण निधि संग्रह अभियान भी शुरू किया जाएगा। संचेती ने बताया की सीहोर जिले के सभी 19 मंडलो में आज बूथ स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। पार्टी के सभी वरिष्ठजन,सांसद,विधायक, जिले,मंडल,मोर्चे,प्रकोष्ठ के पदाधिकारी कार्यकर्ता आयोजित कार्यक्रमो में शामिल होंगे। संचेती ने बताया की आज समर्पण दिवस पर सभी मंडलो में बूथ स्तर से पार्टी को आर्थिक रूप से भी सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने के लिये समर्पण निधि संग्रह अभियान का भी श्रीगणेश किया जायेगा। इस बार प्रदेश नेतृत्व ने सीहोर जिले को 1.50 करोड़ (एक करोड़ 50 लाख ) का लक्ष्य दिया है। समर्पण निधि संग्रह अभियान के लिये आष्टा विधायक श्री रघुनाथसिंह मालवीय को इस धन संग्रह अभियान का जिला प्रभारी बनाया गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री रवि मालवीय एवं जिला प्रभारी विधायक रघुनाथसिंह मालवीय ने जिले को मिले लक्ष्य को पाने के लिये उस लक्ष्य को जिले के सभी 19 मंडलो को भी उनका लक्ष्य सौपा गया है। इसको लेकर सभी 19 मंडलो में कामकाजी बैठके भी सम्पन्न हो गई है।


युवाओं के जोश और उत्साह के साथ संपन्न हुई जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता


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नेहरू युवा केंद्र सीहोर द्वारा जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन चर्च ग्राउंड सीहोर में किया गया। जिला युवा अधिकारी श्रीमति निक्की राठौर ने कार्यक्रम की शुरुआत में खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के नियमों से अवगत कराया और कहा कि खेल जीवन में उत्साह और स्फूर्ति का संचार करता है, प्रतियोगिता में खेल भावना ही सबसे ऊपर होनी चाहिए। सीहोर, बुधनी, इछावर, नसरूल्लागंज, आष्टा विकासखंड से चयनित प्रतिभागियों ने रेफरी प्रमोद उइके की उपस्थिति में महिला और पुरुष वर्ग के अंतर्गत 200 मीटर दौड, 400 मीटर दौड़, कबड्डी, रस्साकसी, खो-खो में जोश और उत्साह के साथ प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। श्रीमति राठौर ने विजेताओं को महिला और पुरूष वर्ग में ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। श्री राजेन्द्र शर्मा ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर प्रशासनिक सहायक श्री नर्मदा प्रसाद सेन, पप्पू महेश्वरी, पवन पंसारी, मेघा महेश्वरी, पूजा सेन, हीरामणि वर्मा, कन्हैयालाल, गजेंद्र नागर, रानी वर्मा, पवन कुमार, अनिल पंवार ने सक्रिय सहभागिता की।


शासकीय पीजी कॉलेज में आयोजित किया गया पूर्व छात्र सम्मेलन


शासकीय चंद्रशेखर आजाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। महाविद्यालय में छात्रों ने विविध प्रकार की गतिविधियों खेल] सांस्कृतिक कार्यक्रमों] स्वास्थ्य शिविर एवं सामाजिक चेतना से संबंधित कार्यक्रमो के माध्यम से पूर्व छात्रों को महाविद्यालय से जोड़ा। छात्र सम्मेलन कार्यक्रम में पूर्व छात्रों से संपर्क करके समिति की गतिविधियों पर चर्चा करके कार्य योजना का क्रियान्वयन करवाने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में डॉ. भारत भूषण आर्य, डॉ. एमएस राठौर, श्री बीएल बकोरिया सहित अन्य छात्र उपस्थित थे।


जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता आयोजित


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नेहरू युवा केंद्र सीहोर द्वारा स्थानीय चर्च ग्राउंड में जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता की शुरुआत में खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के नियमों की जानकारी दी गई। इस प्रतियोगिता में सीहोर, बुधनी, इछावर, नसरूल्लागंज एवं आष्टा विकासखंड से चयनित प्रतिभागियों ने महिला और पुरुष वर्ग के अंतर्गत 200 मीटर दौड, 400 मीटर दौड़, कबड्डी, रस्साकसी, खो-खो की प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। विजेताओं को महिला और पुरूष वर्ग में ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक सहायक श्री नर्मदा प्रसाद सेन, जिला युवा अधिकारी श्रीमति निक्की राठौर,  पवन पंसारी, मेघा महेश्वरी, पूजा सेन उपस्थित थे।


जिले मे 10 फरवरी को 67 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिले


जिले में 10 फरवरी को प्राप्त रिपोर्ट में 67 व्यक्तियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वर्तमान में एक्टिव पॉजिटिव केस की संख्या 674 हो गई है।


रोजगार मेले में 163 युवक-युवतियों का हुआ प्राथमिक चयन


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जिले के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन एवं जिला रोजगार कार्यालय द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल शासकीय महाविद्यालय परिसर लाड़कुई में रोजगार मेला आयोजित किया गया। इस रोजगार मेले में 12वीं कक्षा से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त 18 वर्ष से 30 वर्ष की आयु वर्ग के युवा शामिल हुए। रोजगार मेले में 4 कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा 241 युवक-युवतियों का पंजीयन किया गया। जिसमें से 163 का प्राथमिक स्तर पर चयन एवं 42 युवक-युवतियों को ऑफर लेटर प्रदान किया गया। रोजगार मेले में सेल मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड मेहतवाड़ा ने प्राथमिक चयन 55 ऑफर लेटर 12 को, शिव शक्ति बायो टेक्नोलॉजी भोपाल ने प्राथमिक चयन 43 ऑफर लेटर 15 को, हर्बल लाइफ न्यूट्रीशन सीहोर ने प्राथमिक चयन 37 ऑफर लेटर 12 को एवं पेटीएम बैंक द्वारा 28 का प्राथमिक चयन कर 03 को ऑफर लेटर प्रदान किए।


किसान को अमरूद और मुनगा ने बनाया खेती को लाभ का धंधा, परंपरागत खेती के साथ उद्यानिकी फसलों से  किसान दिनेश को हुआ अच्छा फायदा


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परंपरागत खेती के साथ ही  फल और सब्जी की खेती से किसान दिनेश लोधी ने अपनी आमदानी बढ़ा ली है। जितना लाभ गेंहू, चना तथा सोयाबीन की खेती से होता था उससे कहीं अधिक लाभ फलों और सब्जी की खेती हो रहा है।  जहांगीरपुर निवासी किसाना दिनेश लोधी ने बताया कि मेरे परिवार में कुल तीन हेक्टेयर कृषि भूमि है। मेरे परिवार में हम चार भाई है और सभी पहले से परम्परागत रूप से गेहूं, चना एवं सोयाबीन की खेती करते थे। इस खेती में प्राकृतिक आपदा के दौरान बहुत नुकशान उठाना पढ़ता था। परंपरागत खेती से आय में लगातार कमी आने के कारण पलायन की स्थिति निर्मित हो गई थी। श्री दिनेश ने बताया कि  किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की आत्मा परियोजना के अंतर्गत आयोजित कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। इस संगोष्ठी में शामिल होने के बाद मैने पलायन का विचार त्याग दिया और नये ढंग से खेती करने का विचार किया।  इस संगोष्ठी में आए कृषि विभाग के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने फसल विविधीकरण पर विस्तृत तकनीकी जानकारी प्राप्त की । मैने कृषि फसलो के साथ-साथ उघानिकी फसलों विशेषरूप से बागवानी फसलो अमरूद, मौरिंगा की खेती करन तय किया और दो वर्ष पूर्व 01 एकड़ रकबे में पिंक ताईवान नामक अमरूद के पौधे लगाये । इसके एक साल बाद 02 एकड़ में व्ही.एन.आर के अमरूद एवं ओ.डी.सी. किस्म के मौरिंगा के पौधे लगाए।  श्री दिनेश ने बताया कि इस वर्ष मुझे  एक एकड़ रकबे से 2 लाख 40 हजार रूपए की अमरूद की फसल से आय प्राप्त हुई। अभी वर्तमान में 04 एकड़ में कृषि फसले एवं 03 एकड़ में उघानिकी  फसलो की खेती की जा रही है। आगले साल पूरे 03 हेक्टेयर भूमि पर उघानिकी  फसलो की खेती करने का मन बनाया है ।   (फोटो सलंग्न)


प्रधानमंत्री फसल बीमा खरीफ एवं रबी की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरण


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2020 एवं रबी 2020-21 की फसल बीमा दावा राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरण किया जाएगा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2020 एवं रबी 2020-21 की फसल बीमा दावा राशि का वितरण बैतूल जिले से सिंगल क्लिक के माध्यम से किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के किसानों को दावा राशि का भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाना है। इस कार्यक्रम का जिला स्तर पर कृषि उपज मंडी समिति सीहोर एवं जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में लाइव टेलिकास्ट के माध्यम से 12 फरवरी को प्रातः 12.00 बजे कृषको तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम स्थल से जोड़ा जायेगा। उप संचालक कृषि ने बताया कि  कृषि उपज मंडी, सीहोर प्रांगण में विधायकगण जनप्रतिनिधि एवं कृषकगणों की उपस्थिति में प्रातः 11:00 बजे कार्यक्रम प्रारंभ किया जाकर जिले के चयनित कृषकों को बीमा दावा राशि के प्रमाण पत्र वितरित किये जायेंगे। जिले के समस्त जनप्रतिनिधि एवं कृषकगणों से अपील की गई हैं, कि यह कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन करते हुये कार्यक्रम में उपस्थित होवे।


शासकीय माध्यमिक शालाओं की बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण


जिले की सभी शासकीय माध्यमिक शालाओं की बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण से छात्राओं में आत्म विश्वास में वृद्वि  करता है।  अपितु विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की रक्षा करने में सक्षम बनाता है। इसी उद्देश्य से वर्ष-2022-23 में समग्र शिक्षा अंतर्गत जिले की समस्त शासकीय माध्यमिक शालाओं में बालिकाओं की पढ़ाई के सथा आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिये जाने का प्रावधान वार्षिक कार्ययोजना 2021-22 में समस्म शासकीय माध्यमिक विधालय की बालिकाओं के लिए प्रशिक्षण  किया जाना है। जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र ने जानकारी दी कि जिले की ऐसी शासकीय माध्यमिक शालाओं को चिन्हांकित किया जाना है जहां बालिकाओं की दर्ज संख्या अधिक हो। जिले में कन्या माध्यमिक शालाऍ है तो उनका चयन अनिवार्य रूप से किया जाए।


प्रशिक्षक का चयन प्रक्रिया

प्रशिक्षक के रूप में समन्यत: महिला प्रशिक्षक का चयन किया जाए यदि महिला प्रशिक्षक न मिले तो एसी परिरिूथति में पूरूष प्रशिक्षक का चयन किया जा सकता है। परन्तु प्रशिक्षण के दौरान एक महिला शिक्षिका की पूर्ण समय उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रशिक्षकों को शाला प्रबंधन समिति द्वारा एक माह के लिए चयनित किया जा सकेंगा।


चयन की प्रक्रिया

जिला स्तर पर शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं के प्रशिक्षकों की एक सूची तैयार की जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षक की सूची जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय की खेल शाखा स्कूल शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी(स्पोर्ट्सऑफिसर) से भी संपर्क कर सूची प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त जिले में नियुक्त म०प्र० कराटे एसोसिएशन से भी सूची प्राप्त की जा सकती है।


प्रशिक्षक की योग्यता

प्रशिक्षक सेल्फ डिफेंस सर्टिफिकेशन कोर्स ब्लेक बेल्ड इत्यादि योग्यताधारी होना चाहिए। जिला एवं विकास खण्ड के स्कूलों में पुलिस अधिक्षक कार्यालय से सम्पर्क कर योग्य प्रशिक्षत व्यक्ति की सेवाएं ली जा सकती है। विगत वर्षों में जिन प्रशिक्षकों का चयन किया गया था उन7का संतोष्फाप्रद कार्य रहा हो तो उन्हें एक माह का अतिरिक्त कार्य सौंपा जा सकता है। प्रशिक्षकों की उपलब्धता को ध्यान में रखाते हुए एक प्रशिक्षक को एक से अधिक शाला का दायित्व भी सौपा जा सकता है।परन्तु ध्यान रखा जाये की प्रत्येक शाला में सप्ताह में 05 दिवस प्रशिक्षण कार्य अनिवार्य रूप से किया जा सके।जिला स्तर पर विज्ञापन के माध्यम से भी सूची तैयार कर प्रशिक्षको पत्र लिखकर शाला प्रबंध समिति को आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रत्येक स्कूल के सूचना पटल पर ग्राम पंचायत एवं विकास खण्ड समन्वयक अधिकारी जनपद एवं जिला जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय में सूचना पत्र चस्पा किया जाएगा। इसमें इच्छक अभ्यार्थी संबंधित शाला प्रबंधन समिति को 15 फरवरी तक आवेदन किया जा सकता है।


प्रशिक्षक का चयन शाला प्रबंधन समिति द्वारा किया जाएगा

प्रशिक्षक का चयन शाला प्रबंधन समिति द्वारा किया जाएगा। प्रशिक्षण 20 फरवरी  से 31 मार्च 2022 तक किया जायेगा। संबंधित स्कूल में प्रत्येक कक्षा की बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण का एक पीरीयड रखा जायेगा जिसमें प्रशिक्षण द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। बालिकाएँ जो इसी वर्ष प्रशिक्षण में सम्मलित होंगी उनके लिए मूलभूत प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण के व्यय प्रतिशाला रूपये 5 हजार का प्रावधान है। व्यय शालावार निर्धारित लिमिट के अन्तर्गत किया जा सकेगा। प्रशिक्षक को रू3 हजार प्रतिमाह के मान से मानदेय प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षिक को शाला की समस्त बालिकाओं को प्रशिक्षित करना होगा।


कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल जारी 16 मार्च और 15 मार्च से शुरू होंगी


स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षिक सत्र 2021-22 की कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया गया है। संचालक लोक शिक्षण ने बताया कि प्रदेश के सभी शासकीय हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षा सुबह 8:30 से 11:30 के बीच आयोजित की जाएंगी। कक्षा नौवीं की परीक्षा 16 मार्च से 12 अप्रैल 2022 तक और कक्षा 11वीं की परीक्षा 15 मार्च से 13 अप्रैल 2022 तक आयोजित की जाएगी।  स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षाओं के संचालन के संबंध में सभी संभागीय अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और विद्यालयों के प्राचार्य को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी विद्यालयों में प्रश्न पत्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद् द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। परीक्षा केंद्र पर सभी परीक्षार्थियों को सुबह 8 बजे उपस्थित होना अनिवार्य होगा। परीक्षा कक्ष में सुबह 8:15 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर सभी परीक्षार्थियों को कोविड-19 सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट पहले विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका और 5 मिनट पहले प्रश्न पत्र दिए जाएंगे। सभी श्रेणी के दिव्यांग विद्यार्थियों को 20 मिनट प्रति घंटे के हिसाब से अतिरिक्त समय और लेखक की सुविधा प्रदान की जाएगी।


संत रविदास जयंती समारोह 16 फरवरी को


जिला स्तर एवं ग्राम पंचायत स्तर पर 16 फरवरी को संत रविदास जयंती समारोह आयोजित होगा। जिला एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रम प्रातः 11.30 बजे अनिवार्य रूप से प्रारम्भ किया जाएगा एवं उपस्थित अनुयायियों को राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दोपहर 12 बजे से वेबकास्ट के माध्यम से सीधा प्रसारण किया जाएगा। आयोजित कार्यक्रम में संत रविदास के भजनों का कार्यक्रम भी होगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर संत रविदास की जीवनी पर आधारित उद्बोधन कराया जाएगा। हितग्राही मूलक योजना में लाभांवित होने वाले 5 से 10 हितग्राहियों की जिला मुख्यालय के कार्यक्रम में उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।


पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी


राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण वर्ष 2022 की तैयारी के लिए पूर्व निर्धारित समय सारणी के द्वितीय चरण हेतु संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक शिफ्टिंग सूची, विलोपन वेरीफिकेशन सूची और संशोधन वेरीफिकेशन सूची में मार्किंग कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को अब 10 फरवरी तक प्रदान करना होगा। वहीं इस सूची में प्राधिकृत कर्मचारी द्वारा की गई मार्किंग की रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच एवं वेरीफिकेशन की अंतिम तिथि 14 फरवरी निर्धारित की गई है। जबकि शिफ्टिंग विवादों के निराकरण का कार्य 21 फरवरी तक और शिफ्टिंग संबंधी विवादों का निराकरण 23 फरवरी तक तथा मार्कड शिफ्टिंग सूची, विलोपन वेरीफिकेशन सूची और संशोधन वेरीफिकेशन सूची ई.आर.एम.एस. में प्रविष्टि हेतु वेन्डर को सौंपने की तिथि अब 25 फरवरी हो गई है। आयोग के अनुसार अब शिफ्टिंग, विलोपन और संशोधन की कार्यवाही उपरांत चेकलिस्ट रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को 3 मार्च तक और चेकलिस्ट की जांच व त्रुटि सुधार कर वेंडर को चेकलिस्ट वापस कर, त्रुटियों को सुधार कर एकीकरण का कार्य 7 मार्च तक संपादित की जाना है।


निक्षेप राशि वापसी करने की कार्यवाही जारी


त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2021 के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा नाम निर्देशन पत्रों के साथ निक्षेप राशि जमा की गई थी। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पत्रानुसार त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2021-22 की समस्त कार्यवाही निरस्त की गई है। आयोग के निर्देशानुसार अभ्यर्थियों द्वारा जमा की गई निक्षेप राशि वापसी करने की कार्यवाही क्रियान्वित है। जिला पंचायत सदस्य के लिए जमा की गई निक्षेप राशि जिला नाजिर कलेक्ट्रेट से प्राप्त करें तथा पंच सरपंच एवं जनपद सदस्य हेतु जमा की गई निक्षेप राशि संबंधित तहसीलदार के कार्यालय से प्राप्त करें।


जनता को समय पर सुगमता से लोक-सेवाओं का प्रदाय, सुशासन के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी बदलाव


सुशासन की अवधारणा है "जनता को बिना लिए-दिए समय पर बिना किसी असुविधा के लोक-सेवाएँ प्रदान करना।" इस अवधारणा को मध्यप्रदेश में मूर्तरूप दिया गया है। वर्ष 2010 में सुशासन के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल करते हुए लोक सेवा गारंटी कानून को मध्यप्रदेश में लागू किया गया। प्रदेश में इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और आधुनिक तकनीकी के भरपूर उपयोग से कम से कम समय में सुगमता के साथ जनता को लोक-सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। सीएम जन-सेवा योजना से जनता को उनके मोबाइल फोन पर ही खसरे की नकल जैसी सुविधाएँ तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत कुछ सेवाओं के लिये "डीम्ड सेवा प्रदाय" का प्रावधान क्रांतिकारी कदम हैं। वर्तमान में लोक सेवा गारंटी कानून में जनता को कुल 560 सेवाएँ सफलतापूर्वक दी जा रही हैं। इस कानून की एक विशेषता यह है कि समय-सीमा में आवेदन का निराकरण न करने पर जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध अर्थ-दण्ड का प्रावधान है। राजस्व प्रशासन में लोकोन्मुखी सेवाओं की संख्या अधिक होने से यह विभाग नवाचारों का केन्द्र-बिन्दु रहा है। इन नवाचारों की प्रमुख विशेषताएँ हैं जनता के हित में कानूनों, नियमों एवं प्रक्रियाओं में संशोधन एवं उनका सरलीकरण, आधुनिक तकनीकी का प्रभावी प्रयोग, लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाइजेशन जैसे कार्यक्रमों से अभिलेखों का डिजिटाइजेशन और कॉल-सेंटर, मोबाइल जैसे सेवा प्रदाय के साधनों का प्रयोग।


दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड बनाने में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर


बस सेवाओं में दिव्यांग व्यक्तियों को 50 प्रतिशत छूट देने के निर्देश दिये हैं। दिव्यांग व्यक्ति को यूडीआईडी कार्ड दिखाने पर यह छूट मिल जायेगी। दिव्यांग व्यक्ति को दिव्यांगजन सक्षम प्राधिकारी के प्रमाण-पत्र के रूप में केन्द्र या राज्य शासन द्वारा जारी यूनीक डिसऐबिलिटीज आई.डी. कार्ड प्रस्तुत करने पर किराये में 50 प्रतिशत छूट का लाभ दें। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा यूनीक आई.डी. फॉर पर्सन विद डिसऐबिलिटीज (यूडीआईडी) प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसमें दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड दिये जा रहे हैं। कार्ड के माध्यम से दिव्यांग केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। यूडीआईडी कार्ड निर्माण में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है।


गाय, भैसों में अब बछिया-पडिया ही पैदा होगी


पशुपालन विभाग ने बताया है कि गाय भैंसों में कृत्रिम गर्भाधान सेक्स सोर्टेड सीमन द्वारा गर्भित किया जाएगा। जिसके फलस्वरूप 90 प्रतिशत बछिया-पडिया ही पैदा होगी। सेक्स सोर्टेड सीमन का शुल्क सामान्य वर्ग के लिये 450 रूपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 400 रूपये रहेगा। विभाग बताया कि गाय में जर्सी, गिर, साहीवाल एवं भैंस में मुर्रा नस्ल का सीमन सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में पशु चिकित्सालयों में उपलब्ध है। पशु पालक जो पशु चिकित्सालय एवं पशु औषधालय से 03 कि.मी. की दूरी पर निवास करते है। वे कॉल करके घर पहुंच सेवा (150 रूपये शुल्क) का लाभ ले सकते है। पशुपालकों से आग्रह किया है कि वे सीमन द्वारा अपने गौवंशीय एवं भैंस वंशीय पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान करवाकर योजना का लाभ लें।


भू-अभिलेख की वेबसाइट से ले सकते है भूमि सम्बन्धी जानकारी


जिले के किसान भू-अभिलेख की वेबसाइट https://mpbhulekh.gov.in पर स्वयं रजिस्ट्रेशन अथवा एमपी ऑनलाइन पोर्टल कियोस्क एवं लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से खेती किसानी से जुड़े खसरा की प्रतिलिपि, बी-1 की प्रतिलिपि, नक्शा की प्रतिलिपि, खसरा की प्रतिलिपि (खाते के समस्त), खातावार खसरा की प्रतिलिपि, आदेश की प्रतिलिपि, अधिकार अभिलेख की प्रतिलिपि के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नागरिकगण डिजीटली हस्ताक्षरित दस्तावेज भी डाउनलोड बटन क्लिक कर प्राप्त कर सकते हैं। प्रमाणित एवं अप्रमाणित दोनो प्रकार की प्रतिलिपि प्राप्त की जा सकती है। प्रमाणित प्रतिलिपि के लिए शुल्क है, जिसका ऑनलाइन भुगतान विभिन्न माध्यमों से किया जा सकता है, अप्रमाणित प्रतिलिपि निःशुल्क है। प्रमाणित प्रतिलिपि अंतर्गत सभी भूमि रिकॉर्ड डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित हैं, जो नागरिकों को वित्तीय लेनदेन, भूमि रजिस्ट्री, बैंक और अन्य राजस्व विभाग कार्य में उपयोगी होंगे। ऑनलाइन आवेदन जमा करने हेतु सर्वप्रथम https://mpbhulekh.gov.in पर ‘‘रजिस्टर एस ए पब्लिक यूजर’’ के विकल्प के माध्यम से पंजीयन करना होगा जिसके पश्चात आपको यूजर आइ.डी. एवं पासवर्ड उपलब्ध होगा जिसका उपयोग कर लॉगिन करने के पश्चात खसरा की प्रतिलिपि, बी-1 की प्रतिलिपि, नक्शा की प्रतिलिपि, खसरा की प्रतिलिपि, खातावार खसरा की प्रतिलिपि, आदेश की प्रतिलिपि, अधिकार अभिलेख की प्रतिलिपि के लिए विकल्प का चयन कर आवेदन दर्ज किया जा सकता है।


आयुष्मान योजना का लाभ लेने की अपील


आयुष्मान भारत निरामयम मध्यप्रदेश योजना के तहत अलग-अलग बीमारियों के नि:शुल्क इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों को चिह्नित और संबद्ध किया गया है। अस्पताल में इलाज कराने जाएं तो आयुष्मान के तहत वहां उपलब्ध मुफ्त उपचार के बारे में जानकारी अवश्य लें। जिले के आयुष्मान_भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों की सूची जानने के लिए अपनाएं ये प्रक्रिया सबसे पहले https://hospitals.pmjay.gov.in/Search/empnlWorkFlow.htm?=ViewRegisteredHosptlsNew पर क्लिक करें। State कॉलम में Madhya Pradesh और District कॉलम में अपने जिले का चयन करें। Hospital Type कॉलम में सरकारी/निजी अस्पताल श्रेणी का चयन करें या इसे खाली छोड़ दें। Speciality कॉलम में यदि बीमारी श्रेणी का पता हो तो दर्ज करें अन्यथा खाली छोड़ें। Hospital Name का कॉलम खाली छोड़ें और Empanelment Type कॉलम में PMJAY का चयन करें। नीचे दिए रिक्त स्थान में Captcha Code डालें और Search बटन पर क्लिक करें।


उर्दू अकादमी द्वारा लेखकों से प्रतिष्टियां 18 तक आमंत्रित


संस्कृति विभाग की मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा इस वर्ष 6 अखिल भारतीय पुरस्कार और 13 प्रादेशिक पुरस्कार दिये जाने हैं। अकादमी द्वारा वर्ष 2019, 2020 और 2021 में प्रकाशित पुस्तकों पर भी पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है। अकादमी द्वारा सभी पुस्तक लेखकों से वर्ष 2021 में प्रकाशित पुस्तक की चार-चार प्रतियाँ, निर्धारित फार्म में 18 फरवरी, 2022 तक चाही गयी है। सभी लेखक फार्म और प्रतियाँ कार्यालय म.प्र. उर्दू अकादमी, मुल्ला रमूजी संस्कृति भवन, चाणगंगा रोड, भोपाल में निर्धारित तिथि से पहले जमा कर सकते है। निर्धारित फार्म म.प्र. उर्दू अकादमी की वेबसाईट से प्राप्त किया जा सकता है। आवश्यक जानकारी के लिए उर्दू अकादमी के फोन नंबर 0755-2551691 और ईमेल mpurduacademy 1976@gmail.com पर सम्पर्क किया जा सकता है।


मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम 15 से 18 फरवरी तक सघन पोषण अभियान


महिला एवं बाल विकास ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम अंतर्गत संभाग के सभी जिले में 15 फरवरी से 18 फरवरी तक की अवधि में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संघन पोषण अभियान का आयोजन किया जाएगा। सघन पोषण अभियान का उद्देष्य सभी वर्गों और क्षेत्रों में बच्चों के पोषण के प्रति परिवार एवं समुदाय को जागरूक करते हुए स्वस्थ रहने हेतु परिवार और बच्चों में स्पर्धा की भावना को बढ़ावा देते हुए वर्तमान में पोषण के स्तर की जानकारी प्राप्त करना है। जिले में सघन पोषण अभियान का प्रारंभ 15 फरवरी को समारोह पूर्वक किया जाएगा। अभियान में सहयोगी संस्था क्लब/रेडक्रॉस सोसाइटी तथा एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी कार्यक्रम में सहयोगीजनों को आमंत्रित किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत टोले, मजरे/अनकवर्ड क्षेत्र के छूटे हुए बच्चों के शारीरिक माप हेतु हितग्राही के घर-घर जाकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहयोगी संस्थाओं द्वारा पोषण दस्तक दी जाएगी। माप उपरांत सेम श्रेणी के चिन्हांकित बच्चों को मुख्यमंत्री बाल आरोग्यम संवर्द्धन कार्यक्रम में शामिल कर उपचारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।


सभी अस्पतालों में उपचार सुविधाओं का साइन-बोर्ड लगायें, उपचार, जाँच और दवाइयों की उपलब्धता के साथ आमजन को जानकारी भी जरूरी


लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा है कि सभी अस्पतालों में उपचार की उपलब्ध सुविधाओं, विभिन्न प्रकार की जाँच और दवाइयों से संबंधित जानकारी के साइन-बोर्ड लगाये जायें। उन्होंने कहा कि उपचार, जाँच और दवाइयों की उपलब्धता के साथ आम नागरिकों को इनकी जानकारी होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सिविल अस्पताल और जिला अस्पताल में उपचार, विभिन्न प्रकार की जाँच और दवाइयों की उपलब्धता होने के बाद भी कई बार आम आदमी निजी अस्पतालों में जाते हैं। इसका एक बड़ा कारण आम नागरिकों को यह जानकारी नहीं होना है कि उनके समीप के सरकारी अस्पताल में इलाज की वे सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके लिये जरूरी है कि उन्हें जानकारी दी जाये।


बच्चों के हीमोग्लोबिन का रिकॉर्ड रखा जायेगा

एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत सभी शासकीय और शासकीय अनुदान प्राप्त स्कूलों और आँगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों के हीमोग्लोबिन का रिकॉर्ड रखा जायेगा। इसके लिये सभी बच्चों के खून की जाँच की जायेगी। स्कूल में ही हीमोग्लोबिनो मीटर से खून की जाँच कर हीमोग्लोबिन का स्तर पता किया जायेगा। इसके लिये आरबीएस के दल द्वारा शालाओं में वर्ष में एक बार और आँगनवाड़ी केन्द्रों में वर्ष में दो बार एनीमिया की जाँच की जायेगी। खून की कमी वाले चिन्हित बच्चों और किशोर-किशोरियों को उपचार के लिये औषधियाँ भी दी जायेंगी। गंभीर खून की कमी वाले (एनिमिक) बच्चों को स्वास्थ्य संस्थाओं पर रेफर किया जायेगा, जहाँ पर चिकित्सकों द्वारा उनकी पुन: जाँच कर यथोचित उपचार सुनिश्चित किया जायेगा।


घर में जल पहुँचाता - जल जीवन मिशन


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जल जीवन मिशन में पूर्ण और प्रगतिरत कार्यों की निरन्तर समीक्षा की जाती है। विगत दिनों मिशन के लाभार्थी ग्रामीण परिवारों से वर्चुअल संवाद में भी ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों, ग्रामीण परिवार की महिलाओं ने अपने सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि जल की हर बूँद का कितना महत्व है। उन्होंने कहा कि मिशन में संचालित जल-प्रदाय योजनाएँ बेहतर क्रियान्वित होंगी और लम्बे समय तक उपयोग की जा सकेगी क्योंकि इनमें हमारी आधी-आबादी की पर्याप्त भागीदारी है। जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन के जरिए जल उपलब्ध करवाना है। इसके पूरा होने पर परिवार की महिलाओं के चेहरे पर जो मुस्कराहट आती है, वह सरकार द्वारा किए गये विकास कार्यों की शीतल झुअन है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश के हर ग्रामीण परिवार को नल से जल मुहैय्या करवाकर हमें अपनी बहन-बेटियों की पानी के लिए लगने वाली मेहनत और समय बचाना है। प्रदेश ने राष्ट्रीय जल जीवन मिशन में जल-प्रदाय योजनाओं का कार्य जून 2020 में प्रारम्भ किया था। केन्द्र और राज्य के समान अंश से संचालित मिशन की गतिविधियों में 15 जिले ऐसे हैं जिन्होंने अपने लक्ष्य के विरूद्ध 45 प्रतिशत से अधिक प्रगति अर्जित कर ली है। मिशन संचालन के करीब 19 माहों (जनवरी अंत तक) में प्रदेश के 12 जिलों ने सैकड़ा की संख्या में अपने ग्रामों के शत-प्रतिशत परिवारों को नल कनेक्शन के जरिए जल पहुँचाने की व्यवस्था की है। प्रदेश के सभी ग्रामीण परिवारों को उनके घर में ही नल कनेक्शन से जल उपलब्ध करवाने के लिए कुल एक करोड़ 22 लाख क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य है। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन की गाइड-लाइन के अनुसार मिशन के कार्य 2024 तक पूर्ण किए जाना हैं। जल जीवन मिशन में अब तक 46 लाख 24 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन से जल उपलब्ध करवाकर प्रदेश ने भी मिशन में निर्धारित अपने लक्ष्य में 37.71 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम अपनी पूरी क्षमता और दक्षता के साथ मिशन में जल-प्रदाय योजनाओं को पूर्ण करने के लिए प्रयासरत हैं। जल जीवन मिशन में पूर्ण जिन जल-प्रदाय योजनाओं से ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन से जलापूर्ति की जा रही है उनके जल परीक्षण की माकूल व्यवस्था भी की गई है। ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की पांच महिलाओं को समुचित प्रशिक्षण देकर एफ.टी.के. किट के माध्यम से जल परीक्षण करना सिखाया गया है। अब स्थानीय स्तर पर जल की गुणवत्ता का परीक्षण हो रहा है। इसी तरह ग्रामों की नल-जल योजना में आई किसी तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए स्थानीय युवाओं को मोटरपम्प रिपेयरिंग, प्लम्बर, पम्प-ऑपरेटर, मेसन, फिटर और इलेक्ट्रिशियन जैसे प्रशिक्षण दिए गये हैं।


कृषि के क्षेत्र में मध्‍यप्रदेश देश में सर्वोपरि


किसानों की अथक मेहनत से प्रदेश कृषि विकास के क्षेत्र में सर्वोपरि है। प्रदेश को कृषि उत्पादन तथा योजना संचालन क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए सात कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त हुए हैं। प्रदेश दलहन-तिलहन के क्षेत्र और उत्पादन में देश में प्रथम है। सोयाबीन, उड़द के क्षेत्र एवं उत्पादन में प्रदेश, देश में प्रथम है। गेहूँ, मसूर, मक्का एवं तिल फसल के क्षेत्र एवं उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। सम्पूर्ण खाद्यान्न फसलों के उत्पादन में प्रदेश का देश में तीसरा स्थान है। मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले कृषि को लाभदायी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाये थे। मुख्यत: पाँच आधार बिन्दु क्रमश: कृषि लागत में कमी, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, कृषि विविधीकरण, उत्पाद का बेहतर मूल्य और कृषि क्षेत्र में आपदा प्रबंधन पर संकल्पित होकर कार्य किया गया। वर्ष 2004-05 में प्रदेश का कुल कृषि उत्पादन मात्र 2 करोड़ 38 लाख मी.टन था जो वर्ष 2020-2021 में बढ़कर 6 करोड़ 69 मी. टन हो गया है।


जैविक/ प्राकृतिक खेती

प्रदेश में जैविक खेती का कुल क्षेत्र लगभग 16 लाख 37 हजार हेक्टेयर है जो देश में सर्वाधिक है। जैविक उत्पाद का उत्पादन 14 लाख 2 हजार मी.टन रहा, जो क्षेत्रफल की भाँति ही देश में सर्वाधिक है। जैविक खेती को प्रोत्साहन स्वरूप प्रदेश में कुल 17 लाख 31 हजार क्षेत्र हेक्टेयर जैविक प्रमाणिक है, जिसमें से 16 लाख 38 हजार एपीडा से और 93 हजार हेक्टेयर क्षेत्र, पी.जी.एस. से पंजीकृत है। प्रदेश ने पिछले वित्त वर्ष में 2683 करोड़ रूपये के मूल्य के 5 लाख मी.टन से अधिक के जैविक उत्पाद निर्यात किये हैं। प्रदेश में जैविक वनोपज भी ली जा रही है। इस वर्ष प्रदेश में 99 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य है। प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में जैविक/ प्राकृतिक खेती को शामिल करने की योजना है। दोनों कृषि विश्वविद्यालय में कम से कम 25 हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती प्रदर्शन श्रेत्र में बदला जायेगा।


प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

वर्ष 2016 से प्रारम्भ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए प्रदेश के वार्षिक बजट में 2200 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान है। प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कुल वर्षवार 4 करोड़ 43 लाख 61 हजार 570 किसान खरीफ 2016 से रबी 2021-22 तक (पाँच वर्षों में) पंजीकृत हुए। वर्तमान समय तक 73 लाख 69 हजार 614 किसानों को रबी 2019-20 तक की राशि 16 हजार 750 करोड़ 87 लाख रूपये का दावा राशि का वितरण किया गया है। यह प्रीमियम से दावा राशि का 93.41 प्रतिशत है।फसल बीमा का एंड-टू-एंड कम्‍प्‍युटराईजेशन प्रक्रियाधीन है। बीमा इकाई निर्धारण की प्रक्रिया भू-अभिलेख के साथ एकीकृत कर पूर्णत: ऑनलाईन है। औसत उपज उत्पादन के आकलन में रिमोर्ट सेंसिंग तकनीक के उपयोग की परियोजना प्रारंभ की गई है। पंजीयन की प्रक्रिया को आधार कार्ड से लिंक किया है, जिससे एक रकबे का एक ही बार बीमा हो सकेगा और दोहरीकरण की स्थिति निर्मित नहीं होगी।


प्रदेश देश में बीज प्रमाणीकरण में अग्रणी

प्रदेश देश में बीज प्रमाणीकरण में अग्रणी है। बीज की गुणवत्ता के लिये क्यू.आर. कोड के प्रयोग का नवाचार किया गया है। किसानों की भागीदारी से संकर बीजों का उत्पादन कर प्रदेश को हाइब्रीड बीज उत्पादन का हब बनाया जा रहा है। प्रत्येक संभाग में एक के मान से दस उर्वरक और बीज परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है। उन्नत बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए रोलिंग प्लान को अद्यतन किया गया है। तीन हजार नये बीज ग्राम विकसित किये जा रहे हैं।


सिंचाई सुविधा का विस्तार

पिछले डेढ़ दशक में सिंचाई का बजट 1005 करोड़ से बढ़ाकर 10 हजार 928 करोड़ रूपये किया गया है। यही वजह है कि 7.5 लाख हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता 6 गुना बढ़कर आज की स्थिति में 43 लाख हेक्टेयर है। इस क्षमता को अगले तीन वर्ष में 65 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य है। अकेले पिछले 2 वर्ष में 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता निर्मित की जा चुकी है। वर्तमान में 60 हजार करोड़ से अधिक की लागत की 361 सिंचाई योजनाएँ निर्माणाधीन हैं। आने वाले तीन साल में 30 हजार करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति दी जायेगी। जिन क्षेत्रों में पारम्परिक माध्यमों से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना संभव नहीं है, वहाँ भी पर ड्राप मोर क्राप कार्यक्रम सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।


नर्मदा घाटी की सिंचाई योजनाएँ

राज्य सरकार प्रदेश को आवंटित 18.25 एमए एफ नर्मदा जल का वर्ष 2024 तक उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। वर्तमान में साढ़े 12 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा के‍लिए 35 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं का निर्माण प्रगति पर है।

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