मधुबनी : CM ने मिथिला चित्रकला संस्थान एवम मिथिला ललित संग्रहालय का किया उद्घाटन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

गुरुवार, 5 मई 2022

मधुबनी : CM ने मिथिला चित्रकला संस्थान एवम मिथिला ललित संग्रहालय का किया उद्घाटन

  • मधुबनी सहित समस्त मिथिला में हर्ष की लहर व्याप्त। मिथिला चित्रकला एवम अन्य लोक कलाओं का होगा का होगा समग्र विकास।
  • मंजू मिश्रा,उर्मिला देवी,सोनालिक झा,देवता देवी,अभिषेक राय, रानी झा,शिवन पासवान सहित कई कलाकारों की खुशी से छलकी आँखे, मुख्यमंत्री को कहा, धन्यवाद।
  • संस्थान के निर्माण से इसके आसपास के क्षेत्र भी होंगें विकसित  वही प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार का भी होगा सृजन। करोड़ो की लागत से बने आटीआई भवन जयनगर, महिला आटीआई,भवन मधुबनी,कम्प्यूटर डेटा केंद्र सह रिकॉर्ड 


cm-inaugrae-mihila-chirakala-sanshan-saurah
मधुबनी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 40.75 करोड़ की लागत से नवनिर्मित मिथिला चित्रकला संस्थान एवम मिथिला ललित कला --एवम मिथिला ललित संग्रहालय का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया,जिसका सीधा प्रसारण संस्थान के  ऑडिटोरियम में किया गया।माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संस्थान के स्थापना से मिथिला चित्रकला एवम अन्य लोक कलाओं का  समग्र विकास होगा,साथ ही राज्य की स्वस्थ्य लोक सांस्कृतिक परम्पराओ के संवर्धन एवम संरक्षण को  भी बल मिलेगा। गौरतलब हो कि मिथिला चित्र कला संस्थान एवम ललित  संग्रहालय के निर्माण से मधुबनी सहित समस्त मिथिला में हर्ष की लहर व्याप्त है । कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित मंजू मिश्रा,उर्मिला देवी,सोनालिक झा,देवता देवी,अभिषेक राय, रानी झा,शिवन पासवान सहित कई कलाकारों की खुशी से छलकी आँखे,सभी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री को कहा, धन्यवाद।उनका वर्षों का सपना जो साकार हो रहा था।मिथिला चित्रकला संस्थान के निर्देशक सह जिला अधिकारी मधुबनी अमित कुमार ने बताया कि मिथिला चित्रकला संस्थान एवं मिथिला ललित संग्रहालय के निर्माण का कार्य बिहार सरकार द्वारा प्राचीन एवं विश्व विख्यात मधुबनी चित्रकला को संरक्षित करने के साथ-साथ उसके व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कराया गया है। यह जिला मुख्यालय मधुबनी से 6 किलोमीटर उत्तर पश्चिम पर अवस्थित है ।निर्माण हेतु कुल उपलब्ध स्थल लगभग 7.85 एकड़ है ।इस परिसर में कई ब्लॉक अवस्थित हैं। एडमिन एंड एकेडमिक ब्लॉक, फैकल्टी  आवास, निदेशक आवास, मल्टीपरपस हॉल, हॉस्टल ब्लॉक ,आदि का निर्माण कराया गया है। मिथिला ललित संग्रहालय का निर्माण लगभग 0.60 भूभाग पर कराया गया है तथा भवन जी प्लस टू स्ट्रक्चर का बना हुआ है। उन्होंने कहा कि संस्थान के निर्माण से इसके आसपास के क्षेत्र भी विकसित होंगे वही प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार का भी सृजन होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र की हस्तकला की महान परंपरा को सिंचित और संवर्धित करने के उद्देश्य से मिथिला चित्रकला संस्थान और मिथिला के उल्लेखनीय इतिहास से लोगों को परिचित कराने के उद्देश्य से मिथिला ललित संग्रहालय की स्थापना एक मील का पत्थर साबित होगी। इससे मधुबनी की सांस्क़ृतिक विरासत एवम गौरव को काफी बल मिलेगा।मिथिला चित्रकला संस्थान एवम ललित  संग्रहालय के अतिरिक्त माननीय मुख्यमंत्री द्वारा करोड़ो की लागत से बने आटीआई भवन जयनगर, महिला आटीआई,भवन मधुबनी,कम्प्यूटर डेटा केंद्र सह रिकॉर्ड  रूम  खुटौना एवम बाढ़ आश्रय स्थल का  भी  उद्घाटन किया गया।इसके निर्माण से जिले में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति होगी,वही शैक्षणिक वातावरण का भी निर्माण होगा।  कार्यक्रम के उपरांत माननीय जनप्रतिनिधियों एवम  वरीय अधिकारियों ने समस्त परिसर का अवलोकन भी लिया। उक्त कार्क्रम में रामप्रीत मंडल, माननीय सांसद झंझारपुर, घनश्याम ठाकुर, माननीय विधान परिषद सदस्य, श्रीमती अंबिका गुलाब यादव, माननीय विधान परिषद सदस्य, पद्मश्री बउआ देवी, पद्मश्री दुलारी देवी, मनीष कुमार, प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा, अमित कुमार, जिलाधिकारी सह निदेशक, मिथिला चित्रकला संस्थान,   सत्यप्रकाश, पुलिस अधीक्षक, मधुबनी, विशाल राज, उप विकास आयुक्त, मधुबनी,प्रख्यात कलाकार विमला दत्त, गोपाल दास, विभा दास, शांति पासवान, महानमा देवी बालेन्दु पांडेय, उप निदेशक, मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी, परिमल कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, मधुबनी, अश्वनी कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, सदर,सहित कई जनप्रतिनिधि,अधिकारी एवम कलाकार आदि उपस्थित थे। । 

कोई टिप्पणी नहीं: