बिहार : धार्मिक स्थलों में भी सिर्फ आंतरिक पूजा अनुमान्य है - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 2 फ़रवरी 2022

बिहार : धार्मिक स्थलों में भी सिर्फ आंतरिक पूजा अनुमान्य है

  • 6 फरवरी तक प्रभावी वर्तमान कोविड गाइड लाइन के अनुरूप  शैक्षणिक संस्थानों में माँ सरस्वती की प्रतिमा नहीं होगी स्थापित
  • सरस्वती पूजा के आयोजन, भूमि विवाद निराकरण एवं मद्य निषेध को लेकर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की बैठक

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नालंदा। सरस्वती पूजा के आयोजन, भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निराकरण एवं मद्य निषेध के अनुपालन को लेकर आज जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर एवं पुलिस अधीक्षक श्री अशोक मिश्रा ने अनुमंडल, प्रखंड एवं थाना स्तरीय पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की।   बताया गया कि राज्य सरकार के स्तर से जारी वर्तमान कोविड गाइडलाइन 6 फरवरी तक प्रभावी है। इस अवधि में सभी विद्यालय, कॉलेज, कोचिंग संस्थान एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। वर्तमान में प्रभावी गाइडलाइन के अनुरूप किसी भी शैक्षणिक संस्थान में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित नहीं की जाएगी।  धार्मिक स्थल भी प्रभावी गाइडलाइन के अनुरूप केवल आंतरिक पूजा के लिए खुले हैं। इसमें श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित है। परंपरागत रूप से टेंट-पंडाल में सरस्वती पूजा का आयोजन करने वाले आयोजकों को कोविड गाइडलाइन एवं अन्य प्रभावी गाइडलाइन के अनुपालन की शर्तों के साथ लाइसेंस प्राप्त करना होगा।  पूजा स्थल पर किसी भी समय 50 से अधिक व्यक्तियों का जमावड़ा नहीं होना चाहिए। डीजे पूर्ण तरह से प्रतिबंधित है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में इसका उपयोग नहीं किया जाएगा। इस आशय का नोटिस सभी डीजे संचालकों को भी निर्गत करने का निर्देश दिया गया। इसका उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध करवाई के साथ-साथ डीजे उपकरण भी जप्त किया जाएगा।  पूजा के आयोजन के लिए निर्गत लाइसेंस में सभी शर्तों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा। आयोजनकर्त्ता के साथ-साथ वॉलिंटियर्स का भी नाम, पता एवं मोबाइल नंबर आवेदन के साथ लिया जाएगा।  प्रतिमा के विसर्जन में किसी भी तरह का जुलूस /शोभा यात्रा नहीं निकाली जाएगी। अधिकतम 10 लोगों के साथ प्रतिमा विसर्जन की अनुमति होगी।  कोविड अनुकूल व्यवहार एवं लाइसेंस की शर्तों के अनुपालन के साथ ही पूजा आयोजन की अनुमति रहेगी। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख विसर्जन घाटों पर नाव की उपलब्धता एवं गोताखोर की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। भूमि विवाद निराकरण के लिए प्रत्येक थाना स्तर पर शनिवार को विशेष शिविर का आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है। कुछ जगहों पर बैठक की कार्यवाही को पोर्टल पर अपलोड करने में विलंब किया गया है। इस संबंध में सभी थाना प्रभारियों को बैठक की कार्यवाही नियमित रूप से ससमय निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया। भूमि विवाद से संबंधित महत्वपूर्ण मामलों की सूची थाना स्तर पर पंजी में दर्ज करने का निर्देश दिया गया तथा ऐसे मामलों के निराकरण के लिए प्राथमिकता से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।  मद्य निषेध के लिए लगातार आसूचना संकलन एवं छापामारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। जप्त शराब का विनष्टीकरण विहित प्रक्रिया के तहत त्वरित रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया। शराब के व्यापार में संलिप्त असामाजिक तत्वों के विरुद्ध धारा 107 एवं सी सी ए के तहत नियमित रूप से निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी आदि विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

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