सीहोर (मध्य प्रदेश) की खबर 11 फ़रवरी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2022

सीहोर (मध्य प्रदेश) की खबर 11 फ़रवरी

शुभारंभ अवसर पर ही भाजपा नगर मंडल ने की प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा को तीन लाख 51 हजार की राशि भेंट


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सीहोर। भारतीय जनता पार्टी  स्व. कुशाभाऊ ठाकरे जी के जन्मशताब्दी वर्ष को संगठन पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पार्टी ने बूथ विस्तार अभियान के साथ राशि समर्पण निधि संग्रह अभियान को लेकर भाजपा नगर मंडल के तत्वाधान में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के द्वारा शुभारंभ अवसर पर ही करीब तीन लाख 51 हजार रुपए की राशि भेंट की। इस संबंध में जानकारी देते हुए भारतीय जनता पार्टी के नगर मंडल अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने बताया कि शुक्रवार को नगर के सैकड़ाखेड़ी पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष श्री शर्मा का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया था। इसके बाद भाजपा के जिलाध्यक्ष रवि मालवीय, सीहोर विधायक सुदेश राय, भाजपा के वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह मुकाती आदि की उपस्थिति में लाखों की राशि समर्पण निधि संग्रह अभियान के शुभारंभ अवसर पर ही भेंट की। भाजपा नगर मंडल के अध्यक्ष श्री राठौर ने बताया कि शुक्रवार को पं. उपाध्याय की जयंती समर्पण दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर प्रदेशाध्य श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का भी यही लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। प्रत्येक कार्यकर्ता को संपर्क, संवाद व समर्पण के माध्यम से पं. दीनदयाल द्वारा बताए मार्ग पर चलना चाहिए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार समर्पण राशि भेंट की। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए एकात्म मानवतावाद का मंत्र दिया था।  केंद्र राज्य सरकार की योजनाओं एवं विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने भाजपा नगर मंडल के कर्मठ कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष श्री मालवीय, सीहोर विधायक श्री राय और प्रभारी भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री मुकाती और भाजपा के नगर मंडल के अध्यक्ष श्री राठौर सहित भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य जन-जन तक पहुंचना है। 


आज देश के 70% भूभाग पर भाजपा काबिज है,हमें इस बात का घमंड नहीं गर्व है- श्री विष्णु दत्त शर्मा प्रदेश अध्यक्ष मप्र भाजपा

  • इछावर विधानसभा क्षेत्र के थुनाकला के बूथ क्रमांक 78,79 से प्रदेश अध्यक्ष ने समर्पण अभियान का किया श्री गणेश कार्यक्रम के पूर्व भगवान श्री गणेश जी के किए दर्शन पूजन एवं लिया आशीर्वाद
  • समर्पण पुस्तक का किया विमोचन 

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सीहोर। आज देश में एवं प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार गरीबों का जीवन बदलने का कार्य कर रही है। इस कार्य और विचार के पीछे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का एकात्म मानववाद एवं अंत्योदय का सिद्धांत मूल मंत्र है। यह कहना है मप्र भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष श्री वीडी शर्मा का जो उन्होंने आज सीहोर जिले की इछावर विधानसभा क्षेत्र के बरखेड़ी मंडल के बूथ क्र 78,79 से पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर आयोजित समर्पण अभियान का श्रीगणेश करते हुए कहे। श्री शर्मा ने कहा आज का दिन याद करने का दिन है। पंडित जी ग्राम नागला चंदभान ग्राम के निवासी थे देश के प्रधानमंत्री जब उस छोटे से ग्राम के उस स्मारक पर गए तब उन्होंने एक चित्र को नमन किया उसे देखकर भावविभोर हो गए उनकी आंखों से आंसू निकल आए इसके पीछे कारण यह था कि जिस व्यक्ति के चित्र के आगे नतमस्तक हो कर वे खड़े थे वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय का चित्र था, तथा वो उनके उस निवास स्थान का चित्र जो एक झोपड़ी में रहते थे। तभी से उन्होंने यह तय किया कि देश में अब कोई भी व्यक्ति झोपड़ी में नहीं रहेगा। सबका अपना पक्का घर होगा और आज देश के करोड़ो गरीबो के पक्के मकान बन गये है,ओर 2024 तक सबके पक्के मकान होंगे। भारतीय जनता पार्टी दुनिया का सबसे बड़ा कार्यकर्ता आधारित संगठन है।  समर्पण दिवस के रूप में हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि मनाते हैं। पार्टी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिये आज के दिन कार्यकर्ता अपनी क्षमता अनुसार अर्थ राशि का समर्पण करते है। ये आर्थिक सुचिता का प्रतीक है। भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता एक विचार को लेकर कार्य करता है,वो विचार ठाकरे जी का विचार है। इस संगठन को ठाकरे जी ने पसीने की बूंद बूंद से संगठन को खड़ा किया है। आज कार्यकर्ताओं को उन पर गर्व है।  भारतीय जनता पार्टी पहले मंडल स्तर तक मजबूत थी,अब स्व श्री ठाकरे जी की जन्मशताब्दी वर्ष जिसे पार्टी संगठन पर्व के रूप में मनाते हुए बूथ विस्तार अभियान शुरू किया। कार्यकर्ताओ ने प्रदेश के 65 हजार बूथों को फिजिकल ओर डिजिटल बना कर देश मे एक इतिहास रच दिया है। जैसा इतिहास कार्यकर्ताओ ने बूथ विस्तार अभियान में रचा वैसा ही इतिहास हमारे कार्यकर्ता निधि का लक्ष्य पाने में समर्पण अभियान में भी इतिहास रचेंगे।  इसी तरह आज से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि समर्पण अभियान का शुभारंभ हुआ है और इस अभियान में मध्य प्रदेश कार्यकर्ता इतिहास रचेंगे। आज अपने उद्बोधन में श्री वीडी शर्मा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई, राजमाता विजयराजे सिंधिया जी,कुशाभाऊ ठाकरे जी सहित उन सभी को याद किया जिन्होंने इस देश और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को आज बट वृक्ष के रूप में नजर आ रही है को सींचा था। आज सीहोर नगर मंडल एवं इछावर के बरखेड़ी मण्डल में प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि से भाजपा का समर्पण अभियान शुरू किया। आज प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने दोनों बूथ के अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा एवं विवेक मालवीय का अच्छा कार्य करने पर मंच पर बुला कर सम्मान किया। श्री वीडी शर्मा ने आगे कहा की एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि को प्रदेश के 65 हजारों बूथों पर कार्यकर्ताओं ने समर्पण दिवस के रूप में मना रहे है। प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा संगठन शिल्पी कुशाभाऊ ठाकरे जी की जनशताब्दी वर्ष के अंतर्गत पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि से शुरू होने वाले समर्पण निधि अभियान को भी कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचाकर इसे सफल बनायेंगे। उन्होंने कहा कि स्व. कुशाभाऊ ठाकरे जी ने अजीवन सहयोग निधि का विचार भारतीय जनता पार्टी को दिया, जिसको इस वर्ष समर्पण निधि कहा गया है। समर्पण निधि के आधार पर भी पार्टी इतिहास बनाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता जब कोई संकल्प लेते हैं, तो उसे बिना किसी विकल्प के पूरा करते हैं। संगठन के सुचारू संचालन के लिए जो आवश्यक है उस दिशा में समर्पण निधि एक बड़ा कॉन्सेप्ट है। हमारा दल कार्यकर्ताओं के बल पर आत्मनिर्भर बने, यह संकल्प पार्टी द्वारा लिया गया है। यही स्व. ठाकरे जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। यह अभियान प्रदेश के 65 हजारों बूथों तक पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान में मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री, मध्यप्रदेश शासन के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि शामिल होकर बूथ केन्द्रों पर पहुंचेंगे। बूथ केन्द्रों पर पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर पार्टी कार्यकर्ता उनका पुण्य स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। साथ ही समर्पण निधि अभियान में बूथ स्तर तक कार्यकर्ता जुटेंगे।  आयोजित कार्यक्रम को इछावर के विधायक करणसिंह वर्मा,भाजपा जिला अध्यक्ष श्री रवि मालवीय,प्रदेश भाजपा की महामंत्री सुश्री कविता पाटीदार ने भी सम्बोधित कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को याद किया। कार्यक्रम समापन पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा जी सभी नेताओं के साथ बूथ के कार्यकर्ता राज कुमार मालवीय के निवास पर पहुचे वह मालवीय परिवार के सदस्यों के साथ अल्पहार ग्रहण किया। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सुशील संचेती, सह प्रभारी हृदेश राठौर ने बताया की आज कार्यक्रम में समर्पण नामक पुस्तक का प्रदेश अध्यक्ष श्री वीडी शर्मा ने विमोचन किया। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री लोकेन्द्र पाराशर, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार, विधायक द्वय श्री करणसिंह वर्मा, श्री सुदेश राय,भोपाल जिला अध्यक्ष श्री सुमित पचौरी,सीहोर जिला अध्यक्ष रवि मालवीय, मध्यप्रदेश कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा, सीहोर जिले के प्रभारी बहादुरसिंह मुकाती,सीताराम यादव,भूपेंद्रसिंह सिसोदिया, जसपालसिंह अरोरा, कैलाश सुराना, महामंत्री राजकुमार गुप्ता,रीना मिश्रा,श्री रवि नागले,जितेन्द्र गौड़,अनुपम गौड़, युवा मोर्चे के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र पाटीदार,पिछड़ा वर्ग मोर्चे के जिलाध्यक्ष बलवीर चंद्रवंशी,सीहोर नगर के अध्यक्ष प्रिंस राठौर,रामस्वरूप मेवाड़ा,पप्पू नागर,पंकज परमार सहित सीहोर इछावर क्षेत्र के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।


शासकीय कन्या विद्यालय की प्रतिभावान छात्राओं का सम्मान


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बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के तहत जिले में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर प्रतिभावान छात्राओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में छात्राओं को शासन द्वारा संचालित योजनाओं कानूनों की पाठ्य सामग्री वितरित की गई। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप चैहान ने बालिकाओं को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की विस्तृत जानकारी दी और कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर अपने माता-पिता एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को बताऐं या चाइल्ड लाईन के नंबर 1098 पर भी सूचना दे। लक्ष्मीबाई विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मृदुला दुबे ने छात्राओं को शिक्षा एवं लिंगानुपात बढाने संबंधी जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए जुडों-कराटे सिखने को कहा। उन्होंने कहा कि छात्राएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहे इसके लिए शासन द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। साथ ही छात्राओं को वन स्टाप सेंटर की योजनाओं की जानकारी भी दी गई। चित्रकला में जिकरा अंसारी, निशी किरार, संध्या गौर, रिंकी साक्य, निबंध में शिवानी मालवीय, निहारिका मालवीय, मुस्कान, स्लोगन में निलू राठौर, नेहा खत्री, को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। श्रीमती गौतमी गोलाईत सहायक संचालक मबावि, सुश्री भूपेन्द्र अहिरवार प्रभारी परियोजना अधिकारी, विद्यालय की शिक्षिकाऐं पर्यवेक्षक, आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं विद्यालय की छात्राएं उपस्थित थी।


विश्व दलहन दिवस पर दी गई दलहनी फसलो की जानकारी


आरएके कृषि महाविद्यालय के दलहन अनुसंधान परियोजना द्वारा विश्व दलहन दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों एवं प्रगतिशील कृषको ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अघिष्ठाता डॉ. एचडी वर्मा ने बताया कि इस वर्ष दलहन दिवस की थीम युवाओं को दलहन उत्पादन के लिए प्रेरित करना है जिससे कि खेती को टिकाऊ बनाया जा सकें। प्रमुख वैज्ञानिक एवं चना अनुसंधान परियोजना के प्रभारी डॉ. डीआर सक्सेना ने विश्व दलहन दिवस पर जानकारी देते हुए बताया कि सयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2016 को अन्तर्राष्ट्रीय दलहन वर्ष द्योषित किया गया। जिसके बाद वर्ष 2019 से हर वर्ष 10 फरवरी को विश्व दलहन दिवस मनाया जाना सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि दलहनी फसलें मानव स्वास्थ, भूमि की उर्वरता को बढ़ाने एवं जलवायु परिवर्तन के विपरित प्रभावों को कम करने में सहायक है। ये फसलें प्रोटीन का एक प्रमुख स्त्रोत है। साथ ही कार्यक्रम में अन्य वैज्ञानिको ने भी दालों के पौधो, चने की विभिन्न जातियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर महाविद्यालय के मृदा विज्ञान के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एसी गुप्ता, डॉ. जीके नेमा, डॉ. एसआर रामगिरी, डॉ. पीएस रघुवंशी, डॉ केएन पाठक, डॉ. अशोक सक्सेना, डॉ. डीके रैदास उपस्थित थे।


जिले के समस्त असंगठित श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर कराएं पंजीयन


भारत सरकार श्रम मंत्रालय द्वारा संचालित ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन किये जा रहे है। जिले के समस्त असंगठित क्षेत्र के श्रमिक जिनमें संबल योजना के पंजीकृत श्रमिक, भवन तथा अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल प्रारंभ किया गया है। सभी पंजीकृत श्रमिक अपने नजदीकी केन्द्रों पर जाकर 31 मार्च तक पंजीयन कराये। इस ई-श्रम पोर्टल पर श्रमिकों का पंजीयन कॉमन सर्विस सेंटर, एमपी ऑनलाइन, लोक सेवा केन्द्रों द्वारा निःशुल्क किया जा रहा है। पंजीयन कराते समय किसी प्रकार की समस्या आने पर श्रमिक शहरी क्षेत्र में नगर पालिका, ग्रामीण क्षेत्र में जनपद एवं जिला श्रम पदाधिकारी, कार्यालय से संपर्क कर सकते है।


राष्ट्रीय महिला दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन


स्वतंत्रता सेनानी एवं भारत कोकिला सरोजिनी नायडू के जन्म दिवस "राष्ट्रीय महिला दिवस" के उपलक्ष्य में 13 फरवरी को प्रातः 11 बजे से शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इस रक्तदान शिविर से प्राप्त ब्लड यूनिट का उपयोग थैलीसीमिया से ग्रसित बच्चों के लिए किया जा सकेगा। रक्तदान शिविर का शुभारंभ जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री मुकेश कुमार दांगी  रक्तदान कर करेंगे।


आमदनी बढ़ाने में मददगार बना पॉलीथिल तालाब


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हर साल इतनी बारिश होती है, फिर भी गर्मियों के दिनों में सिंचाई के लिए पानी का संकट बना रहता है। पानी की कमी से खेतीबाड़ी पूरे साल खेती ठीक से नहीं हो पाती जिससे । ऐसी स्थिति में बारिश का ज्यादा से ज्यादा पानी किसी भी कीमत पर समय से संग्रहित कर लिया जाए ताकि पूर साल भर खेती कर अधिक मुनफा लिया जा सके। जिल के जागरूक किसान अब पॉलिथीन तालाब बनाकर बारिश का पानी साल भर की खेती के लिए संग्रहित करने लगे हैं। सीहोर जिले के ग्राम डोबरा निवासी किसान श्री महेंद्र सिह दांगी ऐसे ही जगरूक किसाना है जिन्होंने पॉलीथिन तालाब का निर्माण कर पूरे साल अच्छी तरह से खेती कर रहे हैं। किसान श्री महेन्द सिंह के पास लगभग साढ़े तीन हेक्टेयर कृषि भूमि है। सिंचाई के साधन नहीं होने के कारण वे रबि सीजन में केवल चना, सरसों और अलसी की खेती करते थे। इससे इतनी आमदनी नहीं हो पाती थी कि अपने परिवार का अच्छे से गुजर-बसर कर सकें।  किसान महेन्द्र दांगी ने अपने खेत में पहले पॉलीथिन खेत तालाब बनाकर बारिश का पानी जमा किया और अब  गेहूं एवं अन्य रबी फसलों लहसुन, प्याज की खेती कर रहे है।पोलीथीन तालाब से रबी में पर्याप्त पानी की उपलब्धता से अधिक उपज प्राप्त कर रहे है। 


फसल बीमा पोर्टल 19 फरवरी तक पोर्टल पुन: खुला


प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2020 एवं रबी 2020-21 के बीमाधारक कृषकों की डाटाएन्ट्री फसल बीमा पोर्टल पर करने के लिए समय सीमा में बैंक को द्वारा पोर्टल पर एन्ट्री करने से छूटे बीमा धारकों के लिये भारत सरकार द्वारा 19 फरवरी 2022 तक पोर्टल पुन: खोला जा रहा है। कृषि विकास विभाग ने बताया कि “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना” के क्रियान्वयन में विगत वर्षों के अनुभवों के आधार पर देखने में आया है कि योजना की संशोधित गाईडलाइन में सुस्पष्ट दिशा-निर्देश (Revised Operational Guldline) के उपरांत भी बैंक / PACS के स्तर पर कार्य में लापरवाही बरतने के कारण किसान फसल बीमा दावा राशि लाभ से वंचित होते हैं और बाद में सी.एम. हेल्पलाईन, जन सुनवाई एवं अन्य फोरम पर शिकायतें होने की स्थितियां निर्मित होती है, जो सुशासन की दृष्टि से ठीक नहीं है। भारत सरकार से अंतिम अवसर प्राप्त होने के उपरांत भी यदि बैंक स्तर से किसानों के फसल बीमा प्रीमियम राशि की जानकारी NCIP पोर्टल में निर्धारित तिथि तक नहीं करने पर संबंधित बैंक के शाखा प्रबंधक/फसल बीमा प्रभारी अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार रहेंगे और भविष्य में अपूर्ण/त्रुटिपूर्ण फीड होने से छूटने पर योजना प्रावधानुसार किसानों के फसल बीमा दावा राशि का भुगतान करने के लिये स्वयं बैंक जिम्मेदार होगें।


प्रधानमंत्री फसल बीमा खरीफ एवं रबी की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरण


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2020 एवं रबी 2020-21 की फसल बीमा दावा राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरण किया जाएगा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2020 एव रवी 2020-21 की फसल बीमा दावा राशि का वितरण बैतूल जिले से सिंगल क्लिक के माध्यम से किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के किसानों को दावा राशि का भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाना है। इस कार्यक्रम का जिला स्तर पर कृषि उपज मंडी समिति सीहोर एवं जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में लाइव टेलिकास्ट के माध्यम से 12 फरवरी को दोपहर 12.00 बजे कृषको तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम स्थल से जोड़ा जायेगा। उप संचालक कृषि ने बताया कि  कृषि उपज मंडी, सीहोर प्रांगण में विधायकगण जनप्रतिनिधि एवं कृषकगणों की उपस्थिति में प्रातः 11:00 बजे कार्यक्रम प्रारंभ किया जाकर जिले के चयनित कृषकों को बीमा दावा राशि के प्रमाण पत्र वितरित किये जायेंगे। जिले के समस्त जनप्रतिनिधि एवं कृषकगणों से अपील की गई हैं, कि यह कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन करते हुये कार्यक्रम में उपस्थित होवे।


12 वीं कक्षा के परीक्षा आवेदन में 14 फरवरी तक संशोधन करा सकते है


माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कक्षा 12 के परीक्षा आवेदन में संशोधन 14 फरवरी तक करा सकते है। माध्यमिक शिक्षा मंडल से सम्बद्ध सभी विद्यलयों के इच्छुक परीक्षार्थी 12 से 14 फरवरी 2022 तक नियत शुल्क के साथ संशोधन का आवेदन कर सकेंगे। परीक्षार्थियों को फोटो, माध्यम और विषय संशोधन की सुविधा प्रदान की गई है। 14 फरवरी 2022 के बाद प्राप्त आवेदन और परीक्षा केंद्र पर किए गए विषय संशोधन मान्य नहीं किए जाएँगे।


आरटीई के तहत मान्यता एवं नवीनीकरण 21 फरवरी तक


राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत कक्षा 8 तक के अशासकीय स्कूलों के लिए नवीन मान्यता और नवीनीकरण की संशोधित समय सारणी जारी की है। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र श्री धनराजू एस ने बताया कि इच्छुक अशासकीय विद्यालय नवीनीकरण और नवीन मान्यता के आवेदन आरटीई एमपी ऐप के माध्यम से 21 फरवरी 2022 तक कर सकेंगे। इसके पूर्व 10 फरवरी 2022 आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी जिसे विद्यालयों की सुविधा के लिए बढ़ाया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र ने इस संबंध में सभी कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड स्रोत समन्वयकों को निर्देश जारी किये हैं। बी.आर.सी.सी. प्राइवेट स्कूलों का 28 फरवरी 2022 तक भौतिक सत्यापन कर निरीक्षण प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी 10 मार्च 2022 तक मान्यता आवेदन का निराकरण करेंगे। आवेदन निरस्तीकरण की अपील 45 कार्य दिवस के भीतर कलेक्टर के समक्ष की जा सकेगी।


जिले के समस्त शासकीय महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक,

  • आईटीआई संस्थानों मे रोजगार मेला आयोजित कराने के निर्देश, 12 फरवरी को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शाहगंज  लगेगा रोजगार मेला

कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर के निर्देश पर जिले के सभी विकास खंडों में रोजगार एवं स्वरोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। जिले में 18 महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई संस्थानो में रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शाहगंज में 12 फरवरी को, शासकीय महाविद्यालय रेहटी में 14 फरवरी को, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नसरुल्लागंज में 14 फरवरी को, शासकीय महाविद्यालय बकतरा में 15 फरवरी को, पॉलिटेक्निक कॉलेज सीहोर में 17 फरवरी को, शासकीय महाविद्यालय डोबी में 18 फरवरी को, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बुदनी में 21 फरवरी को, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सीहोर में 21 फरवरी को, शासकीय महाविद्यालय जावर में 22 फरवरी को, शासकीय महाविद्यालय शाहगंज में 23 फरवरी को, पॉलिटेक्निक कॉलेज नसरुल्लागंज में 23 फरवरी को एवं शासकीय महाविद्यालय गोपालपुर में 24 फरवरी को रोजगार मेले आयोजित किये जाएगें।।


डीएलएड एवं डीपीएसई पाठ्यक्रम हेतु 10 मार्च तक आवेदन आमंत्रित


डीएलएड एवं डीपीएसई (पीपीटीसी) पाठ्यक्रम संचालित करने वाले संस्थान सत्र 2022-23 हेतु नवीन संबद्धता एवं संबद्धता नवीनीकरण आवेदन 10 मार्च तक माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय में जमा कर सकते हैं। निर्धारित आवेदन मंडल की वेबसाइड पर उपलब्ध है। निर्धारित शुल्क सचिव, के नामें, माध्यमिक शिक्षा मंडल, मप्र भोपाल परिसर में स्थित यूको बैंक, शाखा हबीबगंज में चालान अथवा आरटीजीएस, एनईएफटी के माध्यम से (खाता क्रमांक 02830100006001 आईएफसी नंबर यूसीबीए 0000283) जमा कर सकते हैं। शुल्क सहित आवेदन की प्रति 10 मार्च तक मंडल कार्यालय में आवश्यक रूप से प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें। शुल्क मंडल खाते में स्थानांतरित नहीं होने की स्थिति में संपूर्ण जवाबदारी संस्था की होगी। साथ ही संस्था द्वारा संबद्धता नवीनीकरण हेतु प्रस्तुत आवेदन के संलग्न 100 रुपये के स्टाम्प पर नोटरी कराकर इस आशय का शपथ-पत्र प्रस्तुत करें कि संस्था एनसीटीई से सत्र 2022-2023 हेतु मान्यता प्राप्त है।


पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची का संशोधन कार्यक्रम जारी


पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची वार्षिक पुनरीक्षण वर्ष 2022 की तैयारी के लिए प्रक्रिया एवं समय सारणी जारी की गई है। निर्धारित समय सारणी के द्वितीय चरण अनुसार शिफ्टिंग सूची, विलोपन वैरिफिकेशन सूची और "वेरिफिकेशन सूची और संशोधन वेरिफिकेशन सूची मार्किंग के लिए प्राधिकृत कर्मचारी को उपलब्ध कराने की तिथि 03 फरवरी 2022 निर्धारित की गई थी। इसके पश्चात् की कार्यवाहियों के संबंध में आयोग द्वारा पूर्व निर्धारित समयसारणी (कार्यक्रम) के द्वितीय चरण में संशोधन किया जाता है। "द्वितीय चरण में ग्राम पंचायत की मतदाता सूची तैयार करने के लिए कार्यवाही एवं उत्तरदायित्व के साथ ही समय सीमा निर्धारित कि गई है। कार्यवाही के तहत शिफ्टिंग सूची, विलोपन वेरिफिकेशन सूची और संशोधन वेरिफिकेशन सूची में मार्किंग कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रदान करना का उत्तरदायित्व प्राधिकृत कर्मचारी को 10 फरवरी तक किया जा चुका है। शिफ्टिंग सूची, विलोपन वेरिफिकेशन सूची और संशोधन वेरिफिकेशन सूची में प्राधिकृत कर्मचारी द्वारा की गई गार्किंग की रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जाँचएवं वेरिफिकेशन का उत्तरदायित्व राजिस्ट्रीकरण अधिकारी को 14 फरवरी तक किया जाना है। कलेक्टर,अनुविभगीय अधिकारी राजस्व को 21 फरवरी तक  शिफ्टिंगी संबंधी विवादों के निराकरण के लिए। बैठक का आयोजन करना और बैठक का कार्यवाही विवरण रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराना। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 23 फरवरी तक शिफ्टिंगी संबंधी विवादों के निराकरण के लिए बैठक आयोजित कर यथोचित कार्यवाही करना। राजिस्ट्रीकरण अधिकारी को 25 फरवरी,2022 तक मार्कड शिफ्टिंग सूची, विलोपन वेरिफिकेशन सूची और संशोधन वेरिफिकेशन सूची ERMS में प्राधिकृत के लिए वेण्डर को सौपना। वेण्डर को 03 मार्च तक शिफ्टिंग, विलोपन और संशोधन की कार्यवाही उपरांत वैकलिस्ट रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रदान करना। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं वेण्डर को 07 मार्च तक  चैकलिस्ट की जाँच करना और जाँच उपरांत  परिलक्षित त्रुटियों को सुधारने के लिए वैकलिस्ट वेण्डर को वपास कर त्रृटियों को सुधार कर एकीकरण किया जाना है। संशोधित कार्यक्रम अनुसार मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण वर्ष 2022 के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाना सुनिश्चित किया जाए।


नगरपालिकाओं की फोटोयुक्त मतदाता सूची का संशोधन कार्यक्रम जारी


नगरीय निकायों की फोटोयुक्त मतदाता सूची वार्षिक पुनरीक्षण वर्ष 2022 की तैयारी के लिए प्रक्रिया एवं समयसारणी जारी की गई है। निर्धारित समयसारणी के द्वितीय चरण अनुसार शिफ्टिंग सूची, विलोपन वैरिफिकेशन सूची और "वेरिफिकेशन सूची और संशोधन वेरिफिकेशन सूची मार्किंग के लिए प्राधिकृत कर्मचारी को उपलब्ध कराने की तिथि 03 फरवरी 2022 निर्धारित की गई थी। इसके पश्चात् की कार्यवाहियों के संबंध में आयोग द्वारा पूर्व निर्धारित समयसारणी (कार्यक्रम) के द्वितीय चरण में संशोधन किया जाता है। "द्वितीय चरण में नगरीय निकाय की मतदाता सूची तैयार करने के लिए कार्यवाही एवं उत्तरदायित्व के साथ ही समय सीमा निर्धारित कि गई है। कार्यवाही के तहत शिफ्टिंग सूची, विलोपन वेरिफिकेशन सूची और संशोधन वेरिफिकेशन सूची में मार्किंग कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रदान करना का उत्तरदायित्व प्राधिकृत कर्मचारी को 10 फरवरी तक किया जा चुका है। शिफ्टिंग सूची, विलोपन वेरिफिकेशन सूची और संशोधन वेरिफिकेशन सूची में प्राधिकृत कर्मचारी द्वारा की गई गार्किंग की रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जाँच एवं वेरिफिकेशन का उत्तरदायित्व राजिस्ट्रीकरण अधिकारी को 14 फरवरी तक किया जाना है। कलेक्टर,अनुविभगीय अधिकारी राजस्व को 21 फरवरी तक  शिफ्टिंगी संबंधी विवादों के निराकरण के लिए। बैठक का आयोजन करना और बैठक का कार्यवाही विवरण रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराना। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 23 फरवरी तक शिफ्टिंगी संबंधी विवादों के निराकरण के लिए बैठक आयोजित कर यथोचित कार्यवाही करना। राजिस्ट्रीकरण अधिकारी को 25 फरवरी,2022 तक मार्कड शिफ्टिंग सूची, विलोपन वेरिफिकेशन सूची और संशोधन वेरिफिकेशन सूची ERMS में प्राधिकृत के लिए वेण्डर को सौपना। वेण्डर को 03 मार्च तक शिफ्टिंग, विलोपन और संशोधन की कार्यवाही उपरांत वैकलिस्ट रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रदान करना। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं वेण्डर को 07 मार्च तक  चैकलिस्ट की जाँच करना और जाँच उपरांत  परिलक्षित त्रुटियों को सुधारने के लिए वैकलिस्ट वेण्डर को वपास कर त्रृटियों को सुधार कर एकीकरण किया जाना है। संशोधित कार्यक्रम अनुसार मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण वर्ष 2022 के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाना सुनिश्चित किया जाए।


