वार्ता व कूटनीति के जरिए समाधान निकालने पर बल : मोदी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 23 अप्रैल 2022

वार्ता व कूटनीति के जरिए समाधान निकालने पर बल : मोदी

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नयी दिल्ली , 22 अप्रैल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ब्रिटेन के अपने समकक्ष बोरिस जॉनसन से युद्धग्रस्त यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान दोनों नेताओं ने वहां तुरंत युद्धविराम और समाधान निकालने के लिए वार्ता और कूटनीति के रास्ते पर लौटने पर बल दिया। जॉनसन से वार्ता के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन ने सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान के महत्त्व को भी दोहराया। मोदी ने कहा , ‘‘ हमने यूक्रेन में तुरंत युद्धविराम और समस्या के समाधान के लिए वार्ता और कूटनीति पर बल दिया। हमने सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान का महत्त्व भी दोहराया। ’’ उन्होंने कहा कि जॉनसन से वार्ता के दौरान उन्होंने एक शांतिपूर्ण , स्थिर और धर्मनरिपेक्ष अफगानिस्तान के साथ ही वहां एक समावेशी और प्रतिनिधित्व सरकार के लिए अपना समर्थन दोहराया। मोदी ने कहा , ‘‘ यह आवश्यक है कि अफगान भूमि का प्रयोग अन्य देशों में आतंकवाद फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए। ’’ दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर हो रहे अन्य घटनाक्रमों पर भी चर्चा की और एक खुली , समावेशी और नियम - आधारित व्यवस्था, हिंद - प्रशांत क्षेत्र में बनाए रखने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद - प्रशांत महासागरीय पहल से जुड़ने के लिए ब्रिटेन के फैसले का स्वागत किया। मोदी ने कहा कि पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की स्थापना की गई थी और इस दशक में अपने संबंधों को दिशा देने के लिए दोनों देशों ने एक महत्वाकांक्षी “ रोडमैप 2030” की शुरुआत की थी। भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा , ‘‘ आज की हमारी बातचीत में हमने इस रोडमैप में हुई प्रगति की समीक्षा की और आगामी समय के लिए कुछ लक्ष्य भी तय किए। ’’ उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विषय पर दोनों देशों के दल काम कर रहे हैं और इसमें अच्छी प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा , ‘‘ हमने इस साल के अंत तक एफटीए के समापन की दिशा में पूरा प्रयास करने का निर्णय लिया है। मोदी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से भारत और ब्रिटेन के संबंधों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री जॉनसन की बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि भारत जब अपनी आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, ऐसे समय में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का यहां आना, अपने आप में एक ऐतिहासिक पल है।

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