विदिशा (मध्य प्रदेश) की खबर 01 अप्रैल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 1 अप्रैल 2022

विदिशा (मध्य प्रदेश) की खबर 01 अप्रैल

 अमित आनंद सोनी बने असंगठित कामगार कांग्रेस जिलाध्यक्ष


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विदिशाः- विदिशा विधायक शशांक भार्गव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष निशंक जैन, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष अजय कटारे, असंगठित कामगार कांग्रेस के प्रदेश समन्वयक अंशुज शर्मा की अनुशंसा पर असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष बिसेन के अनुमोदन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सहमति से संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद डॉ उदित राज ने अमित आनंद सोनी को असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। अमित आनंद सोनी पूर्व में युवा कांग्रेस विधानसभा महासचिव के पद का निर्वहन कर चुके है। अमित आनंद सोनी को कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर दशन सक्सेना, नवीन शर्मा, सरूण गुप्ता, शोभित अग्रवाल, मनोज कुशवाह, लालू लोधी, लालाराम प्रजापति, हुकुम अहिरवार आदि ने बधाई देते हुए शीर्ष नेतृत्व का आभार प्रकट किया है।


आया रमजान का महीना रखे जाएंगे रोजे, "शनिवार को चांद हुआ तो रविवार को होगा पहला रोज़ा"


विदिशा / मुस्लिम धर्माविलंबियो का पवित्र एक महीने तक चलने वाला बरकतो का महीना "रमजान"  शनिवार को चांद दिखने के साथ शूरू होगा मुस्लिम त्यौहार कमेटी के जिलाध्यक्ष मुआज़ मेहमूद कामिल ने बताया रमजान का चांद दिखते ही बरकतों का महीना रमजान शुरू होता है और ईद का चांद देखकर खत्म होता है। इस महीने में सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखा जाता है और रात में विशेष नमाज अदा की जाती है जिसे तरावीह कहते हैं। इस महीने के खत्म होने पर ईदुल फितर का त्योहार मनाया जाएगा। श्री मुआज़ मेहमूद कामिल ने बताया इस पूरे माह मुस्लिम धर्मावलंबी रोजा, नमाजों, तरावीह, कुरआन की तिलावत की पाबंदी करते हैं। रमजान इस्लामी महीने का नौवां महीना है। इसका नाम भी इस्लामिक कैलेंडर के नौवें महीने से बना है। यह महीना इस्लाम के सबसे पाक महीनों मे शुमार किया जाता है। इस्लाम के सभी अनुयाइयों को इस महीने में रोजा, नमाज, फितरा आदि करने की सलाह दी गयी है। रमजान के महीने को तीन हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से में दसश दस दिन आते हैं। मुस्लिम त्यौहार कमेटी के अध्यक्ष मुआज़ मेहमूद कामिल ने बताया हर दस दिन के हिस्से को अशरा कहते हैं जिसका मतलब अरबी मैं 10 है। इस तरह इसी महीने मे पूरी कुरान नाजिल हुयी जो इस्लाम की पाक किताब है। कुरान के दूसरे पारे की आयत नंबर 183 में रोजा रखना हर मुसलमान के लिए जरूरी बताया गया है।  श्री मुआज़ मेहमूद कामिल ने बताया रोजा सिर्फ भूखे, प्यासे रहने का नाम नहीं बल्कि गलत काम से बचना भी है। इसका मतलब हमें हमारे शारीरिक और मानसिक दोनों को नियंत्रण में रखना है। कुरान मे इस मुबारक महीने में किसी तरह के झगडे या गुस्से से न सिर्फ मना किया गया है बल्कि किसी से गिला शिकवा है तो उससे माफी मांग कर समाज में एकता कायम करने की सलाह दी गई है। इसके साथ एक तय रकम या सामान गरीबों में बांटने की हिदायत है जो समाज के गरीब लोगों के लिए बहुत ही मददगार है।  श्री मुआज़ मेहमूद कामिल ने बताया रोज़ा हर बुराई से बचने को ढाल है रोजे में सब्र करे और सब्र का बदला जन्नत है मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने रमजान के महीने में जिला प्रशासन से विशेष व्यवस्था किए जाने की मांग की है ।।


