प्रधानमंत्री ने मैसुरु में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह की अगुवाई की - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 22 जून 2022

प्रधानमंत्री ने मैसुरु में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह की अगुवाई की

  • “योग अब वैश्विक पर्व बन गया है। योग किसी व्यक्ति मात्र के लिये नहीं, संपूर्ण मानवता के लिये है”
  • “यह पूरा ब्रह्माण्ड हमारे अपने शरीर और आत्मा से आरंभ होता है। ब्रह्माण्ड हमसे आरंभ होता है। और, योग हमें भीतर से चेतन करता है और जागरूकता की भावना पैदा करता है।”
  • योग हमारी प्राचीन परंपरा का अमूल्य उपहार है। योग मन और शरीर, विचार और कार्य को एक सूत्र में पिरोता हैः डॉ. मंडाविया

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हजारों लोगों के साथ मैसुरु, कर्नाटक में मैसूर पैलेस ग्राउंड में विराट योग प्रदर्शन में हिस्सा लिया। मैसुरु कार्यक्रम को संबोधित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा, “योग हमें शांति देता है। योग से प्राप्त शांति किसी व्यक्ति मात्र के लिये नहीं है। योग हमारे समाज में शांति लाता है। योग हमारे राष्ट्रों और विश्व में शांति लाता है। और, योग हमारे ब्रह्माण्ड में शांति लाता है। मैं आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सबको शुभकामनायें देता हूं। आज, योग विश्व के हर हिस्से में अपनाया जा रहा है। योग से मिलने वाली शांति केवल मानव मात्र के लिये नहीं है, बल्कि वह हमारे राष्ट्रों और विश्व में भी शांति लाता है।” उन्होंने आगे कहा, “यह पूरा ब्रह्माण्ड हमारे अपने शरीर और आत्मा से आरंभ होता है। ब्रह्माण्ड हमसे आरंभ होता है। और, योग हमें भीतर से चेतन करता है और जागरूकता की भावना पैदा करता है।” योग की व्यापक स्वीकार्यता के विषय में प्रधानमंत्री ने कहा, “योग अब वैश्विक पर्व बन गया है। योग व्यक्ति मात्र के लिये नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिये है। इसलिये, इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की विषयवस्तु है – मानवता के लिये योग।” स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख  मंडाविया ने आज केवड़िया स्थित स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर गुजरात वासियों के साथ आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 2022 समारोह में हिस्सा लिया। कोविड-19 महामारी के कारण योग दिवस के प्रतीकात्मक समारोह के दो वर्षों के बाद इस वर्ष आठवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस देशभर में व्यापक उत्साह और भागीदारी के साथ मनाया जा रहा है। इस तरह “मानवता के लिये योग” के संदेश का समर्थन किया जा रहा है। दैनिक जीवन में योगाभ्यास करने के लाभों को रेखांकित करते हुये, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “योग हमारी प्राचीन परंपरा का अमूल्य उपहार है। योग मन और शरीर, विचार और कार्य को एक सूत्र में पिरोता है। यह ऐसा आमूल प्रयास है, जो हमारे स्वास्थ्य और आरोग्य के लिये मूल्यवान है।” उन्होंने आगे कहा, “योग केवल कसरत नहीं है, बल्कि यह आंतरिक एकात्म की भावना, विश्व और प्रकृति की खोज भी है।” प्रतिरोधी क्षमता से पूर्ण स्वास्थ्य के महत्त्व पर डॉ. मंडाविया ने कहा, “समृद्ध भारत के लिये हमें आवश्यकता है स्वस्थ भारत; और स्वस्थ भारत के लिये हमें जरूरत है स्वस्थ नागरिक की।” उन्होंने कहा, “केवल स्वस्थ नागरिक ही विकसित राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। आइये, स्वस्थ रहने और स्वस्थ्य राष्ट्र के लिये योगदान करने का संकल्प करें।” उन्होंने इस दिशा में सरकार द्वारा किये जाने वाले प्रयासों का उल्लेख करते हुये कहा कि सरकार देशभर में 1.5 लाख एबी-एचडब्लूसी स्थापित करने की योजना बना रही है। डॉ.  मंडाविया ने योग को वैश्विक बनाने के लिये प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “विश्व समय-समय पर हमारी संस्कृति और परंपरा को स्वीकार करता रहा है। योग प्राचीन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है, जो भारत में जन्मा। हमारे महान दृष्टा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र आमसभा के 69वें सत्र को संबोधित करते हुये अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के विचार का प्रस्ताव रखा था। यह उनका ही मिशन था, जिसके तहत संयुक्त राष्ट्र आमसभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया।” इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में कई चीजें पहली बार हो रही हैं। इनमें “गार्डियन रिंग” कार्यक्रम सम्मिलित है, जिसके तहत सूर्योदय के संग-संग 16 भिन्न-भिन्न टाइम जोन में लोग योगाभ्यास करेंगे और उसकी लाइव स्ट्रीमिंग होगी। आजादी के अमृत महोत्सव के क्रम में केंद्रीय मंत्रीगण देशभर के 75 प्रमुख स्थलों पर योगाभ्यास करेंगे, जिसमें स्टेच्यू ऑफ यूनिटी भी शामिल है। मैसुरु के दशहरा ग्राउंड में एक विशेष डिजिटल योग और प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जा रहा है।

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