बिहार : मतदान केन्द्रों पर बायोमेट्रिक सिस्टम का उपयोग किया जाएगा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 22 अप्रैल 2022

बिहार : मतदान केन्द्रों पर बायोमेट्रिक सिस्टम का उपयोग किया जाएगा

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पटना. राज्य में मई- जून में नगरपालिका का चुनाव संभावित है.सूबे में पंचायत चुनाव,24 विधान परिषद और विधान सभा चुनाव की प्रक्रिया समाप्त हो गयी है.अब नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी. इस बीच वर्तमान पार्षद व भावी पार्षद प्रत्याशी भीषण गर्मी में भी चुनाव प्रचार करने में लगे हैं.पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर रजनी देवी के प्रतिनिधि पप्पू राय का कहना है डिप्टी मेयर रजनी देवी मेयर पद के लिए किस्मत अजमाएंगी.सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि 22 अप्रैल दिन शुक्रवार समय 10 बजे से डिप्टी मेयर कार्यलय 22C कुर्जी मोड़ में आयुष्मान भारत कार्ड, गोल्डन कार्ड , ई श्रम कार्ड, डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा.इसके साथ बायोमैट्रिक जीवन प्रणामपत्र भी बनाया जाएगा.यहां के लोगों ने कहा कि आधार कार्ड भी बनाने की व्यवस्था हो. संभावना जताई जा रही है कि राज्य निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनाव की घोषणा कर देगा.सूत्रों के अनुसार नगर निकाय का चुनाव एक ही चरण में कराने पर विचार किया जा रहा है.चुनाव ईवीएम से होगा. नगर निकाय चुनाव में भी पहली बार वोटरों के सत्यापन के लिए मतदान केन्द्रों पर बायोमेट्रिक सिस्टम का उपयोग किया जाएगा. बता दें कि आयोग ने पंचायत चुनाव में बोगस वोटिंग को रोकने के लिए पहली बार बायोमेट्रिक सिस्टम को लागू कराया. नगर निकाय चुनाव में इस बार कई नए क्षेत्रों में भी मतदान कराए जाएंगे.नगर विकास एवं आवास विभाग ने करीब 166 नए नगर निकायों का गठन, उत्क्रमण क्षेत्र एवं विस्तार किया है. इनमें 6 नए नगर निगम भी हैं.इन क्षेत्रों में पहले वार्ड का गठन होगा. इसके बाद आरक्षण के रोस्टर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. फिर मतदाता सूची तैयार होगी. खासबात यह होगी कि नगर निकाय चुनाव में दो बच्चे वाला प्रावधान लागू रहेगा.यानी जिन लोगों के दो से अधिक बच्चे होंगे वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे.


