बिहार : पाम संडे के साथ ईसाई समुदाय का पुण्य सप्ताह का आगाज - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 10 अप्रैल 2022

बिहार : पाम संडे के साथ ईसाई समुदाय का पुण्य सप्ताह का आगाज

  • ईसाई समुदाय के पाम संडे के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों को समेटकर पेश है आलोक कुमार और स्वीटी माइकल की विशेष रिपोर्ट..

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पटना. पाम संडे के साथ ही ईसाई समुदाय के लिए पुण्य सप्ताह का आगाज हो गया है.इस पुण्य सप्ताह के दौरान पवित्र बृहस्पतिवार को परमप्रसाद की स्थापना के रस्म अदायगी, अंतिम ब्यालु भी कहा जाता है. पुण्य शुक्रवार को उपवास और परहेज का दिन होगा.इस दिन रूस और यूक्रेन के बीच जारी महायुद्ध समाप्त के लिए ईसाई समुदाय उपवास और परहेज रखेंगे. पुण्य शुक्रवार यानी गुड फ्राइडे को प्रभु येसु को क्रूस पर चढ़ाकर मार डालने पर गम इजहार करेंगे.इस अवसर पर झांकी प्रस्तुत विक्टर फ्रांसिस पेश करेंगे. पवित्र धर्मग्रंथ बाइबल में उल्लेखित प्रभु येसु को क्रूस चढ़ाकर मार डालने के बाद तीन दिनों के जीवित हो जाने का पर्व अगले रविवार को ईस्टर के रूप मनाया जाएगा. प्रभु येसु के जीवित हो उठने की खुशी में यह पर्व मनाया जाता है. इससे पहले चर्चा में इस पूरे सप्ताह अलग-अलग दिनों में कई तरह के आयोजन होंगे. आजकल अप्रैल महीना चल रहा है.अप्रैल माह हिंदू और मुस्लिम धर्मावलंबियों के लिए पवित्र माह है.इसके साथ ही ईसाई समुदाय के लिए भी महीना बेहद खास है.हिंद संवत्सर में चैत्र का महीना चल रहा है और आज रामनवमी है.वहीं इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार यह रोजे का पाक महीना है.इसी महीने में ईसाई समुदाय का पाम संडे और गुड फ्राइडे भी है. इन दिनों ईसाई समुदाय के भी रोजे चल रहे हैं. जो अंतिम चरण में है.40 दिन के रोजे रखने के बाद उनका एक बड़ा पर्व आता है ईस्टर .यह ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए त्योहारों में से एक है.आज ईसाई समुदाय पाम संडे मना रहे हैं.इसके साथ ही पवित्र सप्ताह शुरू हो गया है.


आज ईसाई समुदाय परम्परागत ढंग से पाम संडे मना रहे है.आज के दिन दो हजार वर्ष पूर्व प्रभु येसु मसीह नगर यरूशलेम नगरी में प्रवेश किए थे. वहां के लोगों ने उनके स्वागत में खजूर की डालियां और कपड़ों को जमीन पर बिछाकर स्वागत किया था. दाऊद के पुत्र को होसान्ना..ईसा के आगे-आगे जाते हुए और पीछे -पीछे आते हुए लोग यह नारा लगा रहे थे,‘दाउद के पुत्र को होसन्ना... धन्य है वह जो प्रभु के नाम पर आते हैं.सर्वोच्च स्वर्ग में होसन्ना.‘ प्रभु येसु के यरुशलेम में प्रवेश करने की सूचना पाकर यरुशलेम के निवासी काफी उत्साहित होकर उसके स्वागत में उसके सामने अपने कपड़े बिछा दिये थे।ताकि उन कपड़ों पर चलकर ही प्रभु येसु यरुशलेम में प्रवेश करें.आज पाम संडे के रूप में हमें भी अपने प्रभु येसु  के सिद्धांतों पर चल अपने हृदय रुपी घर में उसके आगमन को पक्का करने की जरुरत है तथा जिस तरह यरुशलेम में पहुंचकर उन्होने लोगों को चंगा किया था.उसी तरह हम भी प्रभु येसु के सिद्धांतों पर चल अपने आध्यात्मिक एवं शारीरिक चंगाई के लिये प्रार्थना करें और  उससे कहें कि-‘हे पिता हमारी प्रार्थना स्वीकार कर. उसी दिन को स्मरण कर मसीही समुदाय के लोग पाम संडे यानी खजूर पर्व मनाते हैं.10 अप्रैल की सुबह 5ः30 बजे से भक्तों भारी संख्या संत माइकल जुनियर स्कूल में एकत्रित हो गये. इस अवसर पर येसु समाजी पुरोहित उपस्थित थे. येसु समाजी पुरोहितों में फादर पीयुस ओस्ता,फादर राजीव रंजन,फादर राजेश,फादर लौरेंस पास्कल,फादर एडिसन आम्रस्टांग,फादर ग्रेगरी गोम्स,फादर सेल्विन जेवियर,फादर डेनिस और फादर अगस्टीन उपस्थित थे. फादर सेल्विन जेवियर ने ग्रामीण अंचल से लाये गए खजूर की डालियों पर आशीष दिये. पाटलिपुत्र पल्ली में स्थित सेक्रेट हार्ट चर्च,पाटलिपुत्र में खजूर इतवार का धार्मिक कार्यक्रम सुबह 6ः45 बजे से शुरू हुआ.उपस्थित फादर मार्टिन आनंद ने खजूर डालियों पर आशीष दिये और जुलूस के रूप में चर्च में प्रवेश किये. मिस्सा फादर मार्टिन आनंद ने पवित्र मिस्सा अर्पित किया. बेतिया पल्ली में खजूर रविवार का कार्यक्रम सुबह 5ः30 बजे संत तरेसा स्कूल कैम्पस में खजूर की डालियों पर आशीष के बाद गिरजाघर की ओर यात्रा और मिस्सा किया गया.चूहड़ी पल्ली में खजूर रविवार को 6ः00 सुबह से गांव के ग्रोटो में खजूर की डालियों पर आशीष देने के बाद गिरजाघर की ओर यात्रा आगमन हुआ और फादर तोबियास टोप्पो ने मिस्सा किये. भक्त इग्नासियुस माइकल ने कहा कि गोरखपुर पल्ली में सुबह 8 बजे से एलएफएस प्राइमरी स्कूल से संत एंथोनी चर्च में जुलूस जाने के बाद पाम संडे का मिस्सा किया गया. पवित्र परिवार गिरजा घर,चखनी में सुबह 6ः30 बजे पुराना टोला में खजूर की डालियों पर आशीष तथा उसके बाद जुलूस के साथ नया टोला होते हुए गिरजा घर में प्रवेश किया गया.यहां पर पल्ला पुरोहित ने पवित्र मिस्सा अर्पित किया.


इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच महायुद्ध समाप्त करने के लिए प्रार्थना की गयी.इस जहां के सभी समुदाय के लोगों के लिए प्रार्थना की गयी. परिवार, समाज, एकता, प्रेम, संगठन, शांति व भाईचारे के लिए प्रभु येसु मसीह से दुआ मांगी.इस दौरान पाम संडे के दिन पुरोहितों के नेतृत्व में अनुयायी हाथ मे खजूर की डालियां लेकर होसन्ना के गीत गाते हुए चर्च में प्रवेश करते हैं। इस अवसर पर फादर सेल्विन जेवियर की अगुवाई में सुबह जुलूस निकाला गया.स्वयंसेवक हॉली क्रॉस लेकर आगे-आगे निकले और उनके पीछे मसीही समुदाय के लोग चल रहे थे. इन लोगों ने हाथ में खजूर के पेड़ की डालियां थीं. इस दौरान प्रभु येसु की शान में गीत गाए गए. जय-जय होवे तेरीकृप्रभु के प्रतिनिधि दाउद सुत की गूंजे इस़्त्राएल के प्रभु की नभ में यश की भेरी जय-जय होवे तेरी.आज से 2022 साल पहले प्रभु येसु के लिए भीड़ ने होशन्ना के नारे लगाए थे. उसी दिन की याद में पाम संडे मनाया गया.जय हो... प्रभु की जय जय हो,स्वर्ग लोक की जय हो स्वागत के लिए हर्ष के मारे,बालक ले जैतून की डालें गुंजित करने लगे नारे,जय हो प्रभु की जय हो... पाम संडे के साथ मसीहियों के लिए पवित्र सप्ताह का आगाज हो गया है. अगले रविवार को ईस्टर मनाया जाएगा. प्रभु यीशु के जीवित हो उठने की खुशी में यह पर्व मनाया जाता है. इससे पहले चर्चा में इस पूरे सप्ताह अलग-अलग दिनों में कई तरह के आयोजन होंगे. कहा जाता है कि चालीसा या लेंट के चालीस दिन की आध्यात्मिक तैयारी प्रत्येक मसीही के लिए अपने जीवन में की गई गलतियों और पापों के लिए सच्चे दिल से पश्चाताप करने, उपवास, परहेज और प्रार्थना में बढ़ने का अभ्यास है. लेकिन उपवास, प्रार्थना, परहेज और क्रूस रास्ता आराधना आदि के कार्यक्रम को मात्र चालीस दिन की औपचारिकता तक ही सीमित करने का नहीं, पूरे जगत के मसीहियों के लिए यह जीवन पूरे साल अर्थात वर्ष के 365 दिन कहें या अपने जीवन के अंतिम सांस तक अनुसरण करने का है.

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