गायत्री प्रज्ञापीठ पर प्रज्ञा औषधालय व जिला युवा प्रकोष्ठ कार्यालय का शुभारंभ 2 अप्रैल 22 को*


विदिशा/ अखिल विश्व गायत्री परिवार के स्वास्थ्य आंदोलन एवं युवा जागरण आंदोलन के अंतर्गत स्वर्णकार कॉलोनी स्थित गायत्री प्रज्ञापीठ पर चैत्रशुक्ल प्रतिपदा नवसंवत्सर 2079 गुड़ीपड़वा 2 अप्रैल शनिवार को सुवह 9 बजे से प्रज्ञा औषधालय व जिला युवा प्रकोष्ठ कार्यालय का शुभारंभ किया जाएगा। गायत्री परिवार के स्वास्थ्य आंदोलन के अंतर्गत प्रज्ञा औषधालय का संचालन प्रतिदिन सायं 6 से 8 तक किया जाएगा। जिसमें डॉ लोकेश्वरी नेमा, डॉ हेमंत श्रीवास्तव, डॉ नेहा श्रीवास्तव, डॉ निष्ठा नेमा, डॉ आरती शर्मा द्वारा सेवाएं दी जाएंगी। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य रूप से अतिथिगण राष्ट्रीय युवा प्रकोष्ठ प्रभारी शांतिकुंज हरिद्वार से श्री केदार प्रसाद दुबे जी , डॉ. पीयूष श्रीवास्तव (एमडी रेडियो डायग्नोसिस), डॉ. अमित नेमा एमपीटी(ऑर्थो) कॉम (बेल्जियम) कंसलटेंट फ़िज़ियोथेरेपिस्ट मौजूद रहेंगे।  अखिल विश्व गायत्री परिवार के जिला समन्वयक मुकेश तिवारी, युवा प्रकोष्ठ जिला प्रभारी सौरभ गुप्ता, गायत्री प्रज्ञापीठ मुख्य ट्रस्टी आरआर पवार ने सभी से अपने इष्ट मित्रो के साथ सपरिवार  आने की अपील की है।


समीक्षा बैठक तैयारियों का कलेक्टर द्वारा जायजा


नीति आयोग के पैरामीटर अनुसार विदिशा जिले में संपादित किए जाने वाले कार्यो की अद्यतन जानकारी से अवगत होने हेतु कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव के द्वारा शुक्रवार एक अपै्रल को गहन समीक्षा की गई है। कलेक्टर श्री भार्गव के द्वारा नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में आयोजित उपरोक्त समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट के अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्यान, कृषि, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल संसाधन, ऊर्जा विभाग, एसआरएलएम, मत्स्य विभाग के अधिकारी बैठक में मौजूद रहें। कलेक्टर श्री भार्गव ने विभागो के अधिकारियों से कहा कि नीति आयोग द्वारा जो पैरामीटर निर्धारित किए गए है के अनुसार कार्यो का संपादन समय सीमा में कराया जाना सुनिश्चित किया जाना है इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले को आकांक्षी जिलो की सूची से बाहर होने में सभी विभागो के संयुक्त समन्वय की अतिआवश्यकता है। गौरतलब हो कि नीति आयोग द्वारा जिले में स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संपादित किए जाने वाले कार्यो में सहूलियत हो इसके लिए बकायदा राशि जारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग को संस्थागत शत प्रतिशत प्रसव हो इसके लिए आवश्यक प्रबंधनों के लिए पांच करोड़ रूपए की राशि जारी की गई है वहीं शहरी क्षेत्रों में 32 आंगनबाडी केन्द्रो के निर्माण हेतु तीन करोड की राशि जारी की गई है। जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्केलडेप्लपमेंट कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगामुखी की ओर अग्रसर करने हेतु आवश्यक प्रबंधों की पूर्ति हेतु जिले से तीन करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार कर नीति आयोग को प्रेषित किया गया है। कलेक्टर श्री भार्गव ने विभागवार अब तक संपादित किए गए कार्यो की गहन समीक्षा ही नहीं की बल्कि यह कार्य स्पष्ट रूप से परलिक्षित हो और समाज को  इसका लाभ मिल रहा है इत्यादि पर भी गहन प्रकाश डालने पर भी उन्होंने बल दिया हैं।