सूबे में 109 नए नगर पंचायत बनाए गए है.पटना में (2) - पुनपुन और पंचायत पालीगंज; नालंदा में (10)- हरनौत, सरमेरा, रहुई, परवलपुर, गिरियक, अस्थावा, एकंगरसराय, चंडी, पावापुरी (गिरियक) और सिलाव; भोजपुर में (1)- गड़हनी; बक्सर में (2)- चौसा और ब्रम्हपुर; कैमूर में (3)- हाटा, कुदरा और रामगढ़; रोहतास में (4)- चेनारी, दिनारा, काराकट और रोहतास; मुजफ्फरपुर में (7)- मुरौल, सकरा, बरुराज, मीनापुर, कुढ़नी, सरैया और माधोपुर सुस्ता; पश्चिमी चंपारण में (2)- लौरिया और जोगापटी; वैशाली में (3)- जन्दाहा, गोरौल और पातेपुर; मुंगेर में (1)- तारापुर; शेखपुरा में (2)- चेवाड़ा और शेखोपुरसराय; जमुई में (1)- सिकन्दरा; खगड़िया में (4)- अलौली, परबत्ता, मानसी और बेलदौर; गया में (5)- वजीरगंज, फतेहपुर, डोभी, इमामगंज और खिजरसराय; औरंगाबाद में (2)- बारूण और देव; नवादा में (1)- रजौली; जहानाबाद में (2)- घोषी और काको; अरवल में (1)- कुर्था; पूर्णिया में (8)- चम्पानगर, बायसी, अमौर, जानकीनगर, धमदाहा, मीरगंज, भवानीपुर और रूपौली; कटिहार में (5)- कोढ़ा, बरारी, कुर्सेला, अमदाबाद और बलरामपुर; अररिया में (3)- रानीगंज, जोकीहाट और नरपतगंज; किशनगंज में (1)- पौआखाली; सीवान में (6)- बसंतपुर, गुठनी, आन्दर, गोपालपुर, हसनपुरा और बड़हड़िया; सारण में (3)- मशरख, मांझी और कोपा; दरभंगा में (9)- कुशेश्वरस्थान पूर्वी, बहेड़ी, हायाघाट, घनश्यामपुर, बिरौल, भरवाड़ा, सिंहवाड़ा, जाले और कमतौल; मधुबनी में (2)- फुलपरास और बेनीपट्‌टी; समस्तीपुर में (3)- सरायरंजन, मुसरी घरारी और सिंघिया; भागलपुर में (4)- हबीबपुर, सबौर, पीरपैंती और अकबरनगर; बांका में (2)- कटोरिया और बौंसी; सहरसा में (4)- सौरबाजार, बनगाँव, नवहट्टा और सोनवर्षा; सुपौल में (2)- पीपरा और राघोपुर; मधेपुरा में (3)- सिंहेश्वर, बिहारीगंज और आलमनगर; गोपालगंज में (1)- हथुआ. इसी तरह 11 नगर परिषद का क्षेत्र विस्तार किया गया है. बक्सर, डुमरांव, शेखपुरा, बरबीघा, मसौढ़ी, खगड़िया, सीवान, बीहट (बेगूसराय), हाजीपुर, सुल्तानगंज, नवादा. इस बार 6 नगर परिषद को नगर निगम बनाया है.पश्चिमी चंपारण जिले में बेतिया, पूर्वी चंपारण जिले में मोतिहारी, मधुबनी जिले में मधुबनी, समस्तीपुर में समस्तीपुर, रोहतास जिले में सासाराम, सीतामढ़ी जिले में सीतामढ़ी. वहीं 32 नगर पंचायत को नगर परिषद बनाए गए है.राजगीर, पीरो, नोखा, चकिया व रामनगर (पू. चम्पारण), लालगंज व महुआ, जनकपुर रोड व जनकपुर रोड व बैरगनिया, शिवहर, तेघड़ा, बलिया व बखरी, हवेली खड़गपुर, गोगरी जमालपुर (खगड़िया), बोधगया, शेरघाटी व टेकारी, वारिसलीगंज व हिसुआ, कांटी, मोतीपुर व साहेबगंज, कसबा व बनमनखी, जोगबनी, बरौली व मीरगंज, रोसड़ा व दलसिंहसराय, नवगछिया, सिमरी बख्तियारपुर. वार्डों के गठन, आरक्षण रोस्टर और नए नगर निकायों में वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में एक से दो महीने का वक्त लग सकता है.राज्य में पहले से 12 नगर निगम पटना, बिहारशरीफ, आरा, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मुंगेर, बेगूसराय, पूर्णिया, कटिहार और छपरा नगर निगम थे. राज्य सरकार ने 6 और नगर निगम पश्चिम चंपारण जिला में बेतिया, पूर्वी चंपारण जिला में मोतिहारी, मधुबनी जिला में मधुबनी, समस्तीपुर जिला में समस्तीपुर, रोहतास जिला में सासाराम और सीतामढ़ी जिला में सीतामढ़ी को नगर परिषद से उत्क्रमित कर नगर निगम बनाया है.

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