क्या आप देश के गद्दार को पनाह दे रहे हैं? : स्मृति ईरानी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 1 जून 2022

क्या आप देश के गद्दार को पनाह दे रहे हैं? : स्मृति ईरानी

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नयी दिल्ली, 01 जून, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन को आप के मुखिया एवं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा क्लीन चिट दिये जाने पर आज तगड़ा पलटवार किया तथा कहा कि तमाम शेल (फर्जी) कंपनियों के मालिक जैन ने स्वयं ही 16.39 करोड़ रुपए की मनी लॉण्ड्रिंग से आय स्वीकार की है तो फिर श्री केजरीवाल उन्हें किस आधार पर पनाह दे रहे हैं। भाजपा की वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने यहां पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में श्री केजरीवाल पर प्रश्नों की झड़ी लगा दी और कहा कि श्री केजरीवाल ने कल एक ‘भ्रष्ट व्यक्ति’ को क्लीन चिट दी है और यह घोषणा की है कि श्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ जो आरोप हैं, वे सभी तथ्यों से बहुत दूर हैं। चूंकि श्री केजरीवाल ने श्री सत्येन्द्र जैन को जनता की अदालत में बरी कर दिया। इसलिए आज वह कुछ प्रश्न पूछने के लिए विवश हैं। श्रीमती ईरानी ने पूछा कि क्या श्री केजरीवाल इस बात को स्पष्ट कर सकते हैं कि श्री सत्येन्द्र जैन ने चार शेल कंपनियों को अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से 16.39 करोड़ रुपये की, 56 शेल कंपनियों के माध्यम से, हवाला ऑपरेटर के सहयोग से, 2010-16 तक मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) की या नहीं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या ये सत्य है कि प्रधान आयकर आयुक्त ने इस बात को कहा कि 16.39 करोड़ रुपये के कालेधन के सही मालिक स्वयं सत्येन्द्र जैन हैं। क्या ये सत्य है कि दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 2019 के अपने एक आदेश में इस बात की पुष्टि की कि श्री सत्येन्द्र जैन ने मनी लॉन्ड्रिंग की है, तो फिर श्री केजरीवाल किस मुंह से उन्हें पाक साफ बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि श्री केजरीवाल के पास अदालत के आदेश की प्रति नहीं है तो भाजपा के कार्यकर्ता उन्हें ये दस्तावेज उपलब्ध कराने में प्रसन्नता अनुभव करेंगे। केन्द्रीय मंत्री ने पूछा कि क्या ये सत्य है कि सत्येन्द्र जैन शेल कंपनियों के मालिक हैं। इन शेल कंपनियों के नाम हैं- इंडो मैटेलिक इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड, अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रयास इन्फो सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड। ये कंपनियां वे अपनी पत्नी के साथ शेयर होल्डिंग के माध्यम से कंट्रोल करते हैं। श्री केजरीवाल, प्रेस के माध्यम से सत्येन्द्र जैन की धर्मपत्नी को यह कहते हुए ढांढस बंधा रहे थे कि “भाभी जी, डरने की जरूरत नहीं है।“


उन्होंने पूछा कि क्या यह सत्य नहीं है कि श्री सत्येंद्र जैन के मालिकाना हक में 200 बीघा जमीन है जो कराला, चण्डी, निजामपुर, बुधम, उत्तर एवं उत्तर पश्चिम दिल्ली की अनाधिकृत कॉलनियों के आसपास स्थित है। क्या यह सत्य नहीं है कि दिल्ली के शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन और आम आदमी पार्टी ने 200 बीघा की जमीन उन अनधिकृत कालोनियों के आसपास खरीदी ताकि बाद में उन सभी अनधिकृत कालोनियों को नियमित कर दिए जाएँ। श्रीमती ईरानी ने पूछा, “केजरीवाल जी क्या ये सत्य है कि श्री सत्येन्द्र जैन आज भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोपपत्र में मुख्य आरोपी हैं? क्या ये सत्य नहीं है कि श्री सत्येन्द्र जैन की 16.39 करोड़ रुपये मनी लॉन्ड्रिंग की जो आय है, उस पर टैक्स लगाया जाए, ये प्रस्ताव स्वयं श्री सत्येन्द्र जैन की कंपनियों का था। श्री सत्येन्द्र जैन ने स्वयं स्वीकार किया कि 16.39 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला कारोबार के माध्यम से की गई, श्री केजरीवाल जी श्री सत्येंद्र जैन और उनके परिवार के सदस्यों के नाम से चलने वाली कंपनियां के माध्यम से यह मनी लॉन्ड्रिंग हुई। क्या ऐसे व्यक्ति को आज भी आम आदमी पार्टी द्वारा संचालित सरकार में मंत्री बने रहना चाहिए?” श्रीमती ईरानी ने कहा कि श्री केजरीवाल को अच्छी तरह से पता था कि श्री सत्येन्द्र जैन काले धन को सफेद करने के कारोबार से जुड़े हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में स्वघोषित आय योजना में उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग की आय घोषित की थी। ऐसे व्यक्ति को मंत्री बनाना और मामला खुलने पर भी उसका बचाव करना, श्री केजरीवाल के दोहरेपन को उजागर करता है। उन्होंने कहा, “श्री केजरीवाल ने अपने प्रेस वक्तव्य में कहा है -‘भ्रष्टाचार मतलब देश के साथ गद्दारी।’ तो श्री केजरीवाल से अंतिम सवाल है कि क्या आप देश के गद्दार को पनाह दे रहे हैं?” उन्होंने कहा कि यदि श्री केजरीवाल को अदालत पर भरोसा है तो वर्ष 2016 में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा इस मामले पर दिए गए आदेश पर भरोसा क्यों नहीं है? क्या किसी ने देखा है कि बिना इमारत के कंसल्टेंसी कंपनी की आय 16 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो। 

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