बिहार : फासिस्ट ताकतें संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने पर आमादा : कविता कृष्णन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 6 जून 2022

बिहार : फासिस्ट ताकतें संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने पर आमादा : कविता कृष्णन

  • सरकार देश की परिसंपत्तियों को कारपोरेट घरानों के हाथों में सौंप रही है- ई रति राव
  • महिलाओं की आजादी, बराबरी व रोजगार के लिए देश भर में खड़ा होगा आंदोलन- मीना तिवारी

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पटना.अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन, ऐपवा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक युवा आवास फ्रेजर रोड में शुरू हुई. बैठक में असम, बंगाल, उड़ीसा, तमिलनाडु, कर्नाटक, पुदुचेरी, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब आदि राज्यों से लगभग 100 महिलाओं ने भाग लिया.बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष ई रति राव व संचालन महासचिव मीना तिवारी ने किया. बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव कविता कृष्णन ने कहा कि आज देश में फासिस्ट ताकतें देश की संवैधानिक संस्थाओं को खत्म कर देश को हिन्दू राष्ट्र बना देना चाहती हैं.वे महिलाओं के अधिकारों पर हमला कर रहीं हैं.हिटलर व मुसोलिनी की तर्ज पर अल्पसंख्यक समुदाय को टारगेट करके उनको दोयम दर्जे का नागरिक बना रही हैं, उन पर हमले तेज कर रही हैं.बौद्धिक संस्थाओं को नष्ट करके भगवाकरण करना चाहते हैं.देश के कानूनों का बदलाव कर रहीं हैं.गृह मंत्री मंत्री अमित शाह मुसलमानों को दीमक की संज्ञा से नवाजते हैं.उन्हें प्रताड़ित करने के लिए सी ए ए व एन आर सी कानून लाते हैं. महिलाओं की आजादी से उन्हें डर लगता है. महिलाओं को उनके खिलाफ वैसे ही लड़ना होगा जैसे सी ए ए, एन आर सी के खिलाफ जनांदोलन तेज करना होगा. बैठक को संबोधित करते हुए ऐपवा एनआईसी इन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ई रति राव ने कहा कि मोदी सरकार देश को कारपोरेट घरानों के हाथों नीलाम कर रही है.हलाल मीट, हिजाब के जरिए साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा कर  समाज को बांट रही हैं.आर एस एस  कर्नाटक को गुजरात के बाद अपनी दूसरी प्रयोग स्थली बनाना चाहती है.गौरी लंकेश की हत्या इन लोगों के जरिए की गई. लेकिन यहां भी इनका विरोध जनता के जरिए किया जा  रहा है. राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि भाजपा व आर एस एस की सरकार महिलाओं के अधिकारों व आजादी पर कुठाराघात कर रही है इसके खिलाफ आंदोलन की रणनीति बैठक में बनाई जाएगी. प्रोफेसर भारती एस कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा ऐतिहासिक स्थली ताजमहल, कुतुब मीनार पर विवाद खड़ा किए जा रहे हैं. ज्ञानवापी मस्जिद के बहाने एक बार फिर विवाद खड़ा किया जा रहा है. मीटिंग में कुसुम वर्मा, कृष्णा अधिकारी, अनिता सिन्हा, इन्द्रानी दत्त, सुवर्णा, रेवती, निर्मला, जस्वीर नट, माला, नन्दिता भट्टाचार्य, परी कुमारी बरुआ, सविता प्रधान आदि ने अपनी बात रखी.

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