आंगनवाडी केन्द्र के सुदृढ़ीकरण हेतु समुदाय की भागीदारी बढ़ाए


आंगनवाडी केन्द्र के सुदृढ़ीकरण के लिए समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के उददेश्य से Adopt Aganwadi कार्यक्रम का क्रियान्व्यन प्रारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम अन्तर्गत आंगवाडी केन्द्रों को Adopt के लिए जनप्रतिनिधिगण,शासकीय कर्मी व्यक्ति,सामाजिक संगठन गैर शासकीय संस्थाए एवं अन्य संगठनों से सहयोग प्राप्त किया जाए। इस हेतु कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर ने समस्त सीईओ जनपद पंचायत, समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, समस्त परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास एवं समस्त कार्यलय प्रमुखों को निर्देश दि है कि आंगनवाडी केन्द्र के सुदृढ़ीकरण हेतु समुदाय की भागीदारी बढ़ाने में सहयोग प्राप्त किया जाए। इस हेतु विभाग द्वारा MIS तैयार किया गया है जिसका लिंक https:// mpwcdmis.gon.in  /awcaadoptionDetails.aspx है इस लिंक पर क्लिक कर संबंधित व्यक्ति, संस्था अपना पंजीयन करा सकेंगे। लिंक का अपने स्तर से व्यापक प्रचार-प्रसार  एवं अधिक से अधि आंगवाडी केन्द्रों का Adoption पंजीकृत व्यक्ति, संस्था से सम्पर्क कर सयिोग हेतु चयनित आंगनवाडी केन्द्र की आवश्यकताओं से अवगत कराया जावेगा।


दिव्यांग यूडीआईडी कार्ड होल्डर देश में कहीं से भी सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं


दिव्यांगों के यूनिक डिसएबिलिटी आई. डी. कार्ड (यूडीआईडी) बनाने में देश में मध्यप्रदेश शीर्ष स्थान पर है। बड़े राज्यों में मध्यप्रदेश ने 103 प्रतिशत से अधिक की उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य 6 लाख 60 हजार 313 के विरुद्ध प्रदेश में 6 लाख 83 हजार 551 दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनाये जा चुके हैं। यूडीआईडी परियोजना का उद्देश्य दिव्यांगजन को शासकीय योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है। इस कार्ड से दिव्यांग देशभर में कहीं भी अपनी पहचान बताकर इलाज करा सकते हैं। नये दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं पुराने प्रमाण-पत्रों के नवीनीकरण की कार्यवाही सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा सतत रूप से जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन के समन्वय से की जा रही है। यूडीआईडी कार्ड बनाने, नवीनीकरण, पुनः प्राप्त करने, आवेदन की वस्तु-स्थिति जानने, निःशक्तता प्रमाण-पत्र को डाउनलोड करने और व्यक्तिगत प्रोफाइल को अपडेट करने की सुविधा ऑनलाइन www.savlambancard.gov.in पर उपलब्ध है।


वन विहार उद्यान में पर्यटकों को वन्य-जीव और पर्यावरण घटकों से कराया जायेगा रू-ब-रू


प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों को वन, वन्य-जीव और पर्यावरण के विभिन्न घटकों से रू-ब-रू कराने वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में "प्रकृति पथ'' (नेचर ट्रेल) आयोजित होगा। इससे भ्रमण करने वाले पर्यटक आनंद अनुभूति के साथ वन, वन्य-जीव और पर्यावरण के अहम विषय की ज्ञानवर्द्धक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। भ्रमणार्थियों को वन विहार प्रबंधन द्वारा विषय सामग्री, रिसोर्स पर्सन के साथ स्वल्पाहार की व्यवस्था की जायेगी।  "प्रकृति पथ" की कुल लम्बाई 2.4 किलोमीटर है। इसमें 20 स्थल चिन्हांकित किये गये हैं। यह रामसर साइट (बड़े तालाब) के अवलोकन से शुरू होकर पक्षी व्याख्या केन्द्र, तितली पार्क, सर्प बाड़ा के बाद प्राकृतिक पथ पर विभिन्न घटक- दीमक की बामी, मिश्रित वन- घास का मैदान, वन्य-प्राणियों के श्रृंगाभ- सींग-लेंडिया-पगमार्क-पंख-रहवास स्थल, बैलोइंग पोंड्स, बारासिंगा बाड़ा- तालाब एवं घड़ियाल- मगर बाड़ा और पक्षी-दर्शन के साथ सम्पन्न होगी। संचालक वन विहार उद्यान के श्री एच.सी. गुप्ता ने बताया कि "प्रकृति पथ" भ्रमण प्रत्येक शनिवार को होगा। इच्छुक पर्यटक और प्रकृति प्रेमी वन विहार के चीकू द्वार प्रवेश क्रमांक-2 सैर-सपाटा की ओर पर अग्रिम बुकिंग करा सकते हैं। बुकिंग कार्यालयीन दिवसों में सोमवार से गुरुवार तक होगी। इसके लिये 250 रुपये और 500 रुपये के दो पैकेज प्रति व्यक्ति रखे गये हैं। इसमें पर्यटकों की न्यूनतम संख्या 10 और अधिकतम 20 व्यक्ति होगी। प्रथम पैकेज (रामू पैकेज) की अवधि सुबह 8 से 11 बजे तक तीन घंटे और द्वितीय पैकेज (चीकू पैकेज) की अवधि सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक 6 घंटे निर्धारित है।


गरीब, बेघर बेसहारा, दिव्यांगों की समग्र आईडी बनाकर,  राशन मित्र पोर्टल पर दर्ज कर लाभान्वित कराने के निर्देश


राज्य शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत गरीब, बेघर बेसहारा एवं दिव्यांगों का सर्वे कर प्राथमिकता परिवार की अन्य वंचित वर्ग श्रेणी में शामिल कराकर लाभांवित करने के निर्देश जारी किये गये थे। जिसपर जिला प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई थी कि सर्वे के दौरान चिंहित हितग्राहियों के पास कोई आधार कार्ड नहीं होने के कारण समग्र आईडी नहीं बन पा रही है। इस संबंध में नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए है कि समग्र पोर्टल पर बिना आधार के हितग्राही की समग्र आईडी बनाने की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही एक ही वैध मोबाइल नम्बर दर्ज कर एक से अधिक पंजीयन किये जाने की सुविधा समग्र पोर्टल पर उपलब्ध है। यदि हितग्राही के पास निवास का प्रमाण पत्र नहीं है तो उनके संबंधित निकाय, एसडीओ (रेवेन्यू), सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई द्वारा जारी परिचय पत्र का उपयोग समग्र आईडी बनाने में किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने अन्य वंचित वर्ग श्रेणी में चयनित हितग्राहियों की समग्र आईडी निर्मित कर उनको राशन मित्र पोर्टल पर समयावधि में दर्ज कराने के निर्देश दिए है,जिससे हितग्राहियों को समय-सीमा में पात्रता पर्ची जारी कर राशन उपलब्ध कराया जा सके।


आयुष चिकित्सा का लाभ 'आयुष क्योर' एप पर


मध्यप्रदेश शासन आयुष विभाग ने कोरोना की तीसरी लहर की रोकथाम के लिए जन सामान्य को आयुष स्वास्थ्य सेवा घर पर ही सुलभ कराने के उद्देश्य से यह टेलीमेडिसिन एप लॉन्च किया है। इस  "आयुष क्योर" एप  का उपयोग रोगी तथा चिकित्सक दोनों कर सकेंगे।  इसके द्वारा रोगी सीधे वीडियो कॉल के माध्यम से चिकित्सक से परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। "आयुष क्योर" एक एंड्रॉयड  आधारित  ऐप है। यह गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। रजिस्ट्रेशन के बाद आप अपनी पसंद की आयुष चिकित्सा पद्धति (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) के विशेषज्ञ चिकित्सक  से अपनी सुविधा अनुसार अपॉइंटमेंट बुक कर सकेंगे। चुने गए चिकित्सक द्वारा निर्धारित समय अनुसार ही ऐप के माध्यम से वीडियो कॉल कर चिकित्सा परामर्श दिया जाएगा। आयुष  चिकित्सा पद्धति को  घर-घर तक पहुंचाने के लिए एवं जो रोगी  चिकित्सालय में  पहुंच पाने में असमर्थ है, उनके लिए यह सुविधा अच्छी साबित होगी।


आंगनवाडी केन्द्र के सुदृढ़ीकरण के लिए "एडोप्ट एन आंगनबाड़ी" कार्यक्रम शुरू


आंगनवाडी केन्द्र के सुदृढ़ीकरण के लिए समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के उददेश्य से "एडोप्ट एन आंगनबाड़ी" कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत आंगवाडी केन्द्रों को  एडोप्ट  के लिए जनप्रतिनिधि,शासकीय कर्मी व्यक्ति,सामाजिक संगठन, गैर शासकीय संस्थाए एवं अन्य संगठनों से सहयोग प्राप्त किया जाए। इसके लिए कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर ने समस्त जनपद पंचायत सीईओ, समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, समस्त परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास एवं समस्त कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए है कि आंगनवाडी केन्द्र के सुदृढ़ीकरण के लिए समुदाय की भागीदारी बढ़ाने में सहयोग प्रदान किया जाए। भागीदारी बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा MIS तैयार किया गया है, जिसका लिंक https:// mpwcdmis.gon.in  /awcaadoptionDetails.aspx है। इस लिंक पर क्लिक कर संबंधित व्यक्ति, संस्था अपना पंजीयन करा सकेंगे। लिंक का अपने स्तर से व्यापक प्रचार-प्रसार  एवं अधिक से अधिेक आंगवाडी केन्द्रों का Adoption पंजीकृत व्यक्ति, संस्था से सम्पर्क कर सहयोग के लिए चयनित आंगनवाडी केन्द्र की आवश्यकताओं से अवगत कराया जाएगा।


मंत्रि-मण्डलीय समिति गठित


राज्य शासन द्वारा पिछड़ा वर्ग आयोग की अनुशंसाओं का पालन-प्रतिवेदन विधानसभा के पटल और पूर्व मंत्रि-मण्डलीय समिति के समक्ष रखने के लिये मंत्रि-मण्डलीय समिति का गठन किया गया है। समिति में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण (स्वतंत्र प्रभार), नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह और पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार), विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ (स्वतंत्र प्रभार) और पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री रामखेलावन पटेल को सदस्य बनाया गया है।


महिला उद्यमियों के व्यापार संवर्धन के प्रशिक्षण हेतु पंजीयन 25 तक


राष्ट्रीय महिला आयोग भारत सरकार नई दिल्ली के सहयोग से महिला उद्यमियों एवं व्यापार करने की इच्छुक महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए व्यापार के नए विचारों से नए कौशल तथा व्यापार संवर्धन के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरू कर्नाटक द्वारा 06 सप्ताह का नि:शुल्क ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हिंदी में किया जायेगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संपूर्ण विवरण महिला सशक्तिकरण वेबसाइट https://innovateindia.mygov.in/ पर उपलब्ध है। इसी वेबसाइट के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु ऑनलाइन पंजीयन किया जा सकता है। प्रशिक्षण में सम्मिलित होने हेतु अभ्यर्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा 10वीं तथा प्रशिक्षण के लिए अंतिम तिथि 28 फरवरी की गई है।


आयुष महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया 25 से


आयुष महाविद्यालयों में ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया 24 फरवरी तक सीट आवंटन के साथ चलेगी। इसके बाद 25 फरवरी से विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया की जायेगी, जो एक मार्च तक चलेगी। आयुष संचालनालय ने ऑनलाइन काउंसलिंग की समय-सारणी जारी की है। ये काउंसलिंग बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयूएमएस के लिये की जा रही है। ऑनलाइन काउंसलिंग कार्यक्रम में केन्द्रीय आयुष मंत्रालय, नई दिल्ली से अनुमति प्राप्त शासकीय, स्वशासी, निजी आयुष महाविद्यालयों को शामिल किया गया है। काउंसलिंग के संबंध में नियम और निर्देश विभागीय वेबसाइट www.ayush.mp.gov.in और एमपी ऑनलाइन पोर्टल www.mponline.gov.in पर देखे जा सकते हैं।


ई खसरा खतोनी से लाभ


राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत आयुक्त भू-अभिलेख एवं बन्दोबस्त म.प्र. ग्वालियर ने जिले में ई-खसरा परियोजना को लागू किया है। जिसके तहत अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार नायब तहसीलदार एवं जिले के समस्त पटवारियों की आई.डी. मोडीफिकेशन अपडेशन कार्य हेतु वनाई गई है। इस परियोजना के अन्तर्गत अनुबंधित फर्म द्वारा जिले की सभी तहसीलों में आई.टी. सेन्टर स्थापित किये गये है। जिनसे कृषकों को उनकी मांग अनुरुप प्रमाणित खसरा बी-1, नक्शा की प्रतिलिपियाँ नियत शुल्क प्रति पृष्ठ 30 रुपये लेकर उपलब्ध कराई जा रही है। कृषक अपने खाते की नकल, खेत का अक्श विभागीय बेवसाईटू www.mpbhulekh.gov.in पर निशुल्क देख सकता है।


ग्रामीणजनों में जागरूकता बढ़ रही, अनिवार्य करों के भुगतान में हिस्सेदारी


म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में उल्लेखित प्रावधान अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचातीराज व्यवस्था ने ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए कई प्रावधान किये हैं जिनमें से एक है "कराधान"। जैसा कि विदित है कि ग्राम पंचायतों द्वारा विभागीय पोर्टल पंचायत दर्पण के माध्यम से कार्य किया जा रहा है, इस पोर्टल के माध्यम से शासन द्वारा ग्राम पंचायतों के द्वारा लगाये जाने वाले कर यथा- संपत्ति कर जल कर स्वच्छता कर भवन अनुज्ञा दुकान किराया, हाटबाजार किराया इत्यादि ऐसे सभी कर जो ग्राम पंचायत द्वारा लगाये जा सकते हैं, का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार विभिन्न दुकान किराया भवन अनुज्ञा इत्यादि से भी आय की प्राप्ति की गई। इन्हीं प्रयासों तहत ग्राम पंचायतों के क्लस्टर निर्धारित किया जाकर 11 मार्च तक जिला स्तरीय कराधान शिविर का आयोजन किया जाएगा।


जैविक खेती में देश में अग्रणी है मध्यप्रदेश


प्रदेश में जब से जैविक खेती की दिशा में कार्य शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह ने वर्ष 2011 में ही जैविक कृषि नीति तैयार कर उस पर अमल शुरू कर दिया था। इसी का परिणाम है कि मध्यप्रदेश को न केवल जैविक कृषि लागू करने वाला देश का पहले राज्य मध्यप्रदेश बल्कि देश में सर्वाधिक प्रमाणित जैविक कृषि क्षेत्र वाले प्रदेश होने का गौरव भी हासिल किया है। कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की अपनी विशेषताएँ हैं और यह पिछले डेढ़ दशक में प्रमाणित भी हुआ है। प्रदेश की कृषि विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। खेती-किसानी नुकसान के जाल से बाहर निकली। अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का फल वाजिब दामों के रूप में मिला। प्राकृतिक आपदाओं और मानसून की बेरूखी से होने वाले नुकसान के समय में सरकार के किसानों के साथ खड़े होने से प्रदेश का कृषि परिदृश्य लगातार बेहतर हुआ। आर्गेनिक वर्ल्ड रिपोर्ट 2021 के आधार पर वर्ष 2019 में विश्व का 72.3 मिलियन हेक्टयर क्षेत्र जैविक खेती हेतु उपयोग में लिया गया है। इसमें एशिया का 5.1 मिलियन हेक्टयर क्षेत्र भी शामिल है। भारत में भी पिछले कुछ वर्षों में जैविक खेती में वृद्धि हुई है जिसमें मध्यप्रदेश जैसे राज्यों का विशेष योगदान है। इसका मुख्य कारण अधिक रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों से होने वाला दुष्प्रभाव हैं, जिसने सरकार को इस दिशा में विचार करने के लिए प्रेरित किया। जैविक खेती के अंतर्गत मुख्यतः खाद्यान्न फसलें, दलहन, तिलहन, सब्जियाँ तथा बागान वाली वाली फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। इन सब फसलों में जैविक खेती का बढ़ता प्रचलन मुख्यतः उपभोक्ता की माँग पर आधारित है। उपभोक्ता की माँग मुख्यतः खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। पारम्परिक खेती में बढ़ते रसायनों का उपयोग तथा उनके कुप्रभाव, दूरगामी स्तर पर उपभोक्ता में अविश्वास का कारण बन रहे हैं। जैविक खेती से उत्पन्न खाद्य उत्पादों की विदेशों में बढ़ती माँग भी इसके महत्त्व को प्रदर्शित करती है। मुख्यमंत्री ने कृषि निर्यात पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा है। इस दृष्टि से मध्यप्रदेश के लिये भी भविष्य में जैविक उत्पाद के निर्यात की नई संभावनाएँ बनेंगी। प्रदेश में जैविक खेती का कुल क्षेत्र लगभग 16 लाख 37 हजार हेक्टेयर है, जो देश में सर्वाधिक है। जैविक उत्पाद का उत्पादन 14 लाख 2 हजार मी.टन रहा, जो क्षेत्रफल की भाँति ही देश में सर्वाधिक है। जैविक खेती को प्रोत्साहन स्वरूप प्रदेश में कुल 17 लाख 31 हजार क्षेत्र हेक्टेयर जैविक प्रमाणिक है, जिसमें से 16 लाख 38 हजार एपीडा से और 93 हजार हेक्टेयर क्षेत्र, पी.जी.एस. से पंजीकृत है। इस तरह पंजीकृत जैविक क्षेत्र के मामले में भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। भारत सरकार की सहायता से प्रदेश में प्राकृतिक कृषि पद्धति के अंतर्गत क्लस्टर आधारित कार्यक्रम लिया गया है। इस वर्ष प्रदेश में 99 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य है। प्रदेश जैविक खेती की अपार संभावनाओं से पूरित है। यहाँ सभी धान्य फसल, सब्जियाँ, फल, मसाले, सुगंधित एवं औषधीय फसलें न्यूनतम रासायनिक इनपुट के उपयेाग से ली जाती हैं। प्रदेश के पास प्राकृतिक चारागाहों, प्राकृतिक उपवनों, सुदूर जनजातीय जिलों में अप्रदूषित कृषि भूमि का बड़ा क्षेत्र और नर्मदा घाटी के उपजाऊ क्षेत्र उपलब्ध है। साथ ही प्रदेश के प्राकृतिक एवं घने वनों में प्रचुर मात्रा में पलाश, रोहिणी, इत्यादि के पुष्प भी उपलब्ध है। प्रदेश में कई जिले, ग्राम, विकासखण्ड और ग्राम पंचायत क्षेत्र ऐसे हैं, जो राज्य औसत से कम से कम 50 से 60 प्रतिशत कम बाह्य आदान जैसे रासायनिक उर्वरक, कृषि रसायन आदि का उपयोग कर रहे हैं। इस दृष्टि से अधिकांश जनजातीय जिले जैसे मंडला, डिंडौरी, बैतूल, झाबुआ, अलीराजपुर आदि जैविक कृषि विकास के अनुकूल है। गौ-वंश आधारित ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था प्रदेश में प्राकृतिक/जैविक खेती के विस्तार को मिशन मोड में गति देने में मददगार प्रमाणित होने वाली है। जैविक खेती में प्रदेश को देश में अग्रणी बनाने में परम्परागत कृषि विकास योजना का भी योगदान रहा है। योजना में भारत सरकार द्वारा अभी तक 3,728 क्लस्टर अनुमोदित किये गये हैं। इन क्लस्टरों में करीब एक लाख 16 हजार कृषक शामिल है, जो सभी पीजीएस पोर्टल पर पंजीकृत है। पंजीकृत कृषकों के जैविक उत्पादों की स्थानीय स्तर पर तथा जैविक केन्द्र, मंडला और जबलपुर के माध्यम से मार्केटिंग में मदद की जा रही है। प्रमुख रूप से नाडेप एवं बर्मी कम्पोस्ट पिट निर्माण, जैव उर्वरक एवं पोषक तत्व वितरण, जैविक खेती जागरूकता अभियान, नर्मदा नदी के किनारों के सभी जिलों के सभी विकासखण्डों में जैविक खेती कार्यक्रम, जैविक प्रक्षेत्रों की स्थापना, हरी खाद के लिए सहायता, जैव उर्वरकों की निर्माण इकाइयों की स्थापना, नर्मदा किनारे के गाँवों में बायोगैस प्लांट का निर्माण और जैव उर्वरकों के परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं के निर्माण की इन परियोजनाओं से जैविक खेती को प्रदेश में गति मिली है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर प्राकृतिक और जैविक कृषि की विस्तृत कार्य-योजना तैयार की जा रही है। नर्मदा के किनारे के सिंचित परन्तु अधिक रसायन के उपयोग वाले कृषि क्षेत्रों को चिन्हित कर प्रांरभिक तौर पर किसानों के कुल रकबे में से कुछ क्षेत्र में जैविक कृषि को प्रोत्साहन देने पर काम किया जायेगा। राज्य जैविक खेती विकास परिषद का पंजीयन भी किया गया है। प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में जैविक/प्राकृतिक खेती को शामिल करने की योजना है। दोनों कृषि विश्वविद्यालय में कम से कम 25 हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती प्रदर्शन क्षेत्र में बदला जायेगा।


डेढ़ दशक में उद्यानिकी फसलों के रकबे और उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि


मध्यप्रदेश में पिछले डेढ़ दशक में उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल में 5 गुना और उत्पादन में 7 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2006 में उद्यानिकी फसलों का कुल रकबा 4 लाख 69 हजार हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 23 लाख 43 हजार हेक्टेयर हो गया। उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल में वृद्धि होने का सीधा प्रभाव उत्पादन में हुई वृद्धि में भी दिखाई देता है। इस अवधि में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन भी 42 लाख 98 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर अब सात गुना से अधिक 340 लाख 31 हजार मीट्रिक टन हो गया है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की सुविचारित नीतियों और दूरदर्शिता से उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र और उत्पादन में हुई इस उल्लेखनीय वृद्धि का ही परिणाम है कि मध्यप्रदेश मसाला, सब्जी, फल और फूल उत्पादन में देश के पहले 5 राज्यों में शामिल है। प्रदेश मसाला फसलों के उत्पादन में देश में पहले, सब्जी में तीसरे, फूल में चौथे और फल उत्पादन में पाँचवें स्थान पर है।


औषीधीय और सुगंधित फूलों की खेती

प्रदेश में औषधीय एवं सुगंधित फूलों की खेती जो मात्र 15 हजार 650 हेक्टेयर में होती थी, अब 42 हजार 956 हेक्टेयर में हो रही है।


एक जिला-एक उत्पाद

जिलों के स्थानीय परिवेश और उद्यानिकी कृषकों द्वारा की जा रही फसलों की खेती को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिले के लिये एक उत्पाद का चयन किया गया है। भोपाल, होशंगाबाद, सीहोर और श्योपुर के लिये अमरूद, का उत्पादन अच्छा होता है।एक जिला-एक उत्पाद के रूप में चयन किया गया है। राज्य सरकार द्वारा चयनित उत्पाद की खेती, भण्डारण, प्र-संस्करण और विपणन के क्षेत्र में कार्य करने में उद्यानिकी कृषकों को मदद दी जा रही है।


सिंचाई के लिए पहली बार पानी पहुंचने पर किसानों के चेहरे खिल उठे

  • रतनपुर उदव्हन सिंचाई योजना से रतनपुर के किसानों के खेतों तक पहुंचा पानी

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जिले के रेहटी के रतनपुर गांव के किसानों के चेहरें उस समय खुशी से खिल उठे, जब पहली बार गांव में सिंचाई के लिए पानी पहुंचा। सिंचाई की व्यवस्था नही होने के कारण किसान ठीक से खेती नहीं कर पाते थे। जिससे फसलों का उत्पादन कम होने के साथ ही पानी के अभाव में अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। आज इस दुर्गम गांव में पानी पहुंचाने की सफलतापूर्वक परीक्षण से किसान बेहद प्रसन्न हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह ने इस क्षेत्र के किसानों की सिंचाई की समस्या को देखते हुए कोलार परियोजना अंतर्गत रतनपुर उदवहन सिंचाई योजना की घोषणा की थी। इस योजना से रतनपुर जैसे दुर्गम क्षेत्र में हर खेत को पानी पहुचाया जायेगा जहां पहले कभी पानी नही पहुंचा। इस योजना से सिंचाई के क्षेत्र में बढ़ोत्तरी होने से कृषि उत्पादन भी बढ़ेगा। रतनपुर के किसान मंशाराम यादव, मुकेश यादव, आकाश, जियालाल यादव, सेमरी के किसान हरीश यादव एवं खान साहब, रेहटी के नेताजी आशाराम यादव ने बताया कि क्षेत्र में पानी की बहुत कमी है। अब सिंचाई के लिए पानी आने से हमारी उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके लिए इस क्षेत्र किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस योजना से रतनपुर गांव के लोगों का सपना साकार हुआ। कार्यपालन यंत्री कोलार परियोजना श्रीमती हर्षा जैनवाल ने बताया कि कोलार परियोजना अंतर्गत रतनपुर उदवहन सिंचाई योजना के पम्प का 11 फरवरी 2022 को सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। इस परियोजना से रेहटी तहसील के पांच ग्राम रतनपुर, सेमरी, खनपुरा, बोरी, डोंगरी की कृषि योग्य भूमि में स्प्रिंकलर पद्धति द्वारा सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इन गावों की 1084 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। रतनपुर उद्वहन सिंचाई योजना सीहोर जिले की कोलार वृहद् परियोजना की बायीं तट मुख्य नहर के 14.85 किलोमीटर पर एवं बोरी ग्राम के सायफन से नहर मार्ग द्वारा लगभग 600 मीटर की दूरी पर स्थित है।


प्रधानमंत्री फसल बीमा खरीफ एवं रबी की राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरण

  • मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा एवं विधायक श्री सुदेश राय होंगे शामिल

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2020 एवं रबी 2020-21 की फसल बीमा दावा राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरण किया जाएगा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2020 एवं रबी 2020-21 की फसल बीमा दावा राशि का वितरण बैतूल जिले से सिंगल क्लिक के माध्यम से किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के किसानों को दावा राशि का भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाएगा। इस कार्यक्रम का जिला स्तर पर कृषि उपज मंडी समिति सीहोर एवं जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में लाइव प्रसारण 12 फरवरी को दोपहर 12 बजे से किया जाएगा। उप संचालक कृषि ने बताया कि कृषि उपज मंडी, सीहोर प्रांगण में प्रातः 11:00 बजे कार्यक्रम प्रारंभ कर जिले के चयनित कृषकों को बीमा दावा राशि के प्रमाण पत्र वितरित किये जायेंगे। इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, विधायक श्री सुदेश राय सहित जिले के समस्त किसान उपस्थित होंगे।

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