सीएम मॉनिटरिंग आवेदनों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश


मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त आवेदन पत्रों पर संबंधित विभागों को समय सीमा में की गई कार्यवाही का पालन प्रतिवेदन जिला कार्यालय को भी उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने संबंधित विभागों के जिलाधिकारियों को दिए है। कलेक्टर श्री भार्गव के द्वारा जारी निर्देशो का हवाला देते हुए डिप्टी कलेक्टर एवं सीएम मानिटरिंग आवेदन के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी श्रीमती अमृता गर्ग ने बताया कि सीएम मानिट में कुल 24 आवेदन जिले से संबंधित प्राप्त हुए है। इन सभी आवेदनों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही का पालन प्रतिवेदन जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने हेतु सूचित किया गया है। सीएम मानिटरिंग में सर्वाधिक पांच आवेदन लीड बैंक से संबंधित, तीन आवेदन जनपद पंचायत नटेरन से संबंधित प्राप्त हुए है जबकि पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग, श्रम विभाग, विदिशा नगरपालिका एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र से संबंधित क्रमशः दो-दो आवेदन प्राप्त हुए है इसके अलावा जिन विभागों के एक-एक आवेदन प्राप्त हुए है उनमें वन, पशु चिकित्सा सेवाएं, पुलिस अधीक्षक, एसबीआई बैंक शाखा हाजीपुर सिरोंज, सिविल सर्जन सह अधीक्षक, मुख्य नगरपालिका अधिकारी बासौदा एवं जनपद पंचायत लटेरी तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विदिशा सहित पूर्व उल्लेखित विभागों के एक-एक आवेदन शामिल है।


जलाभिषेक की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया


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मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप विदिशा जिले में भी जलाभिषेक कार्यो का संपादन कराया जाना सुनिश्चित किया गया है जलाभिषेक अभियान के तहत संपादित होने वाले कार्यो तथा जारी गाईड लाइन के अनुसार हर स्तर पर क्रियान्वयन समय सीमा में सुनिश्चित हो इसके लिए कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में शुक्रवार को जिला पंचायत के सीईओ डॉ योगेश भरसट ने विशेष बैठक आयोजित कर जिले में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जलाभिषेक अभियान की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया है। जिला पंचायत के सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई इस बैठक में समस्त जनपदों के सीईओ, सभी उपयंत्री, सहायक यंत्री, जन अभियान परिषद के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहें। जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट ने जलाभिषेक अभियान के तहत पूरे वर्ष भर संपादि होने वाले कार्यो के क्रियान्वयन हेतु जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर पृथक-पृथक रणनीति तय करने के निर्देश दिए है। जिपं सीईओ डॉ भरसट ने बताया कि जिले में 11 अपै्रल से जलाभिषेक अभियान शुरू होगा। अभियान के शुरू होने से पहले तमाम प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। इन्ही उद्धेश्यों की प्राप्ति के लिए यह जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। जलाभिषेक अभियान के तहत जनपद स्तरों पर जल संसद कार्यक्रम वहीं ग्राम पंचायतों पर जल कलश यात्राएं निकालकर सभी नागरिकों को जागरूक करने के सफल प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों से कहा कि पूरे वर्ष भर क्रियान्वित होने वाले इस अभियान के तहत ग्रीष्मकाल में अधिक से अधिक संरचनाओं का निर्माण कराया जाए ताकि वर्षारूपी जल इनमें सुगमता से भरा रहें। उन्होंने विगत वर्षा के अनुभव आधार पर जो कमियां परलिक्षित हुई है उन्हें इस वर्ष दूर करते हुए अधिक से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण जन भागीदारी, जन सहयोग से संपादित कराया जाए वहीं आमजनों को जलाभिषेक के प्रति अधिक से अधिक जागरूक करने के कार्य आयोजित ही नहीं किए जाएं बल्कि आमजनों की सहभागिता उसमें सुनिश्चित की जाए। बैठक में जनपदवार जलाभिषेक अभियान के तहत संपादित किए जाने वाले कार्यो की भी जानकारी संबंधित जनपदों के सीईओ द्वारा दी गई वहीं जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्रीमती पूजा श्रीवास्तव ने अभियान के तहत गठित ग्राम प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से संपादित किए जाने वाले कार्यो से अवगत कराया है।


