बिहार : त्रिदिवसीय 79वें दौर के क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 2 जून 2022

बिहार : त्रिदिवसीय 79वें दौर के क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

  • आयुष एवं  'व्यापक वार्षिक मॉड्यूलर सर्वेक्षण' का काम 01जुलाई से होगा शुरू

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पटना: 02जून , सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय पटना द्वारा त्रिदिवसीय 79वें दौर के क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 01 से 03 जून तक पटना में किया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन एन.संगीता, उप महानिदेशक, एनएसओ पटना ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि घरेलू सर्वेक्षण के माध्यम से चक्र के आधार पर कवर किए गए विषयों पर डेटा एकत्र करने का काम एक जुलाई 2022 से शुरू होगा। 79वां दौर 1 जुलाई 2022 से 30 जून 2023 तक चलेगा। इसमें आयुष एवं  'व्यापक वार्षिक मॉड्यूलर सर्वेक्षण' पर डेटा के संग्रह के लिए निर्धारित किया गया है। 79वें दौर के एनएसएस में आयुष पर अब तक का पहला अखिल भारतीय सर्वेक्षण होने जा रहा है। आयुष पर सर्वेक्षण सीएएम्एस  के साथ मिलकर किया जाएगा। उप महानिदेशक ने कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय 1950 से वैज्ञानिक नमूनाकरण विधियों को नियोजित करते हुए विभिन्न एनएसएस चक्रों में   सामाजिक-आर्थिक डेटा एकत्र करने का काम करते आ रहा है। उन्होंने कहा कि एनएसएस 79वें दौर के सीएएमएस और आयुष सर्वेक्षण की प्रश्नावली को उच्च आवृत्ति वाले सामाजिक-आर्थिक संकेतकों पर विस्तृत जानकारी एकत्र करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो प्रशासनिक डेटा आदि जैसे किसी अन्य स्रोतों पर उपलब्ध नहीं हैं। सतत विकास लक्ष्य के संकेतकों एवं उपसंकेतकों के लिए आवश्यक आंकड़े को संग्रह करने के लिए सीएएम्एस का सर्वेक्षण किया जाना है। यह सर्वेक्षण वार्षिक होगा जिसमें कुछ मॉड्यूल वार्षिक रूप से और कुछ समय-समय पर एक वर्ष से अधिक अवधि के साथ दोहराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आयुष पर सर्वेक्षण में आयुष प्रणाली के बारे में जागरूक आबादी के प्रतिशत पर आंकड़े  एकत्र की जाएगी। इसमें विगत 365 दिनों के दौरान आयुष उपचार लेने के लिए अस्पताल में भर्ती जनसंख्या का प्रतिशत , जो बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है, को शामिल किया गया है। आयुष की प्रणालियाँ जैसे आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा, योग और प्राकृतिक चिकित्सा और होम्योपैथी का उपयोग अस्पताल में भर्ती होने पर इलाज के लिए किया जाता है। यह सर्वेक्षण प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल के लिए ली जाने वाली आयुष दवाओं की जानकारी भी एकत्र करेगा। शिविर को गोपाल कुमार सिंह, कनिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी, पंकज कुमार, उप निदेशक, पटना अन्य  अधिकारियों ने संबोधित किया । 

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