बिहार : कोईरी के खेत-बागान में भंटा-गोभी के साथ खिलेगा ‘कमल’ भी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 8 अप्रैल 2022

बिहार : कोईरी के खेत-बागान में भंटा-गोभी के साथ खिलेगा ‘कमल’ भी

samra-chaudhry
बिहार में भाजपा नीतीश कुमार के जदयू को दीमक की तरह खोखला करती जा रही है। कुर्सी पर विराजमान नीतीश कुमार को इसका अहसास नहीं हो रहा है। भाजपा के भरोसे राजनीति कर रहे नीतीश हर चुनाव में कमजोर होते जा रहे हैं। उधर, भाजपा उनके आधार वोट पर निशाना साध रही है और अंतिम चोट के रूप कुशवाहा वोट को गोलबंद करने के अभियान में जुट गयी है। नीतीश कुमार का आधार वोट कुर्मी और कोईरी जाति के लोग ही रहे हैं। इसी लव-कुश वोट के सहारे नीतीश कुमार लंबे समय तक राजद के खिलाफ राजनीति के धुरी बने रहे हैं और भाजपा के साथ सौदा भी करते रहे हैं। नयी रणनीति के तहत भाजपा ने जदयू के कुशवाहा वोट पर ही हमला कर दिया है। लंबे समय तक जदयू और राजद के साथ राजनीति करने वाले सम्राट चौधरी ने भाजपा में शामिल होकर नयी ताकत अर्जित की है। कुशवाहा नेता के रूप में अपनी खास पहचान बना ली है। राजद और जदयू में रहते हुए भी वह प्रमुख नेता थे, लेकिन किसी पार्टी के लिए कुशवाहा चेहरा नहीं बन पाये थे। नीतीश कुमार ने ही दल-बदल कानून के तहत सम्राट चौधरी की विधान परिषद की सदस्‍यता समाप्‍त करवायी थी। इसके बाद सम्राट चौधरी भाजपा की ओर मुखातिब हुए और भाजपा की सदस्‍यता ली। बाद में भाजपा ने उन्‍हें विधान परिषद में भेजा। 2020 में नयी सरकार बनने के बाद सम्राट चौधरी मंत्री बनाये गये। इससे सम्राट चौधरी की कुशवाहा समाज में स्वीकार्यता बढ़ी और असर भी बढ़ा। अब भाजपा नीतीश कुमार के कुशवाहा वोटों को साधने के लिए सम्राट चौधरी की ताकत बढ़ाने में जुट गयी है।


सम्राट अशोक की जयंती के मौके पर 8 अप्रैल को भाजपा ने कुशवाहा समाज में अपने आधार प्रदर्शित करने के लिए समारोह का आयोजन किया। इसके आयोजन के लिए भाजपा ने पूरी शक्ति लगा दी। इस आयोजन के नेतृत्‍व का जिम्‍मा पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी को सौंपी गयी। भाजपा द्वारा आयोजित समारोह में श्रोता के रूप में बड़ी संख्‍या में कुशवाहा समाज के लोग ही थे। पटना के बापू सभागार में आयोजित समारोह में लोग खचाखच भरे हुए थे। प्रमुख वक्‍ताओं में पार्टी के वरिष्‍ठ नेता के साथ भाजपा के लगभग सभी मंत्री शामिल थे। बड़ी संख्‍या में भाजपा के विधायक और पूर्व विधायक भी मौजूद थे। समारोह में मुख्‍य अतिथि के रूप में तीन बड़े नेता शामिल थे। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, गृह राज्‍य मंत्री नित्‍यानंद राय और उत्‍तर प्रदेश के उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में आयोजन के औचित्‍य पर प्रकाश डालते हुए सम्राट चौधरी की पहल की सराहना की। अन्‍य वक्‍ताओं ने भी कुशवाहा समाज को साधने की रणनीति और महत्‍व को रेखांकित किया। इन नेताओं के भाषण का सार तत्‍व यही था कि अब कुशवाहा के खेत-बागान में गोभी-भंटा के साथ ‘कमल’ खिलाने का समय आ गया है। बिहारी मुहावरे में कुशवाहा के खेत-बागान की फसल को बर्बाद करने का आरोप यादव पर लगता रहा है। इसलिए भाजपा ने कुशवाहा के खेत-बागान में खिले कमल की ‘रक्षा’ का जिम्‍मा भी यादवों को सौंप दिया है। ग्रामीण स्‍तर पर कुशवाहा और यादव के बीच विश्‍वास का नया माहौल बनाने की रणनी‍ति की शुरूआत भाजपा ने कर दी है। करीब दोपहर पौने एक बजे समारोह में शामिल होने वाले वरिष्‍ठ नेताओं का काफिला बापू सभागार में प्रवेश करने के लिए पहुंचा। पहली गाड़ी में भूपेंद्र यादव अकेले सवार थे। दूसरी गाड़ी की अगली सीट पर नित्‍यांनद राय बैठे थे, जबकि बीच वाली सीट पर सम्राट चौधरी के साथ केशव प्रसाद मौर्य बैठे हुए थे। इन दो यादवों के अलावा तीसरे यादव पूर्व मंत्री नंद किशोर यादव पहले से मंच पर मौजूद थे। 





--- वीरेंद्र यादव न्‍यूज ---

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