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रविवार, 13 मार्च 2022

मोदी,शाह ने की राष्ट्रीय रक्षा विवि के पहले दीक्षांत समारोह में की शिरकत

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गांधीनगर, 12 मार्च, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का अत्याधुनिक भवन राष्ट्र को समर्पित किया तथा विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित भी किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत तथा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल उपस्थित रहे। आज के दिवस के विशेष महत्व का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने दांडी कूच करने वाले महात्मा गांधी तथा दांडी कूच में सहभागी होने वाले वीर आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा, “अंग्रेज़ों के अन्याय के विरुद्ध गांधीजी के नेतृत्व वाले आंदोलन ने ब्रिटिश सरकार को हम भारतीयों की सामूहिक शक्ति का अहसास कराया था।” श्री मोदी ने पुलिस और सुरक्षा कर्मचारियों की छवि बदलने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकप्रिय संस्कृति में पुलिस का निरूपण भी इस संदर्भ में सहायता नहीं करता है। कोरोना महामारी के दौरान पुलिस कर्मचारियों द्वारा किए गए मानवीय कार्यों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “स्वतंत्रता के बाद देश के सुरक्षा विभाग में सुधारों की ज़रूरत थी। एक धारणा विकसित की गई थी कि हमें ख़ाकी से सावधान रहना चाहिए, परंतु अब इस धारणा में परिवर्तन आया है। अब लोग ख़ाकी देखते हैं, तो उन्हें मदद का आश्वासन मिलता है।” उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मचारियों को आज संयुक्त परिवार के सपोर्ट नेटवर्क के अभाव के कारण तनावग्रस्त स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा बलों में तनाव मुक्त रहने के लिए योग विशेषज्ञों की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री मोदी ने कहा, “देश के सुरक्षा बलों को मज़बूत करने के लिए तनाव मुक्त प्रशिक्षण गतिविधियां समय की आवश्यकता है।” सुरक्षा तथा पुलिसिंग के कार्य में टेक्नोलॉजी के महत्व पर ज़ोर देते हुए श्री मोदी ने कहा कि यदि अपराधी टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हों, तो उन्हें पकड़ने के लिए भी टेक्नोलॉजी का उपयोग करना आवश्यक है। टेक्नोलॉजी पर यह ज़ोर इस क्षेत्र में दिव्यांग लोगों को भी योगदान देने के लिए सक्षम बनाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधीनगर क्षेत्र में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रक्षा यूनिवर्सिटी तथा फ़ॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी है। उन्होंने इन परस्पर संबंधित क्षेत्रों में सर्वग्राही शिक्षा का निर्माण करने के लिए नियमित संयुक्त परिसंवादों के माध्यम से तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “इसे कभी पुलिस यूनिवर्सिटी मानने की भूल मत कीजिए। यह एक रक्षा यूनिवर्सिटी है, जो देश की संपूर्ण सुरक्षा का ध्यान रखती है।”


उन्होंने विद्यार्थियों से अनुरोध किया कि उन्हें मानवता के मूल्यों को हमेशा अपनी वर्दी में अभिन्न रखना चाहिए और उनके प्रयासों में कभी सेवा भावना की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सुरक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती संख्या पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “हम रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की अधिक भागीदारी देख रहे हैं। विज्ञान हो, शिक्षा हो, सुरक्षा हो; हर क्षेत्र में महिलाएं अग्रसर रह कर नेतृत्व कर रही हैं।” इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के छात्र आत्मसुरक्षित राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान देंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य की ज़िम्मेदारी के रूप में क़ानून-व्यवस्था के विषय को एक होलिस्टिक एप्रोच से देखने की शुरुआत की थी। उन्होंने राज्य के पुलिस प्रशासन को आधुनिक बनाने के संकल्प के साथ राज्य के सभी पुलिस स्टेशन कम्प्यूटरीकृत किए और सभी पुलिस स्टेशनों को एक कनेक्टिविटी से जोड़ा था। श्री मोदी ने आधुनिक सॉफ्टवेयर तैयार कर सेवा में कार्यरत् पुलिस कर्मचारियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया था। इसके बाद जेल एवं फॉरेंसिक लैब को भी इस सिस्टम के साथ जोड़ा गया था। श्री शाह ने कहा कि दीर्घदृष्टा प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लॉ यूनिवर्सिटी, रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी तथा फ़ॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के निर्माण द्वारा क़ानून-व्यवस्था की शिक्षा के सुदृढ़ ढाँचे की रचना की थी। युवाओं में एक परिवर्तन की आवश्यकता है। युवा स्वयं अपने कॅरियर के लिए एक विषय सुनिश्चित करें और वह विषय था उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, तभी वे युवा सम्बद्ध विषय में स्वयं विशेषज्ञ बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक, सामाजिक, बाह्य सुरक्षा या आंतरिक सुरक्षा सहित देश का कोई भी क्षेत्र हो, उसमें ज़रूरी ढाँचागत सुधार किए गए हैं। आने वाले दिनों में इस राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का विस्तार किया जाएगा और क आत्मसुरक्षित राष्ट्र की दिशा में आमूल परिवर्तन आएगा। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में वर्ष 2017 से 2021 तक की बैच के 1090 छात्रों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। इनमें 14 पीएचडी, 16 एमफिल, 243 पीजी डिप्लोमा, 823 अनुस्नातक, 271 स्नातक और 194 डिप्लोमा छात्र शामिल हैं।

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