स्वास्थ्य विभाग के लंबित आवेदनों की समीक्षा


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सीएम हेल्पलाइन के तहत स्वास्थ्य विभाग में लंबित आवेदनों के निराकरण पर जिले में विशेष जोर दिया जा रहा हैं अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह के द्वारा जिले के ऐसे विभाग जिनमें सीएम हेल्पलाइन के अधिक संख्या में आवेदन लंबित है उन विभागों की पृथक से समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है वहीं उन विभागों के खण्ड स्तरीय अधिकारियों से व्हीसी के माध्यम से संवाद किया जा रहा है। अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह के द्वारा नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में आयोजित इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा एल वन स्तर के अधिकारी मौजूद रहें। बैठक की शुरूआत में अपर कलेक्टर द्वार एल वन स्तर के अधिकारियों के द्वारा सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों पर दाखिल किए गए जबाव के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन ही नहीं दिया बल्कि शब्दावली का चयन कर जबाव दाखिल करने में किन किन शब्दों का उपयोग कदापि नही करना है। पर गहन प्रकाश डाला है। अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि जैसे ही एल वन स्तर पर शिकायत प्राप्त होती है ठीक वैसे ही संबंधित आवेदक के मोबाइल नम्बर पर त्वरित संवाद किया जाए। विलम्ब होने पर आवेदकों का आक्रोश बढता है और कई बार वे मोबाइल नही उठाते है। ऐसी परिस्थितियों में संबंधित ग्राम स्तरीय स्वास्थ्य विभाग का अमला आवेदकों से जीवंत सम्पर्क करें और संभव हो तो अपने वरिष्ठ अधिकारियों से भी संवाद कराए। गौरतलब हो कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित अधिकांश शिकायतों का प्रारूप निम्नानुसार है। जिसमें 108 वाहन सेवा का समय पर ना पहुंचना, आपातकालीन सहायता ना मिलना, आशा कार्यकर्ताओं से संबंधित उपचार में विलम्बता, जननी सुरक्षा योजना का लाभ ना मिलना अथवा विलम्बता से मिलना, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ अनुपस्थित रहना, बिलम्ब से आना, वहीं मरीजो व उनके परिजनों से अच्छा व्यवहार ना करना, नसबंदी मुआवजा, प्रोत्साहन राशि से संबंधित, प्रसूति सहायता योजना अंतर्गत श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, पोषण भत्ता ना मिलना, मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना अंतर्गत प्रसूति सहायता राशि, राज्य सहायता राशि समय पर प्राप्त ना होना, इसके अलावा विभागीय अनुकम्पा, पेंशन सहित पूर्व उल्लेखित कुल 166 शिकायतें दर्ज है। इन शिकायतों के निराकरण हेतु की जाने वाली कार्यवाही से विस्तृत अवगत कराया गया है। उपरोक्त बैठक में डिप्टी कलेक्टर व नोडल अधिकारी श्रीमती अमृता गर्ग,  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एके उपाध्याय, सिविल सर्जन सह अधीक्षक डॉ संजय खरे के अलावा समस्त बीएमओ सहित अन्य चिकित्सक तथा लोक सेवा गारंटी के जिला प्रबंधक श्री अमित अग्रवाल मौजूद रहें।


अतिरिक्त प्रभार सौंपा


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एके उपाध्याय ने सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ चिकित्सकों को अतिरिक्त प्रभार सौंपने के आदेश जारी कर दिए है। सीएमएचओ डॉ उपाध्याय ने प्रशासनिक कार्यो की सुविधा दृष्टि को ध्यानगत रखते हुए चिकित्सा अधिकारी डॉ पुनीत महेश्वरी अपने पूर्व दायित्वों के साथ-साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है। इसी प्रकार नेत्र चिकित्सक डॉ आरके साहू को भी आगामी आदेश तक जिला कार्यक्रम प्रबंधक (अंधत्व), कार्यक्रम अधिकारी अंधत्व नियंत्रण का प्रभार तत्काल प्रभाव से सौंपा है। जबकि जिला मलेरिया अधिकारी श्री बीएम वरूण को भी आपदा प्रबंधन, सूचना का अधिकार अधिनियम तथा लीगल का नोड्ल अधिकारी के दायित्व सौंपे गए है। स्वास्थ्य विभाग के तीनो अधिकारियों से सीएमएचओ डॉ उपाध्याय ने अपेक्षाएं व्यक्त की है कि सौंपे गए अतिरिक्त कार्यो का भी सुव्यवस्थित रूप से संचालन, क्रियान्वयन कर जिले की स्वास्थ्य गतिविधियों की प्रगति को अग्रसर करेंगे। 


समाधान ऑन लाइन कार्यक्रम 12 को


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को समाधान ऑन लाइन कार्यक्रम के माध्यम से आवेदकों से संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण मौके पर कराया जाता है। अपै्रल माह की पांच तारीख को आयोजित होने वाला समाधान ऑन लाइन कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया गया हैं। आगामी समाधान ऑन लाइन कार्यक्रम 12 अपै्रल की सायं छह बजे से आयोजित किया गया है। 


नीति आयोग के कार्यों की समीक्षा केन्द्रीय प्रभारी द्वारा चार को


नीति आयोग के केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी श्री हरिरंजन राव चार अप्रैल को विदिशा आएंगे। श्री राव का प्राप्त दौरा कार्यक्रम अनुसार तीन अपै्रल की सांय छह बजे भोपाल आगमन इसके पश्चात् सांय सात बजे विदिशा आएंगे और रात्रि विश्राम करेंगे। नीति आयोग के केन्द्रीय प्रभारी श्री हरिरंजन राव चार अपै्रल की प्रातः 10.30 बजे से नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में नीति आयोग के निर्धारित मापदंडों अनुसार विदिशा जिले में सम्पादित किए गए कार्यो की समीक्षा करेंगे। इसके पश्चात् धरातलीय स्थिति का जायजा लेने हेतु समूहों से सीधा संपर्क करेंगे और अहमदपुर रोड स्थित कार्यो का जायजा लेंगे।


सफलता की कहानी : योजना से कृषक की मनोकामना पूरी हुई

  • ट्रैक्टर फायनेंस होने पर प्रसन्न मुद्रा में घर को लौटा कृषक श्री धर्मेंद्र सिंह

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विदिशा विकासखण्ड में ग्राम सलैया के प्रगतिशील कृषक श्री धर्मेन्द्र सिंह बघेल की आज योजना के माध्यम से मनोकामना पूरी हुई है यह बात उन्होंने ट्रेक्टर की चॉबी अतिथियों से चाबी मिलने के बाद अनौपचारिक चर्चा में कहीं। हितग्राही श्री धर्मेन्द्र सिंह बघेल का मानना है कि उनकी वर्षो से इच्छा थी कि स्वंय का ट्रेक्टर हो। जिसकी पूर्ति कृषि अभियांत्रिकी विभाग की योजना के माध्यम से पूरी हुई है। कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा निजी क्षेत्र में कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना के तहत कृषक को  40 प्रतिशत अनुदान भी प्राप्त हुआ है। हितग्राही श्री धर्मेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि उन्होंने योजना का लाभ लेकर ट्रैक्टर फायनेंस कराया है जिससे वह काफी प्रसन्न हैं। वे बताते हैं कि शासन की जनकल्याणकारी योजना का लाभ मिलने से अब है ट्रैक्टर के मालिक हो गए हैं। कृषि कार्यों सहित अन्य कार्यों में उन्हें ट्रैक्टर से काफी मदद मिलेगी उन्होंने योजना का लाभ मिलने पर शासन प्रशासन सहित कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने बताया कि उनके प्रोजेक्ट की कुल लागत 2477384 रुपये है जबकि उन्हें योजना का लाभ मिलने से 926440 रुपये का अनुदान मिला है। 


कोविड-अनुग्रह राशि के दावे प्रस्तुत करने की समय सीमा निर्धारित


सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदेश पारित कर कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु के मामलों में दावों को प्रस्तुत करने की समय सीमा निर्धारित की गई है ।साथ ही प्राप्त आवेदनों  में एक माह की अवधि में अनुग्रह राशि का भुगतान कराया जाना सुनिश्चित हो  का आदेश पारित किया है। सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा जारी आदेशों का हवाला देते हुए प्रदेश के राहत आयुक्त द्वारा जारी पत्र में उल्लेख है कि कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु के मामलों में दावों को प्रस्तुत करने की समय सीमा पहले निर्धारित नहीं थी। जिससे दावों को प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतहीन होने एवं ऐसी स्थिति में झूठे दावे प्रस्तुत करने की संभावना थी। उपरोक्त स्थिति को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 20 मार्च 2022 से पूर्व कोविड-19 मृत्यु की स्थिति में अनुग्रह राशि को प्रस्तुत करने हेतु आदेश 24 मार्च 2022 को जारी किया गया था। जिसमें समय सीमा निर्धारित की गई थी। जबकि 20 मार्च 2022 के पश्चात कोविड-19 से होने वाली मृत्यु पर दावे आवेदन मृत्यु दिनांक से 90 दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने होंगे। आवेदन प्राप्ति से इस दिवस की अवधि में राशि का भुगतान किए जाने हेतु पूर्व में आदेश पारित यथावत जारी रहेगा।  किसी कारणवश यदि कोई दावेदार निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाता है तो दावेदार शिकायत निवारण समिति से संपर्क कर दावा प्रस्तुत कर सकता है। ऐसी स्थिति में शिकायत निवारण समिति द्वारा उस मामले पर गुण, दोष के आधार पर विचार किया जा सकता है।  न्यायालय द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं समस्त राज्यों के स्वास्थ्य विभागों को यह निर्देश दिया गया है कि वर्तमान आदेश द्वारा निर्धारित समय सीमा के विषय में दावेदारों आमजनों को अवगत कराने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाना सुनिश्चित हो। असत्य प्रमाण पत्रों के आधार पर मिथ्या दावों को अनुग्रह राशि प्रयोजन हेतु अनुमत्य नहीं किया जाएगा। कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु होने पर मृतक के परिवार के वारिसान ही अनुग्रह राशि 50 हजार रुपये प्राप्त हेतु हकदार होंगे। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में आवश्यक कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश राहत आयुक्त के द्वारा जारी किए गए हैं। साथ ही कार्यवाही से ईमेल पते reliefcom@mp.nic.in पर अवगत कराएं। 

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