बिहार : संत हेलन चर्च के प्रांगण में रविवार 10 अप्रैल को पाम संडे मनाया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 10 अप्रैल 2022

बिहार : संत हेलन चर्च के प्रांगण में रविवार 10 अप्रैल को पाम संडे मनाया

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बाढ़. प्रभु येसु ख्रीस्त के यरूशलेम में प्रवेश करने की खुशी बिहार में भी मनाया जाएगा। विभिन्न चर्चों ने तैयारी कर ली है.10 अप्रैल को पटना महाधर्मप्रांत के बाढ़ पल्ली मे स्थित संत हेलेंस चर्च में सुबह 8:30 बजे से शुरू किया गया.सभी श्रद्धालु संत जोसेफ जुनियर स्कूल में एकत्रित हुए वही पुरोहितों के द्वारा खजूर की डालियों पर आशीष दिया गया और सभी ईसाई समुदाय के बीच खजूर की डालियों का वितरण किया गया खजूर की डालियों को लहराते हुए क्रमबद्ध बच्चे बूढ़े नवयुवक होस्ना होस्ना के जयकारे लगाते हुए चर्च की ओर बढ़े. इस होसन्ना यात्रा में बाढ़ पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर एंडरुस थम्बी सहायक पल्ली पुरोहित फादर जयकुमार, फादर आश्विन फादर मरियानूस, सिस्टर दीपिका, सिस्टर वियोलिटा, सिस्टरनिशी, नीरज कुमार, संजय कुमार, सुशील कुमार दिनेश अल्बर्ट,रंजीत कुमार एवं हजारों की संख्या में ईसाई धर्मलंबी भाई-बहन शामिल हुए. इन दिनों ईसाई समुदाय का दुख भोग चल रहा है. ईसाई समुदाय ने 40 दिवसीय पवित्र उपवास की शुरुआत बुधवार 2 मार्च को की थी. श्रद्धालुओं ने उस बुधवार को राख का बुधवार मानकर उपवास की शुरुआत की थी.रविवार को छोड़कर चालीस दिनों तक दुःखभोग की अवधि होती है.इस दौरान ईसाई समुदाय उपवास और परहेज रखते हैं.प्रार्थना करते हैं और दान भी करते हैं.संत पापा फ्रांसिस ने यूक्रेन को एम्बुलेंस दान किये। ईसाई समुदाय रविवार 10 अप्रैल को पाम संडे मनाएंगे. पाम संडे यानी खजूर रविवार को ईसाई धर्म के अनुयायियों के प्रमुख त्योहारों में से एक त्योहार मनाया जाता है. इस दिन को ईसाई समुदाय के लोग प्रभु येसु के यरूशलेम में विजय प्रवेश के रूप में मनाते हैं.पवित्र बाइबल में कहा गया है कि प्रभु येसु जब यरुशलम पहुंचे, तो उनके स्वागत में बड़ी संख्या में लोग पाम यानी खजूर की डालियां अपने हाथों में लहराते हुए एकत्रित हो गए थे.लोगों ने प्रभु येसु की शिक्षा और चमत्कारों को शिरोधार्य कर उनका जोरदार स्वागत किया था. यह बात करीब दो हजार वर्ष पहले की बताई जाती है.  इसे पवित्र सप्ताह की शुरुआत के रूप में भी मनाया जाता है. इसका समापन ईस्टर के रूप में होता है.पाम संडे दक्षिण भारत में प्रमुखता से मनाया जाता है. इसे पैसन संडे भी कहा जाता है.इस अवसर पर चर्चों में विशेष आयोजन होते हैं. इसमें बाइबल का पाठ, प्रवचन और मिस्सा का आयोजन भी होगा. ईसाई समाज पाम संडे के दिन प्रभु के आगमन की खुशी में गीत गाकर इस दिन का स्वागत करते हैं. वे हाथों में खजूर की डालियां लेकर प्रभु के आने की खुशी में गीत गाएंगे.

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