सत्येंद्र जैन की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ाई गई - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 28 जून 2022

सत्येंद्र जैन की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ाई गई

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नयी दिल्ली 27 जून, राजधानी की एक विशेष अदालत ने सोमवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी। विशेष न्यायाधीश (पीसी अधिनियम) गीतांजलि गोयल ने यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्री जैन को पेश करने के बाद पारित किया, जो वर्तमान में अस्पताल में हैं। इससे पहले दिन में, अदालत ने श्री जैन की न्यायिक हिरासत बढ़ाने से इनकार कर दिया था, जब कार्यवाही के समय न तो जैन और न ही उनके वकील अदालत के सामने पेश हुए थे। अदालत ने तब ईडी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए श्री जैन को पेश करने का निर्देश दिया था। ईडी की दलीलें सुनने के बाद 18 जून को विशेष न्यायाधीश ने श्री जैन की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। अदालत ने 13 जून को जैन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जो आज समाप्त हो गई। ईडी ने श्री जैन को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में 30 मई को गिरफ्तार किया था। ईडी ने प्रस्तुत किया है कि उसने राम प्रकाश ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों अंकुश जैन, वैभव जैन, नवीन जैन और सिद्धार्थ जैन, प्रूडेंस ग्रुप ऑफ स्कूल्स चलाने वाले लाला शेर सिंह जीवन विज्ञान ट्रस्ट के चेयरमैन जीएस मथारू, राम प्रकाश ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक व अंकुश जैन के ससुर योगेश कुमार जैन और जीवन विज्ञान ट्रस्ट के लाला शेर सिंह के परिसरों में छापेमारी की है। तलाशी के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 2017 में पीसी अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) व 13(1)(ई) के तहत जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन और अजीत प्रसाद जैन, सुनील कुमार जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। सीबीआई ने जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन और एक अन्य आरोपियों के खिलाफ तीन दिसंबर, 2018 को आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जैन ने 14 फरवरी, 2015 से 31 मई 2017 की अवधि के दौरान दिल्ली सरकार में मंत्री के रूप में पदभार संभाला था। इस दौरान जैन ने जो संपत्ति अर्जित की थी, वह उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से काफी अधिक थी। ईडी ने इससे पहले 31 मार्च को जैन के स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था और 30 मई को उन्हें पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था।

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