मोतिहारी : जल प्रदूषण से मुक्त रखना है - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 22 अप्रैल 2022

मोतिहारी : जल प्रदूषण से मुक्त रखना है

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मोतिहारी. पूर्वी चम्पारण जिले के जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की आयोजित की गई.प्रभारी पदाधिकारी, नगर विकास कोषांग एवं विकास विकास शाखा द्वारा बताया गया कि जिला गंगा समिति के माध्यम से गंगा नदी से जुड़ी नदियों यथा गंडक, कोशी आदि को जल प्रदूषण से मुक्त रखना है. कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ प्रमण्डल द्वारा बताया गया कि पहाड़पुर प्रखण्ड के भरवलिया में चन्द्रहियावाद नदी एवं अरेराज में विभिन्न लोकेसन पर 04 योजना संचालित है. सिकरहना तटबंध द्वारा भी मेंटेनेंस का कार्य किया जा रहा है. कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ प्रमण्डल एवं सिकरहना तटबंध को अपने-अपने प्रमण्डल अन्तर्गत संचालित योजनाओं की सूची नगर विकास कोषांग एवं विकास शाखा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. अनुमण्डल पदाधिकारी, अरेराज को बाढ़ नियंत्रण अन्तर्गत संचालित योजना की जाँच कर प्रतिवेदित करने का निर्देश दिया गया.श्री अनिल कुमार, पूर्व मुखिया, ग्राम पंचायत परसौनी कपूर, प्रखण्ड-पताही द्वारा बताया गया कि पताही प्रखण्ड में ललबेगिया नदी के बाद नाला है जो आगे कछुआ नदी में मिल जाता है.उक्त नाला के द्वारा नदी प्रदूषित होती है.मोतीझील भी नाले के पानी से प्रदूषित हो रहा है.

   

श्री पवनेश कुमार, सीनियर प्रो0 महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी द्वारा बताया गया कि गंडक नदी की सफाई भी आवश्यक है.इस कार्य में आवश्यक सहयोग के लिए केन्द्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों को जोड़ा सकता है. प्रभारी पदाधिकारी, नगर विकास कोषांग एवं विकास शाखा को केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के वनस्पति विज्ञान के 02 छात्र, एम0एस0डब्लू0 के दो छात्र, कम्प्यूटर साइंस के दो छात्रों को जिला गंगा समिति से जोड़ने के लिए अधियाचना केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी को भेजने का निर्देश दिया गया. पृच्छा के क्रम में नगर आयुक्त, नगर निगम, मोतिहारी द्वारा बताया गया कि मोतीझील की जलकुंभी हटाने के लिए क्रय किये गये मशीन तीन-चार दिनों में आ जाएगी.  नगर आयुक्त को  जलकुंभी हटाने का कार्य करते हुए दो माह के अन्दर मोती झील जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया. जिला कृषि पदाधिकारी को नगर आयुक्त के साथ समन्वय कर अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.भीमलपुर में पार्क की योजना लेने का निर्देश दिया गया.  साथ ही गंगा नदी से जुड़ी हुई नदियों के किनारे मनरेगा से संचालित योजनाओं की सूची नगर विकास कोषांग एवं विकास शाखा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों की एक समिति होगी, जो नदियों के किनारे अवस्थित नगर क्षेत्र के संबंध में आवश्यक सुझाव देंगे.उप विकास आयुक्त को जिला गंगा समिति का नोडल पदाधिकारी के रूप में प्राधिकृत किए गए.जिला कार्यक्रम पदाधिकारी(मनरेगा) एवं जिला समन्वयक(एस0बी0एम0) नियमित रूप से जिला गंगा समिति के गतिविधियों का अनुश्रवण करते नगर विकास कोषांग एवं विकास शाखा को प्रतिवेदित करेंगे. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, प्रभारी पदाधिकारी, नगर विकास कोषांग एवं विकास शाखा , निदेशक, डी0आर0डी0ए0, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, नगर आयुक्त, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी(मनरेगा), कार्यपालक अभियन्ता, भवन प्रमण्डल, कार्यपालक अभियन्ता, पी0एच0ई0डी0, कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ प्रमण्डल, श्री पवनेश कुमार, सिनियर प्रो0 महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी, डाॅ0 सफीउर रहमान, सहायक प्रोफेसर, एम0एस0 काॅलेज, मोतिहारी, अध्यक्ष, चैम्बर ऑफ  काॅमर्स आदि उपस्थित थे.

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