केजरीवाल ने 60 खिलाड़ियों को सौंपा सहायता राशि का चेक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 24 जून 2022

केजरीवाल ने 60 खिलाड़ियों को सौंपा सहायता राशि का चेक

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नयी दिल्ली, 24 जून, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को ‘मिशन एक्सीलेंस स्कीम’ के तहत 60 खिलाड़ियों को करीब चार करोड़ रुपए का चेक सौंपते हुए कहा कि हमारा सपना है कि जितने मेडल चीन और अमेरिका लेकर आते हैं, हमें उससे ज्यादा मेडल लेकर आना है। श्री केजरीवाल ने कहा कि हम प्रतिभावान खिलाड़ियों को पैसे की कमी नहीं होने देंगे। हमें देश का नाम रोशन करना है। दिल्ली सरकार ने ‘मिशन एक्सीलेंस स्कीम’ के तहत जिन खिलाड़ियों को आर्थिक मदद दी थी, वे ओलंपिक से भारत के लिए मेडल लेकर आए। इसी के तहत आज मैंने 60 और खिलाड़ियों को चेक सौंपा। मुझे उम्मीद है कि इससे उन्हें अपनी ट्रेनिंग और डाइट में मदद मिलेगी। वो आगे बढ़ेंगे और देश को और मेडल दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि मुझे स्पोर्ट सिस्टम में गरीब खिलाड़ियों को मदद का अभाव, खेल सुविधाओं की कमी और राजनीतिक हस्तक्षेप समेत तीन कमियां महसूस होती है। देश में यह जो कमियां हैं, हम उनको दिल्ली में दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। हम मिशन एक्सीलेंस के तहत गरीब खिलाड़ियों की मदद कर रहे हैं। दिल्ली में जगह-जगह अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं और खिलाड़ियों के चयन में राजनीतिक हस्तक्षेप खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि हम सब लोग जानते हैं कि एक खिलाड़ी जब पहला मेडल लेकर आता है, तो उसे पहले मेडल तक बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। उसको कहीं से सहारा नहीं मिलता है। घर से भी दुत्कार मिलती है। माता-पिता भी पढ़ने को बोलते हैं। वे कहते हैं कि खेलने से क्या होगा? कोई सरकार भी इन खिलाड़ियों की कोई मदद नहीं करती हैं। उनको किसी किस्म का कोई स्ट्रक्चर नहीं मिलता है। हमारे देश मे जितने भी खिलाड़ी है, जिन्होंने बिना मदद के मेडल लाए, उनके संघर्ष को सलाम करता हूं। बिना किसी मदद के इतनी विपरित परिस्थितियों के अंदर वो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम चमका पाए। एक बार जब खिलाड़ी को मेडल मिल जाता है, तो सभी लोग उसके नाम और शोहरत के साथ जुड़ना चाहते हैं। उनको कोई सरकार एक करोड़ देती है, तो कोई दो करोड़ रुपए देती है। हम लोगों ने मिशन एक्सीलेंस योजना इसीलिए शुरू किया था, ताकि जो खिलाड़ी आगे बढ़ रहा है, उसको प्रशिक्षण आदि में आर्थिक मदद पहुंचाई जा सके।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे बहुत सारे खिलाड़ी हैं, जो बहुत ही प्रतिभावान हैं, लेकिन वो बहुत ही गरीब परिवार से आते हैं। उनके घर वालों के पास पैसे नहीं होते हैं। मिशन एक्सीलेंस इसीलिए शुरू किया गया था कि ऐसे खिलाड़ी जो अभी वो पहले मेडल की तैयारी कर रहे हैं या राष्ट्रीय स्तर पर एक-दो मेडल ले चुके हैं और अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तैयारी कर रहे हैं, उन लोगों को हम मदद करें ताकि उनको पैसे की कमी न हो। आज मुझे बेहद खुशी हो रही है कि हम लोगों ने पहले साल में 117 ऐसे खिलाड़ियों को मदद दी थी और आज 60 ऐसे खिलाड़ियों को चेक बांटे गए हैं, जिन्होंने मिशन एक्सीलेंस के तहत आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किया है। सब लोगों को अलग-अलग राशि दी गई है। अच्छी बात यह है कि इसके अंदर किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। चार सदस्यीय चयन समिति है, जिसमें चारों सदस्य स्पोर्ट्स मैन हैं। यह समिति तय करती है कि इस स्कीम के तहत किसको और कितनी सहायता राशि देनी है। इस स्कीम के तहत अधिकतम 16 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा सकती है। निगरानी समिति तय करती है कि खिलाड़ियों को उनके खेल के हिसाब से कितनी सहायता राशि की जरूरत है। श्री केजरीवाल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि देश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा मेडल मिले। हमारा 130 करोड़ लोगों का देश है और जब मेडल लेने की बात आती है, तो हम लोग गिने-चुने दो-चार मेडल लेकर आते हैं। हमारा सपना यह है कि हमें चीन को भी पीछे छोड़ना है। आज जितने मेडल चीन और अमेरिका लेकर आते हैं, हमें उससे ज्यादा मेडल लेकर आना है। इसके लिए हमें जो भी सहूलियतें देनी पड़ेगी, हम देंगे। अभी हमने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी शुरू की है। स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में अभी हमने यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन के साथ पहला करार किया है। यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन स्पोर्ट्स के मामले में दुनिया की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी मानी जाती है। वहीं, इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमारे खिलाड़ी जीत जाते हैं, तो उन्हें सब पैसे देते है, सम्मान देते है लेकिन जब खिलाड़ी प्रशिक्षण के दौरान स्ट्रगल कर रहे होते हैं तो उनके पास प्रशिक्षण और खेल संबंधी अन्य सुविधाओं के लिए पैसे नहीं होते हैं, तब उनकी कोई मदद के लिए कोई आगे नहीं आता है। ऐसे में वे मेडल कैसे जीतकर ला पाएंगे? ऐसे में 2018 में मुख्यमंत्री के नेतृत्त्व में मिशन एक्सीलेंस स्कीम की शुरुआत की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली पहला ऐसा राज्य है, जिसने ऐसी स्कीम शुरू की। उन्होंने कहा कि हम मेडल जीतने के बाद तो खिलाडियों को सम्मानित करते ही है, लेकिन उस दौर में भी खिलाडियों की मदद करते हैं, जब वो मेडल जीतने के लिए मेहनत कर रहे होते है। उन्होंने कहा कि मिशन एक्सीलेंस स्कीम के तहत खिलाडियों को उनके स्पोर्ट्स व जरूरतों का ध्यान रखते हुए 16 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।

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