बिहार : पूर्व की सरकारों ने ही देशद्रोह विरोधी कानून का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 14 मई 2022

बिहार : पूर्व की सरकारों ने ही देशद्रोह विरोधी कानून का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किया

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पटना. पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 1974 में जेपी आंदोलन को कुचलने से लेकर मुंबई में हनुमान चालीसा पढ़ने वाली सांसद नवनीत राणा की गिरफ्तारी तक कांग्रेस और उसकी समर्थित सरकारों ने ही देशद्रोह विरोधी कानून का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किया. सुशील मोदी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं कह चुके हैं कि एनडीए सरकार अंग्रेजों के जमाने के 1500 से ज्यादा अनावश्यक कानून खत्म करने के बाद 124 A की भी नये सिरे से समीक्षा कर रही है, तब कांग्रेस और राजद को संविधान की लक्ष्मण रेखा पर टीका-टिप्पणी करने की कोई जरूरत नहीं है. मोदी ने कहा कि सरकार देशद्रोह-विरोधी कानून पर इस तरह पुनर्विचार करने को प्रतिबद्ध है कि मौलिक अधिकार-मानवाधिकार की रक्षा और देश की संप्रभुता-अखंडता की सुरक्षा के बीच विश्वसनीय संतुलन स्थापित हो. पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कांग्रेस और राजद को याद दिलाया कि 1951 में पहले संविधान संशोधन के जरिये नेहरू सरकार ने बोलने की आजादी पर अंकुश लगाने की कोशिश की थी और 1974 में इंदिरा गांधी ने राजनीतिक विरोधियों का दमन करने के लिए 124 । के तहत दर्ज मामले को संज्ञेय अपराध बनाया था. वहीं सुशील मोदी ने कहा कि कांग्रेस और इंदिरा गांधी ने ही धारा-356 का 100 बार से ज्यादा दुरुपयोग कर चुनी हुई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया. जो लोग हनुमान चालीसा प्रकरण में 124 । के खुले दुरुपयोग पर चुप्पी साध गए, वे लक्ष्मण रेखा पर किस मुंह से बोल रहे हैं?बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि राजद्रोह के आरोप से संबंधित सभी लंबित मामले, अपील और कार्यवाही को स्थगित रखा जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह मामलों की कार्यवाही पर भी रोक लगाई है. साथ ही नई प्राथमिकियां दर्ज नहीं करने के लिए कहा. इसी फैसले के बाद कांग्रेस और आरजेडी  नीत केंद्र सरकार पर हमलावर है. पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी को मंगेश और दीपेंद्र मोहन सिंहा ने जवाब दिया है.मंगेश ने कहा कि आप जेपी जैसी महान नेता की तुलना राणा जैसे लोगों के साथ कर रहे है। बड़ी विडंबना है.वहीं दीपेंद्र मोहन सिंहा ने कहा है कि जेपी जैसा कोई नहीं और बताया भी नहीं. कहाँ जे पी आंदोलन और कहाँ सड़क छाप कृत्य करने वाले लोग ? संपूर्ण क्रांति के एक सक्रिय कार्यकर्ता होने के नाते यह स्पष्ट कर दूँ कि इंदिरा गांधी के तर्ज पर मोदी जी चल रहे हैं,बल्कि उनसे ज्यादा बड़े तानाशाह के रूप में काम कर रहें हैं.केंद्रीय एजेंसियों का ऐसा दुरुपयोग पीएम नरेंद्र जी के कार्यकाल में हो रहा है,वैसा इंदिरा जी ने नहीं करवाया.आज की भाजपा कांग्रेसमय हो चुकी है ,जिसमें कांग्रेसियों के साथ साथ कांग्रेस संस्कृति का बोलबाला हो चला है.भाजपा के कांग्रेसी व इंदिरा करण पर आपकी कभी आवाज उठेगी ? यह स्वतंत्रता मोदी-शाह भाजपा में कहाँ ?

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