एकनाथ शिंदे होंगे महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

गुरुवार, 30 जून 2022

एकनाथ शिंदे होंगे महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री

shinde-to-be-20th-chief-minister-of-maharashtra
मुम्बई, 30 जून, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री बनाने का एलान किया और इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस के एक बार फिर प्रदेश की बागडोर संभालने की लगायी जा रही अटकलों पर विराम लग गया। श्री फडनवीस ने श्री शिंदे के साथ राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि श्री शिंदे आज शाम साढ़े सात बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। श्री फडनवीस ने कहा, “ हम सभी जानते हैं कि 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा और शिवसेना के बीच गठबंधन था और भाजपा ने 105 सीटें जीती थी। शिवसेना ने 56 सीटों पर विजय हासिल की थी। इन कुल 161 सीटों के साथ ही कुछ निर्दलीय भी हमारे साथ थे जिनका गठबंधन को समर्थन था।” उन्होंने कहा, “ भाजपा और शिवसेना के सरकार बनाने की संभावना थी। उस समय प्रधानमंत्री ने सभी के समक्ष घोषणा की थी कि भाजपा नेता महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनेगा लेकिन दुर्भाग्य है कि नतीजों के बाद हमारी गठबंधन सहयोगी शिवसेना, खासकर शिवसेना प्रमुख ने एक अलग ही निर्णय लिया।” श्री फडनवीस ने कहा, “ उन्होंने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ गठबंधन किया जो हिन्दुत्व और सावरकर की विचाराधारा का विरोध करते थे। यह जनादेश का अपमान था। जनता ने उस समय महा विकास अघाडी के लिए मतदान नहीं किया था। जनता ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को वोट दिया था।” उन्होंने कहा, “ जनादेश का पूरी तरह से निरादर किया गया और महा विकास अघाडी सत्ता में आ गया। दिवंगत शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे गठबंधन के दो दलों ( राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस) के धुर विरोधी थे। ”


श्री फडनवीस ने कहा, “ यह विचारधारा और सिद्धांतों की लड़ाई है। यह हिन्दुत्व की लड़ाई है। अत: भाजपा शिंदे का समर्थन करती है और वह मुख्यमंत्री बनेंगे। वह अकेले शपथ लेंगे। बाद में हम लोग मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे।” उन्होंने घोषणा की कुछ भाजपा के नेता और शिवसेना के कुछ बागी विधायक बाद में मंत्रिमंडल में शामिल होंगे। उन्होंने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा, “ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना विधायकों का गुट, 16 निर्दलीय विधायक और भाजपा एकसाथ आये हैं। कुछ और लोग हमारे साथ आ रहे हैं। हमने इसके सभी पत्र राज्यपाल को दे दिये हैं। हम सत्ता के भूखे नहीं हैं। हम महाराष्ट्र में स्थिर सरकार चाहते हैं। ” श्री शिंदे के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा ने सभी चौंका दिया क्योंकि भाजपा नेता श्री फडनवीस के मुख्यमंत्री बनने अटकलें लगायी जा रही थीं। संवाददाता सम्मेलन में मौजूद श्री शिंदे ने उन्हें समर्थन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “ मैं राज्य में मजबूत सरकार चलाउंगा और राज्य के कल्याण को ध्यान में रखते हुए फैसले करूंगा। उन्होंने कहा कि जिन 50 विधायकों ने उन पर भरोसा जताया है, वह उनके विश्वास को डिगने नहीं देंगे। इन विधायकों में 39 शिवसेना के हैं और 10 निर्दलीय विधायक हैं। उन्होंने कहा कि श्री उद्धव ठाकरे को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि 50 विधायकों ने एकसाथ कैसे उनका साथ छोड़ दिया। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के समर्थकों के बागियों के विरुद्ध गुस्से की लहर को देखते हुए महा विकास अघाडी सरकार को अपदस्थ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिवसेना के पूर्व नेता शिंदे को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गयी है। गौरतलब है कि श्री शिंदे ने मुम्बई आने से पहले गोवा में सभी बागी विधायकों के साथ बैठक की थी। उन्होंने मुम्बई में श्री चंद्रकांत पाटिल सहित कई भाजपा नेताओं से मुलाकात की है और नयी सरकार के गठन को लेकर चर्चा की। 

कोई टिप्पणी नहीं: